Khayyam लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Khayyam लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

चंदा रे मेरे भईया से - Chanda Re Mere Bhaiya Se (Lata Mangeshkar, Chambal Ki Kassam)



Movie/Album: चम्बल की कसम (1980)
Music By: खय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

चंदा रे मेरे भईया से कहना
बहना याद करे
चँदा रे मेरे भईया...

क्या बतलाऊँ कैसा है वो
बिलकुल तेरे जैसा है वो
तू उसको पहचान ही लेगा
देखेगा तो जान ही लेगा
तू सारे सँसार में चमके
हर बस्ती हर गाँव में दमके
कहना अब घर वापस आ जा
तू है घर का गहना
बहना याद करे
चंदा रे...

राखी के धागे सबलाएँ
कहना अब न राह दिखाए
माँ के नाम की कसमें देना
भेंट मेरी के रसमें देना
पूछना उस रूठे भाई से
भूल हुई क्या माँ-जाई से
बहन पराया धन है कहना
उस संग सदा नहीं रहना
बहना याद करे
चंदा रे मेरे भईया...


कभी कभी मेरे दिल में - Kabhi Kabhi Mere Dil Mein (Mukesh, Kabhie Kabhie)



Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिये
तू अब से पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिये
कभी कभी मेरे दिल में...

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के ये बदन, ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी ख़ातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में...

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाइयां सी राहों में
सुहाग रात है, घूँघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है, तू शरमा के अपनी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में...

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ़ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ के तू ग़ैर है, मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में...


मैं पल दो पल का - Main Pal Do Pal Ka (Mukesh, Kabhie Kabhie)



Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश

मैं पल दो पल का शायर हूँ
पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है
पल दो पल मेरी जवानी है
मैं पल दो पल का...

मुझसे पहले कितने शायर
आए और आकर चले गए
कुछ आहें भर कर लौट गए
कुछ नग़मे गाकर चले गए
वो भी एक पल का किस्सा थे
मैं भी एक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा
वो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ
मैं पल दो पल का...

कल और आएंगे नग़मों की
खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले
तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे
क्यूँ कोई मुझको याद करे
मसरूफ़ ज़माना मेरे लिये
क्यूँ वक़्त अपना बरबाद करे
मैं पल दो पल का...


तेरे चेहरे से नज़र नहीं - Tere Chehre Se Nazar Nahin (Kishore, Lata, Kabhie Kabhie)



Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती
नज़ारे हम क्या देखें
तुझे मिलके भी प्यास नहीं घटती
नज़ारे हम क्या देखें

पिघले बदन तेरी तपती निगाहों से
शोलों की आँच आए बर्फ़ीली राहों से
लगे कदमों से आग लिपटती
नज़ारे हम क्या देखें...

रंगों की बरखा है खुशबू का साथ है
किसको पता है अब दिन है कि रात है
लगे दुनिया ही आज सिमटती
नज़ारे हम क्या देखें...

पलकों पे फैला तेरी पलकों का साया है
चेहरे ने तेरे मेरा चेहरा छुपाया है
तेरे जलवों की धुँध नहीं छँटती
नज़ारे हम क्या देखें...


आवाज़ दो हम एक हैं - Awaaz Do Hum Ek Hain (Md.Rafi, Patriotic Song)



Music By: खैय्याम
Lyrics By:
जाँ निसार अख्तर
Performed By: मो.रफ़ी

एक है अपनी ज़मीं, एक है अपना गगन
एक है अपना जहां, एक है अपना वतन
अपने सभी सुख एक हैं, अपने सभी ग़म एक हैं
आवाज़ दो, आवाज़ दो हम एक हैं, हम एक हैं

ये वक़्त खोने का नहीं, ये वक़्त सोने का नहीं
जागो वतन ख़तरे में है, सारा चमन खतरे में है
फूलों के चेहरे ज़र्द हैं, ज़ुल्फ़ें फ़िज़ा की गर्द हैं
उमड़ा हुआ तूफ़ान है, नरगे में हिन्दुस्तान है
दुश्मन से नफ़रत फ़र्ज़ है, घर की हिफ़ाज़त फ़र्ज़ है
बेदार हो, बेदार हो, आमादा-ए-पैकार हो
आवाज़ दो हम एक हैं...

