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तुम तो ठहरे परदेसी - Tum To Thehre Pardesi (Altaf Raja)



Movie/Album: तुम तो ठहरे परदेसी (1998)
Music By: मोहम्मद शफी नियाज़ी
Lyrics By: ज़हीर आलम
Performed By: अल्ताफ राजा

तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे
सुबह पहली गाड़ी से, घर को लौट जाओगे
सुबह पहली गाड़ी से...

जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगी
(खिंचे खिंचे हुए रहते हो, ध्यान किसका है
ज़रा बताओ तो ये इम्तेहान किसका है
हमें भुला दो मगर ये तो याद ही होगा
नई सड़क पे पुराना मकान किसका है)
जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगी
आँसुओं की बारिश में तुम भी भीग जाओगे
तुम तो ठहरे परदेसी...

ग़म की धूप में दिल की हसरतें न जल जाएं
(तुझको देखेंगे सितारे तो ज़िया मांगेंगे
और प्यासे तेरी जुल्फों से घटा मांगेंगे
अपने कांधे से दुपट्टा न सरकने देना
वरना बूढ़े भी जवानी की दुआ मांगेंगे (ईमान से))
ग़म की धूप में दिल की हसरतें न जल जाएं
गेसुओं के साए में कब हमें सुलाओगे
तुम तो ठहरे परदेसी...

मुझको क़त्ल कर डालो शौक़ से मगर सोचो
(इस शहर-ए-नामुराद की इज़्ज़त करेगा कौन
अरे हम भी चले गए तो मुहब्बत करेगा कौन
इस घर की देखभाल को वीरानियां तो हों
जाले हटा दिये तो हिफ़ाज़त करेगा कौन)
मुझको क़त्ल कर डालो शौक़ से मगर सोचो
मेरे बाद तुम किस पर ये बिजलियां गिराओगे
तुम तो ठहरे परदेसी...

यूं तो ज़िंदगी अपनी मैकदे में गुज़री है
(अश्क़ों में हुस्न-ओ-रंग समोता रहा हूँ मैं
आंचल किसी का थाम के रोता रहा हूँ मैं
निखरा है जा के अब कहीं चेहरा शऊर का
बरसों इसे शराब से धोता रहा हूँ मैं)
(बहकी हुई बहार ने पीना सिखा दिया
पीता हूँ इस गरज़ से के जीना है चार दिन
मरने के इंतज़ार ने पीना सीखा दिया)
यूं तो ज़िंदगी अपनी मैकदे में गुज़री है
इन नशीली आँखों से कब हमें पिलाओगे
तुम तो ठहरे परदेसी...

क्या करोगे तुम आखिर कब्र पर मेरी आकर
जब तुम से इत्तेफ़ाकन मेरी नज़र मिली थी
अब याद आ रहा है, शायद वो जनवरी थी
तुम यूं मिलीं दुबारा, फिर माह-ए-फ़रवरी में
जैसे कि हमसफ़र हो, तुम राह-ए-ज़िंदगी में
कितना हसीं ज़माना, आया था मार्च लेकर
राह-ए-वफ़ा पे थीं तुम, वादों की टॉर्च लेकर
बाँधा जो अहद-ए-उल्फ़त अप्रैल चल रहा था
दुनिया बदल रही थी मौसम बदल रहा था
लेकिन मई जब आई, जलने लगा ज़माना
हर शख्स की ज़ुबां पर, था बस यही फ़साना
दुनिया के डर से तुमने, बदली थीं जब निगाहें
था जून का महीना, लब पे थीं गर्म आहें
जुलाई में जो तुमने, की बातचीत कुछ कम
थे आसमां पे बादल, और मेरी आँखें पुरनम
माह-ए-अगस्त में जब, बरसात हो रही थी
बस आँसुओं की बारिश, दिन रात हो रही थी
कुछ याद आ रहा है, वो माह था सितम्बर
भेजा था तुमने मुझको, तर्क़-ए-वफ़ा का लेटर
तुम गैर हो रही थीं, अक्टूबर आ गया था
दुनिया बदल चुकी थी, मौसम बदल चुका था
जब आ गया नवम्बर, ऐसी भी रात आई
मुझसे तुम्हें छुड़ाने, सजकर बारात आई
बेक़ैफ़ था दिसम्बर, जज़्बात मर चुके थे
मौसम था सर्द उसमें, अरमां बिखर चुके थे
लेकिन ये क्या बताऊं, अब हाल दूसरा है
अरे वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है
क्या करोगे तुम आखिर कब्र पर मेरी आकर
थोड़ी देर रो लोगे और भूल जाओगे
तुम तो ठहरे परदेसी...


