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आई दिवाली आई कैसे उजाले लाई - Aayi Diwali Aayi Kaise Ujaale Laayi (Asha Bhosle)



Movie/Album: खजांची (1951)
Music By:
मदन मोहन
Lyrics By:
राजिंदर कृष्ण
Performed By: आशा भोंसले

आई दिवाली आई, कैसे उजाले लायी
घर-घर खुशियों के दीप जले

सूरज को शरमाये ये, चरागों की क़तारें
रोज़ रोज़ कब आती हैं, उजाले की ये बहारें
आरी सखी. आरी सखीआज रात सखी बालम से
दिल जीते या दिल हारे
आई दिवाली आई...

रह-रह के फूटी फुलझड़ियाँ, लागे मेले रंगों के
कदम-कदम पे तीर चले हैं, जागे भाग पतंगों के
आरी सखी, आरी सखीआज रात को खुल के खेलें
हम भी खेल उमंगों के
आई दिवाली आई...


जगमगाती दिवाली की रात आ गयी - Jagmagati Diwali Ki Raat Aa Gayi (Asha Bhosle, Stage)



Movie/Album: स्टेज (1951)
Music By:
हुस्नलाल भगतराम
Lyrics By:
सरशार सैलानी
Performed By: आशा भोंसले


जगमगाती दिवाली की रात आ गयी

जैसे तारों की घर में बारात आ गयी

जगमगाती दिवाली की...




जैसे फूल के चेहरे पे रंग आ गया
जैसे कलियों को हँसने का ढंग आ गया
जैसे दुल्हन नसीहत से शर्मा गयी
जगमगाती दिवाली की...

दीपों माला की धरती पे सुनके खबर


चाँद निकला नहीं आज आकाश पर
आज धरती भी आकाश पर छा गयी
जगमगाती दिवाली की...


भैया मेरे राखी के बंधन - Bhaiya Mere Rakhi Ke Bandhan (Lata Mangeshkar, Chhoti Behen)



Movie/Album: छोटी बहन (1959)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर

भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना
भैया मेरे, छोटी बहन को ना भुलाना
देखो ये नाता निभाना
भैया मेरे राखी...

ये दिन ये त्यौहार खुशी का, पावन जैसे नीर नदी का
भाई के उजले माथे पे, बहन लगाए मंगल टीका
झूमे ये सावन सुहाना
भैया मेरे राखी के बंधन...

बाँध के हमने रेशम डोरी, तुमसे वो उम्मीद है जोड़ी
नाज़ुक है जो सांस के जैसे, पर जीवन भर जाए न तोड़ी
जाने ये सारा ज़माना
भैया मेरे राखी के बंधन...

शायद वो सावन भी आए, जो पहला सा रंग न लाए
बहन पराए देश बसी हो, अगर वो तुम तक पहुँच न पाए
याद का दीपक जलाना
भैया मेरे राखी के बंधन...


दीप जलेंगे दीप दिवाली आयी हो - Deep Jalenge Deep Diwali Aayi Ho (Geeta Dutt, Paisa)



Movie/Album: पैसा (1957)
Music By:
राम गांगुली
Lyrics By:
लालचंद बिस्मिल
Performed By: गीता दत्त


दीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो


हो दिवाली आई हो


आ रही है मन वीणा के तार हिलाने वाली
आ रही प्रिया प्रेम आलाप सुनने वाली
झननन झननन बाज रही हैनूपुर की शहनाई

दीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो..


नील गगन की गोरी ने पहनी है नीली साड़ी
नैनों में काजल चमकाता रोली मांग संवारी
काली रात अमावस की हो
सब देख-देख मुस्काये होदीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो...

पूजा अर्चना करने को
उस सजनी थाल सजाले
चुन-चुन फूल गूंथ ले माला

घी के दीप जलाले

आज देव के दर्शन होंगेयही संदेशा लायी है
हो दिवाली आई हो
दीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो...


इन्साफ का मंदिर है ये - Insaf Ka Mandir Hai Ye (Md.Rafi, Amar)



Movie/Album: अमर (1954)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी

इन्साफ का मंदिर है ये भगवान का घर है
कहना है जो कह दे तुझे किस बात का डर है

है खोट तेरे मन मे जो भगवान से है दूर
है पाँव तेरे फिर भी तू आने से है मजबूर
हिम्मत है तो आजा, ये भलाई की डगर है
इन्साफ का मंदिर है...