ये है हिमाला की ज़मीं, ताज-ओ-अजंता की ज़मीं
संगम हमारी आन है, चित्तौड़ अपनी शान है
गुल्मर्ग का महका चमन, जमुना का तट, गोकुल का बन
गंगा के धारे अपने हैं, ये सब हमारे अपने हैं
कह दो कोई दुश्मन नज़र, उठे न भूले से इधर
कह दो के हम बेदार हैं, कह दो के हम तैयार हैं
आवाज़ दो हम एक हैं...

उठो जवानां-ए-वतन, बाँधे हुए सर से कफ़न
उठो दकन की ओर से, गंग-ओ-जमन की ओर से
पंजाब के दिल से उठो, सतलुज के साहिल से उठो
महाराष्ट्र की खाक से, दिल्ली की अर्ज़-ए-पाक से
बंगाल से गुजरात से, कश्मीर के बागात से
नेफ़ा से, राजस्थान से, कुल खाके हिन्दोस्तान से
आवाज़ दो हम एक हैं...


जिस प्यार में ये हाल हो - Jis Pyar Mein Ye Haal Ho (Md.Rafi, Mukesh, Phir Subah Hogi)



Movie/Album: फिर सुबह होगी (1958)
Music By:
खय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, मुकेश

फिरते थे जो बड़े ही सिकंदर बने हुये
बैठे हैं उनके दर पे कबूतर बने हुये
जिस प्यार में ये हाल हो, उस प्यार से तौबा
तौबा, उस प्यार से तौबा
जो बोर करे यार को, उस यार से तौबा
तौबा, उस यार से तौबा

हमने भी ये सोचा था कभी प्यार करेंगे
छुप-छुप के किसी शोख हसीना पे मरेंगे
देखा जो अज़ीज़ों को मुहब्बत में तड़पते
दिल कहने लगा, हम तो मुहब्बत से डरेंगे
इन नरगिसी आँखों के छुपे वार से तौबा
जो बोर करे यार को उस यार से तौबा
तौबा, उस यार से तौबा...

तुम जैसों की नज़रें न हसीनों से लड़ेंगीं
ग़र लड़ भी गईं, अपने ही क़दमों पे गड़ेंगीं
भूले से किसी शोख पे दिल फ़ेंक न देना
झड़ जायेंगे सब बाल वो बेभाव पड़ेंगीं
तुम जैसों को जो पड़ती है
उस मार से तौबा, तौबा, उस मार से तौबा
जिस प्यार में ये हाल हो...

दिल जिनका जवाँ है वो सदा इश्क़ करेंगे
जो इश्क़ करेंगे वो सदा, हाय आह भरेंगे
जो दूर से देखेंगे, वो जल-जल के मरेंगे
जल-जल के मरेंगे तो कोई फ़िक्र नहीं है
माशूक़ के क़दमों पे मगर सर न धरेंगे
सरकार से तौबा, मेरी, सरकार से तौबा
जिस प्यार में ये हाल हो...


मौसम मौसम लवली मौसम - Mausam Mausam Lovely Mausam (Sulakshana, Anwar, Thodi Si Bewafai)



Movie/Album: थोड़ी सी बेवफाई (1980)
Music By: खय्याम
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: सुलक्षणा पंडित, अनवर

मौसम मौसम लवली मौसम
कसक अंजानी है मद्धम मद्धम
चलो घुल जाएँ मौसम में हम
मौसम मौसम लवली मौसम...

हवा के झोंकों मे तेरी खुश्बू सी है
बेवजह लगता है कोई खुशखबरी है
मौसम मौसम लवली मौसम...

कली के होठों पे मुस्कुराहट सी है
कहो तो सुनती है, सुनो तो कहती है
मौसम मौसम लवली मौसम...

न जाने ऐसे में क्यों बदन जलते हैं
ज़मीं पे उड़ते हैं, हवा में चलते हैं
मौसम मौसम लवली मौसम...


तुम अपना रंज-ओ-ग़म - Tum Apna Ranj-o-Gham (Jagjit Kaur, Shagoon)



Movie/Album: शगुन (1964)
Music By: खय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: जगजीत कौर

तुम अपना रंज-ओ-ग़म, अपनी परेशानी मुझे दे दो
तुम्हें ग़म की कसम, इस दिल की वीरानी मुझे दे दो

ये माना मैं किसी क़ाबिल नहीं हूँ इन निगाहों में
बुरा क्या है अगर, ये दुःख ये हैरानी मुझे दे दो

मैं देखूँ तो सही दुनियाँ तुम्हें कैसे सताती है
कोई दिन के लिये अपनी निगेहबानी मुझे दे दो

