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भला करने वाले - Bhala Karne Wale (Md.Rafi, Ghar Sansar)



Movie/Album: घर संसार (1958)
Music By: रवि
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: मोहम्मद रफ़ी

भला करने वाले, भलाई किये जा
बुराई के बदले, दुआएँ दिए जा
भला करने वाले...

चले आंधियाँ गम के तूफ़ान आएँ
तेरे ये क़दम डगमगाने न पाएँ
घुटे दम तो क्या, साँस फिर भी लिए जा
बुराई के बदले...

घड़ी दो घड़ी के हैं, बादल ये काले
ये दिन तो हमेशा नहीं रहने वाले
सहे जा सितम, आँसुओं को पिये जा
बुराई के बदले...

ज़माना हँसे भूल ऐसी न करना
ये है बुज़दिली तेरा मरना
ये मत भूल तू बाप है, और पति भी
तेरे साथ मासूम ज़िन्दगी भी
तेरे बाद दुनिया में क्या उनका होगा
कहाँ उनको जग में सहारा मिलेगा
उन्हीं के लिए मुस्कुरा के जिये जा
बुराई के बदले...


ये हवा ये नदी का किनारा - Ye Hawa Ye Nadi Ka Kinara (Asha Bhosle, Manna Dey, Ghar Sansar)



Movie/Album: घर संसार (1958)
Music By: रवि
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले, मन्ना डे

ये हवा, ये नदी का किनारा
चाँद तारों का रंगीं इशारा
कह रहा है बेख़बर
हो सके तो प्यार कर
ये समां मिलेगा फिर न दोबारा
ये हवा, ये नदी का किनारा...

ये रात ढलने न पाये, होने न पाये सवेरा
तू भी उठा लंबी पलकें, जुल्फों को मैंने बिखेरा
यूँ ही चंदा तले, मेरी नैय्या चले
तेरी बाहों का ले के सहारा
ये हवा, ये नदी का किनारा...

आजा पिया प्यारी हैं रातें
गोरी आजा कर लें दो बातें

ऐसे मिले आज सैय्याँ, तेरी नज़र मेरी आँखें
धड़कन मेरी तेरा दिल हो, लब हो मेरे, तेरी बातें
डरे काहे को दिल सजना खुल के मिल
क्या करेगा ज़माना हमारा
डरे काहे को दिल गोरी आ खुल के मिल
क्या करेगा ज़माना हमारा
ये हवा, ये नदी का किनारा...


सपनों की डोर बंधी - Sapnon Ki Dor Bandhi (Asha Bhosle, Ghar Sansar)



Movie/Album: घर संसार (1958)
Music By: रवि
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: आशा भोंसले

सपनों की डोर बंधी, पलकों का पालना
सोजा मेरी रानी, मेरा कहना न टालना
सपनों की डोर बंधी...

परियों के देश तोहे निंदिया पुकारे
देख रहे राह तेरी चँदा सितारे
झूम रही अँखियों में निंदिया दीवानी
मीठी-मीठी बतियों का जादू न डालना
सोजा मेरी रानी मेरा कहना न टालना
सपनों की डोर बंधी...

जल्दी जो सोये और जल्दी जो जागे
जीवन की दौड़ में वो सबसे रहे आगे
प्यारा है बच्चा वही कहना जो माने
जुग-जुग जिए झूले सोने के पालना
सोजा मेरी रानी मेरा कहना न टालना
सपनों की डोर बंधी...


होंठ गुलाबी गाल कटोरे - Honth Gulabi Gaal Katore (Md.Rafi, Asha Bhosle, Ghar Sansar)



Movie/Album: घर संसार (1958)
Music By: रवि
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले

होंठ गुलाबी, गाल कटोरे
नैना सुरमेदार
हो मैं सदके जावाँ
प्यार के दुबले, हाल के पतले
मजनूँ की संतान
होय मैं सदके जावाँ...
होंठ गुलाबी, गाल कटोरे...

देखे ज़माने भर के हसीं, लेकिन तेरी बात है और
आशिक तो देखे हैं कई, लेकिन तेरी ज़ात है और
नाम न जाने, गाँव न जाने
फिर भी लिया पहचान
होय मैं सदके जावाँ...

प्यार में तेरे जलता है दिल, आती ही रहना मेरी गली
जलता है दिल मेरे ठेंगे से, छोड़ दिया चल मैं तो चली
मर नहीं जाऊँ, सड़ नहीं जाऊँ
कहना मेरा मान
होय मैं सदके जावाँ...

ले के चलूँ थाने में तुझे, ऐसे न कर मजबूर मुझे
तेरे लिए ओ जान-ए-जिगर, जेल भी है मंज़ूर मुझे
बोले है बढ़ के, डोले अकड़ के
चिड़िया जैसी चाल
होय मैं सदके जावाँ...


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