ओ ओ जाने जाना - O O Jaane Jaana (Kamaal Khan, Pyar Kiya To Darna Kya)



Movie/Album: प्यार किया तो डरना क्या (1998)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: समीर
Performed By: कमाल खान

I Love You All
दोस्तों, ना कोई मंजिल है, ना कोई साथी है
फिर भी निकल पड़ा हूँ घर से
शायद जिसकी तलाश है
वही साथी है, वही मंज़िल है

ओ ओ जाने जाना, ढूंढे तुझे दीवाना
सपनों में रोज़ आये, आ ज़िन्दगी में आना (सनम)

मेरा ख्वाब मेरे ख्यालों की रानी
किसी दिन बनेगी हमारी कहानी
ऐ मेरी बेखुदी, ये कसम मैंने ली
प्यार में एक दिन मेरी जान तुझे है पाना
सपनों में रोज़ आये...

किसी खूबसूरत परी जैसी होगी
मुझे क्या पता दिलरुबा कैसी होगी
सोचता हूँ तुझे चाहता हूँ तुझे
दिल मेरा कह रहा सारे फासले मिटाना
ओ ओ जाने जाना...


संदेसे आते हैं - Sandese Aate Hain (Sonu Nigam, Roop Kumar Rathod, Border)



Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, रूप कुमार राठोड़

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

किसी दिलवाली ने, किसी मतवाली ने
हमें खत लिखा है, ये हमसे पूछा है
किसी की साँसों ने, किसी की धड़कन ने
किसी की चूड़ी ने, किसी के कंगन ने
किसी के कजरे ने, किसी के गजरे ने
महकती सुबहों ने, मचलती शामों ने
अकेली रातों में, अधूरी बातों ने
तरसती बाहों ने और पूछा है तरसी निगाहों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये दिल सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

मोहब्बतवालों ने, हमारे यारों ने
हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है
हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने
पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने
खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने
बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने
लचकते झूलों ने, दहकते फूलों ने
चटकती कलियों ने, और पूछा है गाँव की गलियों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन गाँव सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

कभी एक ममता की, प्यार की गंगा की
जो चिट्ठी आती है, साथ वो लाती है
मेरे दिन बचपन के, खेल वो आंगन के
वो साया आंचल का, वो टीका काजल का
वो लोरी रातों में, वो नरमी हाथों में
वो चाहत आँखों में, वो चिंता बातों में
बिगड़ना ऊपर से, मोहब्बत अंदर से, करे वो देवी माँ
यही हर खत में पूछे मेरी माँ
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन आँगन सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

ऐ गुजरने वाली हवा बता
मेरा इतना काम करेगी क्या
मेरे गाँव जा, मेरे दोस्तों को सलाम दे
मेरे गाँव में है जो वो गली
जहाँ रहती है मेरी दिलरुबा
उसे मेरे प्यार का जाम दे
उसे मेरे प्यार का जाम दे

वहीँ थोड़ी दूर है घर मेरा
मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ
मेरी माँ के पैरों को छू के तू, उसे उसके बेटे का नाम दे
ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा
मेरे दोस्तों, मेरी दिलरुबा, मेरी माँ को मेरा पयाम दे
उन्हें जा के तू ये पयाम दे

मैं वापस आऊंगा, घर अपने गाँव में
उसी की छांव में, कि माँ के आँचल से
गाँव की पीपल से, किसी के काजल से
किया जो वादा था वो निभाऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा...


