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रंग-बिरंगी राखी लेके - Rang Birangi Rakhi Lekar (Lata Mangeshkar, Anpadh)



Movie/Album: अनपढ़ (1962)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर

रंग-बिरंगी राखी लेके आई बहना
राखी बँधवा ले मेरे वीर

मैं ना चाँदी, ना सोने के हार माँगूँ
अपने भईया का थोड़ा सा प्यार माँगूँ
थोड़ा सा प्यार माँगूँ, सोना हज़ार माँगूँ
इस राखी में प्यार छुपा ले लाई बहना
राखी बँधवाले मेरे वीर...

नीले अम्बर से तारे उतार लाऊँ
या मैं चँदा की किरणों के हार लाऊँ
किरणों के हार लाऊँ, हँस के बहार लाऊँ
प्यार के बदले बन बन के लहराई बहना
राखी बँधवाले मेरे वीर...

कभी भईया ये बहना न पास होगी
कहीं परदेस बैठी उदास होगी
बहना उदास होगी, मिलने की आस होगी
जाने कौन बिछड़ जाए कब भाई-बहना
राखी बँधवाले मेरे वीर...


आई दिवाली आई कैसे उजाले लाई - Aayi Diwali Aayi Kaise Ujaale Laayi (Asha Bhosle)



Movie/Album: खजांची (1951)
Music By:
मदन मोहन
Lyrics By:
राजिंदर कृष्ण
Performed By: आशा भोंसले

आई दिवाली आई, कैसे उजाले लायी
घर-घर खुशियों के दीप जले

सूरज को शरमाये ये, चरागों की क़तारें
रोज़ रोज़ कब आती हैं, उजाले की ये बहारें
आरी सखी. आरी सखीआज रात सखी बालम से
दिल जीते या दिल हारे
आई दिवाली आई...

रह-रह के फूटी फुलझड़ियाँ, लागे मेले रंगों के
कदम-कदम पे तीर चले हैं, जागे भाग पतंगों के
आरी सखी, आरी सखीआज रात को खुल के खेलें
हम भी खेल उमंगों के
आई दिवाली आई...


आई अब की साल दिवाली - Aayi Ab Ki Saal Diwali (Lata Mangeshkar, Haqeeqat)



Movie/Album: हकीकत (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर

आई अब की साल दिवाली
मुंह पर अपने खून मले
चारों तरफ है घोर अंधेरा
घर में कैसे दीप जले
आई अब की साल दिवाली...

बालक तरसे फुलझड़ियों को, दीपों को दीवारें
माँ की गोदी सूनी सूनी, आँगन कैसे संवारे
राह में उनकी जाओ उजालों
बन में जिनकी शाम ढले
आई अब की साल दिवाली...

जिनके दम से जगमग जगमग करती थी ये रातें
चोरी चोरी हो जाती थी मन से मन की बातें
छोड़ चले वो घर में अमावस
ज्योति लेकर साथ चले
आई अब की साल दिवाली...

टप-टप टप-टप टपके आंसू, छलकी खाली थाली
जाने क्या क्या समझाती है आँखों की ये लाली
शोर मचा है आग लगी है
कटते हैं पर्वत पे गले
आई अब की साल दिवाली...


ये माना मेरी जाँ - Ye Maana Meri Jaan (Md.Rafi, Hanste Zakhm)



Movie/Album: हँसते ज़ख्म (1973)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: मो.रफ़ी

तौबा तौबा ये जवानी का गुरूर
इश्क के सामने फिर भी सर झुकाना ही पड़ा
कैसे कहते थे न आएँगे
मगर दिल ने इस तरह पुकारा
तुम्हें आना ही पड़ा

ये माना मेरी जाँ मोहब्बत सजा है
मज़ा इसमें इतना मगर किसलिए है
वो इक बेकरारी जो अब तक इधर थी
वो ही बेकरारी उधर किसलिए है
अभी तक तो इधर थी उधर किसलिए है

बहलना न जाने, बदलना न जाने
तमन्ना मचल के संभालना न जाने
करीब और आओ, कदम तो बढ़ाओ
झुका दूं न मैं सर तो, सर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...

