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दीप जलेंगे दीप दिवाली आयी हो - Deep Jalenge Deep Diwali Aayi Ho (Geeta Dutt, Paisa)



Movie/Album: पैसा (1957)
Music By:
राम गांगुली
Lyrics By:
लालचंद बिस्मिल
Performed By: गीता दत्त


दीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो


हो दिवाली आई हो


आ रही है मन वीणा के तार हिलाने वाली
आ रही प्रिया प्रेम आलाप सुनने वाली
झननन झननन बाज रही हैनूपुर की शहनाई

दीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो..


नील गगन की गोरी ने पहनी है नीली साड़ी
नैनों में काजल चमकाता रोली मांग संवारी
काली रात अमावस की हो
सब देख-देख मुस्काये होदीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो...

पूजा अर्चना करने को
उस सजनी थाल सजाले
चुन-चुन फूल गूंथ ले माला

घी के दीप जलाले

आज देव के दर्शन होंगेयही संदेशा लायी है
हो दिवाली आई हो
दीप जलेंगे दीप दिवाली आई हो...


जिन्हें नाज़ है हिन्द पर - Jinhe Naaz Hai Hind Par (Md.Rafi, Pyaasa)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के
ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के
कहाँ हैं, कहाँ है, मुहाफ़िज़ ख़ुदी के
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये पुरपेच गलियाँ, ये बदनाम बाज़ार
ये ग़ुमनाम राही, ये सिक्कों की झन्कार
ये इस्मत के सौदे, ये सौदों पे तकरार
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये सदियों से बेख्वाब, सहमी सी गलियाँ
ये मसली हुई अधखिली ज़र्द कलियाँ
ये बिकती हुई खोखली रंग-रलियाँ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

वो उजले दरीचों में पायल की छन-छन
थकी-हारी साँसों पे तबले की धन-धन
ये बेरूह कमरों में खाँसी की ठन-ठन
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये फूलों के गजरे, ये पीकों के छींटे
ये बेबाक नज़रें, ये गुस्ताख फ़िकरे
ये ढलके बदन और ये बीमार चेहरे
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

यहाँ पीर भी आ चुके हैं, जवाँ भी
तनोमंद बेटे भी, अब्बा, मियाँ भी
ये बीवी भी है और बहन भी है, माँ भी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

मदद चाहती है ये हौवा की बेटी
यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी
पयम्बर की उम्मत, ज़ुलयखां की बेटी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ज़रा मुल्क के रहबरों को बुलाओ
ये कुचे, ये गलियाँ, ये मंजर दिखाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं


चली चली रे पतंग - Chali Chali Re Patang (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Bhabhi)



Movie/Album: भाभी (1957)
Music By:
चित्रगुप्त
Lyrics By:
राजिंदर कृषण
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

चली-चली रे पतंग मेरी चली रे
चली बादलों के पार, हो के डोर पे सवार
सारी दुनिया ये देख-देख जली रे
चली-चली रे पतंग...

यूँ मस्त हवा में लहराए
जैसे उड़न खटोला उड़ा जाए
ले के मन में लगन, जैसे कोई दुल्हन
चली जाए रे सांवरिया की गली रे
चली-चली रे पतंग...

रंग मेरी पतंग का धानी
है ये नील गगन की रानी
बांकी-बांकी है उठान, है उमर भी जवान
लागे पतली कमर बड़ी भली रे
चली-चली रे पतंग...

छूना मत देख अकेली
है साथ में डोर सहेली
है ये बिजली की तार, बड़ी तेज़ है कतार
देगी काट के रख, दिलजली रे
चली-चली रे पतंग...


चुन चुन करती आई चिड़िया - Chun Chun Karti Aayi Chidiya (Md.Rafi, Ab Dilli Door Nahin)



Movie/Album: अब दिल्ली दूर नहीं (1957)
Music By: दत्ताराम
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मो.रफ़ी

चुन चुन करती आई चिड़िया
दाल का दाना लाई चिड़िया
मोर भी आया, कौवा भी आया
चूहा भी आया, बन्दर भी आया
चुन चुन करती..