दुःख दे के जो दुखिया से ना इन्साफ करेगा
भगवान भी उसको ना कभी माफ़ करेगा
ये सोच ले हर बात की दाता को खबर है
हिम्मत है तो आजा, ये भलाई की डगर है
इन्साफ का मंदिर है...

है पास तेरे जिसकी अमानत उसे दे दे
निर्धन भी है इंसान, मोहब्बत उसे दे दे
जिस दर पे सभी एक हैं बन्दे, ये वो दर है
इन्साफ का मंदिर है...

मायूस ना हो हार के तक़दीर की बाज़ी
प्यारा है वो गम जिसमें हो भगवान भी राज़ी
दुःख दर्द मिले जिसमें, वही प्यार अमर है
ये सोच ले हर बात की दाता को खबर है
इन्साफ का मंदिर है...


जिन्हें नाज़ है हिन्द पर - Jinhe Naaz Hai Hind Par (Md.Rafi, Pyaasa)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के
ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के
कहाँ हैं, कहाँ है, मुहाफ़िज़ ख़ुदी के
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये पुरपेच गलियाँ, ये बदनाम बाज़ार
ये ग़ुमनाम राही, ये सिक्कों की झन्कार
ये इस्मत के सौदे, ये सौदों पे तकरार
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये सदियों से बेख्वाब, सहमी सी गलियाँ
ये मसली हुई अधखिली ज़र्द कलियाँ
ये बिकती हुई खोखली रंग-रलियाँ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

वो उजले दरीचों में पायल की छन-छन
थकी-हारी साँसों पे तबले की धन-धन
ये बेरूह कमरों में खाँसी की ठन-ठन
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये फूलों के गजरे, ये पीकों के छींटे
ये बेबाक नज़रें, ये गुस्ताख फ़िकरे
ये ढलके बदन और ये बीमार चेहरे
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

यहाँ पीर भी आ चुके हैं, जवाँ भी
तनोमंद बेटे भी, अब्बा, मियाँ भी
ये बीवी भी है और बहन भी है, माँ भी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

मदद चाहती है ये हौवा की बेटी
यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी
पयम्बर की उम्मत, ज़ुलयखां की बेटी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ज़रा मुल्क के रहबरों को बुलाओ
ये कुचे, ये गलियाँ, ये मंजर दिखाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं


औरत ने जनम दिया मर्दों को - Aurat Ne Janam Diya Mardon Ko (Lata Mangeshkar, Sadhna)



Movie/Album: साधना (1958)
Music By: एन.दत्ता
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

औरत ने जनम दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला, जब जी चाहा दुत्कार दिया

तुलती है कहीं दीनारों में, बिकती है कहीं बाज़ारों में
नंगी नचवाई जाती है, ऐय्याशों के दरबारों में
ये वो बेइज़्ज़त चीज़ है जो, बंट जाती है इज़्ज़तदारों में
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

मर्दों के लिये हर ज़ुल्म रवाँ, औरत के लिये रोना भी खता
मर्दों के लिये लाखों सेजें, औरत के लिये बस एक चिता
मर्दों के लिये हर ऐश का हक़, औरत के लिये जीना भी सज़ा
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

जिन होठों ने इनको प्यार किया, उन होठों का व्योपार किया
जिस कोख में इनका जिस्म ढला, उस कोख का कारोबार किया
जिस तन से उगे कोपल बन कर, उस तन को ज़लील-ओ-खार किया
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

मर्दों ने बनायी जो रस्में, उनको हक़ का फ़रमान कहा
औरत के ज़िन्दा जलने को, कुर्बानी और बलिदान कहा
इस्मत के बदले रोटी दी, और उसको भी एहसान कहा
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

संसार की हर एक बेशर्मी, गुर्बत की गोद में पलती है
चकलों ही में आ के रुकती है, फ़ाकों से जो राह निकलती है
मर्दों की हवस है जो अक्सर, औरत के पाप में ढलती है
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

औरत संसार की क़िस्मत है, फ़िर भी तक़दीर की हेटी है
अवतार पयम्बर जनती है, फिर भी शैतान की बेटी है
ये वो बदक़िस्मत माँ है जो, बेटों की सेज़ पे लेटी है
औरत ने जनम दिया मर्दों को...