नज़ारे भी देखे, इशारे भी देखे
कई खूबसूरत सहारे भी देखे
नाम क्या चीज़ है, इज्ज़त क्या है
सोने चांदी की हकीकत क्या है
लाख बहलाए कोई दौलत से
प्यार के सामने दौलत क्या है
जो मैखाने जा के, मैं सागर उठाऊं
तो फिर ये नशीली नज़र किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...

तुम्हीं ने संवारा, तुम्हीं ने सजाया
मेरे सूने दिल को तुम्हीं ने बसाया
जिस चमन से भी तुम गुजार जाओ
हर कली पर निखार आ जाये
रूठो जाओ तो रूठ जाये खुदा
और जो हँस दो, बहार आ जाये
तुम्हारे कदम से है घर में उजाला
अगर तुम नहीं तो ये घर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...


आज सोचा तो आँसू भर आए - Aaj Socha To Aansoo Bhar Aaye (Lata Mangeshkar, Hanste Zakhm)



Movie/Album: हँसते ज़ख्म (1973)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर

आज सोचा तो आंसू भर आए
मुद्दतें हों गई मुस्कुराये

हर कदम पर उधर मुड़कर देखा
उनकी महफिल से हम उठ तो आए
आज सोचा तो आंसू...

रह गई ज़िन्दगी दर्द बन के
दर्द दिल में छुपाये छुपाये
आज सोचा तो आंसू...

दिल की नाज़ुक रगें टूटती हैं
याद इतना भी कोई न आए
आज सोचा तो आंसू...


तेरे लिए - Tere Liye (Lata Mangeshkar, Roop Kumar Rathod, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर, रूप कुमार राठोड़

तेरे लिए, हम हैं जिये, होठों को सीये
तेरे लिए, हम हैं जिये, हर आँसू पिये
दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दीये
तेरे लिए, तेरे लिए

ज़िंदगी, ले के आई है
बीते दिनों की किताब
घेरे हैं, अब हमें
यादें बे-हिसाब
बिन पूछे, मिले मुझे
कितने सारे जवाब
चाहा था क्या, पाया है क्या
हमने देखिए
दिल में मगर...

क्या कहूँ, दुनिया ने किया
मुझसे कैसा बैर
हुकुम था, मैं जियूं
लेकिन तेरे बगैर
नादां हैं वो, कहते हैं जो
मेरे लिए तुम हो गैर
कितने सितम, हम पे सनम
लोगों ने किए
दिल में मगर...


दो पल - Do Pal (Lata Mangeshkar, Sonu Nigam, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर, सोनू निगम

दो, पल रुका, ख्वाबों का कारवाँ
और फिर, चल दिए, तुम कहाँ, हम कहाँ




दो पल की थी, ये दिलों की दास्ताँ
और फिर, चल दिए, तुम कहाँ, हम कहाँ


तुम थे के थी कोई उजली किरण
तुम थे या कोई कली मुस्काई थी
तुम थे या सपनों का था सावन
तुम थे के खुशियों की घटा छाई थी
तुम थे के था कोई फूल खिला
तुम थे या मिला था मुझे नया जहां
दो पल रुका...

तुम थे या खुशबु हवाओं में थी
तुम थे या रंग सारी दिशाओं में थे
तुम थे या रोशनी राहों में थी
तुम थे या गीत गूँजे फ़िज़ाओं में थे
तुम थे मिले या मिली मंज़िलें
तुम थे के था जादू भरा कोई समां
दो पल रुका...


मैं यहाँ हूँ - Main Yahan Hoon (Udit Narayan, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण

जानम देख लो मिट गयी दूरियाँ
मैं यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ
कैसी सरहदें, कैसी मजबूरियाँमैं यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ हूँ, यहाँ

तुम छुपा ना सकोगी मैं वो राज़ हूँ
तुम भूला ना सकोगी वो अंदाज़ हूँ
गूँजता हूँ जो दिल में तो हैरां हो क्यूँ
मैं तुम्हारे ही दिल की तो आवाज़ हूँ
सुन सको, तो सुनो, धड़कनों की ज़बां
मैं यहाँ हूँ...

