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सांस - Saans (Shreya Ghoshal, Mohit Chauhan, Jab Tak Hai Jaan)



Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहित चौहान

साँस में तेरी साँस मिली तो
मुझे साँस आई
रूह ने छू ली जिस्म की खुश्बू
तू जो पास आई

कब तक होश संभाले कोई
होश उड़े तो उड़ जाने दो
दिल कब सीधी राह चला है
राह मुड़े तो मुड़ जाने दो
तेरे ख़याल में डूबके अक्सर
अच्छी लगी तन्हाई
साँस में तेरी...

रात तेरी बाँहों में कटे तो
सुबह बड़ी हलकी लगती है
आँख में रहने लगे हो क्या तुम
क्यूँ छलकी-छलकी लगती है
मुझको फिर से छू के बोलो
मेरी कसम क्या खाई
साँस में तेरी...


हीर - Heer (Harshdeep Kaur, Jab Tak Hai Jaan)



Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: हर्षदीप कौर

हीर हीर ना आँखों अड़ियो
मैं ते साहेबा होई
घोड़ी ले के आवे लै जाए
हो मैनू लै जाए मिर्ज़ा कोई

ओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे वरगा
हंसदा-ए सजर-सवेरे वरगा
अन्खां बंद कर लै ते
ठन्डे हनेरे वरगा
ओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे मिर्ज़ा वरगा
हीर हीर ना...

नाल नाल टुर ना ते विथ रखणा
हद रख लेणा विच दिल रखणा
छाँवे-छाँवे पावे असी तेरी
पर छाँवे टुर ना
ओहदे जे ही मैं ते ओ मिर्ज़ा मेरे वरगा
हीर हीर ना...


जिया रे - Jiya Re (Neeti Mohan, Sofia Ashraf, Jab Tak Hai Jaan)



Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: नीति मोहन, सोफ़िया अशरफ

चली रे, चली रे
जुनूं को लिए
कतरा, कतरा
लम्हों को पीये
पिंजरे से उड़ा
दिल का शिकरा
खुदी से मैंने इश्क किया रे
जिया, जिया रे जिया रे

छोटे-छोटे लम्हों को
तितली जैसे पकड़ो तो
हाथों में रंग रह जाता है
पंखों से जब छोडो तो
वक़्त चलता है
वक़्त का मगर रंग
उतरता है अक्किरा
उड़ते-उड़ते फिर एक लम्हा
मैंने पकड़ लिया रे
जिया जिया रे जिया रे...

हलके-हलके पर्दों में
मुस्कुराना अच्छा लगता है
रौशनी जो देता हो तो
दिल जलाना अच्छा लगता है
एक पल सही, उम्र भर इसे
साथ रखना अक्किरा
ज़िन्दगी से फिर एक वादा
मैंने कर लिया रे
जिया जिया रे जिया रे...


कहना ही क्या - Kehna Hi Kya (K.S.Chithra, Bombay)



Movie/Album: बॉम्बे (1995)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: महबूब
Performed By: के.एस.चित्रा

कहना ही क्या
ये नैन एक अन्जान से जो मिले
चलने लगे, मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमां नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम लें
कैसे उन्हे मैं पुकारूँ

पहली ही नज़र में कुछ हम, कुछ तुम
हो जातें है यूँ गुम
नैनों से बरसे रिम-झिम, रिम-झिम
हमपे प्यार का सावन
शर्म थोड़ी-थोड़ी हमको, आये तो नज़रें झुक जाएँ
सितम थोड़ा-थोड़ा हमपे, शोख हवा भी कर जाये
ऐसी चली, आँचल उड़े, दिल में एक तूफ़ान उठे
हम तो लुट गये खड़े ही खड़े
कहना ही क्या...

इन होंठों ने माँगा सरगम, सरगम
तू और तेरा ही प्यार है
आँखें ढूंढे है जिसको हर दम, हर दम
तू और तेरा ही प्यार है
महफ़िल में भी तन्हां है दिल ऐसे, दिल ऐसे
तुझको खोना दे, डरता है ये ऐसे, ये ऐसे
आज मिली, ऐसी खुशी, झूम उठी दुनिया ये मेरी
तुमको पाया तो पाई ज़िन्दगी
कहना ही क्या...


