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सांस - Saans (Shreya Ghoshal, Mohit Chauhan, Jab Tak Hai Jaan)



Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहित चौहान

साँस में तेरी साँस मिली तो
मुझे साँस आई
रूह ने छू ली जिस्म की खुश्बू
तू जो पास आई

कब तक होश संभाले कोई
होश उड़े तो उड़ जाने दो
दिल कब सीधी राह चला है
राह मुड़े तो मुड़ जाने दो
तेरे ख़याल में डूबके अक्सर
अच्छी लगी तन्हाई
साँस में तेरी...

रात तेरी बाँहों में कटे तो
सुबह बड़ी हलकी लगती है
आँख में रहने लगे हो क्या तुम
क्यूँ छलकी-छलकी लगती है
मुझको फिर से छू के बोलो
मेरी कसम क्या खाई
साँस में तेरी...


हीर - Heer (Harshdeep Kaur, Jab Tak Hai Jaan)



Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: हर्षदीप कौर

हीर हीर ना आँखों अड़ियो
मैं ते साहेबा होई
घोड़ी ले के आवे लै जाए
हो मैनू लै जाए मिर्ज़ा कोई

ओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे वरगा
हंसदा-ए सजर-सवेरे वरगा
अन्खां बंद कर लै ते
ठन्डे हनेरे वरगा
ओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे मिर्ज़ा वरगा
हीर हीर ना...

नाल नाल टुर ना ते विथ रखणा
हद रख लेणा विच दिल रखणा
छाँवे-छाँवे पावे असी तेरी
पर छाँवे टुर ना
ओहदे जे ही मैं ते ओ मिर्ज़ा मेरे वरगा
हीर हीर ना...


जिया रे - Jiya Re (Neeti Mohan, Sofia Ashraf, Jab Tak Hai Jaan)



Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: नीति मोहन, सोफ़िया अशरफ

चली रे, चली रे
जुनूं को लिए
कतरा, कतरा
लम्हों को पीये
पिंजरे से उड़ा
दिल का शिकरा
खुदी से मैंने इश्क किया रे
जिया, जिया रे जिया रे

छोटे-छोटे लम्हों को
तितली जैसे पकड़ो तो
हाथों में रंग रह जाता है
पंखों से जब छोडो तो
वक़्त चलता है
वक़्त का मगर रंग
उतरता है अक्किरा
उड़ते-उड़ते फिर एक लम्हा
मैंने पकड़ लिया रे
जिया जिया रे जिया रे...

हलके-हलके पर्दों में
मुस्कुराना अच्छा लगता है
रौशनी जो देता हो तो
दिल जलाना अच्छा लगता है
एक पल सही, उम्र भर इसे
साथ रखना अक्किरा
ज़िन्दगी से फिर एक वादा
मैंने कर लिया रे
जिया जिया रे जिया रे...


साथिया साथिया - Saathiya (Sonu Nigam, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सोनू निगम, डोमिनिक सेरेजो, क्लिंटन सेरेजो

साथिया, साथिया
मद्धम-मद्धम तेरी ये गीली हँसी
साथिया, साथिया
सुन के हमने सारी पी ली हँसी

हँसती रहे तू हँसती रहे, हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे, सुबह-ओ-शाम मिलती रहे
सौंधी सी हँसी तेरी, खिलती रहे, मिलती रहे

पीली धूप पहन के तुम, देखो बाग़ में मत जाना
भंवरे तुमको सब छेड़ेंगे, फूलों में मत जाना
मद्धम-मद्धम हंस दे फिर से
सोणा-सोणा फिर से हंस दे
ताजा गिरे पत्ते की तरह, सब्ज लॉन पर लेटे हुए
सात रंग हैं बहारों के, एक अदा में लपेटे हुए
सावन भादों सारे तुझसे
मौसम-मौसम हंसते रहना
मद्धम-मद्धम हँसते रहना
साथिय, साथिया...

कभी नीले आसमां पे
चलो घुमने चलें हम
कोई अब्र मिल गया तो
जमीं पे बरस लें हम
तेरी बाली हिल गयी है
कभी शब चमक उठी है
कभी शाम खिल गयी है

तेरे बालों की पनाह में, इस सियाह रात गुजरे
तेरी काली काली आँखे, कोई उजली बात उतरे
तेरी इक हंसी के बदले
मेरी ये ज़मीन ले ले, मेरा आसमान ले ले
साथिय, साथिया...

