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दुल्हन चली, हाँ पहन चली - Dulhan Chali, Haan Pehen Chali (Mahendra Kapoor, Purab Aur Paschim)



Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर

पूरब में सूरज ने छेड़ी, जब किरणों की शहनाई
चमक उठा सिन्दूर गगन पे, पच्छिम तक लाली छाई

दुल्हन चली, हाँ पहन चली
हो रे दुल्हन चली, हो पहन चली
तीन रंग की चोली
बाहों में लहराए गंगा जमुना
देख के दुनिया डोली
दुल्हन चली...

ताजमहल जैसी ताजा है सूरत
चलती फिरती अजंता की मूरत
मेल मिलाप की मेहंदी रचाए
बलिदानों की रंगोली
दुल्हन चली...

मुख चमके ज्यूँ हिमालय की चोटी
हो ना पड़ोसी की नियत खोटी
ओ घर वालों ज़रा इसको संभालो
ये तो है बड़ी भोली
दुल्हन चली...

चाँदी रंग अंग है, तो धनि तरंग लहंगा
सोने रंग चूने का मोल बड़ा महंगा
मन सीता जैसा, वचन गीता जैसे
डोले प्रीत की बोली
दुल्हन चली...

और सजेगी अभी और संवरेगी
चढ़ती उमरिया है और निखरेगी
अपनी आजादी की दुल्हनिया
दीप के ऊपर होली
दुल्हन चली...

देश प्रेम ही आजादी की दुल्हनिया का वर है
इस अलबेली दुल्हन का सिंदूर सुहाग अमर है
माता है कस्तूरबा जैसी, बाबुल गाँधी जैसे
चाचा इसके नेहरु, शास्त्री, डरे ना दुश्मन कैसे
वीर शिवाजी जैसे वीरे, लक्ष्मी बाई बहना
लक्ष्मण जिसके बोध, भगत सिंह, उसका फिर क्या कहना
जिसके लिए जवान बहा सकते हैं खून की गंगा
आगे पीछे तीनो सेना ले के चले तिरंगा
सेना चलती है ले के तिरंगा
हो कोई हम प्रान्त के वासी हो कोई भी भाषा भाषी
सबसे पहले हैं भारतवासी


पुरवा सुहानी आयी रे - Purva Suhani Aayi Re (Mahendra, Lata, Manhar, Purab Aur Paschim)



Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर, मनहर उदास

ढोली ढोल बजाना, ताल से ताल मिलाना

पुरवा सुहानी आयी रे, पुरवा
ऋतुओं की रानी आयी रे, पुरवा
मेरे रुके नहीं पाँव, नाच उठा सारा गाँव
प्रीत पे जवानी छाई रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...

मौसम का मुसाफिर खड़ा रस्ते में
उसके हाथों सब कुछ लुटा सस्ते में
छोटी सी उमरिया है, लम्बी सी डगरिया रे
जीवन है परछाई रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...

कर ले, कर भी ले प्यार की पूजा
प्यार के रंग पे चढ़े ना रंग दूजा
क्या ये कोई सपना है, मेरे लिए अपना है
बात मेरी बन आयी रे
पुरवा सुहानी आयी...

मीरा सी दीवानी रे नाचे मस्तानी
होंठों पे है सरगम तो आँखों में पानी
घुंघरू दीवाने हुए, रिश्ते पुराने हुए
गीत में कहानी गायी रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...


संसार की हर शय का - Sansar Ki Har Shay Ka (Mahendra Kapoor, Dhund)



Movie/Album: धुंध (1973)
Music By: रवि
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: महेंद्र कपूर

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है, एक धुँध में जाना है

ये राह कहाँ से है, ये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राही समझा है न जाना है
संसार की हर शय का...

एक पल की पलक पर है, ठहरी हुई ये दुनिया
एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है
संसार की हर शय का...

क्या जाने कोई किस पल, किस मोड़ पे क्या बीते
इस राह में ऐ राही, हर मोड़ बहाना है
संसार की हर शय का...

हम लोग खिलौने हैं, एक ऐसे खिलाड़ी के
जिसको अभी सदियों तक, ये खेल रचाना है
संसार की हर शय का...