साथिया साथिया - Saathiya (Sonu Nigam, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सोनू निगम, डोमिनिक सेरेजो, क्लिंटन सेरेजो

साथिया, साथिया
मद्धम-मद्धम तेरी ये गीली हँसी
साथिया, साथिया
सुन के हमने सारी पी ली हँसी

हँसती रहे तू हँसती रहे, हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे, सुबह-ओ-शाम मिलती रहे
सौंधी सी हँसी तेरी, खिलती रहे, मिलती रहे

पीली धूप पहन के तुम, देखो बाग़ में मत जाना
भंवरे तुमको सब छेड़ेंगे, फूलों में मत जाना
मद्धम-मद्धम हंस दे फिर से
सोणा-सोणा फिर से हंस दे
ताजा गिरे पत्ते की तरह, सब्ज लॉन पर लेटे हुए
सात रंग हैं बहारों के, एक अदा में लपेटे हुए
सावन भादों सारे तुझसे
मौसम-मौसम हंसते रहना
मद्धम-मद्धम हँसते रहना
साथिय, साथिया...

कभी नीले आसमां पे
चलो घुमने चलें हम
कोई अब्र मिल गया तो
जमीं पे बरस लें हम
तेरी बाली हिल गयी है
कभी शब चमक उठी है
कभी शाम खिल गयी है

तेरे बालों की पनाह में, इस सियाह रात गुजरे
तेरी काली काली आँखे, कोई उजली बात उतरे
तेरी इक हंसी के बदले
मेरी ये ज़मीन ले ले, मेरा आसमान ले ले
साथिय, साथिया...

बर्फ गिरी हो वादी में
ऊन में लिपटी-सिमटी हुयी
बर्फ गिरी हो वादी में, और हंसी तेरी गूंजी
ऊन में लिपटी सिमटी हुई,बात करे धुंआ निकले
गरम-गरम उजला धुंआ , नरम नरम उजला धुंआ


छलका छलका रे - Chhalka Chhalka Re (Richa, Mahalakshmi, Vaishali, Shoma, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, वैशाली सामंत, शोमा बनर्जी

छलका छलका रे कलसी का पानी
छलका छलका रे ओ आँख ना मानी
मईया बोले जाना नहीं, भैया को भी माना नहीं
बाबुल बोले बस इक दिन कल का छलका
गुड्डा बोले जाना नहीं, गुड्डी बोले जाना नहीं
सखी बोले बस इक दिन कल का छलका
छलका छलका रे...

भोले भोले पैरों से चली, चली रे
बाबू तेरे छोटी थी गली
बेटे मेरे पीछे रह गयी, रह गयी
पाखियों के नीचे रह गयी
गैया मेरी प्यासी रह गयी
तुलसी वाली वादी रह गयी, रह गयी
चूल्हा मैं जलाती रह गयी
छलका छलका रे...
बाबुला छोड़ा तेरा अंगनारा


अब की जो घर आयेगी, आयेगी
हीरे वाला छल्ला लाईया
गोदी में खिलाये सखियाँ
नन्हा मुन्ना लल्ला लाईयो
अब के जो सावन आएगा
दूसरी बिदाई डोलेगी, डोलेगी
पिया की जुदाई डोलेगी
छलका छलका रे...


ऐ उड़ी उड़ी - Ae Udi Udi (Adnan Sami, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: अदनान सामी

ऐ उड़ी उड़ी उड़ी, ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
ऐ अंग-रंग खिली, ऐ सारी रात बोली

हल्की, ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी
अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो हाथ में डब डब गिरी
पहली पहली बारिश की छींटें
पहली बारिश भीगी हो हो
उलझी हुयी थी, खुल भी गयी थी, लट वो रात भर भरसी कभी मनाये, खूब सताए वो, सब यार की मर्जी
ऐ उड़ी उड़ी...

छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
छोड़ दूं, रूठ के, तो भी तो जंग होती है
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
खामखा चूम लूं, तो भी तो जंग होती है
ज़िंदगी आँखों की, आयत है ज़िंदगी
आँखों में रखी है, तेरी अमानत है
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...