मैं ही मैं अब तुम्हारे ख़यालों में हूँ
मैं जवाबों में हूँ, मैं सवालों में हूँ
मैं तुम्हारे हर इक ख्वाब में हूँ बसा
मैं तुम्हारी नज़र के उजालों में हूँ
देखती, हो मुझे, देखती हो जहाँ
मैं यहाँ हूँ...


क्यों हवा - Kyon Hawa (Yash Chopra, Sonu Nigam, Lata Mangeshkar, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण

एक दिन जब सवेरे सवेरे
सुरमई से अंधेर की चादर हटा के
एक परबत के तकिये से
सूरज ने सर जो उठाया
तो देखा
दिल की वादी में चाहत का मौसम है
और यादों की डालियों पर
अनगिनत बीते लम्हों की कलियाँ महकने लगी हैं
अनकही, अनसुनी आरज़ू
आधी सोयी हुई, आधी जागी हुई
आँखें मलते हुए देखती है
लहर दर लहर, मौज दर मौज
बहती हुई ज़िन्दगी
जैसे हर एक पल नयी है
और फिर भी वही
हाँ, वही ज़िन्दगी
जिसके दामन में एक मोहब्बत भी है, कोई हसरत भी है
पास आना भी है, दूर जाना भी है
और ये एहसास है
वक़्त झरने सा बहता हुआ, जा रहा है
ये कहता हुवा
दिल की वादी में चाहत का मौसम है
और यादों की डालियों पर
अनगिनत बीते लम्हों की कलियाँ महकने लगी हैं

क्यूँ हवा आज यूँ गा रही है 
क्यूँ फिजा, रंग छलका रही है
मेरे दिल बता आज होना है क्या
चांदनी दिन में क्यूँ छा रही है
ज़िन्दगी किस तरफ जा रही है
मेरे दिल बता क्या है ये सिलसिला
क्यूँ हवा आज यूँ...

जहाँ तक भी जाएँ निगाहें, बरसते हैं जैसे उजाले
सजी आज क्यूँ है ये राहें, खिले फूल क्यूँ हैं निराले
खुश्बूयें, कैसी ये बह रही है
धड़कनें जाने क्या कह रही है
मेरे दिल बता ये कहानी है क्या
क्यूँ हवा आज यूँ...

ये किसका है चेहरा जिससे मैं, हर एक फूल में देखता हूँ
ये किसकी है आवाज़ जिसको, न सुन के भी मैं सुन रहा हूँ
कैसी ये आहटें आ रही हैं, कैसे ये ख्वाब दिखला रही है
मेरे दिल बता कौन है आ रहा
क्यूँ हवा आज यूँ...


ये हम आ गए हैं कहाँ - Ye Hum Aa Gaye Hain Kahan (Udit Narayan, Lata Mangeshkar, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, लता मंगेशकर

लहराती हुई राहें, खोले हुए हैं बाँहें
ये हम आ गए हैं कहाँ
पलकों पे गहरे हलके, है रेशमी धुंधलके
ये हम आ गए हैं कहाँ

वो देखो ज़रा, पर्बतों पे घटायें
हमारी दास्ताँ, हौले से सुनाये
सुनो तो ज़रा, ये फूलों की वादी
हमारी ही कोई, कहानी है सुनाती
सपनों के इस नगर में, यादों की रहगुज़र में
ये हम आ गए हैं कहाँ...

जो राहों में है, रुत ने सोना बिखेरा
सुनहरा हुआ, तेरा-मेरा सवेरा
ज़मीं सो गयी, बर्फ की चादरों में
बस इक आग सी, जलती है दो दिलों में
हवाएँ सनासनाए, बदन काँप जाएँ
ये हम आ गए हैं कहाँ..

ये बरसात भी, कब थामें कौन जाने
तुम्हें मिल गए, प्यार के सौ बहाने
सितारों की है, जैसे बरात आई
हमारे लिए, रात यूँ जगमगाई
सपने भी झिलमिलायें, दिल में दीये जलायें
ये हम आ गए हैं कहाँ...