ऐ जाते हुए लम्हों - Ae Jaate Hue Lamhon (Roop Kumar Rathod, Border)



Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: रूप कुमार राठोड़

ऐ जाते हुए लम्हों, ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो
मैं भी तो चलता हूँ, ज़रा उनसे मिलता हूँ
जो इक बात दिल में हैं, उन से कहूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...

उनके चेहरे की ये नर्मियाँ, उनके जुल्फों की ये बदलियाँ
उनकी आँखों के रोशन दीये, उनके होंठों की ये सुर्खियाँ
सब उनके हैं जलवे, मैं चलने से पहले
साँसों में, आँखों में, ख्वाबों में, यादों में
और इस दिल में उनको छुपा के रखूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...

मैं कहीं भी रहूँ ऐ सनम, मुझको है ज़िन्दगी की कसम
फ़ासले आते जाते रहें, प्यार लेकिन नहीं होगा कम
जिन्हें चाहूँ, जिन्हें पूजूँ, उन्हें देखूँ, उन्हें छू लूँ
ज़रा बातें तो कर लूँ, ज़रा बाहों में भर लूँ
मैं इस चाँद से माथे को चूम लूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...


हमें जबसे मोहब्बत - Hamein Jabse Mohabbat (Sonu Nigam, Alka Yagnik, Border)



Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, अलका याग्निक

माही माही, मोतियाँ वाला

हमें जबसे मोहब्बत हो गई है
ये दुनिया खूबसूरत हो गई है

फिजाओं में नयी एक रोशनी है
हवाओं में अजब सी ताज़गी है
तुम इस वादी में मुझसे मिल रही हो
ज़मीं लगता है जैसे गा रही है
नयी रुत की महूरत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...

है लिपटे धुंध में दिलकश नज़ारे
नदी खामोश है, चुप है किनारे
है इक छोटी सी कश्ती, और हम हैं
चले जाते हैं लहरों के सहारे
सुहानी अपनी संगत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...

मैं खेतों में बनी पगडंडियों पर
तुम्हारा हाथ थामें चल रहा हूँ
है पिघला शाम के सूरज का सोना
मगर मैं सिर्फ़ तुमको देखता हूँ
अजब इस दिल की हालत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...

ये सारे लोग बिलकुल बेख़बर हैं
मैं दिल ही दिल में सपनें बुन रही हूँ
निगाहें जो तुम्हारी कह रही हैं
मैं इन आखों से वो सब सुन रही हूँ
अनोखी अपनी चाहत हो गयी है
ये दुनिया खूबसूरत...


किस्सा हम लिखेंगे - Kissa Hum Likhenge (Anuradha Paudwal, M.G.Sreekumar, Doli Saja Ke Rakhna)



Movie/Album: डोली सजा के रखना (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: अनुराधा पौडवाल, एम.जी.श्रीकुमार

किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
लफ़्ज़ों में लिख देंगे अपना ये हाल-ए-दिल
देखेंगे क्या जवाब आता है फिर यार का

दिल का दीवानापन कहता है ये सजन
क़दमों में आपके लुटा दूँ अपनी जाँ
जान हमारी हो, जाँ से भी प्यारी हो
आपके प्यार की तो दिल में है जगह
दिल में ही बसा के रखना तुम सदा
हम तो ना छोड़ेंगे ये साथ कभी दिलदार का
किस्सा हम लिखेंगे...

चंदा सा चेहरा जब आता है याद जब
दिन में भी छा जाता है रात का समाँ
रातें बेहाल है, सोना मुहाल है
आँखों में आप हैं जी, नींदें हैं कहाँ
मेरी भी निगाहों का अब सुन ले सवाल
पूछती हैं कब आयेगा फिर मौक़ा तेरे दीदार का
किस्सा हम लिखेंगे...


आवाज़ दो हमको - Aawaaz Do Humko (Lata, Udit, Dushman)



Movie/Album: दुश्मन (1998)
Music By: उत्तम सिंह
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, उदित नारायण

आवाज़ दो हमको, हम खो गये
कब नींद से जागे, कब सो गये
मर जायेंगे, हम अगर, दूर तुम से हो गये
आवाज़ दो हमको...