अरे जा रे हट नटखट - Are Ja Re Hat Natkhat (Mahendra Kapoor, Asha Bhosle, Navrang)



Movie/Album: नवरंग (1959)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: चितलकर, महेंद्र कपूर, आशा भोंसले

अटक-अटक झटपट पनघट पर
चटक मटक इक नार नवेली
गोरी-गोरी ग्वालन की छोरी चली
चोरी चोरी मुख मोरी मोरी मुसकाये अलबेली
कँकरी गले में मारी कंकरी कन्हैये ने
पकरी बाँह और की अटखेली
भरी पिचकारी मारी (सारारारारा)
भोली पनिहारी बोली

अरे जा रे हट नटखट
ना छू रे मेरा घूँघट
पलट के दूँगी आज तुझे गाली रे
अरे जा रे हट नटखट...
मुझे समझो न तुम भोली-भाली रे

आया होली का त्यौहार
उड़े रंग की बौछार
तू है नार नखरेदार मतवाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे

तक-तक ना मार पिचकारी की धार
कोमल बदन सह सके ना ये मार
तू है अनाड़ी, बड़ा ही गँवार
कजरे में तूने अबीर दिया डार
तेरी झकझोरी से, बाज़ आयी होरी से
चोर तेरी चोरी निराली रे
मुझे समझो ना तुम भोली-भाली रे
अरे जा रे हट नटखट...

धरती है लाल आज, अम्बर है लाल
उड़ने दे गोरी गालों का गुलाल
मत लाज का आज घूँघट निकाल
दे दिल की धड़कन पे, धिनक धिनक ताल
झाँझ बजे चंग बजे, संग में मृदंग बजे
अंग में उमंग खुशियाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे
अरे जा रे हट नटखट...


आधा है चन्द्रमा रात आधी - Aadha Hai Chandrama (Navrang, Mahendra Kapoor, Asha Bhosle)



Movie/Album: नवरंग (1959)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: महेंद्र कपूर, आशा भोंसले

आधा है चन्द्रमा रात आधी
रह न जाए तेरी मेरी बात आधी
मुलाक़ात आधी
आधा है चन्द्रमा...

पिया आधी है प्यार की भाषा
आधी रहने दो मन की अभिलाषा
आधे छलके नयन
आधी पलकों में भी है बरसात आधी
आधा है चन्द्रमा...

आस कब तक रहेगी अधूरी
प्यास होगी नहीं क्या ये पूरी
प्यासा प्यासा पवन
प्यासा प्यासा गगन
प्यासे तारों की भी है बारात आधी
आधा है चन्द्रमा...

सुर आधा है श्याम ने साधा
राधा राधा का प्यार भी आधा
नैन आधे खिले
होंठ आधे मिले
रही पल में मिलन की वो बात आधी
आधा है चन्द्रमा...


नीला पीला हरा गुलाबी - Neela Peela Hara Gulaabi (Lata, Manna, Mahendra, Aap Beeti)



Movie/Album: आप बीती (1976)
Music By: लक्ष्मीकां-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर, मन्ना डे

नीला, पीला, हरा, गुलाबी, कच्चा-पक्का रंग
रंग डाला मेरा अंग-अंग
राम दुहाई छोड़ कलाई
ओए मामा
ओ मेरे मामा क्या बाजू मेरा तोड़ेगा

आगे-पीछे, ऊपर-नीचे
कोई कितना दौड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
नीला पीला हरा गुलाबी...

अरे छेड़छाड़ मत करना, करके होली का बहाना
आज का दिन है प्यार का दिन
कोई मार न मुझसे खाना
कुर्ता ढील, तंग पैजामा, गुस्सा रहने दे रे मामा
हाथ मिला ले प्रेम की रेखा
तुमने दुनिया में क्या देखा
अरे तुमने देखे प्रेम के नाटक
हमने देखी जंग
रंग डाला, मेरा अंग-अंग
नीला पीला हरा गुलाबी...

रंग वाले से रंग करवाओ
तो वो माँगे पैसे
मुफ़्त में हमने रंग डाले हैं
मुखड़े कैसे कैसे
दर्पन देखो तो दीवानी, अरे सूरत न जाये पहचानी
तू कोई बदमाश है पक्का
मारा मुझको ज़ोर से धक्का
मैं गिर पड़ी ज़मीं पे जैसे
कट के गिरे पतंग
रंग डाला, मेरा अंग-अंग
राम दुहाई, छोड़ कलाई...


देखो होली आई रे - Dekho Holi Aayi Re (Kishore, Mahendra, Lata, Mashaal)



Movie/Album: मशाल (1984)
Music By: हृदयनाथ मंगेशकर
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: किशोर कुमार, महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर

ओ होली आई, होली आई देखो होली आई रे
खेलो खेलो रंग है
कोई अपने संग है
भीगा भीगा अंग है
ओ होली आई रे...
बहकी बहकी चाल है
चेहरा नीला लाल है
दीवाने क्या हाल है
मस्तों पर है मस्ती छाई
देखो होली आई रे...