मिलो न तुम तो - Milo Na Tum To (Lata Mangeshkar, Heer Ranjha)



Movie/Album: हीर राँझा (1970)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर

मिलो न तुम तो हम घबराएं
मिलो तो आँख चुराएं
हमें क्या हो गया है
तुम्हीं को दिल का राज़ बतायें
तुम्हीं से राज़ छुपायें
हमें क्या हो गया है...

ओ भोले साथिया
देखे जो शोखी तेरे प्यार की
आँचल में भर ली हमने
सारी बहारें संसार की
नयी अदा से हम इठलायें
पायी खुशी लुटायें
हमें क्या हो गया है...

रूठे कभी कभी मान गये
बातें तुम्हारी हम जान गये
ऐसी अदायें क़ुरबान गये
तुम्हें मनाये दिल बहलायें
क्या क्या नाज़ उठायें
हमें क्या हो गया है   ...

ओ सोहने जोगिया
रंग ले हमें भी इसी रंग में
फिर से सुना दे बंसी
कलियाँ खिला दे गोरे अंग में
वही जो तानें आग लगाये
उन्हीं से आग बुझाएं
हमें क्या हो गया है...


झुमका गिरा रे - Jhumka Gira Re (Asha Bhosle, Mera Saaya)



Movie/Album: मेरा साया (1966)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: आशा भोंसले

झुमका गिरा रे, बरेली के बाज़ार में
झुमका गिरा, झुमका गिरा, झुमका गिरा
हाय हाय हाय
झुमका गिरा रे...

सैंयाँ आये नैन झुकाये घर में चोरी चोरी
बोले झुमका मैं पहना दूँ, आजा बाँकी छोरी
मैं बोली ना ना ना बाबा, ना कर जोरा-जोरी
लाख मनाया, सैंयाँ ने कलैय्याँ नाहीं छोड़ी
हाय कलैय्याँ नाहीं छोड़ी
(फिर क्या हुआ?)
फिर?
फिर झुमका गिरा रे
हम दोनों की तकरार में
झुमका गिरा रे...

घर की छत पे मैं खड़ी, गली में दिलबर जानी
हँसके बोले नीचे आ, अब नीचे आ दीवानी
या अँगूठी दे अपनी या छल्ला दे निशानी
घर की छत पे खड़ी-खड़ी मैं हुई शरम से पानी
हाय हुई शरम से पानी
(फिर क्या हुआ?)
दैया!
फिर झुमका गिरा रे
हम दोनों के इस प्यार में
झुमका गिरा रे...

बगिया में बलमा ने मेरी लट उलझी सुलझाई
थाम के आँचल बोले, गोरी तू मेरे मन भाई
आँख झुका के कुछ ना बोली
कुछ ना बोली हाय, हाय, हाय
आँख झुकाके कुछ ना बोली, धीरे से मुसकाई
सैंयाँ ने जब छेड़ा मुझको, हो गई हाथापायी
हाय हो गई हाथापायी
(अरे, फिर क्या हुआ?)
फिर झुमका गिरा रे
मैं क्या बोलूँ बेकार में
झुमका गिरा रे...


आपके पहलू में आकर - Aapke Pahloo Mein Aa Kar (Md.Rafi, Mera Saaya)



Movie/Album: मेरा साया (1966)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: मो.रफ़ी

आपके पहलू में आकर रो दिये
दास्तान-ए-ग़म सुनाकर रो दिये
आपके पहलू में...

ज़िन्दगी ने कर दिया जब भी उदास
आ गये घबरा के हम मंज़िल के पास
सर झुकाया, सर झुकाकर रो दिये
आपके पहलू में आकर...

शाम जब आँसू बहाती आ गई
हर तरफ़ ग़म की उदासी छा गई
दीप यादों के जलाकर रो दिये
आपके पहलू में आकर...

ग़म जुदाई का सहा जाता नहीं
आपके बिन अब रहा जाता नहीं
प्यार में क्या-क्या गँवाकर रो दिये
दास्तान-ए-ग़म सुनाकर रो दिये
आपके पहलू में आकर...


नैनों वाली ने हाय मेरा दिल लूटा - Nainon Waali Ne Haay Mera Dil Loota (Lata Mangeshkar, Mera Saaya)



Movie/Album: मेरा साया (1966)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर

नैनों वाली ने, हाय मेरा दिल लूटा
नैनों वाली ने, भोली भाली ने, इक मतवाले ने
हाय मेरा दिल लूटा...

