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ये मौसम आया है - Ye Mausam Aaya Hai (Kishore Kumar, Lata Mangeshkar, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

ये मौसम आया है कितने सालों में
आजा कि खो जाएँ ख्वाबों ख्यालों में

आँखों का मिलना खूब रहा है
ये दिल दिवाना डूब रहा है
मतवाले नैनों के
इन शरबती, नर्गिसी प्यालों में
आजा खो जाएँ...

कहना नहीं था कहना पड़ा है
प्यार का जादू सबसे बड़ा है
मेरा दिल ना आ जाये
इन प्यार की मदभरी चालों में
आजा खो जाएँ...


देखो वीर जवानों अपने - Dekho Veer Jawanon Apne (Kishore Kumar, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार

मेरी जान से प्यारे, तुझको तेरा
देश पुकारा जा
जा भैया, जा बेटा
जा मेरे यारा जा

देखो वीर जवानों अपने, खून पे ये इल्जाम न आए
माँ ना कहे के मेरे बेटे, वक़्त पड़ा तो काम न आए
देखो वीर जवानों अपने, खून पे ये इल्जाम न आए
देखो वीर जवानों...

हम पहले भारतवासी
फिर हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई
हम पहले भारतवासी
नाम जुदा है तो क्या
भारत माँ के सब बेटे हैं भाई
अब्दुल उसके बच्चों को पाले
जो घर वापस राम न आये
देखो वीर जवानों अपने...

अँधा बेटा युद्ध पे चला तो
ना जा, न जा उसकी माँ बोली
वो बोला कम कर सकता हूँ
मैं भी दुश्मन की एक गोली
ज़िक्र शहीदों का हो तो क्यों
उनमें मेरा नाम न आये
देखो वीर जवानों अपने...

अच्छा चलते हैं
कब आएँगे, ये कहना मुश्किल होगा
तुम कहती हो, ख़त लिखना
ख़त लिखने से क्या हासिल होगा
ख़त के साथ रणभूमि से
विजय का जो पैगाम न आये
देखो वीर जवानों अपने...


फौजी गया जब गाँव में - Fauji Gaya Jab Gaanv Mein (Kishore Kumar, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार

फौजी गया जब गाँव में
पहन के रंग रूट, फुल बूट पाँव में
फौजी गया जब गाँव में...

पहले लोगों ने रखा था मेरा नाम निखट्टू
दो दिन में जग ऐसे घुमा, जैसे घुमे लट्टू, हो लट्टू
भरती हो कर करनैला करनैल सिंह बन बैठा
मेरा बापू साथ मेरे जरनैल सिंह बन बैठा
आते देखा मुझको तो सब करने लगे सलामी
आगे पीछे दौड़े चाचा-चाची मामा-मामी

यारों ने सामान उठा कर रखा अपने सर पे
दरवाज़े पर बैठे थे सब, जब मैं पहुँचा घर पे
कस कर पूरे ज़ोर से फिर मैंने सैल्यूट जो मारा
सबकी छुट्टी हो गयी फिर मैंने बूट से बूट जो मारा
फौजी गया जब गाँव में

घर के अंदर जा कर फिर जब मैंने खोला बक्सा
देख रहे थे सब यूँ जैसे देखे जंग का नक्शा
सबको था मालूम खुलेगी शाम को रम की बोतल
सब आ बैठे घर मेरे, घर मेरा बन गया होटल

बीच में बैठा था मैं, सब बैठे थे आजु-बाजु
इतने में बन्दुक चली भई गाँव में आए डाकू
उतर गयी थी सबकी, छुप गए सारे डर के मारे
मैं घर से बाहर निकला, सब मेरा नाम पुकारे
मार के लाठी ज़मीं पे जट ने, डाकुओं को ललकारा
वो थे चार, अकेला मैं, मैंने चारों को मारा
फौजी गया जब गाँव में...