भूख लगे तो चिड़िया रानी
मूँग की दाल पकाएगी
कौवा रोटी लाएगा
लाके उसे खिलाएगा
मोर भी आया...

चलते चलते मिलेगा भालू
हम बोलेंगे नाचो कालू
मुन्ना ढोल बजाएगा
भालू नाच दिखाएगा
मोर भी आया...

साथ हमारे चले बराती
मैं तो हूँ मुन्ने का हाथी
सीधे दिल्ली जाऊँगा
तेरी दुल्हनिया लाऊँगा
मोर भी आया...


हाय हाय हाय ये निगाहें - Haay Haay Haay Ye Nigaahein (Kishore Kumar, Paying Guest)



Movie/Album: पेइंग गेस्ट (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार

हाय हाय हाय ये निगाहें
कर दे शराबी जिसे चाहें, जिसे चाहें
मैं तो भूल गया राहें
हाय हाय हाय ये निगाहें...

रात हसीं, है जवाँ हैं नज़ारे
झूम चले हम दिल के सहारे
आज कोई हमको न पुकारे
रोकती है मेरी राहें
मय की बोतल जैसी बाहें
हाय!
हाय हाय हाय ये निगाहें...

यूँ जो समा बहका बहका हो
हम भी ज़रा बहकें तो मज़ा हो
आँख पिये और दिल को नशा हो
ये इशारे, ये अदाएँ
मय की बोतल जैसी बाहें
हाय!
हाय हाय हाय ये निगाहें...

याद नहीं मेरा प्यार यहीं है
या मेरी मंजिल और कहीं है
देखो मुझे कुछ होश नहीं है
तोबा तोबा ये निगाहें
मय की बोतल जैसी बाहें
हाय!
हाय हाय हाय ये निगाहें...


चाँद फ़िर निकला - Chand Phir Nikla (Lata Mangeshkar, Paying Guest)



Movie/Album: पेइंग गेस्ट (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

चाँद फिर निकला, मगर तुम न आये
जला फिर मेरा दिल, करुँ क्या मैं हाय
चाँद फिर निकला...

ये रात कहती है वो दिन गये तेरे
ये जानता है दिल के तुम नहीं मेरे
खड़ी मैं हूँ फिर भी निगाहें बिछाये
मैं क्या करूँ हाय के तुम याद आये
चाँद फिर निकला...

सुलगते सीने से धुंआ सा उठता है
लो अब चले आओ के दम घुटता हैं
जला गये तन को बहारों के साये
मैं क्या करुँ हाय के तुम याद आये
चाँद फिर निकला...


कुहू कुहू बोले कोयलिया - Kuhu Kuhu Bole Koyaliya (Lata, Rafi, Suvarna Sundari)



Movie/Album: सुवर्ण सुंदरी (1957)
Music By: आदी नारायण राव
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी

राग सोहनी
कुहू कुहू बोले कोयलिया
कुंज-कुंज में भंवरे डोले
गुन-गुन बोले
कुहू कुहू बोले...

सज सिंगार ऋतु आई बसंती
जैसे नार कोई हो रस्वंती
सां नी ध म ध नी सां, ग म ग म ध नी सां
रें सां नी ध नी, सां रें सां नी, सां रें सां नी
ध नी नी, ध नी नी, ध नी, म ध ध, म ध ध, म ध
सा रे ग म ध नी सां
सज सिंगार ऋतु आई बसंती
जैसे नार हो रस्वंती
डाली-डाली कलियों को तितलियाँ चूमें
फूल-फूल पंखड़ियाँ खोलें, अमृत घोलें
कुहू कुहू बोले...

राग बहार
काहे घटा में बिजुरी चमके
हो सकता है मेघराज ने
बादरिया का श्याम-श्याम मुख चूम लिया हो
राग सोहनी
चोरी-चोरी मन पंछी उड़े, नैना जुड़े
कुहु-कुहु बोले...