चली चली रे पतंग - Chali Chali Re Patang (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Bhabhi)



Movie/Album: भाभी (1957)
Music By:
चित्रगुप्त
Lyrics By:
राजिंदर कृषण
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

चली-चली रे पतंग मेरी चली रे
चली बादलों के पार, हो के डोर पे सवार
सारी दुनिया ये देख-देख जली रे
चली-चली रे पतंग...

यूँ मस्त हवा में लहराए
जैसे उड़न खटोला उड़ा जाए
ले के मन में लगन, जैसे कोई दुल्हन
चली जाए रे सांवरिया की गली रे
चली-चली रे पतंग...

रंग मेरी पतंग का धानी
है ये नील गगन की रानी
बांकी-बांकी है उठान, है उमर भी जवान
लागे पतली कमर बड़ी भली रे
चली-चली रे पतंग...

छूना मत देख अकेली
है साथ में डोर सहेली
है ये बिजली की तार, बड़ी तेज़ है कतार
देगी काट के रख, दिलजली रे
चली-चली रे पतंग...


अरे जा रे हट नटखट - Are Ja Re Hat Natkhat (Mahendra Kapoor, Asha Bhosle, Navrang)



Movie/Album: नवरंग (1959)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: चितलकर, महेंद्र कपूर, आशा भोंसले

अटक-अटक झटपट पनघट पर
चटक मटक इक नार नवेली
गोरी-गोरी ग्वालन की छोरी चली
चोरी चोरी मुख मोरी मोरी मुसकाये अलबेली
कँकरी गले में मारी कंकरी कन्हैये ने
पकरी बाँह और की अटखेली
भरी पिचकारी मारी (सारारारारा)
भोली पनिहारी बोली

अरे जा रे हट नटखट
ना छू रे मेरा घूँघट
पलट के दूँगी आज तुझे गाली रे
अरे जा रे हट नटखट...
मुझे समझो न तुम भोली-भाली रे

आया होली का त्यौहार
उड़े रंग की बौछार
तू है नार नखरेदार मतवाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे

तक-तक ना मार पिचकारी की धार
कोमल बदन सह सके ना ये मार
तू है अनाड़ी, बड़ा ही गँवार
कजरे में तूने अबीर दिया डार
तेरी झकझोरी से, बाज़ आयी होरी से
चोर तेरी चोरी निराली रे
मुझे समझो ना तुम भोली-भाली रे
अरे जा रे हट नटखट...

धरती है लाल आज, अम्बर है लाल
उड़ने दे गोरी गालों का गुलाल
मत लाज का आज घूँघट निकाल
दे दिल की धड़कन पे, धिनक धिनक ताल
झाँझ बजे चंग बजे, संग में मृदंग बजे
अंग में उमंग खुशियाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे
अरे जा रे हट नटखट...


आधा है चन्द्रमा रात आधी - Aadha Hai Chandrama (Navrang, Mahendra Kapoor, Asha Bhosle)



Movie/Album: नवरंग (1959)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: महेंद्र कपूर, आशा भोंसले

आधा है चन्द्रमा रात आधी
रह न जाए तेरी मेरी बात आधी
मुलाक़ात आधी
आधा है चन्द्रमा...

पिया आधी है प्यार की भाषा
आधी रहने दो मन की अभिलाषा
आधे छलके नयन
आधी पलकों में भी है बरसात आधी
आधा है चन्द्रमा...

आस कब तक रहेगी अधूरी
प्यास होगी नहीं क्या ये पूरी
प्यासा प्यासा पवन
प्यासा प्यासा गगन
प्यासे तारों की भी है बारात आधी
आधा है चन्द्रमा...

सुर आधा है श्याम ने साधा
राधा राधा का प्यार भी आधा
नैन आधे खिले
होंठ आधे मिले
रही पल में मिलन की वो बात आधी
आधा है चन्द्रमा...


खेलो रंग हमारे संग - Khelo Rang Hamare Sang (Shamshad, Lata, Aan)



Movie/Album: आन (1952)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: शमशाद बेगम, लता मंगेशकर

खेलो रंग हमारे संग
आज दिन रंग रंगीला आया

नज़र नज़र में रिमझिम रिमझिम
रंग अनोखा बरसे
कैसे मैं खेलूं खाक
मेरा दिल पिया मिलन को तरसे

देख मेरी चुनरी सखी धानी हैं
खो ना कहीं देना
ये प्यार की निशानी हैं
मैं हूँ तेरे संग बलम तु है मेरे संग
रंग डालो रंग डालो रंग
खेलो रंग हमारे संग...