मुस्काती, इठलाती, गाती आयी ज़ुल्फ़ें खोले
कोयलिया चुप हो जाये जब उसकी पायल बोले
मुझे दिखा के प्यार भरे दो नैना भोले-भोले
नैनों वाली ने...

नाज़ो अदा से चाँद के आगे घूँघट जब सरकाये
चाँद तड़प कर उसके गोरे कदमों पे गिर जाये
तारे पूछे हुआ है क्या, तो चाँद ये बोले
नैनों वाले ने...

क़ैद में उसकी जो आ जाये वो क़ैदी ना छुटे
लाखों बँधन टूटे लेकिन ये बँधन ना टूटे
नींद चुरा ली मुझसे करके वादे झूठे-झूठे
नैनों वाली ने...


तुम्हारे ज़ुल्फ़ के साए में - Tumhari Zulf Ke Saaye Mein (Md.Rafi, Naunihal)



Movie/Album: नौनिहाल (1967)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: मो.रफ़ी

तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूँगा
सफ़र इस उम्र का पल में तमाम कर लूँगा

नज़र मिलाई तो पूछूंगा इश्क का अंजाम
नज़र झुकाई तो खाली सलाम कर लूँगा
तुम्हारी ज़ुल्फ़ के साए में...

जहान-ए-दिल पे हुकूमत तुम्हें मुबारक हो
रही शिकस्त तो वो अपने नाम कर लूँगा
तुम्हारी जुल्फ के साये में...


तुम हो हसीं कहाँ के - Tum Ho Haseen Kahan Ke (Md.Rafi, Asha Bhosle, Sharabi)



Movie/Album: शराबी (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजिंदर कृष्ण
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले

तुम हो हसीं कहाँ के
हम चाँद आसमां के
हाय हाय गरूर इतना
हाँ हाँ हुज़ूर इतना
उफ़ ये अदा, हाय ये नशा
हा हा हा

करते हो बात बढ़-बढ़ के दिन जो शबाब के ठहरे
क्या तीर मेरी नज़रों के दिल में जनाब के ठहरे
उफ़ ये ग़ज़ब, हाय हाय ये ढप
हाय हाय हाय
तुम हो हसीं कहाँ के...

ओये होए ये चाल का जादू, डर है ज़मीं ना फट जाए
सीने को थाम कर रखो, दिल न जगह से हट जाए
उफ़ ये अकड़, हाय ये पकड़
हाय हाय हाय
तुम हो हसीं कहाँ के...

क्या रब जो हुस्न वालों को कैसा मिजाज़ देता है
जीवन में सेज फूलों की, मरने पे ताज देता है
हाय ये गुमां, जाए कहाँ
हाय हाय हाय
तुम हो हसीं कहाँ के...


जाओ जी जाओ देखे हैं बड़े - Jaao Ji Jaao Dekhe Hain Bade (Asha Bhosle, Md.Rafi, Sharabi)



Movie/Album: शराबी (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजिंदर कृष्ण
Performed By: आशा भोंसले, मो.रफ़ी

जाओ जी जाओ, देखे हैं बड़े
तुम जैसे चोर लुटेरे
किसी सँवार के
सीना उभार के लगाये
हसीनों की गलियों के फेरे
जाओ जी जाओ...

तेरी गलियाँ जो प्यार से बुलाये
तु ही बोल दिल वाले क्यूँ न आये
ज़रा दिल को संभाल, बुरा कर देगा हाल
आहें भरेगा तु शाम सवेरे
जाओ जी जाओ, देखे हैं बड़े...

मर-मर के मिला है दर तेरा
जाओ करते हो क्यों पीछा मेरा
करो जाने की न बात, यहीं दिन-यहीं रात
मेरा प्यार लगाए डेरे
जाओ जी जाओ, देखे हैं बड़े...

प्यार करने में कौन सी है चोरी
ऐसी चोरी से तो अच्छी सीनाज़ोरी
कभी सुबह, कभी शाम, तुझे दे के सलाम
कर लेंगे ये चोर लुटेरे
जाओ जी जाओ, देखे हैं बड़े...