राग जौनपुरी
चंद्रिका देख छाई, पिया चंद्रिका देख छाई
चंदा से मिलके, मन ही मन में मुस्कायी
छायी, चंद्रिका देख छायी
शरद सुहावन, मधु मनभावन
विरही जनों का सुख सरसावन
राग सोहनी
छायी-छायी पूनम की घटा, घूंघट हटा
कुहु-कुहु बोले...

राग यमन
सरस रात मन भाये प्रियतमा, कमल-कमलनी मिले
किरण हार दमके, जल में चाँद चमके
मन सानंद-आनंद डोले रे
ऩी रे ग म ध नी सां, ध नी सां
सां नी सां, गं रें गं सां रें नी सां ध नी म ध नी सां
नी रें नी रें, ध नी ध नी, म ध म ध, ग म ग म
ग म ध नी सां, ग म ध नी सां, ध नी सां


ओ रात के मुसाफिर - O Raat Ke Musafir (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Miss Mary)



Movie/Album: मिस मेरी (1957)
Music By: हेमंत कुमार
Lyrics By: राजेन्द्र कृष्ण
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

ओ रात के मुसाफिर, चंदा ज़रा बता दे
मेरा कसूर क्या है, तू फ़ैसला सुना दे

है भूल कोई दिल की, आँखों की या खता है
कुछ भी नहीं तो मुझको, फिर क्यो कोई खफा है
मंजूर है वो मुझको, जो कुछ भी तू सज़ा दे
मेरा कसूर क्या है...

दिल पे किसी को अपने काबू नहीं रहा है
ये राज़ मेरे दिल से, आँखों ने ही कहा है
आँखों ने जो है देखा, दिल किस तरह भूला दे
मेरा कसूर क्या है...

ओ चाँद आसमां के, दमभर ज़मीं पे आ जा
भूला हुआ है राही, तू रास्ता दिखा जा
भटकी हुई है नैय्या, साहिल इसे दिखा दे
मेरा कसूर क्या है...


क्या हो फिर जो दिन - Kya Ho Phir Jo Din (Geeta Dutt, Asha Bhosle, Nau Do Gyarah)



Movie/Album: नौ दो ग्यारह (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: गीता दत्त, आशा भोंसले

क्या हो फिर जो दिन रंगीला हो
रेत चमके, समुन्दर नीला हो
और आकाश गीला-गीला हो
क्या हो फिर जो दिन...

आह! फिर तो बड़ा मज़ा होगा
अम्बर झुका-झुका होगा
सागर रुका-रुका होगा
तूफां छुपा-छुपा होगा

क्या हो फिर जो चंचल घाटी हो
होठों पे मचलती बातें हो
सावन हो, भरी बरसातें हो

आह! फिर तो बड़ा मज़ा होगा
कोई-कोई फिसल रहा होगा
कोई-कोई संभल रहा होगा
कोई-कोई मचल रहा होगा

क्या हो फिर जो दुनिया सोती हो
और तारों भरी खामोशी हो
हर आहट पे धड़कन होती हो

आह! फिर तो बड़ा मज़ा होगा
दिल-दिल मिला-मिला होगा
तन-मन खिला-खिला होगा
दुश्मन जला-जला होगा


ये हँसता हुआ कारवाँ - Ye Hansta Hua Kaarvan (Hemant Kumar, Asha Bhosle, Mukesh, Ek Jhalak)



Movie/Album: एक झलक (1957)
Music By: हेमंत कुमार
Lyrics By: एस. एच. बिहारी
Performed By: हेमंत कुमार, आशा भोंसले, मुकेश, मिस जे.बी.भीसनिया

ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िन्दगी का
न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये, साथ चलते रहें हम
न बीते कभी ये सफ़र
ये हँसता हुआ...

ज़मीं से सितारों की दुनिया में जाएँ (हाँ हाँ)
वहाँ भी यही गीत उल्फ़त के गाएँ (अच्छा?)
मोहब्बत की दुनिया हो ग़म से बेगाना
रहे न किसी का भी डर (अजी डर कैसा?)
ये हँसता हुआ...