आओ आओ सजन हमरे द्वार
रंग डालूंगी तुम पर हज़ार
आज कोई राजा न आज कोई रानी है
प्यार भरे जीवन की एक ही कहानी है
आई खुशी साथ लिए दिल के नए ढंग
रंग डालो रंग डालो रंग...


श्यामल श्यामल बरन - Shyamal Shyamal Baran (Mahendra Kapoor, Navrang)



Movie/Album: नवरंग (1959)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: महेंद्र कपूर

श्यामल श्यामल बरन
कोमल कोमल चरण
तेरे मुखड़े पे चंदा गगन का जड़ा
बड़े मन से विधाता ने तुझको गढ़ा

तेरे बालों में सिमटी सावन की घटा
तेरे गालों पे छिटकी पूनम की छटा
तीखे तीखे नयन
मीठे मीठे बयन
तेरे अंगों पे चम्पा का रंग चढ़ा
बड़े मन से विधाता ने...

ये उमर, ये कमर, सौ सौ बल खा रही
तेरी तिरछी नज़र तीर बरसा रही
नाज़ुक नाज़ुक बदन
धीमे धीमे चलन
तेरी बाँकी लटक में है जादू बड़ा
बड़े मन से विधाता ने...

किस पारस से सोना ये टकरा गया
तुझे रचकर चितेरा भी चकरा गया
न इधर जा सका
न उधर जा सका
रह गया देखता वो खड़ा ही खड़ा
बड़े मन से विधाता ने...


चुन चुन करती आई चिड़िया - Chun Chun Karti Aayi Chidiya (Md.Rafi, Ab Dilli Door Nahin)



Movie/Album: अब दिल्ली दूर नहीं (1957)
Music By: दत्ताराम
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मो.रफ़ी

चुन चुन करती आई चिड़िया
दाल का दाना लाई चिड़िया
मोर भी आया, कौवा भी आया
चूहा भी आया, बन्दर भी आया
चुन चुन करती..

भूख लगे तो चिड़िया रानी
मूँग की दाल पकाएगी
कौवा रोटी लाएगा
लाके उसे खिलाएगा
मोर भी आया...

चलते चलते मिलेगा भालू
हम बोलेंगे नाचो कालू
मुन्ना ढोल बजाएगा
भालू नाच दिखाएगा
मोर भी आया...

साथ हमारे चले बराती
मैं तो हूँ मुन्ने का हाथी
सीधे दिल्ली जाऊँगा
तेरी दुल्हनिया लाऊँगा
मोर भी आया...


नखरेवाली - Nakhrewali (Kishore Kumar, New Delhi)



Movie/Album: न्यू देल्ही (1956)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: किशोर कुमार

नखरेवाली-३
देखने में देख लो हैं कैसी भोली भाली
अजनबी ये छोरियां, दिल पे डाले डोरियाँ
मन की काली
वो तो कोई और थी जो आँखों से, समा गयी दिल में

बेरहम
बेवफा
अपना कुछ अता पता बता तो दे (बेरहम)
बेकली
बेकसी
कुछ तो कम हो, फ़िर से मुस्कुरा तो दे (बेरहम)
वो तो कोई और...


सब कुछ सीखा हमने - Sab Kuch Seekha Humne (Mukesh, Anari)



Movie/Album: अनाड़ी (1959)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश

सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी
सच है दुनिया वालों कि हम हैं अनाड़ी

दुनिया ने कितना समझाया
कौन है अपना कौन पराया
फिर भी दिल की चोट छुपा कर
हमने आपका दिल बहलाया
खुद ही मर मिटने की ये ज़िद है हमारी
सच है दुनिया वालों...

दिल का चमन उजड़ते देखा
प्यार का रंग उतरते देखा
हमने हर जीने वाले को
धन दौलत पे मरते देखा
दिल पे मरने वाले मरेंगे भिखारी
सच है दुनिया वालों...

असली नकली चेहरे देखे
दिल पे सौ सौ पहरे देखे
मेरे दुखते दिल से पूछो
क्या क्या ख्वाब सुनहरे देखे
टूटा जिस तारे पे नज़र थी हमारी
सच है दुनिया वालों...