बर्फ गिरी हो वादी में
ऊन में लिपटी-सिमटी हुयी
बर्फ गिरी हो वादी में, और हंसी तेरी गूंजी
ऊन में लिपटी सिमटी हुई,बात करे धुंआ निकले
गरम-गरम उजला धुंआ , नरम नरम उजला धुंआ


छलका छलका रे - Chhalka Chhalka Re (Richa, Mahalakshmi, Vaishali, Shoma, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, वैशाली सामंत, शोमा बनर्जी

छलका छलका रे कलसी का पानी
छलका छलका रे ओ आँख ना मानी
मईया बोले जाना नहीं, भैया को भी माना नहीं
बाबुल बोले बस इक दिन कल का छलका
गुड्डा बोले जाना नहीं, गुड्डी बोले जाना नहीं
सखी बोले बस इक दिन कल का छलका
छलका छलका रे...

भोले भोले पैरों से चली, चली रे
बाबू तेरे छोटी थी गली
बेटे मेरे पीछे रह गयी, रह गयी
पाखियों के नीचे रह गयी
गैया मेरी प्यासी रह गयी
तुलसी वाली वादी रह गयी, रह गयी
चूल्हा मैं जलाती रह गयी
छलका छलका रे...
बाबुला छोड़ा तेरा अंगनारा


अब की जो घर आयेगी, आयेगी
हीरे वाला छल्ला लाईया
गोदी में खिलाये सखियाँ
नन्हा मुन्ना लल्ला लाईयो
अब के जो सावन आएगा
दूसरी बिदाई डोलेगी, डोलेगी
पिया की जुदाई डोलेगी
छलका छलका रे...


ऐ उड़ी उड़ी - Ae Udi Udi (Adnan Sami, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: अदनान सामी

ऐ उड़ी उड़ी उड़ी, ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
ऐ अंग-रंग खिली, ऐ सारी रात बोली

हल्की, ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी
अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो हाथ में डब डब गिरी
पहली पहली बारिश की छींटें
पहली बारिश भीगी हो हो
उलझी हुयी थी, खुल भी गयी थी, लट वो रात भर भरसी कभी मनाये, खूब सताए वो, सब यार की मर्जी
ऐ उड़ी उड़ी...

छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
छोड़ दूं, रूठ के, तो भी तो जंग होती है
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो, तंग होती है
खामखा चूम लूं, तो भी तो जंग होती है
ज़िंदगी आँखों की, आयत है ज़िंदगी
आँखों में रखी है, तेरी अमानत है
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...

लड़-लड़ के जीने को, ये लम्हें भी थोड़े हैं
मर-मर के सीने में, ये शीशे जोड़े हैं
तुम कह दो, सब नाते मंजिल दो सोचो तो
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी
पलकों में चखी है, मीठी शिकायत
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी...


चुपके से रात की चादर - Chupke Se Raat Ki Chaadar (Sadhna, Murtaza, Qaadir, Rehman, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मुर्तजा खान, कादिर खान, ए.आर.रहमान

दोस्तों से झूठी-मूठी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी  होगी, दूर ये दूरी होगी
रोज सफ़र करना
यारा रात से दिन करना

चुपके से चुपके से
रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो
बादल के पीछे चले
जले कतरा कतरा, गले कतरा कतरा
रात भी ना हिले आधी आधी
चुपके से लग जा गले...

फरवरी की सर्दियों की धूप में
मुंदी मुंदी अँखियों से देखना
हाथ की आड़ से
निमी निमी ठण्ड और आग में
हौले हौले मारवा के राग में
मीर की बात हो
दिन भी ना डूबे, रात ना आये, शाम कभी ना ढले
शाम ढले तो, सुबह ना आये, रात ही रात चले
चुपके से रात की चादर..
दोस्तों से झूठी-मूठी...