बहारों के दिन हो, जवाँ हो नज़ारे (आहाहाहा)
हसीं चाँदनी हो नदी के कनारे (क्या बात है?)
न आए जहाँ भूलकर बदनसीबी
बनाएँ वहीं अपना घर (ना ना ना ना ना)
ये हँसता हुआ...


सर जो तेरा चकराये - Sar Jo Tera Chakraye (Md.Rafi, Pyaasa)



Movie/Album : प्यासा (1957)
Music By: सचिन देव बर्मन
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मोहम्मद रफ़ी

सर जो तेरा चकराये
या दिल डूबा जाये
आजा प्यारे पास हमारे
काहे घबराये, काहे घबराये

तेल मेरा है मुस्की
गंज रहे ना ख़ुस्की
जिसके सर पर हाथ फिरा दूँ
चमके क़िस्मत उसकी
सुन सुन सुन, अरे बेटा सुन
इस चम्पी में बड़े-बड़े गुण
लाख दुखों की एक दवा है
क्यूँ ना आजमाये
काहे घबराये, काहे घबराये
सर जो तेरा चकराए...

प्यार का होवे झगड़ा
या बिज़नस का हो रगड़ा
सब लफड़ों का बोझ हटे
जब पड़े हाथ इक तगड़ा
सुन सुन सुन, अरे बाबू सुन
इस चम्पी में बड़े-बड़े गुण
लाख दुखों की एक दवा है
क्यूँ ना आजमाये
काहे घबराये, काहे घबराये
सर जो तेरा चकराए...

नौकर हो या मालिक
लीडर हो या पब्लिक
अपने आगे सभी झुके हैं
क्या राजा, क्या सैनिक
सुन सुन सुन, अरे राजा सुन
इस चम्पी में बड़े-बड़े गुण
लाख दुखों की एक दवा है
क्यूँ ना आजमाये
काहे घबराये, काहे घबराये
सर जो तेरा चकराए...


ठंडी ठंडी हवा - Thandi Thandi Hawa (Geeta Dutt, Asha Bhonsle, Johnny Walker)



Movie/Album: जॉनी वॉकर (1957)
Music By: ओ.पी.नैयर
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: गीता दत्त, आशा भोंसले

ठंडी-ठंडी हवा पूछे उनका पता
लाज आए सखी कैसे दूँ मैं बता
ठंडी-ठंडी हवा..

हमसे डरती हो क्यूँ, आहें भरती हो क्यूँ
मुँह से कुछ तो कहो, उसपे मरती हो क्यों
तुम हो ऐसी अदा जिसपे दुनिया फ़िदा
है वो कितना हसीं जिसपे तुम हो फ़िदा
ठंडी-ठंडी हवा...

दिल से पूछूँ मेरे, उसमें क्या बात है
वो उमंगो भरी चाँदनी रात है
चाँद जब-जब उठा उसको देखा किया
हर सितारे का दिल फिर तो धड़का किया
ठंडी-ठंडी हवा...

यूँ ना तड़पाओ जी, अब बता दो हमें
ला के तस्वीर ही तुम दिखा दो हमें
दर्द बढ़ने लगा, सीना जलने लगा
दिल हमारा भी देखो मचलने लगा
ठंडी-ठंडी हवा...


जाने क्या तूने कही - Jaane Kya Tune Kahi (Geeta Dutt, Pyaasa)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: सचिन देव बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: गीता दत्त

जाने क्या तूने कही
जाने क्या मैंने सुनी
बात कुछ बन ही गई

सनसनाहट सी हुई, थरथराहट सी हुई
जाग उठे ख़्वाब कई, बात कुछ बन ही गई
जाने क्या तूने कही...

नैन झुक-झुक के उठे, पाँव रुक-रुक के उठे
आ गयी चाल नई, बात कुछ बन ही गई
जाने क्या तूने कही...

ज़ुल्फ़ शाने पे मुड़ी, एक खुशबू सी उड़ी
खुल गए राज़ कई, बात कुछ बन ही गई
जाने क्या तूने कही...


सपने में सजन से - Sapne Mein Sajan Se (Lata Mangeshkar, Gateway Of India)



Movie/Album: गेटवे ऑफ़ इंडिया (1957)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजेंद्र कृष्ण
Performed By: लता मंगेशकर

सपने में सजन से दो बातें
एक याद रही, एक भूल गए
सपने में सजन से...