तुमसे निगाहें चार करने लगे
हम ज़िन्दगी से प्यार करने लगे
डरते ना थे मौत से, अब मगर डरने लगे
आवाज़ दो हमको..

सावन की इस पहली बरसात में
सब देख ले सपनें इक रात में
कट जाये ना ज़िन्दगी, एक ही मुलाकात में
आवाज़ दो हमको..

मेरे सामने रहना, जाना नहीं
तुमसे है कुछ कहना, जाना नहीं
मौसम कभी प्यार का लौटकर आना नहीं
आवाज़ दो हमको..


प्यार को हो जाने दो - Pyar Ko Ho Jaane Do (Kumar Sanu, Lata Mangeshkar, Dushman)



Movie/Album: दुश्मन (1998)
Music By: उत्तम सिंह
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: कुमार सानू, लता मंगेशकर

प्यार को हो जाने दो, प्यार में खो जाने दो
ऐतबार किसका है, इंतज़ार किसका है
अभी न हुआ तो फिर, कभी नहीं, कभी नहीं
प्यार को हो जाने दो...

प्यार के बीच में हम नहीं आएँगे
जिस तरफ ले चला दिल, चले जाएँगे
चैन सा आ गया, यूँ लगा दिल गया
अभी न गया तो फिर, कभी नहीं, कभी नहीं
प्यार को हो जाने दो...

मुझको आँखों से दिल में उतर जाने दो
कुछ बिगड़ जाने दो, कुछ संवर जाने दो
इक बहाना बने, इक फ़साना बने
अभी न बना तो फिर, कभी नहीं, कभी नहीं
प्यार को हो जाने दो...

आज कल फिर कभी, फिर कभी बाद मे
बात रह जाएगी, याद ही याद मे
जो नहीं है कहा, जो नहीं है किया
अभी न किया तो फिर, कभी नहीं, कभी नहीं
ला ला ला...


आँखों से तूने ये - Aankhon Se Toone Ye (Alka Yagnik, Kumar Sanu, Ghulam)



Movie/Album: गुलाम (1998)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: समीर
Performed By: अलका याग्निक, कुमार सानू

आँखों से तूने ये क्या कह दिया
दिल ये दीवाना, धड़कने लगा
तन्हाई में हम मिले इस तरह
बारिश में शोला भड़कने लगा
तु तड़पने लगा, मैं मचलने लगी
बूँद तन पे गिरी, जाँ मचलने लगी
छा रहा है अजब सा नशा
आँखों से तूने ये...

थोड़ी सर्दी भी है, थोड़ी गर्मी भी है
थोड़ी है बेबसी, थोड़ी मर्ज़ी भी है
ऐसे में हम भला, क्या करें तु बता
जो भी होता है वो, होने दे दिलरूबा
आँखों से तूने ये...

पास आऊँ जो मैं, दिल ये डरता है क्यूँ
दूर जाएगा तू, ऐसा लगता है क्यूँ
मैंने वादा किया, मैंने ली है कसम
उम्र भर ना कभी, प्यार होगा ये कम
आँखों से तूने ये...


आती क्या खंडाला - Aati Kya Khandala (Aamir Khan, Alka Yagnik, Ghulam)



Movie/Album: गुलाम (1998)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: समीर
Performed By: अलका याग्निक, आमिर खान

ऐ क्या बोलती तु
ऐ क्या मैं बोलूं
सुन, सुना
आती क्या खंडाला?
क्या करूँ आ के मैं खंडाला
घूमेंगे, फिरेंगे, नाचेंगे, गाएँगे
ऐश करेंगे और क्या
ऐ क्या बोलती तु...

बरसात का सीज़न है, खंडाला जा के क्या करना
बरसात के सीज़न में ही तो मज़ा है मेरी मैना
भीगूँगी मैं, सर्दी खाँसी हो जाएगी मुझको
छाता लेके जाएँगे, पागल समझी क्या मुझको
क्या करूँ समझ में आए ना, क्या करूँ तुझसे मैं जानू ना
अरे इतना तु क्यों सोचे, मैं आगे, तू पीछे
बस अब निकलते हैं और क्या
ऐ क्या बोलती तु...