जो लाये रंग जीवन में
उसे होली में पाया है
बताऊँ क्या तुम्हें यारों
किसे मैंने बुलाया है
या मत बुला, या बता दे दिल की बातें
ना छुपा दुनिया से चोरी है क्या
ये लड़की है या काली माई
देखो होली आई रे...

यही दिन था यही मौसम
ज़ुबान जब हमने खोली थी
कहाँ अब खो गए वो दिन
की जब अपनी भी होली थी
तुम हो तो हर रात दिवाली
हर दिन मेरी होली है
अरे ये क्या चक्कर है भाई
देखो होली आई रे...

हमारा कौन दुनिया में
यहाँ जो है पराया है
मगर अपना लगा कोई
ये ऐसा कौन आया है
इतना क्या मजबूर है
दिल क्यों गम से चूर है
तु ही सबसे दूर है
दिलों के पास बहुत ले आई
देखो होली आई रे...


श्यामल श्यामल बरन - Shyamal Shyamal Baran (Mahendra Kapoor, Navrang)



Movie/Album: नवरंग (1959)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: महेंद्र कपूर

श्यामल श्यामल बरन
कोमल कोमल चरण
तेरे मुखड़े पे चंदा गगन का जड़ा
बड़े मन से विधाता ने तुझको गढ़ा

तेरे बालों में सिमटी सावन की घटा
तेरे गालों पे छिटकी पूनम की छटा
तीखे तीखे नयन
मीठे मीठे बयन
तेरे अंगों पे चम्पा का रंग चढ़ा
बड़े मन से विधाता ने...

ये उमर, ये कमर, सौ सौ बल खा रही
तेरी तिरछी नज़र तीर बरसा रही
नाज़ुक नाज़ुक बदन
धीमे धीमे चलन
तेरी बाँकी लटक में है जादू बड़ा
बड़े मन से विधाता ने...

किस पारस से सोना ये टकरा गया
तुझे रचकर चितेरा भी चकरा गया
न इधर जा सका
न उधर जा सका
रह गया देखता वो खड़ा ही खड़ा
बड़े मन से विधाता ने...


हर दिल जो प्यार करेगा - Har Dil Jo Pyar Karega (Sangam, Mukesh, Lata, Mahendra)



Movie/Album: संगम (1964)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर

हर दिल जो प्यार करेगा, वो गाना गायेगा
दीवाना सैंकड़ों में पहचाना जायेगा

आप हमारे दिल को चुरा के आँख चुराये जाते हैं
ये इक तरफ़ा रसम-ए-वफ़ा हम फिर भी निभाये जाते हैं
चाहत का दस्तूर है लेकिन, आपको ही मालूम नहीं
जिस महफ़िल में शमा हो, परवाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...

भूली बिसरी यादें मेरे हँसते गाते बचपन की
रात बिरात चली आतीं हैं, नींद चुराने नैनन की
अब कह दूँगी, करते करते, कितने सावन बीत गये
जाने कब इन आँखों का शरमाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...

अपनी-अपनी सब ने कह ली, लेकिन हम चुपचाप रहे
दर्द पराया जिसको प्यारा, वो क्या अपनी बात कहे
ख़ामोशी का ये अफ़साना रह जायेगा बाद मेरे
अपना के हर किसी को, बेगाना जायेगा
दीवाना सैंकड़ों में...


अनहोनी को होनी कर दे - Anhoni Ko Honi Kar De (Mahendra, Shailendra, Kishore, Amar Akbar Anthony)



Movie/Album: अमर अकबर एन्थनी (1977)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, शैलेन्द्र सिंह, किशोर कुमार

अनहोनी को होनी कर दे, होनी को अनहोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी
अनहोनी को होनी...

एक एक से भले, दो दो से भले तीन
दूल्हा दुल्हन साथ नहीं, बाजा है बारात नहीं
कुछ डरने की बात नहीं
ये मिलन की रैना है, कोई ग़म की रात नहीं
यारों हँसो बना रखी है क्यूँ ये सूरत रोनी
एक जगह जब जमा...

एक एक से भले, दो दो से भले तीन
शम्मा के परवानों को इस घर के मेहमानों को
पहचानो अन्जानों को
कैसे बात मतलब की समझाऊँ दीवानों को
सपन सलोने ले के आई है ये रात सलोनी
एक जगह जब जमा...


ठन्डे ठन्डे पानी से - Thande Thande Paani Se (Mahendra Kapoor, Asha Bhosle)



Movie/Album: पति पत्नी और वो (1980)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, आशा भोंसले

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिये
गाना आये या ना आये गाना चाहिये
ओ पुत्तरा
ठंडे ठंडे पानी से...