इक रात मिलन की आई थी
और उसके बाद जुदाई थी
गम और ख़ुशी की दो रातें
एक याद रही, एक भूल गए
सपने में सजन से...

इक सावन ऋुत लाई झूले
दूजी में सजन हमको भूले
देखी है यही दो बरसातें
एक याद रही, एक भूल गए
सपने में सजन से...

इक रोज़ तुम्हें दिल दे बैठे
फिर रोग विरह का ले बैठे
ये प्यार की है दो सौगातें
एक याद रही, एक भूल गए
सपने में सजन से...


छुपा कर मेरी आँखों को - Chhupa Kar Meri Aankhon Ko (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Bhabhi)



Movie/Album: भाभी (1957)
Music By: चित्रगुप्त
Lyrics By: राजेंद्र कृष्ण
Performed By: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

छुपा कर मेरी आँखों को
वो पूछें कौन है जी हम
मैं कैसे नाम लूँ उनका
जो दिल में रहते है हर दम

न जब तक देख लें वो दिल
तो कैसे ऐतबार आये
तुम्हारे इस अदा पर भी
हमारे दिल को प्यार आये
तुम्हारी ये शिकायत भी
मोहब्बत से नहीं है कम
छुपा कर मेरी आँखों...

नहीं हम यूँ न मानेंगे
तो कैसे तुमको समझाएँ
दिखा दो दिल हमें अपना
कहाँ से दिल को हम लाये
के दे रखा है वो तुमको
दिखा सकते हैं कैसे हम
छुपा कर मेरी आँखों...

दिया था किसलिए बोलो
अमानत ही तुम्हारी थी
ये जब तक पास था अपने
अजब सी बेकरारी थी
चलो छोड़ो गिले-शिकवे
हुआ है चाँद भी मद्धम
छुपा कर मेरी आँखों...


जा रे ओ माखन चोर - Ja Re O Makhan Chor (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Champakali)



Movie/Album: चम्पाकली (1957)
Music By: हेमंत कुमार
Lyrics By: राजेंद्र कृष्ण
Performed By: लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी

जा रे जा रे ओ माखन चोर
चलेगी न ये चोरी
तेरी ये जोरा-जोरी, ओ छलिया
जा रे ओ माखन चोर...

जा जा काहे मचावत शोर
कभी न छोड़ूँ गोरी
ये बैयाँ गोरी गोरी
सजनिया काहे मचावत शोर

ऐसी ठिठोली करो हमसे न रसिया
कौन हो तुम हमारे
होता है गोरी जो चकोरी का चँदा
हम वो ही हैं तुम्हारे
देखो जी देखो मेरा भोला सा मनवा
समझे नहीं इशारे, ओ छलिया
जा रे ओ माखन चोर...

मैं बंसी तू तान, तेरा-मेरा साथ पुराना
रहने दो ये बात, चलेगा ना जी कोई बहाना
मानो न मानो तुम्हें दिल की कसम है
अपना हमें बनाना
सजनिया काहे मचावत शोर...

हटो जी हटो मेरी छोड़ो डगरिया
यूँ हमें न सताओ
जाने से पहले मेरी दिल की नगरीया
मुस्कुरा के बताओ
जानूँ न जानूँ कैसा दिल है तुम्हारा
पहले दिल तो दिखाओ
जा रे ओ माखन चोर...


तू जिए हज़ारों साल - Tu Jiye Hazaron Saal (Asha Bhosle, Ek Saal)



Movie/Album: एक साल (1957)
Music By: रवि
Lyrics By: प्रेम धवन
Performed By: आशा भोंसले

तू जिए हज़ारों साल गोरी
हो गोरी जिए हज़ारों साल
ये शुभ दिन आये बार-बार
ले ले के ख़ुशियाँ
तू जिए हज़ारों साल...