वो दिल जो मैंने माँगा था मगर गैरों ने पाया था
बड़ी शय है अगर उसकी पशेमानी मुझे दे दो



कहीं एक मासूम नाज़ुक - Kahin Ek Masoom Nazuk (Md.Rafi, Shankar Hussain)



Movie/Album: शंकर हुसैन (1977)
Music By: खय्याम
Lyrics By: कमाल अमरोही
Performed By: मो.रफ़ी

कहीं एक मासूम नाज़ुक सी लड़की
बहुत खूबसूरत मगर साँवली सी

मुझे अपने ख़्वाबों की बाहों में पाकर
कभी नींद में मुस्कुराती तो होगी
उसी नींद में कसमसा-कसमसाकर
सरहने से तकिये गिराती तो होगी
कहीं एक मासूम नाज़ुक...

वही ख़्वाब दिन के मुंडेरों पे आ के
उसे मन ही मन में लुभाते तो होंगे
कई साज़ सीने की खामोशियों में
मेरी याद में झनझनाते तो होंगे
वो बेसाख्ता धीमे-धीमे सुरों में
मेरी धुन में कुछ गुनगुनाती तो होगी
कहीं एक मासूम नाज़ुक...

चलो खत लिखें जी में आता तो होगा
मगर उंगलियाँ कँपकँपाती तो होंगी
कलम हाथ से छूट जाता तो होगा
उमंगें कलम फिर उठाती तो होंगी
मेरा नाम अपनी किताबों पे लिखकर
वो दाँतों में उँगली दबाती तो होगी
कहीं एक मासूम नाज़ुक...

ज़ुबाँ से कभी उफ़ निकलती तो होगी
बदन धीमे-धीमे सुलगता तो होगा
कहीं के कहीं पाँव पड़ते तो होंगे
ज़मीं पर दुपट्टा लटकता तो होगा
कभी सुबह को शाम कहती तो होगी
कभी रात को दिन बताती तो होगी
कहीं एक मासूम नाज़ुक...


ये मुलाकात एक बहाना है - Yeh Mulaqat Ek Bahana Hai (Lata Mangeshkar, Khandaan)



Movie/Album: खानदान (1979)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: नक्श ल्यालपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

ये मुलाकात एक बहाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाकात एक...

धड़कनें धड़कनों में खो जाएँ
दिल को दिल के करीब लाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाकात एक...

मैं हूँ अपने सनम की बाहों में
मेरे कदमों तले ज़माना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाकात एक...

ख़्वाब तो काँच से भी नाज़ुक हैं
टूटने से इन्हें बचाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाकात एक...

मन मेरा प्यार का शिवाला है
आपको देवता बनाना है
प्यार का सिलसिला पुराना है
ये मुलाकात एक...


आज बिछड़े हैं - Aaj Bichhde Hain (Bhupinder Singh, Thodi Si Bewafai)



Movie/Album: थोड़ी सी बेवफाई (1980)
Music By: खय्याम
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: भूपिंदर सिंह

आज बिछड़े हैं, कल का डर भी नहीं
ज़िन्दगी इतनी मुख्तसर भी नहीं
आज बिछड़े हैं...

ज़ख्म दिखते नहीं अभी लेकिन
ठंडे होंगे तो दर्द निकलेगा
तैश उतरेगा वक्त का जब भी
चेहरा अन्दर से ज़र्द निकलेगा
आज बिछड़े हैं...

कहने वालों का कुछ नहीं जाता
सहने वाले कमाल करते हैं
कौन ढूँढे जवाब दर्दों के
लोग तो बस सवाल करते हैं
आज बिछड़े हैं...

कल जो आयेगा जाने क्या होगा
बीत जाए जो कल नहीं आते
वक़्त की शाख तोड़ने वालों
टूटी शाखों पे फल नहीं आते
आज बिछड़े हैं...

कच्ची मिट्टी है दिल भी, इंसां भी
देखने ही में सख़्त लगता है
आँसू पोंछे तो आँसुओं के निशाँ
खुश्क होने में वक़्त लगता है
आज बिछड़े हैं...


बरसे फुहार - Barse Phuhar (Asha Bhosle, Thodi Si Bewafai)



Movie/Album: थोड़ी सी बेवफाई (1980)
Music By: खय्याम
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: आशा भोंसले

बरसे फुहार, बरसे फुहार
काँच की बूँदें बरसे जैसे
बरसे फुहार...

हीरों के हार पहने फुहार फूले रे
रेशम के तार ले के बहार झूले रे
कोई अगर जो आए नज़र
तो कहना रे कहना रे कहना
बरसे फुहार...