आपने अपना बनाया - Aapne Apna Banaya (Lata Mangeshkar, Mahendra Kapoor, Dulhan Ek Raat Ki)



Movie/Album: दुल्हन एक रात की (1967)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर

आपने अपना बनाया
मेहरबानी आपकी, मेहरबानी आपकी
हम तो इस काबिल न थे
है कदरदानी आपकी
मेहरबानी आपकी
आपने अपना बनाया...

आज हमने दिल के बदले
आपको दिल दे दिया
इस इनायत, इस नवाज़िश
इस करम का शुक्रिया
हमने भी दिल में छुपा ली
ये निशानी आपकी
मेहरबानी आपकी
आपने अपना बनाया...

क्या बताएँ बिन आपके, कुछ भाता नहीं
अरे आपके बिन और कुछ भाता नहीं
हमको अपनी खुशनसीबी, पर यकीं आता नहीं
एक तो पैग़ाम-ए-उल्फत, फिर ज़ुबानी आपकी
मेहरबानी आपकी...


मेरी महबूब कहीं और - Meri Mehboob Kahin Aur (Md.Rafi, Gazal)



Movie/ Album: ग़ज़ल (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो. रफ़ी

ताज तेरे लिए मज़हर-ए-उल्फ़त ही सही
तुझको इस वादी-ए-रंगीं से अक़ीदत ही सही

मेरी महबूब कहीं और मिलाकर मुझसे
मेरी महबूब कहीं और...

अनगिनत लोगों ने दुनिया में मुहब्बत की है
कौन कहता है के सादिक़ न थे जज़्बे उनके
लेकिन उनके लिए तशहीर का सामान नहीं
क्यूँ के वो लोग भी अपनी ही तरह मुफ़लिस थे
मेरी महबूब कहीं और...

ये चमनज़ार, ये जमना का किनारा, ये महल
ये मुनक्कश दर-ओ-दीवार, ये मेहराब, ये ताक़
इक शहंशाह ने दौलत का सहारा लेकर
हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक
मेरी महबूब कहीं और...


दिल दिल से मिला कर - Dil Dil Se Mila Kar (Kishore Kumar, Asha Bhosle, Mem Sahib)



Movie/Album: मेम साहिब (1956)
Music By: मदन मोहन कोहली
Lyrics By: राजेंद्र कृष्ण
Performed By: किशोर कुमार, आशा भोंसले

दिल, दिल से मिला कर देखो
नज़रों में समा कर देखो
अपना तो बना कर देखो
होती है मोहब्बत क्या
दिल, दिल से मिला कर देखो...

किशोर कुमार
हम प्यार में खो गये ऐसे
परदेस में राही जैसे
उल्फ़त का नशा जब हो ही गया
दामन को छुडा़यें कैसे
नज़रें तो उठाकर देखो
वो तीर चला कर देखो
अपना तो बना कर देखो
होती है मोहब्बत क्या
दिल, दिल ले मिला कर देखो...

लहरा के हवा जब आई
फिर डसने लगी तन्हाई
दिल पहुँचा वहाँ दिलबर था जहाँ
लो बजने लगी शहनाई
दिल में तो बैठा कर देखो
कुछ पास तो आकर देखो
अपना तो बना कर देखो
होती है मोहब्बत क्या
दिल, दिल ले मिला कर देखो...

आशा भोंसले
हम तुमसे मिले कुछ ऐसे
मिलते हैं दो राही जैसे
हमको ना चला कुछ इसका पता
पहलू से गया दिल कैसे
कुछ पास तो आ कर देखो
दिल तुम भी गँवाकर देखो
अपना तो बना कर देखो
होती है मोहब्बत क्या
दिल, दिल से मिला कर देखो...

रह-रह के ये सर्द हवाएँ
उल्फत के तराने गाए
अब तो है यहाँ, फिर जाने कहाँ
चल देंगे ये मस्त घटाएँ
आँखों में बसा कर देखो
एक गीत तो गाकर देखो
अपने तो बना कर देखो
होती है मोहब्बत क्या
दिल, दिल से मिला कर देखो...


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