लड़-लड़ के जीने को, ये लम्हें भी थोड़े हैं
मर-मर के सीने में, ये शीशे जोड़े हैं
तुम कह दो, सब नाते मंजिल दो सोचो तो
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी
पलकों में चखी है, मीठी शिकायत
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...


चुपके से रात की चादर - Chupke Se Raat Ki Chaadar (Sadhna, Murtaza, Qaadir, Rehman, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मुर्तजा खान, कादिर खान, ए.आर.रहमान

दोस्तों से झूठी-मूठी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी  होगी, दूर ये दूरी होगी
रोज सफ़र करना
यारा रात से दिन करना

चुपके से चुपके से
रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो
बादल के पीछे चले
जले कतरा कतरा, गले कतरा कतरा
रात भी ना हिले आधी आधी
चुपके से लग जा गले...

फरवरी की सर्दियों की धूप में
मुंदी मुंदी अँखियों से देखना
हाथ की आड़ से
निमी निमी ठण्ड और आग में
हौले हौले मारवा के राग में
मीर की बात हो
दिन भी ना डूबे, रात ना आये, शाम कभी ना ढले
शाम ढले तो, सुबह ना आये, रात ही रात चले
चुपके से रात की चादर..
दोस्तों से झूठी-मूठी...

तुझ बिना पगली ये पुरवई
आ के मेरी चुनरी में भर गयी
तू कभी ऐसे ही, गले लग जैसे ये पुरवई
आ गले लग जैसे ये पुरवाई, साथिया सुन तू
कल जो मुझको नींद ना आये, पास बुला लेना
गोद में अपनी सर रख लेना, लोरी सुना देना
चुपके से लग जा गले...


मेरा यार मिला दे - Mera Yaar Mila De (A.R.Rahman, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान

बंजर है सब बंजर है
हम ढूँढने जब फिरदोस चले
तेरी खोज तलाश में देख पिया
हम कितने काले कोस चले
बंजर है सब बंजर है
मेन्डा यार मिला दे साइयाँ
इक वार मिला दे साइयाँ

मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
मेन्डा यार मिला...
तारों की चमक ये सुबह तलक
लगती ही नहीं पल भर को तलक
साइयाँ...
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
सिर्फ एक तेरी आहट के लिए
कंकर पत्थर बुत सारे सुने
हूण वेणे ते रुस्वाइयां
मेन्डा यार मिला दे...
बंजर है सब बंजर है...

आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
पैरों के निशाँ जब देखे जहाँ, सौ बार झुकाया सर को वहाँ
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
मैं कितनी बार पुकारूं तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं
तेरा साया कहीं तो बोलेगा, मैं चुनता रहा परछाईयाँ
मेन्डा यार मिला दे...


नैना मिलाय के - Naina Milai Ke (Sadhna Sargam, Madhushree, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मधुर्श्री

नैना मिलाय के मोसे

झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
पलकों में बंद कर लीनी

चिकनी माटी बिस आँगन
धड़ से फिसलवाय दीनी
सावन में बुलाय के
झूठ कपट छल कीनी...

सुध बुध खोई होस उड़ाय हाय
छु मंतर कर दीनी
हमका छु के छूवाय के 
झूठ कपट छल कीनी...

दिल की कचहरी मुकदमा चलाय है
हाँ मुजरिम हमें कर दीनी
बिना रपट लिखाय के
झूठ कपट छल कीनी...


ओ हमदम सोनियो रे - O Humdum Soniyo Re (KK. Kunal, Shaan, Rehman, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान, कुनाल गांजावाला, के.के., शान, प्रवीण मानी

ओ हमदम सोनियो रे, ओ जानिया सोनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा

धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ गलियों से आएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ सीटी बजाएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ नीम के पेड़ से
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ पास बुलाएगा


चोरी पे चोरी - Chori Pe Chori (Asha Bhosle, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: आशा भोंसले, कार्तिक, ब्लाज़

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, एक डकैती और सीना जोरी
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा...

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की, आफत है जान की, एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा...

