Kavi Pradeep लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Kavi Pradeep लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

ऐ मेरे वतन के लोगों - Aye Mere Watan Ke Logon (Lata Mangeshkar)



Movie/Album: एकल गीत (1963)
Music By:
सी.रामचंद्र
Lyrics By: कवि प्रदीप
Performed By: लता मंगेशकर

ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सबका, लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर, वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो, कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर न आये, जो लौट के घर न आये

ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय, ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी साँस लड़े वो, फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा, सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

कोई सिख, कोई जाट-मराठा, कोई गुरखा, कोई मद्रासी
सरहद पर मरने वाला, हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर, वो खून था हिन्दुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

थी खून से लथपथ काया, फिर भी बंदुक उठा के
दस-दस को एक ने मारा, फिर गिर गये होश गँवा के
जब अंत समय आया तो, कह गये के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों, अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने, क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी
जय हिंद, जय हिंद की सेना
जय हिंद, जय हिंद की सेना


ऊपर गगन विशाल - Upar Gagan Vishal (Manna Dey, Mashaal)



Movie/Album: मशाल (1950)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: कवि प्रदीप
Performed By: मन्ना डे

ऊपर गगन विशाल
नीचे गहरा पाताल
बीच में धरती वाह मेरे मालिक
तूने किया कमाल
अरे वाह मेरे मालिक
क्या तेरी लीला
तूने किया कमाल
ऊपर गगन विशाल...

एक फूँक से रच दिया तूने
सूरज अगन का गोला
एक फूँक से रचा चन्द्रमा
लाखों सितारों का टोला
तूने रच दिया पवन झखोला
ये पानी और ये शोला
ये बादल का उड़न खटोला
जिसे देख हमारा मन डोला
सोच-सोच हम करें अचम्भा
नज़र न आता एक भी खम्बा
फिर भी ये आकाश खड़ा है
हुए करोड़ों साल मालिक
तूने किया कमाल
ऊपर गगन विशाल...

तूने रचा एक अद्भुत प्राणी
जिसका नाम इंसान
जिसकी नन्हीं जान के भीतर
भरा हुआ तूफ़ान
इस जग में इनसान के दिल को
कौन सका पहचान
इसमें ही शैतान बसा है
इसमें ही भगवान
बड़ा ग़ज़ब का है ये खिलौना
इसकी नहीं मिसाल
मालिक तूने किया कमाल
ऊपर गगन विशाल...

चारों तरफ इक इंद्रजाल सा
तूने रचा विधाता
तू हम सबके बीच बसा है
फिर क्यूँ नज़र न आता
पत्ता-पत्ता लता लता
पूछ रहे सब तेरा पता
कहाँ छुपा है ये तो बता
सामने आजा, अब न सता
एक बार तो झलक दिखा जा
कर जा हमें निहाल
मालिक तूने किया कमाल
ऊपर गगन विशाल...


All lyrics are property and copyright of their owners. All the lyrics are provided for educational purposes only. Copyright © Lyrics In Hindi | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com