लोनाव्ले में चिक्की खाएँगे, वॉटरफॉल पे जाएँगे
खंडाला के घाट के ऊपर, फोटो खींच के आएँगे
हाँ भी करता, ना भी करता, दिल मेरा दीवाना
दिल भी साला पार्टी बदले, कैसा है ज़माना
फोन लगा तू अपने दिल को ज़रा
पूछ ले आख़िर है क्या माजरा
अरे पल में फिसलता है, पल में संभलता है
कन्फ्यूज़ करता है बस क्या
ऐ क्या बोलती तु...


जादू है तेरा ही जादू - Jaadu Hai Tera Hi Jaadu (Alka Yagnik, Kumar Sanu, Ghulam)



Movie/Album: गुलाम (1998)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: समीर, इन्दीवर
Performed By: अलका याग्निक, कुमार सानू

जादू है तेरा ही जादू, जो मेरे दिल पे छाने लगा
दीवाने मेरे ये तो बता क्या किया तूने, मीठा सा दर्द होने लगा
ये क्या हुआ, पहले ना ऐसा होता था
मैं हूँ कहाँ, मैं जानूँ ना
कोई मुझे इतना बता दे, घर का मेरे मुझको पता दे
जादू है तेरा ही जादू...

मैंने तो, ये जाना ना, होता है क्या इंतज़ार
मेरा दिल, क्यूँ माने ना, मुझको तो हो गया है प्यार
मैं चैन से पहले रातों को सोती थी, तूने मेरी नींदें लूटीं
ये रोग क्या, तूने लगाया, दीवानापन कैसा जगाया
जादू है तेरा ही जादू...

जानेमन ओ जाने जां, क्या है इरादा बता
छूने दे इन होठों को, होठों से मेरे ज़रा
क्या खूब है, मैं भी कैसा दीवाना था, क्यूँ इश्क़ से अंजाना था
पागल मुझे, तूने बनाया, चाहत है क्या मुझको बताया
जादू है तेरा ही जादू...


दीवाना मैं चला - Deewana Main Chala (Udit Narayan, Pyar Kiya To Darna Kya)



Movie/Album: प्यार किया तो डरना क्या (1998)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: समीर
Performed By: उदित नारायण

दीवाना मैं चला, उसे ढूँढने, बड़े प्यार से
उसके घर का पता, ऐ हवा तु बता

क्या है समां, क्या आसमां
मस्ती में है, सारा जहां
खिला खिला है मौसम
ये फ़िज़ा संदली, ये घटा मनचली
दीवाना मैं चला...

शरमायेगी, घबरायेगी
फिर वो मेरे पास आयेगी
उसे न जाने दूँगा
गेसूओं के तले, हम मिलेंगे गले
दीवाना मैं चला...


ओढ़ ली चुनरिया - Odh Li Chunariya (Alka Yagnik, Kumar Sanu, Pyar Kiya To Darna Kya)



Movie/Album: प्यार किया तो डरना क्या (1998)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: समीर
Performed By:अलका याग्निक, कुमार सानू

ओढ़ ली चुनरिया, तेरे नाम की

तेरे प्यार में डूब गए हैं
हम खुद को ही भूल गए हैं
ओ मेरे दिलदार
ओढ़ ली चुनरिया, तेरे नाम की
चाहे दुनिया जो भी सोचे हमको करना क्या
प्यार किया तो डरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या

ओढ़ ली चुनरिया, तूने मेरे नाम की
चाहे दुनिया जो भी सोचे हमको करना क्या
प्यार किया तो डरना क्या
ओ जब प्यार किया तो डरना क्या
ओढ़ ली चुनरिया...

तन्हाँ तन्हाँ था ये दिल, खोया खोया था ये दिल
बेचैनी का आलम था, सूना मन का आंगन था
जबसे तुम हो मिले, मिट गए सब गिले
मैंने भी ये तय किया है, आएगी तेरी डोली मेरे ही अंगना
ओढ़ ली चुनरिया...