दोस्तों, बार बार तोड़ने की बात भी पुरानी हो गयी
रात रात भर का इन्तजार भी कहानी हो गयी
दिन का जलते रहना दोस्त अब तो जिंदगानी हो गयी
इक रात मिलने की, बाकी सुलगने की, सावन नहीं है कहीं
दो-तीन लहरे है, बाकी समंदर है, साहिल नहीं है कहीं
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है वहाँ
चोरी पे चोरी...

दोस्तों, इक ख़याल के बगल में कैसे सारी ज़िन्दगी गुजार दें
बने तो हम तेरे ख़याल को लिबास की तरह उतार दें
इश्क विश्क का खुमार भी उतार दीजिये ज़रा
जाने भी दो यार, कैसे निभेगी, कैसे गुज़र होगा
ये --- के फेरे, ये --- के चक्कर, प्यार भंवर होगा
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है जहाँ
चोरी पे चोरी...


आवारा भँवरे - Awara Bhanwre (A.R.Rehman, Hema Sardesai)



Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हेमा सरदेसाई, मलेशिया वासुदेवन

आवारा भँवरे जो हौले हौले गाएँ
फूलों के तन पे हवा ये सरसराये
कोयल की कुहू कुहू
पपीहे की पिहू पिहू
जंगल में झींगुर भी छाये जाये
नदियाँ में लहरें आयें
बलखायें छलकी जायें
भीगी होंठों से वो गुनगुनाएं
गाता है साहिल, गाता है बहता पानी
गाता है ये दिल सुन
सा रे गा मा पा धा नि सा रे

रात जो आये तो, सन्नाटा छाये तो
टिक-टिक करे घड़ी सुनो
दूर कहीं गुज़रे, रेल किसी पुल से
गूँजे धड़ाधड़ी सुनो
संगीत है ये, संगीत है
मन का संगीत सुनो
बाहों में लेके बच्चा, माँ जो कोई लोरी गाये
ममता का गीत सुनो
आवारा भँवरे...

भीगे परिन्दे जो, ख़ुद को सुखाने को
पर फड़फड़ाते हैं सुनो
गाय भी, बैल भी, गले में पड़ी घंटी
कैसे बजाते हैं सुनो
संगीत है ये, संगीत है
जीवन संगीत सुनो
बरखा रानी बूँदों की
पायल जो झनकाये
धरती का गीत सुनो
हिलको रे, हिलको रे...
आवारा भँवरे...


चंदा रे चंदा रे - Chanda Re Chanda Re (Hariharan, Sadhna Sargam)



Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन, साधना सरगम

चंदा रे चंदा रे
कभी तो ज़मीं पर आ
बैठेंगे, बातें करेंगे
तुझको आते इधर, लाज आये अगर
ओढ़ के आजा, तू बादल घने

गुलशन-गुलशन, वादी-वादी
बहती है रेशम जैसी हवा
जंगल-जंगल, पर्वत-पर्वत
हैं नींद में सब इक मेरे सिवा
चंदा, चंदा
आजा सपनों की नीली नदिया में नहायें
आजा ये तारे चुनके हम, घार बनाएँ
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे चंदा रे...

चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
झरने क्यों गाते हैं, पंछी क्यों मतवाले
क्यों है सावन महीना घटाओं का
चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
चंदा, चंदा
तितली के पर क्यों इतने रंगीं होते हैं
जुगनू रातों में जागे, तो कब सोते हैं
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे, चंदा रे...


देखो आई होली - Dekho Aayi Holi (Mangal Pandey)



Movie/Album: मंगल पांडे (1973)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: आमिर खान, चिन्मयी, उदित नारायण, मधुश्री, श्रीनिवास

होली है!
होली आई, रंग फूट पड़े
ये छलक छलक, वो ढलक ढलक
फिर बाजे घुँघरू ढोल बड़े

ये छलक छलक, वो धमक धमक
सब निकले हैं पी पी के घड़े
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
छम छम नाचे परियों की धुनें
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक

ये छलक छलक, वो ढलक ढलकये छलक छलक, वो धमक धमक
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक

देखो आई होली, रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा, मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
रंग रेली में रंग खेलूंगी, रंग जाऊँगी
रंग गहरे हैं, अबके साल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...

