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धड़क धड़क - Dhadak Dhadak (Udit Narayan, Sunidhi Chauhan, Nihira Joshi, Bunty Aur Babli)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: उदित नारायण, सुनीधी चौहान, निहिरा जोशी

ये वर्ल्ड है ना वर्ल्ड
इसमें दो तरह के लोग होते हैं
एक, जो सारी ज़िन्दगी एक ही काम करते
और दूसरे जो एक ही ज़िन्दगी में सारे काम कर देते हैं
ये मैं नहीं, ये वो दोनों कहते थे
और कहते क्या थे, करते थे
और ऐसा करते थे, जैसा ना किसी ने किया
और न शायद कोई कर पाएगा

छोटे-छोटे शहरों से, खाली बोर दुपहरों में
हम तो झोला उठा के चले
बारिश कम-कम लगती है, नदियाँ मद्धम लगती है
हम समंदर के अन्दर चले
ओ हो हो हम चले, हम चले ओए रामचंद रे
धड़क-धड़क, धड़क-धड़क
धुआँ उड़ाए रे
धड़क-धड़क, धड़क-धड़क
सिटी बजाये रे
धड़क-धड़क...

ओहो ज़रा रास्ता तो दो
थोड़ा सा बादल चखना है
बड़ा-बड़ा कोयले से
नाम फ़लक पे लिखना है
चांद से होकर सड़क जाती है
उसी पे आगे जा के अपना मकाँ होगा
हम चले, हम चले...
धड़क-धड़क...

आ तो चले सर पे लिए
अम्बर की ठंडी फुन्कारिया
हम ही ज़मीं, हम आसमां
क़स्बा कस्मा नु खाये बाक़ी जहां
चांद का टिका, मत्थे लगा के
रात दिन तारों में, जीना-वीना इज़ी नहीं
हम चले, हम चले...
धड़क-धड़क...


कजरा रे - Kajra Re (Alisha Chinai, Javed Ali, Shankar Mahadevan, Bunty Aur Babli)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जावेद अली, अलीशा चेनॉय, शंकर महादेवन

ऐसी नज़र से देखा
उस ज़ालिम ने चौक पर
हमनें कलेजा रख दिया
चाकू की नोक पर

मेरा चैन-वैन सब उजड़ा
ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी
तेरे अपने शहर वाले
मेरा चैन-वैन...
मेरी अंगड़ाई, ना टूटे, तू आजा

कजरा रे कजरा रे
तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना
मेरे नैना जुड़वाँ नैना
हो कजरा रे...

सुरमें से लिखे तेरे वादे
आँखों की ज़बानी आते हैं
मेरे रूमालों पे लब तेरे
बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातों में किमाम की खुशबू है
हो तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे ना, टूटे ना अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई ना टूटे तू आजा
कजरा रे...

आँखें भी कमाल करती हैं
पर्सनल से सवाल करती हैं
पलकों को उठाती भी नहीं, हम्म
परदे का ख्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे ना, टूटे ना अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई ना टूटे तू आजा
कजरा रे...

हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आये निशानी दिल्ली में
पल निमा राज़े दरी बे-तलब
तेरी-मेरी कहानी दिल्ली में
काली कमली वाले को याद कर के
तेरे काले-काले नैनों की क़सम खाते हैं
तेरे काले-काले नैनों की बलाएँ ले लूूँ
तेरे काले नैनों को दुआऐं दे दूँ
मेंरी जान उदास हैं, होठों पे प्यास हैं
आजा रे, आजा रे, आजा रे हो
तेरी बातों में...
कजरा रे...


बंटी और बबली - Bunty Aur Babli (Shankar Mahadevan, Title Track)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जसपिंदर नरुला, लॉय मेंडोंसा, शंकर महादेवन, सिद्धार्थ महादेवन, सौम्या राव, सुखविंदर सिंह

चल चल चल चल चलत चलत
जब ठाठ दिखाए और बात दिखाए, ओये बंटी
पल पल पल पल पलट पलट
जब कमर घुमाए और होश उड़ाए, ओये बबली
अरे लट्टू घुमाई के, चक्कर चलाई के
लूट ले हो दुनिया को ठेंगा दिखाई के
हो ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको ठगा नहीं
ऐसी मारी लंगड़ी कि सोया जगा नहीं
चल चल चल...
बंटी और बबली, बंटी और बबली
इन दोनों की जोड़ी शामत
शामत और कयामत यारों
बंटी और बबली...

हो इश्काँ दे तेवर घने, तेवर घने
नखरों के ज़ेवर बने, ज़ेवर बने
देखो कहीं आते-जाते मिल जाएँ दोनों यहीं
रूठते-मनाते माफ़ करते मिलें
जूठे-जूठे होंठ साफ़ करते मिलें
चल चल चल...

हो खुश्बू ही खुश्बू पले, खुश्बू पले
इश्काँ जहाँ तू चले, हाँ तू चले
जाने कहाँ उड़ते-उड़ते मिल जाए दोनों यहाँ
इठला ते चलता हुआ बंटी मिले
इतरा के चलती हुई बबली मिले
दोनों की कहानियाँ ज़माना दोहराएगा
बताएगा, सुनाएगा, सदा
बंटी और बबली...


छुप छुप के - Chup Chup Ke (Mahalakshmi Iyer, Sonu Nigam, Bunty Aur Babli)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: महालक्ष्मी अययर, सोनू निगम

देखना मेरे सर से
आसमाँ उड़ गया है
देखना आसमाँ के
सिरे खुल गये हैं ज़मीं से
चुप-चुप के, छुप-छुप के, चोरी से चोरी
चुप-चुप के, छुप-छुप के रे

देखना क्या हुआ
ये ज़मीं बह रही है
देखना पानियों में
ज़मीं घुल रही है कहीं से
देखना आसमाँ...
छुप छुप के...

होश में मैंं नहीं, ये गशी भी नहीं
इस सदी में कभी, ये हुआ ही नहीं
जिस्म घुलने लगा, रूह गलने लगी
पाँव रुकने लगने ,राह चलने लगी
आसमाँ बादलों पर करवटें ले रहा है
देखना आसमाँ ही बरसने लगे ना ज़मीन
ये ज़मीं पानियों में डुबकियाँ ले रही है
देखना उठ के पैरों पे चलने लगे ना कहीं पे
छुप छुप के...

तुम कहो तो रुकें, तुम कहो तो चलें
ये जुनूँ है अगर, तो जुनूँ सोच लें
तुम कहो तो रुकें, तुम कहो तो चलें
मुझको पहचानती, है कहाँ मंज़िले
देखना मेरे सर से...
छुप छुप के...

बंटी की बबली और बबली का बंटी
बंटी की बबली हुई


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