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मन कस्तूरी रे - Mann Kasturi Re (Amit Kilam, Masaan)



Movie/Album: मसान (2015)
Music By:
इंडियन ओशन
Lyrics By: वरुण ग्रोवर
Performed By: अमित किलाम

पाट ना पाया मीठा पानी
ओर-छोर की दूरी रे
मन कस्तूरी रे, जग दस्तूरी रे
बात हुई ना पूरी रे
खोजे अपनी गंध ना पावे
चादर का पैबंद ना पावे
बिखरे-बिखरे छंद सा टहले
दोहों में ये बंध ना पावे
नाचे हो के फिरकी लट्टू
खोजे अपनी धूरी रे
मन कस्तूरी रे

उमर की गिनती हाथ न आई
पुरखों ने ये बात बताई
उल्टा कर के देख सके तो
अम्बर भी है गहरी खाई
रेखाओं के पार नज़र को
जिसने फेंका अन्धे मन से
सतरंगी बाज़ार का खोला
दरवाज़ा फिर बिना जतन के
फिर तो झूमा बावल हो के
फिर तो झूमा बावल हो के
सर पे डाल फितूरी रे
मन कस्तूरी रे...


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