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फज़ा भी है जवां - Faza Bhi Hai Jawaan (Salma Agha, Nikaah)



Movie/Album: निकाह (1982)
Music By: रवि
Lyrics By: हसन कमाल
Performed By: सलमा आगा

फज़ा भी है जवाँ, जवाँ
हवा भी है रवाँ, रवाँ
सुना रहा है ये समा
सुनी सुनी सी दास्ताँ

पुकारते हैं दूर से, वो काफिले बहार के
बिखर गये हैं रंग से, किसी के इंतजार के
लहर लहर के होंठ पर, वफ़ा की है कहानियाँ
सुना रहा है ये समा...

बुझी मगर बुझी नहीं, न जाने कैसी प्यास है
करार दिल से आज भी, ना दूर है ना पास है
ये खेल धूप-छाँव का, ये कुरबतें, ये दूरियाँ
सुना रहा है ये समा...

हर एक पल को ढूंढता, हर एक पल चला गया
हर एक पल फिराक का, हर एक पल विसाल का
हर एक पल गुजर गया, बना के दिल पे इक निशाँ
सुना रहा है ये समा...


किसी नज़र को तेरा - Kisi Nazar Ko Tera (Asha, Bhupinder, Aitbaar)



Movie/Album: ऐतबार (1985)
Music by: बप्पी लाहिरी
Lyrics By: हसन कमाल
Performed By:आशा भोंसले, भूपिंदर

किसी नज़र को तेरा इंतज़ार आज भी है
कहाँ हो तुम के ये दिल बेक़रार आज भी है
किसी नज़र को तेरा...

वो वादियाँ वो फ़ज़ायें के हम मिले थे जहाँ
मेरी वफ़ा का वहीं पर मज़ार आज भी है
किसी नज़र को तेरा...

न जाने देख के क्यों उनको ये हुआ एहसास
के मेरे दिल पे उन्हें इख्तियार आज भी है
किसी नज़र को तेरा...

वो प्यार जिसके लिये हमने छोड़ दी दुनिया
वफ़ा की राह पे घायल वो प्यार आज भी है
किसी नज़र को तेरा...

यकीं नहीं है मगर आज भी ये लगता है
मेरी तलाश में शायद बहार आज भी है
किसी नज़र को तेरा...

न पूछ कितने मोहब्बत के ज़ख़्म खाये हैं
कि जिनको सोच के दिल सोग़वार आज भी है
वो प्यार जिसके लिये...


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