तौबा तौबा ये आँखें, कहती हैं सौ सौ बातें
जाने कैसा जादू है, मेरा दिल बेकाबू है
रब से जब मांगा, बस तुझे मांगा
प्यार की बिंदिया चमका दे तू, मुझको कंगन पहना दे तू, कर के शगुन सजना
ओढ़ ली चुनरिया...


प्यार तो होना ही था - Pyar To Hona Hi Tha (Jaspinder Narula, Remo Fernandes)



Movie/Album: प्यार तो होना ही था (1998)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: समीर
Performed By: जसपिंदर नरूला, रेमो फर्नान्डिस

तूरूतूरूप...

प्यार तो होना ही था...

आँखों के रस्ते दिल में समाना
दिल में समा के नींदें उड़ाना
बड़ा संभाला था मैंने इसे
दिल तो खोना ही था
प्यार तो होना ही था...

इस ज़िन्दगी के मीठे सफ़र में
पलकों के नीचे ख्वाबों के घर में
किसी हसीना की जुल्फों तले
तुमको सोना ही था
प्यार तो होना ही था...


जब किसी की तरफ - Jab Kisi Ki Taraf (Kumar Sanu, Pyar To Hona Hi Tha)



Movie/Album: प्यार तो होना ही था (1998)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: समीर
Performed By: कुमार सानू

जब किसी की तरफ दिल झुकने लगे
बात आ कर जुबां तक रुकने लगे
आँखों आँखों में इक़रार होने लगे
बोल दो गर तुम्हें प्यार होने लगे

चाहने जब लगे दिल किसी की ख़ुशी
दिल लगी ये नहीं, ये है दिल की लगी
आँधियों को दबाने से क्या फ़ायदा
प्यार दिल में छुपाने से क्या फ़ायदा
जां से प्यारा जब दिलदार होने लगे
बोल दो गर तुम्हें प्यार होने लगे...

उसकी खुश्बू अगर अपनी साँसों में हो
उसका सपना अगर अपनी आँखों में हो
जब ना दिल के बहलने की सूरत लगे
जब कोई ज़िंदगी की ज़रूरत लगे
और जीना भी दुश्वार होने लगे
बोल दो गर तुम्हें प्यार होने लगे
जब किसी की तरफ दिल झुकने लगे...


आज हम बिछड़े हैं तो कितने - Aaj Hum Bichhde Hain To Kitne (Jagjit Singh, Love is Blind)



Movie/Album: लव इज़ ब्लाइंड (1998)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: शाहिद कबीर
Performed By: जगजीत सिंह

आज हम बिछड़े हैं तो कितने रंगीले हो गए
मेरी आँखें सुर्ख़, तेरे हाथ पीले हो गए

कब की पत्थर हो चुकी थी, मुंतज़िर आँखें मगर
छू के जब देखा तो मेरे हाथ गीले हो गए
आज हम बिछड़े हैं तो...

जाने क्या एहसास साज़-ए-हुस्न के तारों में है
जिनको छूते ही मेरे नग़मे रसीले हो गए
आज हम बिछड़े हैं तो...

अब कोई उम्मीद है 'शाहिद', न कोई आरज़ू
आसरे टूटे तो जीने के वसीले हो गए
आज हम बिछड़े हैं तो...


चाक-ए-जिगर के - Chak-e-Jigar Ke (Jagjit Singh, Love is Blind)



Movie/Album: लव इज़ ब्लाइंड (1998)
Music By: जगजीत सिंह

Lyrics By:
नदीम परमार
Performed By: जगजीत सिंह

चाक-ए-जिगर के सी लेते हैं
जैसे भी हो जी लेते हैं
चाक जिगर के...

दर्द मिले तो सह लेते हैं
अश्क मिले तो पी लेते हैं
चाक-ए-जिगर के...

आप कहें तो मर जाएँ हम
आप कहें तो जी लेते हैं
चाक-ए-जिगर के...

बेज़ारी के अंधियारे में
जीने वाले जी लेते हैं
चाक जिगर के...

हम तो हैं उन फूलों जैसे
जो काँटों में जी लेते हैं
चाक जिगर के...