भीगी चोली चुनरी भी गीली हुई
सजनाजी देखो मैं रंगीली हुई
थोड़ी थोड़ी तू जो नशीली हुई
पतली कमर लचकीली हुई
मन क्यों ना बहके, तन क्यों न दहके
तुम रह रह के, मत फेंको ये नज़रों का जाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
 

देखो आई होली...
आज हुआ एक सा कमाल
रंग ऐसे उड़े देखने में लगे, कोई रंगे हवाओं के बाल

चांदी की थाल से लेके गुलाल
अब राधा से खेलेंगे होली मुरारी
राधा भी नटखट है, पलटी वो झटपट है

मारे कन्हैया को है पिचकारी
देखने वाले तो दंग हुए हैं
के होली में दोनों जो संग हुए हैं
तो राधा काँन्हा एक रंग हुए हैं
कौन है राधा, कौन है काँन्हा
कौन ये समझा, कौन ये जाना

होली में जो सजनी से नयन लड़े

थामी हैं कलाई के बात बढ़े
तीर से जैसे मेरे मन में गड़े

तेरी ये नजरिया जो मुझपे पड़े
जो ये रास रचे, जो ये धूम मचे, कोई कैसे बचे
हमसे पूछो ना तुम ये सवाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...



धीमी धीमी - Dheemi Dheemi (Hariharan, 1947 Earth)



Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन

धीमी धीमी, भीनी भीनी
खुशबू है तेरा बदन
सुलगे महके पिघले दहके
क्यों ना बहके मेरा मन
वो चली हवा, के नशा घुला
हैं समा भी जैसे धुआँ-धुआँ
तेरा रुप है, की ये धूप है
खुले बाल है, के है बदलियाँ
तू जो पास है, मुझे प्यास है
तेरे जिस्म का एहसास है

सांस भी जैसे रुक सी जाती है
तू जो पास आये तो आँच आती है
दिल की धड़कन भी, मेरे सीने में लडखडाती है
ये तेरा तन बदन, कैसी है ये अगन
ठंडक है जिस्म तू वो आग है
बलखाती है जो तू, लहराती है जो तू
लगता है ये बदन, इक राग है
वो चली हवा...


ये जो ज़िन्दगी है - Ye Jo Zindagi Hai (Sukhwinder, Sujata, Srinivas, 1947 Earth)



Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सुखविंदर सिंह, सुजाता त्रिवेदी, श्रीनिवास

जो अफ़साने दिल ने बुने
उनको कोई दिल ही सुने
हम हौले हौले प्यार की धुंधली फ़िज़ाओं में आये
गहरे गहरे हैं ख़्वाब की नीली घटाओं के साये
हम-तुम दोनों खोये खोये, सपने देखें जागे सोये
गुमसुम हैराँ

ये जो ज़िन्दगी है कोई दास्ताँ है
कब होगा क्या ये खबर कहाँ है
ये जो ज़िन्दगी है कोई कारवाँ है
कहाँ जायेगी ये खबर कहाँ है

सुजाता
बहती हैं चिंगारियाँ जैसे, सर से पाँव तक नस नस में
हल्का हल्का होश है लेकिन, कुछ भी नहीं अब मेरे बस में
मेरे अंग अंग में बेचैनी बिजली बनके लहराये
एक मीठे मीठे दर्द का बादल तन मन पर छाये
साँसें उलझे धड़के ये दिल, जाने कैसे मेरी मुश्किल
होगी आसाँ
ये जो ज़िंदगी है कोई दास्ताँ है...

सुखविंदर
अरे काश मेरी इन आँखों की अब रोशनी बुझ जाये
मैंने देखा था जो ख़्वाब वो मुझको न कभी याद आये
ऐसे बरसे ग़म के तीशे, टूटे दिल के सारे शीशे
दिल है वीराँ
ये जो ज़िंदगी है...


