Hitesh Sonik लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Hitesh Sonik लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

हुसना - Husna (Piyush Mishra, Hitesh Sonik, Coke Studio MTV)



Movie/Album: कोक स्टूडियो एम.टीवी (2012)
Music By:
पियूष मिश्रा, हितेश सोनिक
Lyrics By:
पियूष मिश्रा
Performed By: पियूष मिश्रा

लाहौर के उस
पहले जिले के
दो परगना में पहुँचे
रेशम गली के
दूजे कूचे के
चौथे मकां में पहुँचे
और कहते हैं जिसको
दूजा मुल्क उस
पाकिस्तां में पहुँचे
लिखता हूँ ख़त में
हिन्दोस्तां से
पहलू-ए हुसना पहुँचे
ओ हुसना

मैं तो हूँ बैठा
ओ हुसना मेरी
यादों पुरानी में खोया
पल-पल को गिनता
पल-पल को चुनता
बीती कहानी में खोया
पत्ते जब झड़ते
हिन्दोस्तां में
यादें तुम्हारी ये बोलें
होता उजाला हिन्दोस्तां में
बातें तुम्हारी ये बोलें
ओ हुसना मेरी
ये तो बता दो
होता है, ऐसा क्या
उस गुलिस्तां में
रहती हो नन्हीं कबूतर सी
गुमसुम जहाँ
ओ हुसना

पत्ते क्या झड़ते हैं
पाकिस्तां में वैसे ही
जैसे झड़ते यहाँ
ओ हुसना
होता उजाला क्या
वैसा ही है
जैसा होता हिन्दोस्तां यहाँ
ओ हुसना

वो हीरों के रांझे के नगमें
मुझको अब तक, आ आके सताएं
वो बुल्ले शाह की तकरीरों के
झीने झीने साये
वो ईद की ईदी
लम्बी नमाजें
सेंवैय्यों की झालर
वो दिवाली के दीये संग में
बैसाखी के बादल
होली की वो लकड़ी जिनमें
संग-संग आंच लगाई
लोहड़ी का वो धुआं जिसमें
धड़कन है सुलगाई
ओ हुसना मेरी
ये तो बता दो
लोहड़ी का धुंआ क्या
अब भी निकलता है
जैसा निकलता था
उस दौर में हाँ वहाँ
ओ हुसना

क्यों एक गुलसितां ये
बर्बाद हो रहा है
एक रंग स्याह काला
इजाद हो रहा है

ये हीरों के, रांझों के नगमे
क्या अब भी, सुने जाते है हाँ वहाँ
ओ हुसना
और
रोता है रातों में
पाकिस्तां क्या वैसे ही
जैसे हिन्दोस्तां
ओ हुसना


घर - Ghar (Piyush Mishra, Coke Studio MTV Season 3)



Movie/Album: कोक स्टूडियो एम.टी.वी.-३ (2013)
Music By:
हितेश सोनिक
Lyrics By:
पियूष मिश्रा
Performed By: पियूष मिश्रा

ज़ू, ज़ू...
कि उजला ही उजला शहर होगा जिसमें हम तुम बनाएँगे घर
दोनों रहेंगे कबूतर से जिसमें होगा न बाज़ों का डर

मखमल की नाज़ुक दीवारें भी होंगी, कोनों में बैठी बहारें भी होंगी
खिड़की की चौखट भी रेशम की होगी, चन्दन सी लिपटी हाँ सेहन भी होगी
संदल की खुश्बू भी टपकेगी छत से, फूलों का दरवाज़ा खोलेंगे झट से
डोलेंगे मय की हवा के हाँ झोंके, आँखों को छू लेंगे गर्दन भिगो के
आँगन में बिखरे पड़े होंगे पत्ते, सूखे से नाज़ुक से पीले छिटक के
पाँवों को नंगा जो करके चलेंगे, चरपर की आवाज़ से वो बजेंगे
कोयल कहेगी कि मैं हूँ सहेली, मैना कहेगी नहीं तु अकेली
बत्तख भी चोंचों में हंसती सी होगी, बगुले कहेंगे सुनो अब उठो भी
हम फिर भी होंगे पड़े आँख मूँदें, गलियों की लड़ियाँ दिलों में हाँ गूंधे
भूलेंगे उस पार के उस जहां को, जाती है कोई डगर, जाती है कोई डगर
चाँदी के तारों से रातें बुनेंगे तो चमकीली होगी सहर
उजला ही उजला...