तू ही तू - Tu Hi Tu (M.G.Sreekumar, K.S.Chithra, A.R.Rahman, Kabhi Na Kabhi)



Movie/ Album: कभी न कभी (1998)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: एम जी श्रीकुमार, के.एस.चित्रा, ए.आर.रहमान

मेरी सारी सुबहों में, शामों में तू ही तू
मेरे दिन के हर पल में, रातों में तू ही तू
तू ही मेरी नींदों में, ख़्वाबों में तू ही तू
तू मेरे ख़यालों में, यादों में तू ही तू
मेरी सारी सुबहों में...

तू ही मेरा सागर, और तू ही मेरा साहिल
तू ही मेरा रहबर, और तू ही मेरी मंज़िल
बस तू ही तू है राहों में, बस तू ही तू निगाहों में
है ज़िन्दगी तू ही मेरी, तुझसे कैसे ये मैं कहूँ
तू ही तू नज़ारों में, आँखों में तू ही तू
मेरी सारी सुबहों में...

तू ही है मेरा दिल, और तू ही मेरा अरमाँ
तू ही मेरी महफ़िल, और तू ही मेरा मेहमाँ
बस तू ही तू है धड़कन में, बस तू ही तू मेरे मन में
तेरे सिवा, तू ही बता, इक भी कैसे मैं रहूँ
तू ही तू है साँसों में, आहों में तू ही तू
मेरी सारी सुबहों में...


कत्थई आँखों वाली - Katthai Aankhon Waali (Kumar Sanu, Duplicate)



Movie/Album: डुप्लीकेट (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कुमार सानू

कत्थई आँखों वाली एक लड़की
एक ही बात पर बिगड़ती है
तुम मुझे क्यों नहीं मिले पहले
रोज़ ये कह कर मुझसे लड़ती है
कत्थई आँखों वाली...

गुस्से की वो तेज़ है लेकिन, दिल की बेहद अच्छी है
वो कलियों से भी नाज़ुक है, और शहद से मीठी है
चेहरे पर है नर्म उजाले, बालों में काली रातें
हँस दे वो तो मोती बरसे, फूलों जैसी हैं बातें
कत्थई आँखों वाली...

मुझको तुमसे प्यार नहीं है, रूठ के मुझसे कहती है
लेकिन हर कागज़ पर मेरा, नाम वो लिखती रहती है
मैं भी उसका दीवाना हूँ, कैसे उसको समझाऊँ
मुझसे मिलना छोड़ दे वो तो, मैं एक दिन में मर जाऊँ
कत्थई आँखों वाली...


तुम नहीं जाना - Tum Nahin Jaana (Alka Yagnik, Shankar Mahadevan, Udit Narayan, Duplicate)



Movie/Album: डुप्लीकेट (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अल्का याग्निक, शंकर महादेवन, उदित नारायण

कह रही है, हे कह रही है
ये नशीली, ये रंगीली, ये सजीली शाम
कह रहे हैं, हाँ कह रहे हैं
ये नशीले, ये छलकते, ये ढलकते जाम
तुम नहीं जाना, तुम नहीं जाना
सुन लो ऐ जाना, तुम नहीं जाना
कह रही है...

आज दरवाज़े के बाहर सिर्फ हैं मुश्किल
मिट गये सब रास्ते और खोई हर मंज़िल
आस्तीनों में छुपाये ज़हर के खंजर
घूमते हैं, ढूँढते हैं, तुमको ही कातिल
तुम नहीं जाना...

जानता हूँ आज ज़हरीली हवाएँ हैं
जानता हूँ मेरी दुश्मन सब दिशायें हैं
जो भी हो लेकिन मुझे मंज़िल को पाना है
मैं मुसाफ़िर हूँ, मेरी भी कुछ अदायें हैं

ऐ हसीना, महजबीं तू, दिलनशीं तू
दिल है तेरे नाम
ऐ हसीना, मैं मुसाफ़िर, आऊँगा फिर
आज है कुछ काम
मुझको है जाना, मुझको है जाना
तुम नहीं जाना...


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