तेरे बाबा को आज बधाई
कितनी ख़ुशी है दिल में
पूछो उसी से जा के
तेरे लिए बैठा क्या-क्या, आस लगा के
तेरे बाबा को आज बधाई
तुझको जो हँसता देखे
खिल जाये दुनिया उसकी
तेरा सुख माँगे वो तो, सब कुछ लुटा के
तेरे बाबा को आज बधाई
सुख में बीते सदा तेरे जीवन की घड़ियाँ
तू जिए हज़ारों साल...

तेरे अंगना में बाजे शहनाई
बन के दुल्हनिया तू
साजन के द्वार जाए
प्यार भरी कलियों से डोलियाँ सजाये
तेरे अंगना में बाजे शहनाई
घुँघटा हटा के सैयां
पकड़े जो गोरी बैयाँ
झुक-झुक जाये नैना, जिया शरमाए
तेरे अंगना में बाजे शहनाई
खेले तेरी गोदी में चंदा सा ललना
तू जिए हज़ारों साल...


ज़रा सामने तो आओ - Zara Samne To Aao (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Janam Janam Ke Phere)



Movie/Album: जनम जनम के फेरे (1957)
Music By: श्रीनाथ त्रिपाठी
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

ज़रा सामने तो आओ छलिये
छुप-छुप छलने में क्या राज़ है
यूँ छुप न सकेगा परमात्मा
मेरी आत्मा की ये आवाज़ है
ज़रा सामने....

हम तुम्हें चाहे तुम नहीं चाहो
ऐसा कभी न हो सकता
पिता अपने बालक से बिछड़ के
सुख से कभी न सो सकता
हमें डरने की जग में क्या बात है
जब हाथ में तिहारे मेरी लाज है
यूँ छुप न सकेगा...

प्रेम की है ये आग सजन जो
इधर उठे और उधर लगे
प्यार का है ये तार पिया जो
इधर सजे और उधर बजे
तेरी प्रीत पे बड़ा हमें नाज़ है
मेरे सर का तू ही रे सरताज है
यूँ छुप न सकेगा...


लाल लाल गाल- Laal Laal Gaal (Md.Rafi, Mr. X)



Movie/Album: मि.एक्स (1957)
Music By: एन दत्ता
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मोहम्मद रफ़ी

लाल लाल गाल, जान के है लागू
देख देख देख, दिल पे रहे काबू
चोर चोर चोर, भाग परदेसी बाबू

चोर चोर चोर, ये नहीं है माल उधर के
मोर मोर मोर, ये तो है दिल-ओ-जिगर के
पीले पीले पीले, इनके बाल हैं निराले
नीले नीले नीले, इनकी अँखड़ियों के प्याले
अजनबी से बेधड़क, खुली सड़क चलाते हैं ये जादू
लाल लाल गाल...

हाय हाय हाय ये निगाहों का निशाना
वाय वाय वाय कोई तीर खा न जाना
मान मान मान मेरी जान मेरा कहना
इनके चाल ढाल के ख्याल में न रहना
अजनबी से बेधड़क, खुली सड़क चलाते हैं ये जादू
लाल लाल गाल...


दुःख भरे दिन बीते - Dukh Bhare Din Beete (Md.Rafi, Manna Dey, Shamshad Begum, Asha Bhosle, Mother India)



Movie/Album: मदर इंडिया (1957)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले, शमशाद बेगम, मन्ना डे

दुःख भरे दिन बीते रे भैया
अब सुख आयो रे
रंग जीवन में नया लायो रे
दुःख भरे दिन बीते...

देख रे घटा घिर के आई
रस भर-भर लाई
हो घटा घिर के आई
छेड़ ले गोरी मन की बीना
रिमझिम रुत छाई
ओ घटा घिर के आई
प्रेम की गागर लाए रे बादर
बेकल मोरा जिया होय
दुःख भरे दिन बीते...

मधुर-मधुर मनवा गाए
अपने भी दिन आए
हो मधुर मनवा गाए
सावन के संग आए जवानी
सावन के संग जाए, ओ
हो मधुर मनवा गाए
आज तो जी भर नाच ले पागल
कल ना जाने रे क्या होय
दुःख भरे दिन बीते...


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