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तेरे लिए - Tere Liye (Lata Mangeshkar, Roop Kumar Rathod, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर, रूप कुमार राठोड़

तेरे लिए, हम हैं जिये, होठों को सीये
तेरे लिए, हम हैं जिये, हर आँसू पिये
दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दीये
तेरे लिए, तेरे लिए

ज़िंदगी, ले के आई है
बीते दिनों की किताब
घेरे हैं, अब हमें
यादें बे-हिसाब
बिन पूछे, मिले मुझे
कितने सारे जवाब
चाहा था क्या, पाया है क्या
हमने देखिए
दिल में मगर...

क्या कहूँ, दुनिया ने किया
मुझसे कैसा बैर
हुकुम था, मैं जियूं
लेकिन तेरे बगैर
नादां हैं वो, कहते हैं जो
मेरे लिए तुम हो गैर
कितने सितम, हम पे सनम
लोगों ने किए
दिल में मगर...


दो पल - Do Pal (Lata Mangeshkar, Sonu Nigam, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर, सोनू निगम

दो, पल रुका, ख्वाबों का कारवाँ
और फिर, चल दिए, तुम कहाँ, हम कहाँ




दो पल की थी, ये दिलों की दास्ताँ
और फिर, चल दिए, तुम कहाँ, हम कहाँ


तुम थे के थी कोई उजली किरण
तुम थे या कोई कली मुस्काई थी
तुम थे या सपनों का था सावन
तुम थे के खुशियों की घटा छाई थी
तुम थे के था कोई फूल खिला
तुम थे या मिला था मुझे नया जहां
दो पल रुका...

तुम थे या खुशबु हवाओं में थी
तुम थे या रंग सारी दिशाओं में थे
तुम थे या रोशनी राहों में थी
तुम थे या गीत गूँजे फ़िज़ाओं में थे
तुम थे मिले या मिली मंज़िलें
तुम थे के था जादू भरा कोई समां
दो पल रुका...


मैं यहाँ हूँ - Main Yahan Hoon (Udit Narayan, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण

जानम देख लो मिट गयी दूरियाँ
मैं यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ
कैसी सरहदें, कैसी मजबूरियाँमैं यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ

तुम छुपा ना सकोगी मैं वो राज़ हूँ
तुम भूला ना सकोगी वो अंदाज़ हूँ
गूँजता हूँ जो दिल में तो हैरां हो क्यूँ
मैं तुम्हारे ही दिल की तो आवाज़ हूँ
सुन सको, तो सुनो, धड़कनों की ज़बां
मैं यहाँ हूँ...

मैं ही मैं अब तुम्हारे ख़यालों में हूँ
मैं जवाबों में हूँ, मैं सवालों में हूँ
मैं तुम्हारे हर इक ख्वाब में हूँ बसा
मैं तुम्हारी नज़र के उजालों में हूँ
देखती, हो मुझे, देखती हो जहाँ
मैं यहाँ हूँ...


क्यों हवा - Kyon Hawa (Yash Chopra, Sonu Nigam, Lata Mangeshkar, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण

एक दिन जब सवेरे सवेरे
सुरमई से अंधेर की चादर हटा के
एक परबत के तकिये से
सूरज ने सर जो उठाया
तो देखा
दिल की वादी में चाहत का मौसम है
और यादों की डालियों पर
अनगिनत बीते लम्हों की कलियाँ महकने लगी हैं
अनकही, अनसुनी आरज़ू
आधी सोयी हुई, आधी जागी हुई
आँखें मलते हुए देखती है
लहर दर लहर, मौज दर मौज
बहती हुई ज़िन्दगी
जैसे हर एक पल नयी है
और फिर भी वही
हाँ, वही ज़िन्दगी
जिसके दामन में एक मोहब्बत भी है, कोई हसरत भी है
पास आना भी है, दूर जाना भी है
और ये एहसास है
वक़्त झरने सा बहता हुआ, जा रहा है
ये कहता हुवा
दिल की वादी में चाहत का मौसम है
और यादों की डालियों पर
अनगिनत बीते लम्हों की कलियाँ महकने लगी हैं

क्यूँ हवा आज यूँ गा रही है 
क्यूँ फिजा, रंग छलका रही है
मेरे दिल बता आज होना है क्या
चांदनी दिन में क्यूँ छा रही है
ज़िन्दगी किस तरफ जा रही है
मेरे दिल बता क्या है ये सिलसिला
क्यूँ हवा आज यूँ...