तुझ बिना पगली ये पुरवई
आ के मेरी चुनरी में भर गयी
तू कभी ऐसे ही, गले लग जैसे ये पुरवई
आ गले लग जैसे ये पुरवाई, साथिया सुन तू
कल जो मुझको नींद ना आये, पास बुला लेना
गोद में अपनी सर रख लेना, लोरी सुना देना
चुपके से लग जा गले...


मेरा यार मिला दे - Mera Yaar Mila De (A.R.Rahman, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान

बंजर है सब बंजर है
हम ढूँढने जब फिरदोस चले
तेरी खोज तलाश में देख पिया
हम कितने काले कोस चले
बंजर है सब बंजर है
मेन्डा यार मिला दे साइयाँ
इक वार मिला दे साइयाँ

मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
मेन्डा यार मिला...
तारों की चमक ये सुबह तलक
लगती ही नहीं पल भर को तलक
साइयाँ...
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
सिर्फ एक तेरी आहट के लिए
कंकर पत्थर बुत सारे सुने
हूण वेणे ते रुस्वाइयां
मेन्डा यार मिला दे...
बंजर है सब बंजर है...

आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
पैरों के निशाँ जब देखे जहाँ, सौ बार झुकाया सर को वहाँ
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
मैं कितनी बार पुकारूं तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं
तेरा साया कहीं तो बोलेगा, मैं चुनता रहा परछाईयाँ
मेन्डा यार मिला दे...


नैना मिलाय के - Naina Milai Ke (Sadhna Sargam, Madhushree, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: साधना सरगम, मधुर्श्री

नैना मिलाय के मोसे

झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
पलकों में बंद कर लीनी

चिकनी माटी बिस आँगन
धड़ से फिसलवाय दीनी
सावन में बुलाय के
झूठ कपट छल कीनी...

सुध बुध खोई होस उड़ाय हाय
छु मंतर कर दीनी
हमका छु के छूवाय के 
झूठ कपट छल कीनी...

दिल की कचहरी मुकदमा चलाय है
हाँ मुजरिम हमें कर दीनी
बिना रपट लिखाय के
झूठ कपट छल कीनी...


ओ हमदम सोनियो रे - O Humdum Soniyo Re (KK. Kunal, Shaan, Rehman, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान, कुनाल गांजावाला, के.के., शान, प्रवीण मानी

ओ हमदम सोनियो रे, ओ जानिया सोनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा

धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ गलियों से आएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ सीटी बजाएगा
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ नीम के पेड़ से
धिम धिम तानना धिम तानानना ओ ओ ओ पास बुलाएगा


चोरी पे चोरी - Chori Pe Chori (Asha Bhosle, Saathiya)



Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: आशा भोंसले, कार्तिक, ब्लाज़

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, एक डकैती और सीना जोरी
चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा...

चोरी पे चोरी, चोरी पे चोरी, कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की, आफत है जान की, एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा...

दोस्तों, बार बार तोड़ने की बात भी पुरानी हो गयी
रात रात भर का इन्तजार भी कहानी हो गयी
दिन का जलते रहना दोस्त अब तो जिंदगानी हो गयी
इक रात मिलने की, बाकी सुलगने की, सावन नहीं है कहीं
दो-तीन लहरे है, बाकी समंदर है, साहिल नहीं है कहीं
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है वहाँ
चोरी पे चोरी...

दोस्तों, इक ख़याल के बगल में कैसे सारी ज़िन्दगी गुजार दें
बने तो हम तेरे ख़याल को लिबास की तरह उतार दें
इश्क विश्क का खुमार भी उतार दीजिये ज़रा
जाने भी दो यार, कैसे निभेगी, कैसे गुज़र होगा
ये --- के फेरे, ये --- के चक्कर, प्यार भंवर होगा
दो गज की कश्ती, मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा मीलों समंदर है जहाँ
चोरी पे चोरी...


