Lalit Sen लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Lalit Sen लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

उसकी गली में फिर मुझे - Uski Gali Mein Phir Mujhe (Chandan Dass, Deewangee)



Movie/Album: दीवानगी (1992)
Music By: ललित सेन
Lyrics By: शाहिद कबीर
Performed By: चन्दन दास

उसकी गली में फिर मुझे एक बार ले चलो
मजबूर करके मुझे मेरे यार ले चलो

शायद ये मेरा वहम हो, मेरा ख्याल हो
मुमकिन है मेरे बाद उसे, मेरा मलाल हो
पछता रहा हो अब मुझे, दर से उठा के वो
बैठा हो मेरी राह में, आँखें बिछा के वो
उसने भी तो किया था मुझे प्यार ले चलो, ले चलो
उसकी गली में फ़िर मुझे...

दिवाना कह के लोगों ने हर बात टाल दी
दुनिया ने मेरे पाँव में ज़ंजीर डाल दी
चाहो जो तुम तो मेरा मुक़द्दर संवार लो
यारों ये मेरे पाँव की बेड़ी उतार दो
उसने किया है मिलने का इक़रार, ले चलो, ले चलो
उसकी गली में फ़िर मुझे...


हर एक घर में दीया - Har Ek Ghar Mein Diya (Jagjit Singh, Dhoop)



Movie/Album: धूप (2003)
Music By: ललित सेन
Lyrics By: निदा फ़ाज़ली
Performed By: जगजीत सिंह

हर एक घर में दीया भी जले, अनाज भी हो
अगर ना हो कहीं ऐसा तो एहतजाज भी हो
हर एक घर में..

हुकूमतों को बदलना तो कुछ मुहाल नहीं
हुकूमतें जो बदलता है वो समाज भी हो
अगर ना हो कहीं ऐसा तो एहतजाज भी हो
हर एक घर में...

रहेगी कब तलक वादों में कैद खुशहाली
हर एक बार ही कल क्यों, कभी तो आज भी हो
अगर ना हो कहीं ऐसा तो एहतजाज भी हो
हर एक घर में...

ना करते शोर शराबा तो और क्या करते
तुम्हारे शहर में कुछ और काम-काज भी हो
अगर ना हो कहीं ऐसा तो एहतजाज भी हो
हर एक घर में...


All lyrics are property and copyright of their owners. All the lyrics are provided for educational purposes only. Copyright © Lyrics In Hindi | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com