जहाँ तक भी जाएँ निगाहें, बरसते हैं जैसे उजाले
सजी आज क्यूँ है ये राहें, खिले फूल क्यूँ हैं निराले
खुश्बूयें, कैसी ये बह रही है
धड़कनें जाने क्या कह रही है
मेरे दिल बता ये कहानी है क्या
क्यूँ हवा आज यूँ...

ये किसका है चेहरा जिससे मैं, हर एक फूल में देखता हूँ
ये किसकी है आवाज़ जिसको, न सुन के भी मैं सुन रहा हूँ
कैसी ये आहटें आ रही हैं, कैसे ये ख्वाब दिखला रही है
मेरे दिल बता कौन है आ रहा
क्यूँ हवा आज यूँ...


ये हम आ गए हैं कहाँ - Ye Hum Aa Gaye Hain Kahan (Udit Narayan, Lata Mangeshkar, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, लता मंगेशकर

लहराती हुई राहें, खोले हुए हैं बाँहें
ये हम आ गए हैं कहाँ
पलकों पे गहरे हलके, है रेशमी धुंधलके
ये हम आ गए हैं कहाँ

वो देखो ज़रा, पर्बतों पे घटायें
हमारी दास्ताँ, हौले से सुनाये
सुनो तो ज़रा, ये फूलों की वादी
हमारी ही कोई, कहानी है सुनाती
सपनों के इस नगर में, यादों की रहगुज़र में
ये हम आ गए हैं कहाँ...

जो राहों में है, रुत ने सोना बिखेरा
सुनहरा हुआ, तेरा-मेरा सवेरा
ज़मीं सो गयी, बर्फ की चादरों में
बस इक आग सी, जलती है दो दिलों में
हवाएँ सनासनाए, बदन काँप जाएँ
ये हम आ गए हैं कहाँ..

ये बरसात भी, कब थामें कौन जाने
तुम्हें मिल गए, प्यार के सौ बहाने
सितारों की है, जैसे बरात आई
हमारे लिए, रात यूँ जगमगाई
सपने भी झिलमिलायें, दिल में दीये जलायें
ये हम आ गए हैं कहाँ...


आवारा भँवरे - Awara Bhanwre (A.R.Rehman, Hema Sardesai)



Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हेमा सरदेसाई, मलेशिया वासुदेवन

आवारा भँवरे जो हौले हौले गाएँ
फूलों के तन पे हवा ये सरसराये
कोयल की कुहू कुहू
पपीहे की पिहू पिहू
जंगल में झींगुर भी छाये जाये
नदियाँ में लहरें आयें
बलखायें छलकी जायें
भीगी होंठों से वो गुनगुनाएं
गाता है साहिल, गाता है बहता पानी
गाता है ये दिल सुन
सा रे गा मा पा धा नि सा रे

रात जो आये तो, सन्नाटा छाये तो
टिक-टिक करे घड़ी सुनो
दूर कहीं गुज़रे, रेल किसी पुल से
गूँजे धड़ाधड़ी सुनो
संगीत है ये, संगीत है
मन का संगीत सुनो
बाहों में लेके बच्चा, माँ जो कोई लोरी गाये
ममता का गीत सुनो
आवारा भँवरे...

भीगे परिन्दे जो, ख़ुद को सुखाने को
पर फड़फड़ाते हैं सुनो
गाय भी, बैल भी, गले में पड़ी घंटी
कैसे बजाते हैं सुनो
संगीत है ये, संगीत है
जीवन संगीत सुनो
बरखा रानी बूँदों की
पायल जो झनकाये
धरती का गीत सुनो
हिलको रे, हिलको रे...
आवारा भँवरे...


चंदा रे चंदा रे - Chanda Re Chanda Re (Hariharan, Sadhna Sargam)



Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन, साधना सरगम

चंदा रे चंदा रे
कभी तो ज़मीं पर आ
बैठेंगे, बातें करेंगे
तुझको आते इधर, लाज आये अगर
ओढ़ के आजा, तू बादल घने

गुलशन-गुलशन, वादी-वादी
बहती है रेशम जैसी हवा
जंगल-जंगल, पर्वत-पर्वत
हैं नींद में सब इक मेरे सिवा
चंदा, चंदा
आजा सपनों की नीली नदिया में नहायें
आजा ये तारे चुनके हम, घार बनाएँ
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे चंदा रे...

चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
झरने क्यों गाते हैं, पंछी क्यों मतवाले
क्यों है सावन महीना घटाओं का
चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले
चंदा, चंदा
तितली के पर क्यों इतने रंगीं होते हैं
जुगनू रातों में जागे, तो कब सोते हैं
इन धुँधली-धुँधली राहों में, आ दोनों ही खो जाएं
चंदा रे, चंदा रे...


जिया लागे ना - Jiya Lage Na (Sona Mohapatra, Ravindra Upadhyay, Talaash)



Movie/Album: तलाश (2012)
Music By: राम संपत
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोना मोहापात्रा, रविन्द्र उपाध्याय

मन तेरा जो रोग है, मोहे समझ ना आये
पास हैं जो सब छोड़ के, दूर को पास बुलाये
जिया लागे ना तुम बिन मोरा

क्या जाने क्यों हैं, क्या जाने कैसी
अनदेखी सी डोर
जो खैंचती है, जो ले चली है
अब यूँ मुझे तेरी ओर

मैं अंजानी, हूँ वो कहानी
होगी ना जो पूरी
पास आओगे, तो पाओगे
फिर भी है इक दूरी
जिया लागे ना...

मन अब तक जो, बूझ ना पाया
तुम वो पहेली हो
कोई ना जाने, क्या वो रहस है
जिसकी सहेली हो

मैं मुस्काऊं, सबसे छुपाऊं
ब्याकुल हूँ दिन रैन
कब से ना आयी, नैनों में निंदिया
मन में ना आया चैन
जिया लागे ना...


मैं कोई ऐसा गीत गाऊँ - Main Koi Aisa Geet Gaoon (Abhijeet, Alka Yagnik, Yes Boss)



Movie/Album: यस बॉस (1997)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अभिजीत, अलका याग्निक

मैं कोई ऐसा गीत गाऊँ
कि आरज़ू जगाऊँ
अगर तुम कहो
तुमको बुलाऊँ
कि पलकें बिछाऊँ
कदम तुम जहाँ-जहाँ रखो
ज़मीं को आसमाँ बनाऊँ
सितारों से सजाऊँ
अगर तुम कहो

मैं तितलियों के पीछे भागूँ
मैं जुगनूओं के पीछे जाऊँ
ये रंग है, वो रोशनी है
तुम्हारे पास दोनों लाऊँ
जितनी खुशबूएँ बाग में मिले
मैं लाऊँ, वहाँ पे, के तुम हो जहाँ
जहाँ पे एक पल भी ठहरूँ
मैं गुलसिताँ बनाऊँ
अगर तुम कहो...

अगर कहो तो मैं सुनाऊँ
तुम्हें हसीं कहानियाँ
सुनोगे क्या मेरी जुबानी
तुम एक परी की दास्ताँ
या मैं करूँ, तुम से बयाँ
कि राजा, से रानी, मिली थी कहाँ
कहानियों के नगर में
तुम्हें ले के जाऊँ
अगर तुम कहो...


एक दिन आप यूँ - Ek Din Aap Yun (Abhijeet, Alka Yagnik, Yes Boss)



Movie/Album: यस बॉस (1997)
Music By: जतिन ललित
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अभिजीत, अलका याग्निक

एक दिन आप यूं हमको मिल जाएंगे
फूल ही फूल राहों में खिल जाएंगे
मैंने सोचा न था
एक दिन ज़िंदगी इतनी होगी हसीं
झूमेगा आसमां, गाएगी ये ज़मीं
मैंने सोचा न था

दिल की डाली में कलियां खिलने लगीं
जब निगाहें निगाहों से मिलनें लगीं
एक दिन इस तरह होश खो जाएंगे
पास आएंगे मदहोश हो जाएंगे
मैंने सोचा न था
एक दिन आप यूं...

जगमगाती सुबह जगमगाती रात है
रात है या सितारों की बारात है
एक दिन दिल की राहों में अपने लिए
जल उठेंगे मोहब्बत के इतने दीये
मैंने सोचा न था
एक दिन आप यूं...


देखो आई होली - Dekho Aayi Holi (Mangal Pandey)



Movie/Album: मंगल पांडे (1973)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: आमिर खान, चिन्मयी, उदित नारायण, मधुश्री, श्रीनिवास

होली है!
होली आई, रंग फूट पड़े
ये छलक छलक, वो ढलक ढलक
फिर बाजे घुँघरू ढोल बड़े

ये छलक छलक, वो धमक धमक
सब निकले हैं पी पी के घड़े
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
छम छम नाचे परियों की धुनें
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक

ये छलक छलक, वो ढलक ढलकये छलक छलक, वो धमक धमक
ये लपक लपक, वो धुमक धुमक
ये थिरक थिरक, वो मटक मटक

देखो आई होली, रंग लायी होली
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल
होली की है घटा, मन झूम उठा
रंग छलके हैं नीले हरे लाल
रंग रेली में रंग खेलूंगी, रंग जाऊँगी
रंग गहरे हैं, अबके साल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...