खामखां - Khamakha (Matru Ki Bijlee Ka Mandola, Vishal Bhardwaj)



Movie/Album: मटरू की बिजली का मंडोला (2013)
Music By: विशाल भारद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: विशाल भारद्वाज, प्रेम देहाती

हलकी हलकी आहें भरना
तकिये में सर दे के धीमे धीमे
सरगोशी में बातें करना
पागलपन है ऐसे तुमपे मरना
उबला उबला क्यूँ लगता है?
ये बदन, ये जलन तो खामखां नहीं
खामखां नहीं
ये खलिश जो है, वो खामखां नहीं
हाँ तपिश तो है, पर खामखां नहीं
जो नहीं किया, कर के देखना
सांस रोक के, मर के देखना
ये बेवजह, बेसबब, खामखां नहीं
ये खामखां नहीं...

सारी सारी रात का जगना
खिड़की पे सर रखके उंघते रहना
उम्मीदों का जलना-बुझना
पागलपन है ऐसे तुमपे मरना
खाली खाली दो आँखों में
ये नमक, ये चमक, तो खामखां नहीं
खामखां नहीं
फ़िक्र रहती है, जो खामखां नहीं
ज़िक्र रहता है, जो खामखां नहीं
अश्क आँखों में, भर के देखना
आइना कभी, डर के देखना
ये बेवजह, बेसबब, खामखां नहीं
दीवानगी सही, ये खामखां नहीं
हाँ जुनूं तो है, पर खामखां नहीं...

सदा भवानी ताही जय हो प्यारा
गौरी पुत्र गणेश
पांच देव रक्षा करे हो प्यारा
ब्रह्मा विष्णु महेश
कसम यो देस मेरा से हरया भरया हरियाणा
सीधे साधे लोग अड़े के, दूध दही का खाना
बोलो राम राम...


मैंने तेरे लिए ही - Maine Tere Liye Hi (Mukesh, Anand)



Movie/Album: आनंद (1971)
Music By: सलिल चौधरी
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: मुकेश

मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने
सपने, सुरीले सपने
कुछ हँसते, कुछ गम के
तेरी आँखों के साये चुराए रसीली यादों ने

छोटी बातें, छोटी-छोटी बातों की हैं यादें बड़ी
भूले नहीं, बीती हुई एक छोटी घड़ी
जनम-जनम से आँखे बिछाईं
तेरे लिए इन राहों ने
मैंने तेरे लिए ही सात...

भोले-भाले, भोले-भाले दिल को बहलाते रहे
तन्हाई में, तेरे ख्यालों को सजाते रहे
कभी-कभी तो आवाज देकर
मुझको जगाया ख़्वाबों ने
मैंने तेरे लिए ही सात...


पानी पानी रे - Paani Paani Re (Maachis, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: माचिस (1996)
Music By: विशाल भारद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: लता मंगेशकर

पानी पानी रे खारे पानी रे
नैनों में भर जा
नींदें खाली कर जा

पानी पानी इन पहाड़ों की ढलानों से उतर जाना
धुआं धुआं कुछ वादियाँ भी आएँगी गुज़र जाना
इक गाँव आएगा मेरा घर आएगा
जा मेरे घर जा
नींदें खाली कर जा..

ये जैसी रातें जगरातों में बिता देना
मेरी आँखों में जो बोलनी के पाखे को उड़ा देना
बर्फों में लगे मौसम पिघले
मौसम हरे कर जा
नींदें खाली कर जा..


तुम आ गए हो नूर - Tum Aa Gaye Ho Noor (Kishore, Lata, Aandhi)



Movie/Album: आँधी (1975)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: लता मंगेशकर, किशोर कुमार

तुम आ गए हो, नूर आ गया है
नहीं तो चरागों से लौ जा रही थी
जीने की तुमसे, वजह मिल गयी है
बड़ी बेवजह जिन्दगी जा रही थी

कहाँ से चले, कहाँ के लिए
ये खबर नहीं थी मगर
कोई भी सिरा, जहाँ जा मिला
वहीं तुम मिलोगे
के हम तक तुम्हारी दुआ आ रही थी
तुम आ गए हो...

दिन डूबा नहीं, रात डूबी नहीं
जाने कैसा है सफ़र
ख़्वाबों के दीये, आँखों में लिए
वहीं आ रहे थे
जहाँ से तुम्हारी सदा आ रही थी
तुम आ गए हो...


आपकी आँखों में कुछ महके - Aapki Aankhon Mein Kuch (Kishore, Lata)



Movie/Album: घर (1978)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

आपकी आँखों में कुछ महके हुए से राज़ हैं
आपसे भी खूबसूरत आपके अंदाज़ हैं
आपकी आँखों में...