दिल की नज़र से - Dil Ki Nazar Se (Mukesh, Anari)



Movie/Album: अनाड़ी (1959)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

दिल की नज़र से, नज़रों की दिल से
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे

धीरे से उठकर, होठों पे आया
ये गीता कैसा, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...

क्यों बेखबर, यूँ खिंची सी चली जा रही मैं
ये कौन से बन्धनों में बंधी जा रही मैं
कुछ खो रहा है, कुछ मिल रहा है
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...

हम खो चले, चाँद है या कोई जादूगर है
या मदभरी, ये तुम्हारी नज़र का असर है
सब कुछ हमारा, अब है तुम्हारा
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...

आकाश में, हो रहें हैं ये कैसे इशारे
क्या, देखकर, आज हैं इतने खुश चाँद-तारे
क्यों तुम पराये, दिल में समाये
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...


दम भर जो उधर - Dum Bhar Jo Udhar (Mukesh, Lata, Awaara)



Movie/Album: आवारा (1951)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

दम भर जो उधर मुँह फेरे, ओ चन्दा
मैं उनसे प्यार कर लूंगी
बातें हज़ार कर लूँगी

दिल करता है प्यार के सजदे
और मैं भी उनके साथ
चाँद को चंदा रोज़ ही देखे
मेरी पहली रात
हो, मेरी पहली रात
बादल में अब छुप जा रे ओ चन्दा
मैं उनसे प्यार कर...

दम भर जो इधर मुँह फेरे, ओ चन्दा
मै उनसे प्यार कर लूँगा
नज़रें तो चार कर लूँगा

मैं चोर हूँ काम है चोरी
दुनिया में हूँ बदनाम
दिल को चुराता आया हूँ मैं
यही मेरा काम
हो, यही मेरा काम
आना तू गवाही देने ओ चन्दा
मैं उनसे प्यार कर लूँगा...

दिल को चुरा के खो मत जाना
राह न जाना भूल
इन कदमों से कुचल ना देना
मेरे दिल का फूल
हो, मेरे दिल का फूल
ये बात उन्हें समझा दे ओ चन्दा
मैं उनसे प्यार कर लूँगी...


हम तुझसे मोहब्बत कर के - Hum Tujhse Mohabbat Kar Ke (Mukesh, Awaara)



Movie/Album: आवारा (1951)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मुकेश

हम तुझसे मुहब्बत कर के सनम
रोते भी रहे, हँसते भी रहे

है दिल की लगी क्या तुझको खबर
इक दर्द उठा थर्रायी नज़र
खामोश थे हम इस ग़म की क़सम
रोते भी रहे, हँसते भी रहे...

ये दिल जो जला इक आग लगी
आँसू जो बहे बरसात हुई
बादल की तरह आवारा थे हम
रोते भी रहे, हँसते भी रहे...


वो चाँद खिला - Wo Chand Khila (Mukesh, Lata, Anari)



Movie/Album: अनाड़ी (1959)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

वो चाँद खिला, वो तारे हँसे
ये रात अजब मतवारी है
समझने वाले समझ गये हैं
ना समझे वो अनाड़ी हैं

चाँदी की चमकती राहें, वो देखो झूम झूम के बुलाये
किरणों ने पसारी बाहें, के अरमां नाच नाच लहराये
बाजे दिल के तार, गाये ये बहार, उभरे हैं प्यार जीवन में
वो चाँद खिला...

किरणों ने चुनरीया तानी, बहारें किस पे आज हैं दीवानी
चंदा की चाल मस्तानी, हैं पागल जिस पे रात की रानी
तारों का जाल, ले ले दिल निकाल, पूछो ना हाल मेरे दिल का
वो चाँद खिला...


चली गोरी पी से मिलन - Chali Gori Pee Se Milan (Hemant Kumar)



Movie/Album: एक ही रास्ता (1956)
Music By: हेमंत कुमार
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: हेमंत कुमार

चली गोरी पी से मिलन को चली
नैना बाँवरिया, मन में साँवरिया

डार के कजरा, लट बिखरा के
ढलते दिन को रात बना के
कँगना खनकाती, बिंदिया चमकाती
छम-छम डोले सजना की गली
चली गोरी पी से मिलन...

कोमल तन है, सौ बल खाया
हो गई बैरन अपनी ही छाया
घूँघट खोले ना, मुख से बोले ना
राह चलत सम्भली सम्भली
चली गोरी पी से मिलन...


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