भीगी चोली चुनरी भी गीली हुई
सजनाजी देखो मैं रंगीली हुई
थोड़ी थोड़ी तू जो नशीली हुई
पतली कमर लचकीली हुई
मन क्यों ना बहके, तन क्यों न दहके
तुम रह रह के, मत फेंको ये नज़रों का जाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
 

देखो आई होली...
आज हुआ एक सा कमाल
रंग ऐसे उड़े देखने में लगे, कोई रंगे हवाओं के बाल

चांदी की थाल से लेके गुलाल
अब राधा से खेलेंगे होली मुरारी
राधा भी नटखट है, पलटी वो झटपट है

मारे कन्हैया को है पिचकारी
देखने वाले तो दंग हुए हैं
के होली में दोनों जो संग हुए हैं
तो राधा काँन्हा एक रंग हुए हैं
कौन है राधा, कौन है काँन्हा
कौन ये समझा, कौन ये जाना

होली में जो सजनी से नयन लड़े

थामी हैं कलाई के बात बढ़े
तीर से जैसे मेरे मन में गड़े

तेरी ये नजरिया जो मुझपे पड़े
जो ये रास रचे, जो ये धूम मचे, कोई कैसे बचे
हमसे पूछो ना तुम ये सवाल
अब हमें कोई रोके नहीं, अब हमें कोई टोके नहीं
अब होने दो हो जो भी हाल
देखो आई होली...



अच्छी लगती हो - Achchhi Lagti Ho (Udit, Kavita, Kuch Naa Kaho)



Movie/Album: कुछ ना कहो (2003)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति

मुझे तुम चुपके चुपके जब ऐसे देखती हो
अच्छी लगती हो
कभी ज़ुल्फ़ों से, कभी आँचल से जब खेलती हो
अच्छी लगती हो
मुझे देख के जब तुम यूँ ठंडी आहें भरते हो
अच्छे लगते हो
मुझको जब लगता है तुम मुझपर ही मरते हो
अच्छे लगते हो

तुममें ऐ मेहरबान, सारी है खूबियाँ
भोलापन सादगी, दिलकशी ताज़गी
दिलकशी तुमसे है, ताज़गी तुमसे है
तुम हुए हमनशी, हो गयी मैं हसीं
रंग तुमसे मिले है सारे
तारीफ़ जो सुनके तुम ऐसे शर्मा जाती हो
अच्छी लगती हो
कभी हँस देती हो और कभी इतरा जाती हो
अच्छी लगती हो
मुझे देख के जब तुम यूँ ठंडी आहें भरते हो
अच्छे लगते हो

खोये से तुम हो क्यों, सोच में गुम हो क्यों
बात जो दिल में हो, कह भी दो, कह भी दो
सोचता हूँ के मैं, क्या पुकारूं तुम्हें
दिलनशीं नाज़नीं, माहरू महज़बीं
ये सब है नाम तुम्हारे
मेरे इतने सारे नाम है, जब तुम ये कहते हो
अच्छे लगते हो
मेरे प्यार में जब तुम खोये खोये से रहते हो
अच्छे लगते हो...


चलते चलते - Chalte Chalte (Abhijeet, Alka Yagnik, Chalte Chalte)



Movie/Album: चलते चलते (2003)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अभिजीत, अलका याग्निक

प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गये
बेवफा हम नहीं, बेवफा तुम नहीं
तो क्यों इतने गिले हो गये
चलते चलते, कैसे ये फासले हो गये
क्या पता कहाँ हम चले

दुनिया जो पूछे तो क्या हम कहें, कोई ये हमको समझायें
ठेस लगी तो पल में टूट गये, शीशे के थे क्या सब वादे
जाता है, कोई क्यों, सपनों को ठुकरा के
पायेगा, ये दिल क्या, किसी को बता के
चलते चलते, राख हम बिन जले हो गये
बुझ गये, दीये प्यार के...

डूब गया है जैसे दर्द में दिल, आँसू भरी है अब आँखें
तनहाईयों की जो रुत आ गई, उजड़ी हुई हैं सब राहें
सोचा था पायेंगे दोनों एक मंज़िल को
राहें जो बदली तो तुम ही बता दो
चलते चलते, गुम कहाँ काफ़िले हो गये
खो गये कहाँ रास्ते...