इश्वर अल्लाह तेरे जहां में - Ishwar Allah Tere Jahan Mein (1947 Earth)



Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सुजाता मोहन, अनुराधा सरगम

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में
नफ़रत क्यों है जंग है क्यों
तेरा दिल तो इतना बड़ा है
इन्साँ का दिल तंग है क्यों

क़दम क़दम पर सरहद क्यों है, सारी जमीं जो तेरी है
सूरज के फेरे करती है, फिर क्यों इतनी अंधेरी है
इस दुनिया के दामन पर, इन्साँ के लहू का रंग है क्यों
ईश्वर अल्लाह तेरे जहाँ में...

गूँज रही है कितनी चीखें, प्यार की बातें कौन सुने
टूट रहे हैं कितने सपने, इनके टुकड़े कौन चुने
दिल के दरवाज़ों पर ताले, तालों पर ये ज़ंग है क्यों
ईश्वर अल्लाह तेरे जहाँ में...


तू चले - Tu Chale (Arijit Singh, Shreya Ghoshal, I)



Movie/Album: आई (2015)
Music By:
ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल, अपना है ये ख़याल
है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
है ऐसा लगे गुल ग़लती से बन गए
रब ने था तुझे बनाना
ये महका मौसम, हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल, अपना है ये ख़याल
तू चले...

तू जाने, ना जाने. ना माने
जाना तेरा ख़याल, जाना तेरा क्या हाल
तेरे जिया की ताल सुरमयी
आँखों में है शबाब, जैसे खिले गुलाब
देखें ऐसे ही ख़वाब हम कई
तेरे आने से यार ऐसा आया निखार
जैसे आई बहार हो नई
तेरे होंठों के जाम पीलूँ सुबह शाम
तू तो मेरा ही नाम हो गयी
मेरी दुनिया में तूने है रंग भरा
मेरे साथ ये दुनिया देख ज़रा
मेरी तू ही तो है प्यारी दुनिया
सारी दुनिया मेरे हमकदम
तू चले...

दूर खिले रंग कौन सा रंग तेरा है बतलाना
लो हाथ से छूटा दिल, रंग तेरे मैंने रंग है जाना
महक गयी है ले खुशबू, महका तेरा जो है ये आँचल
फूलों की तू है रानी या फिर तू है कोई संदल
धीमी धीमी बातें, सहज सुगम मौसम
पिया मेरे ऐसे मौसम अब आएंगे हरदम
तू जो मुझे हासिल, नैना करे झिलमिल
साथी तेरे होने से है, खुशियों के या काफ़िले
तू चले...


रोजा जानेमन - Roja Janeman (Hariharan, S.P.Balasubramanium, Sujatha, Roja)



Music/Album: रोजा (1992)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: पी.के.मिश्रा
Performed By: हरिहरन, सुजाता, एस.पी.बालासुब्रमनियम

रोजा जानेमन
तू दिल की धड़कन (तू ही मेरा दिल)
तुझ बिन तरसे नैना
दिल से ना जाती है यादें तुम्हारी
कैसे तुम बिन जीना
आँखों में तू है, आँसूओं में तू है
आँखें बंद कर लूँ, तो मन में भी तू है
ख्वाबों में तू, साँसों में तू
रोज़ा
रोजा जानेमन...

छू के यूँ चली हवा, जैसे छू गये हो तुम
फूल जो खिले थे वो, शूल बन गये हैं क्यों
जी रहा हूँ इसलिए. दिल में प्यार है तेरा
ज़ुल्म से रहा हूँ क्यों, इंतेज़ार है तेरा
तुमसे मिले बिना जान भी ना जाएगी
कयामत से पहले सामने तू आएगी
कहाँ है तू, कैसी है तू
रोज़ा
रोजा जानेमन...

ठंडी ठंडी है हवा, तेरा काम क्या यहाँ
मीत नहीं पास में, चाँदनी तू लौट जा
फूल क्यों खिले हो तुम, ज़ुल्फ़ नहीं वो यहाँ
झुके झुके आसमां, मेरी हँसी ना उड़ा
प्यार के बिना मेरी, ज़िन्दगी उदास है
कोई नहीं है मेरा, सिर्फ़ तेरी आस है
ख्वाबों में तू, साँसों में तू
रोज़ा
रोजा जानेमन...


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