पाजी है पाजी ठंडी हवा जी सावन की
अग्नि लगा के गेली घटा जी सावन की
कोई अगर जो आए नज़र तो
कहना रे कहना रे कहना
बरसे फुहार...

मीठा सा शोर दिल से कुछ और आता है
कहते हैं लोग सावन में बोर आता है
कोई अगर जो आए नज़र तो
कहना रे कहना रे कहना
बरसे फुहार...


जब कोई ख्वाब - Jab Koi Khwab (Asha Bhosle, Ahista Ahista)



Movie/Album: आहिस्ता आहिस्ता (1981)
Music By: खय्याम
Lyrics By: निदा फाज़ली
Performed By: आशा भोंसले

जब कोई ख्वाब चमकता है हकीकत बन के
कोई किस्मत से चला आता है किस्मत बन के
जब कोई ख्वाब...

जब किसी माँग में सिंदूर भरा जाता है
आसमाँ अपनी बुलंदी से उतर आता है
एक हो जाते हैं दो नाम मोहब्बत बन के
कोई किस्मत से...

आज की रात है घूँघट में लजाने वाली
चूड़ियों वाली तमन्नाएँ जगाने वाली
ये हसीं रात मिली है तुझे चाहत बन के
कोई किस्मत से...


कभी किसी को मुकम्मल - Kabhi Kisi Ko Mukammal (Bhupinder Singh, Asha Bhosle, Ahista Ahista)



Movie/Album: आहिस्ता आहिस्ता (1981)
Music By: खय्याम
Lyrics By: निदा फाज़ली
Performed By: भूपिंदर सिंह, आशा भोंसले

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता
कहीं ज़मीं तो कहीं आसमाँ नहीं मिलता
कभी किसी को मुकम्मल...

जिसे भी देखिए वो अपने आप में गुम है
ज़ुबाँ मिली है मगर हमज़ुबाँ नहीं मिलता
कभी किसी को मुकम्मल...

बुझा सका है भला कौन वक़्त के शोले
ये ऐसी आग है जिसमें धुआँ नहीं मिलता
कभी किसी को मुकम्मल...

तेरे जहान में ऐसा नहीं के प्यार ना हो
जहाँ उम्मीद हो इसकी वहाँ नहीं मिलता
कभी किसी को मुकम्मल...


शाम-ए-ग़म की कसम - Shaam-e-Gham Ki Kasam (Talat Mahmood, Footpath)



Movie/Album: फुटपाथ (1953)
Music By: खय्याम
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: तलत महमूद

शाम-ए-ग़म की कसम
आज ग़मगीं हैं हम
आ भी जा, आ भी जा, आज मेरे सनम
शाम-ए-ग़म की कसम

दिल परेशान है, रात वीरान है
देख जा, किस तरह आज तन्हाँ हैं हम
शाम-ए-ग़म की कसम

चैन कैसा जो पहलू में तू ही नहीं
मार डाले न दर्द-ए-जुदाई कहीं
रुत हसीं  है तो क्या, चांदनी है तो क्या
चांदनी ज़ुल्म है और जुदाई सितम
शाम-ए-ग़म की कसम...

अब तो आजा के अब रात भी सो गई
ज़िन्दगी ग़म के सहराओं में खो गई
ढूंढती है नज़र, तू कहाँ है मगर
देखते देखते आया आँखों में दम
शाम-ए-ग़म की कसम...


माना तेरी नज़र में - Mana Teri Nazar Mein (Sulakshna Pandit, Ahista Ahista)



Movie/Album: आहिस्ता आहिस्ता (1981)
Music By: खय्याम
Lyrics By: नक्श ल्यालपुरी
Performed By: सुलक्षणा पंडित

माना तेरी नज़र में तेरा प्यार हम नहीं
कैसे कहें के तेरे तलबगार हम नहीं
माना तेरी नज़र में...

तन को जला के राख बनाया, बिछा दिया
लो अब तुम्हारी राह में दीवार हम नहीं
माना तेरी नज़र में...

जिसको निखारा हमने तमन्ना के खून से
गुलशन में उस बहार के हकदार हम नहीं
माना तेरी नज़र में...

धोखा दिया है खुद को मोहब्बत के नाम पर
ये किस तरह कहें के गुनहगार हम नहीं
माना तेरी नज़र में...


All lyrics are property and copyright of their owners. All the lyrics are provided for educational purposes only. Copyright © Lyrics In Hindi | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com