लब हिले तो मोगरे के फूल खिलते हैं कहीं
आपकी आँखों में क्या साहिल भी मिलते हैं कहीं
आपकी खामोशियाँ भी, आप की आवाज़ हैं
आपकी आँखों में...

आपकी बातों में फिर कोई शरारत तो नहीं
बेवजह तारिफ़ करना आपकी आदत तो नहीं
आपकी बदमाशियों के ये नये अंदाज़ हैं
आपकी आँखों में...


फिर वही रात है - Phir Wahi Raat Hai (Kishore Kumar)



Movie/Album: घर (1978)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: किशोर कुमार

फिर वही रात है
फिर वही रात है ख्वाब की
रात भर ख्वाब में देखा करेंगे तुम्हें
फिर वही रात है...

काँच के ख्वाब हैं, आँखों में चुभ जायेंगे
पलकों पे लेना इन्हें, आँखों में रुक जायेंगे
ये रात है ख्वाब की, ख्वाब की रात है
फिर वही रात है...

मासूम सी नींद में, जब कोई सपना चले
हमको बुला लेना तुम, पलकों के पर्दे तले
ये रात है ख्वाब की, ख्वाब की रात है
फिर वही रात है...


आज कल पाँव ज़मीं पर - Aaj Kal Paanv Zameen Par (Lata Mangeshkar, Ghar)



Movie/Album: घर (1978)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: लता मंगेशकर

आज कल पाँव ज़मीं पर नहीं पड़ते मेरे
बोलो देखा है कभी तुमने मुझे उड़ते हुए

जब भी थामा है तेरा हाथ तो देखा है
लोग कहते हैं के बस हाथ की रेखा है
हमने देखा है दो तक़दीरों को जुड़ते हुए
आज कल पाँव...

नींद सी रहती है, हलका सा नशा रहता है
रात-दिन आँखों में इक चेहरा बसा रहता है
पर लगी आँखों को देखा है कभी उड़ते हुए
आज कल पाँव...

जाने क्या होता है हर बात पे कुछ होता है
दिन में कुछ होता है और रात में कुछ होता है
थाम लेना जो कभी देखो हमें उड़ते हुए
आज कल पाँव...


बड़ी धीरे जली - Badi Dheere Jali (Rekha Bhardwaj, Ishqiya)



Movie/Album: इश्किया (2010)
Music By: विशाल भारद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: रेखा भारद्वाज

बड़ी धीरे जली रैना, धुआं धुआं नैना
रातों से हौले हौले, खोली है किनारी
अँखियों ने तागा तागा भोर उतारी
खारी अँखियों से धुआं जाए ना

पलकों पे सपनों की अग्नि उठाये
हमने दो अँखियों के आलने जलाये
दर्द ने कभी लोरियाँ सुनाई तो
दर्द ने कभी नींद से जगाया रे
बैरी अँखियों से ना जाए धुआं जाए ना
बड़ी धीरे जली...

जलते चरागों में अब नींद ना आये
फूँकों से हमने सब तारे बुझाए
जाने क्या खली रात की पिटारी से
खोले तो कोई भोर की किनारी रे
सूजी अँखियों से ना जाए धुआं जाए ना
बड़ी धीरे जली...


बादळ उठ्या - Badal Uthiya (Rekha Bhardwaj, Matru Ki Bijlee Ka Mandola)



Movie/Album: मटरू की बिजली का मंडोला (2012)
Music By: विशाल भरद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: रेखा भरद्वाज

बादळ उठ्या री सखी
मेरे सासरे की ओढ़ पानी
बरसेगा सिरतोर
बादळ उठ्या...

मोटी मोटी बूँद भटा-भट
कुटण लगे गोड़े से
पाणी के बहा के अगे
बह ग्ये नल के तोड़े से
उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम
हवा के चकोड़े से
जंग्ड़्या के के वाड़ मूंदे
खुल ग्ये ओड़े सोड़े से
किसा पुल टूट्या री सखी
बह ग्ये नदी नाले जोड़ पाणी
बरसेगा सिरतोर
बादळ उठ्या...


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