संदेसे आते हैं - Sandese Aate Hain (Sonu Nigam, Roop Kumar Rathod, Border)



Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, रूप कुमार राठोड़

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

किसी दिलवाली ने, किसी मतवाली ने
हमें खत लिखा है, ये हमसे पूछा है
किसी की साँसों ने, किसी की धड़कन ने
किसी की चूड़ी ने, किसी के कंगन ने
किसी के कजरे ने, किसी के गजरे ने
महकती सुबहों ने, मचलती शामों ने
अकेली रातों में, अधूरी बातों ने
तरसती बाहों ने और पूछा है तरसी निगाहों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये दिल सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

मोहब्बतवालों ने, हमारे यारों ने
हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है
हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने
पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने
खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने
बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने
लचकते झूलों ने, दहकते फूलों ने
चटकती कलियों ने, और पूछा है गाँव की गलियों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन गाँव सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

कभी एक ममता की, प्यार की गंगा की
जो चिट्ठी आती है, साथ वो लाती है
मेरे दिन बचपन के, खेल वो आंगन के
वो साया आंचल का, वो टीका काजल का
वो लोरी रातों में, वो नरमी हाथों में
वो चाहत आँखों में, वो चिंता बातों में
बिगड़ना ऊपर से, मोहब्बत अंदर से, करे वो देवी माँ
यही हर खत में पूछे मेरी माँ
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन आँगन सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

ऐ गुजरने वाली हवा बता
मेरा इतना काम करेगी क्या
मेरे गाँव जा, मेरे दोस्तों को सलाम दे
मेरे गाँव में है जो वो गली
जहाँ रहती है मेरी दिलरुबा
उसे मेरे प्यार का जाम दे
उसे मेरे प्यार का जाम दे

वहीँ थोड़ी दूर है घर मेरा
मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ
मेरी माँ के पैरों को छू के तू, उसे उसके बेटे का नाम दे
ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा
मेरे दोस्तों, मेरी दिलरुबा, मेरी माँ को मेरा पयाम दे
उन्हें जा के तू ये पयाम दे

मैं वापस आऊंगा, घर अपने गाँव में
उसी की छांव में, कि माँ के आँचल से
गाँव की पीपल से, किसी के काजल से
किया जो वादा था वो निभाऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा...


सागर जैसी आँखों वाली - Saagar Jaisi Aankhon Waali (Kishore Kumar, Saagar)



Movie/Album: सागर (1985)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: किशोर कुमार

हो, चेहरा है या चाँद खिला है
ज़ुल्फ़ घनेरी शाम है क्या
सागर जैसी आँखों वाली
ये तो बता तेरा नाम है क्या

तू क्या जाने तेरी खातिर, कितना है बेताब ये दिल
तू क्या जाने देख रहा है, कैसे कैसे ख्वाब ये दिल
दिल कहता है तू है यहाँ तो, जाता लम्हा थम जाए
वक़्त का दरिया बहते बहते, इस मंज़र में जम जाए
तूने दीवाना दिल को बनाया, इस दिल पर इल्ज़ाम है क्या
सागर जैसी आँखों वाली...

हो आज मैं तुझसे दूर सही, और तू मुझसे अंजान सही
तेरा साथ नहीं पाऊं तो, खैर तेरा अरमान सही
ये अरमां है शोर नहीं हो, खामोशी के मेले हों
इस दुनिया में कोई नहीं हो, हम दोनों ही अकेले हों
तेरे सपने देख रहा हूँ, और मेरा अब काम है क्या
सागर जैसी आँखों वाली...


सागर किनारे - Saagar Kinaare (Kishore Kumar, Lata Mangeshkar, Saagar)



Movie/Album: सागर (1985)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

सागर किनारे, दिल ये पुकारे
तू जो नहीं तो मेरा कोई नहीं है

जागे नज़ारे, जागी हवायें
जब प्यार जागा, जागी फिज़ायें
पल भर तो दिल की दुनियाँ सोयी नहीं है
सागर किनारे...

लहरों पे नाचे, किरनों की परियाँ
मैं खोयी जैसे, सागर में नदिया
तू ही अकेली तो खोयी नहीं है
सागर किनारे...