छोड़ के अपने घोड़े डाकू, जान बचा कर भागे
मेरी वाह-वाह करते सुबह नींद से लोग जागे
मैं खेतों की सैर को निकला, मौसम था मस्ताना
रस्ते में वो मिली मेरा था, जिससे इश्क़ पुराना
खूब सुने और खूब सुनाये, किस्से अगले पिछले
निकला चाँद तो हम दोनों भी खेत से बाहर निकले
हाय हाय मच गया शोर सारे गाँव में
फौजी गया जब गाँव में...


क़व्वाली गायेंगे - Qawwali Gaayenge (Asha Bhosle, Mahendra Kapoor, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर

बाग़ की रौनक बन नहीं सकता
कोई फूल अकेला
रंग बिरंगे फूलों से
लगता है यारों मेला

पंजाबी गाएँगे, मराठी गाएँगे
गुजरती गाएँगे, बंगाली गाएँगे
आज चलो मिलकर हम सब क़व्वाली गायेंगे

हँसी आती है हमको आजकल के नौजवानों पर
दवा दर्द-ए-जिगर की ढूंढते हैं जो दुकानों पर
तड़प के प्यार में सीने से बस इलज़ाम मिलता है
वतन की राह में मरने से ही आराम मिलता है
मौसम साल महिना झूठ, मरना सच है, जीना झूठ
इश्क वतन दा सच्ची बात, तेरा हुस्न हसीना झूठ
मौसम साल महिना झूठ, मरना सच है, जीना झूठ
शम्मे वतन पर बने के परवाने जल जाएँगे
आज चलो मिलकर...

यहाँ पैदा हुए हम या वहाँ, क्या फर्क पड़ता है
कोई हो रंग, कोई हो जुबां, क्या फर्क पड़ता है
जुबां है इसलिए कि आदमी मतलब है क्या समझे
न समझे इस से भी जो नासमझ उससे खुदा समझे
क्यूँ है बहज़ुबानों पर, अपनों और बेगानों पर
अब तक लहराते थे हम, झंडा सिर्फ मकानों पर
क्यूँ है बहज़ुबानों पर, अपनों और बेगानों पर
आज तिरंगा दिलों में अपने हम लहराएँगे
आज चलो मिलकर...


वो एक हसीन लड़की - Wo Ek Haseen Ladki (Kishore Kumar, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार

अरे हमनशीं इक नाज़नीं आती है याद भूली नहीं
वो एक हसीन लड़की जो बस लाजवाब थी
अच्छी थी वो बड़ी अच्छी थी
वो मगर मेरी किस्मत खराब थी
वो एक हसीन लड़की...

जिस वक़्त वो गयी जी हुआ रंग से बोझल
उस वक़्त सामने पड़ी थी मेज़ पे बोतल
बोतल लगाई मुँह से, उसमें शराब थी हाय
अच्छी थी वो...

दो चार मुलाकातों से मैं आगे न बढ़ सका
ऐसी थी कोई बात जिसे मैं न पढ़ सका
चेहरे पे उसके लिखी हुई एक किताब थी
अच्छी थी वो...


छोटी उमर में - Choti Umar Mein (Kishore Kumar, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार

छोटी उमर में
लम्बे सफ़र में
यूँ हमसफ़र थे
जेड़ा मुँह मोड़े
बेईमान होवे

अब गुस्से से काम न लेना
बेदर्दी का नाम न लेना
पर को ये इल्ज़ाम न लेना
हाय ऐसे दुःख में बैठे किसी का
जेड़ा दिल तोड़े
जेड़ा दिल तोड़े बेईमान होवे
छोटी उमर में...

ये बदमस्त हसीन नज़ारे
करते हैं हम तुमको इशारे
कहते हैं ले के नाम हमारे
मंदिर से पहले, अपने साथी का
जेड़ा संग छोड़े
जेड़ा संग छोड़े, बेईमान होवे
छोटी उमर में...


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