आओगे थक कर जो हाँ साथी मेरे, काँधे पे लूँगी टिका साथी मेरे
बोलोगे तुम जो भी हाँ साथी मेरे, मोती सा लूँगी उठा साथी मेरे
पलकों की कोरों पे आए जो आँसू, मैं क्यूँ डरूँगी बता साथी मेरे
ऊँगली तुम्हारी तो पहले से होगी, गालों पे मेरे तो हाँ साथी मेरे
तुम हँस पड़ोगे तो मैं हँस पडूँगी, तुम रो पड़ोगे तो मैं रो पडूँगी
लेकिन मेरी बात इक याद रखना, मुझको हमेशा ही हाँ साथ रखना
जुड़ती जहाँ ये ज़मीं आसमां से, हद हाँ हमारी शुरू हो वहाँ से
तारों को छू लें ज़रा सा संभल के, उस चाँद पर झट से जाएँ फिसल के
बह जाए दोनों हवा से निकल के, सूरज भी देखे हमें और जल के
होगा नहीं हम पे मालूम साथी, तीनों जहां का असर, तीनों जहां का असर
के राहों को राहें बताएँगे साथी हम, ऐसा हाँ होगा सफ़र
उजला ही उजला...


कोई आ रहा - Koi Aa Raha (Suraj Jagan, Pyar Ka Punchnama)



Movie/Album: प्यार का पंचनामा (2011)
Music By: हितेश सोनिक
Lyrics By: लव रंजन
Performed By: सुरज जगन

इक अजनबी सी प्यास है
ये जो नया एहसास है
कोई आ रहा पास है
कोई आ रहा पास है
इक अजनबी सी प्यास है...

हर सुबह है मखमली, हर शाम रुई सी है
हर दिन गुलाब सा, हर रात सुई सी है
उसमें बात कुछ तो खास है
वो ख़्वाबों की अरदास है
कोई आ रहा पास है...

है हँसी संग उस के, है ख़ुशी संग उस के
उसी के रंगों में डूबे कोई डूबे
है कई रंग उस के
बड़ी खुबसूरत पास है
वो खुशियों का लिबास है
वो बंदगी, वो आस है
कोई आ रहा पास है...


ओ बावरे - O Baanwre (Clinton Cerejo, Pyar Ka Punchnama)



Movie/Album: प्यार का पंचनामा (2011)
Music By: हितेश सोनिक
Lyrics By: लव रंजन
Performed By: क्लींटन सेरेजो

कुछ तो कह रही है ज़िन्दगी
गुमसुम बह रही है ज़िन्दगी
ओ बावरे सुन तो ले
ओ बावरे सुन तो ले ज़रा
ख़्वाबों का ये अजब ताना-बाना
ओ बावरे...

कब तक यूँ ही चला जायेगा
खुद को यूँ ही जला पायेगा
कब तक रहेगा गुमसुम यूँ ही
कब तक खुदी को बहलाएगा
कुछ गुनगुना कोई नयी धुन तो ले ज़रा
ओ बावरे सुन तो ले...

जो बस में था कर लिया
हर राह चल, हर डगर लिया
दो पल ठहर तो ले ज़रा
बहुत रुक लिया, बहुत भर लिया
यादों की राख से फुल तू चुन तो ले ज़रा
ओ बावरे सुन तो ले...


All lyrics are property and copyright of their owners. All the lyrics are provided for educational purposes only. Copyright © Lyrics In Hindi | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com