प्यार हुआ चुपके से - Pyar Hua Chupke Se (Kavita Krishnamurthy, 1942 A Love Story)



Movie/Album: 1942 अ लव स्टोरी (1993)
Music By: आर. डी. बर्मन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति

दिल ने कहा चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से
क्यों नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से

तितलीयों से सुना, मैंने किस्सा बाग़ का
बाग़ में थी इक कली, शर्मीली अनछूई
एक दिन मनचला भँवरा आ गया
खिल उठी वो कली, पाया रूप नया
पूछती थी कली, ये मूझे क्या हुआ
फूल हँसा चुपके से
प्यार हुआ चुपके से...

मैंने बादल से कभी, ये कहानी थी सुनी
परबतों की इक नदी, मिलने सागर से चली
झूमती, घूमती, नाचती, डोलती
खो गयी अपने सागर में जा के नदी
देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
चाँद खिला चुपके से
प्यार हुआ चुपके से...


रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम - Rimjhim Rimjhim Rumjhum Rumjhum (Kumar, Kavita)



Movie/Album: 1942 अ लव स्टोरी (1993)
Music By: आर. डी. बर्मन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कुमार सानु, कविता कृष्णमूर्ति

रिमझिम रिमझिम, रुमझूम रुमझूम
भीगी भीगी रुत में, तुम हम, हम तुम
चलते हैं, चलते हैं
बजता है जलतरंग, टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदो की ये झड़ी, लाई है वो घड़ी
जिसके लिए हम तरसे

बादल की चादरे, ओढ़े हैं वादियाँ, सारी दिशाएँ सोयी हैं
सपनों के गाँव में, भीगी सी छाँव में, दो आत्माएँ खोई हैं
रिमझिम रिमझिम...

आयी है देखने, झीलों के आईने, बालों को खोले घटाएं
राहे धुआँ-धुआँ, जायेंगे हम कहाँ, आओ यहीं रह जाएँ
रिमझिम रिमझिम...


धीमी धीमी - Dheemi Dheemi (Hariharan, 1947 Earth)



Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: हरिहरन

धीमी धीमी, भीनी भीनी
खुशबू है तेरा बदन
सुलगे महके पिघले दहके
क्यों ना बहके मेरा मन
वो चली हवा, के नशा घुला
हैं समा भी जैसे धुआँ-धुआँ
तेरा रुप है, की ये धूप है
खुले बाल है, के है बदलियाँ
तू जो पास है, मुझे प्यास है
तेरे जिस्म का एहसास है

सांस भी जैसे रुक सी जाती है
तू जो पास आये तो आँच आती है
दिल की धड़कन भी, मेरे सीने में लडखडाती है
ये तेरा तन बदन, कैसी है ये अगन
ठंडक है जिस्म तू वो आग है
बलखाती है जो तू, लहराती है जो तू
लगता है ये बदन, इक राग है
वो चली हवा...


ये जो ज़िन्दगी है - Ye Jo Zindagi Hai (Sukhwinder, Sujata, Srinivas, 1947 Earth)



Movie/Album: 1947 अर्थ (1999)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सुखविंदर सिंह, सुजाता त्रिवेदी, श्रीनिवास

जो अफ़साने दिल ने बुने
उनको कोई दिल ही सुने
हम हौले हौले प्यार की धुंधली फ़िज़ाओं में आये
गहरे गहरे हैं ख़्वाब की नीली घटाओं के साये
हम-तुम दोनों खोये खोये, सपने देखें जागे सोये
गुमसुम हैराँ

ये जो ज़िन्दगी है कोई दास्ताँ है
कब होगा क्या ये खबर कहाँ है
ये जो ज़िन्दगी है कोई कारवाँ है
कहाँ जायेगी ये खबर कहाँ है

सुजाता
बहती हैं चिंगारियाँ जैसे, सर से पाँव तक नस नस में
हल्का हल्का होश है लेकिन, कुछ भी नहीं अब मेरे बस में
मेरे अंग अंग में बेचैनी बिजली बनके लहराये
एक मीठे मीठे दर्द का बादल तन मन पर छाये
साँसें उलझे धड़के ये दिल, जाने कैसे मेरी मुश्किल
होगी आसाँ
ये जो ज़िंदगी है कोई दास्ताँ है...

सुखविंदर
अरे काश मेरी इन आँखों की अब रोशनी बुझ जाये
मैंने देखा था जो ख़्वाब वो मुझको न कभी याद आये
ऐसे बरसे ग़म के तीशे, टूटे दिल के सारे शीशे
दिल है वीराँ
ये जो ज़िंदगी है...


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