बेटा बजाओ ताली, गाते हैं हम क़व्वाली
बजने दो एक तारा, छोड़ो ज़रा फव्वारा
ये बाल्टी उठाओ, ढोलक इससे बनाओ
बैठे हो क्या ये लेकर, ये घर है या है थिएटर
पिक्चर नहीं है जाना, बाहर नहीं है आना
मम्मी को भी अंदर बुलाना चाहिये
तेरी, मम्मी को भी अंदर बुलाना चाहिये
गाना आये या ना आये गाना चाहिये
धत्त, अरे गाना आये या ना आये गाना चाहिये

तुम मेरी हथकड़ी हो, तुम डोर क्यूं खड़ी हो
तुम भी ज़रा नहालो, दो चार गीत गा लो
दामन हो क्यूं बचाती, अरे दुख सुख के हम हैं साथी
छोड़ो हटो अनाड़ी, मेरी भिगोड़ी साड़ी
तुम कैसे बेशरम हो, बच्चों से कोई कम हो
मम्मी को तो लड़ने का बहाना चाहिये
चुप बे शैतान
मम्मी को तो लड़ने का बहाना चाहिये
गाना आये या ना...

लम्बी ये तान छोड़ो, तौबा है जान छोड़ो
ये गीत है अधूरा, करते हैं काम पूरा
अब शोर मत करो जी, सुनते हैं सब पड़ोसी
हे कह दो पड़ोसियों से
क्या
झाँकें ना खिड़कियों से
दरवाज़ा खटखटाया, लगता है कोई आया
अरे कह दो के आ रहे हैं, साहब नहा रहे हैं
मम्मी को तो डैडी से छुड़ाना चाहिये
अब तो मम्मी को डैडी से छुड़ाना चाहिये
गाना आये या ना...


उसको नहीं देखा हमने कभी - Usko Nahin Dekha Humne Kabhi (Mahendra Kapoor, Manna Dey, Daadi Maa)



Movie/Album: दादी माँ (1966)
Music By: रौशन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: महेंद्र कपूर, मन्ना डे, उषा मंगेशकर

उसको नहीं देखा हमने कभी
पर इसकी ज़रुरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
उसको नहीं देखा हमने कभी

इनसान तो क्या देवता भी
आँचल में पले तेरे
है स्वर्ग इसी दुनिया में
क़दमों के तले तेरे
ममता ही लुटाये जिसके नयन
ऐसी कोई मूरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत...

क्यों धूप जलाए दुखों की
क्यों गम की घटा बरसे
ये हाथ दुआओं वाले
रहते हैं सदा सर पे
तू है तो अँधेरे पथ में हमें
सूरज की ज़रुरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत...

कहते हैं तेरी शान में जो
कोई ऊँचे बोल नहीं
भगवान के पास भी माता
तेरे प्यार का मोल नहीं
हम तो यही जानें तुझसे बड़ी
संसार की दौलत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत...


चोरी हो गई रात नैन - Chori Ho Gayi Raat Nayan (Lata Mangeshkar, Mahendra Kapoor, Ishara)



Movie/Album: इशारा (1964)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर

चोरी हो गई रात नैन की निंदिया
सपनों में कोई आया, जाग उठी बिंदिया
चोरी हो गई रात नैन की निंदिया
चुभ चुभ गई अँखियों में रंग भरी बिंदिया
चोरी हो गई रात नैन...

दिल ने किसी की जो आहट पाई
रह गई मैं लेके एक अंगड़ाई
जिया जब धड़का तो खुल गई अँखियाँ
चोरी हो गई रात नयन...

दिन भी गई लेके, रैन भी लेके
वो जो गई मेरा चैन भी ले के
तुम जैसे नैना थे, तुम्हरी सुरतिया
चोरी हो गई रात नयन...

जागी हुई अँखियों में देखके लाली
लावे सब डारन को कजरा की प्याली
समझे नहीं कोई जियरा की बतियाँ
चोरी हो गई रात नैन...


आपने अपना बनाया - Aapne Apna Banaya (Lata Mangeshkar, Mahendra Kapoor, Dulhan Ek Raat Ki)



Movie/Album: दुल्हन एक रात की (1967)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर

आपने अपना बनाया
मेहरबानी आपकी, मेहरबानी आपकी
हम तो इस काबिल न थे
है कदरदानी आपकी
मेहरबानी आपकी
आपने अपना बनाया...

आज हमने दिल के बदले
आपको दिल दे दिया
इस इनायत, इस नवाज़िश
इस करम का शुक्रिया
हमने भी दिल में छुपा ली
ये निशानी आपकी
मेहरबानी आपकी
आपने अपना बनाया...

क्या बताएँ बिन आपके, कुछ भाता नहीं
अरे आपके बिन और कुछ भाता नहीं
हमको अपनी खुशनसीबी, पर यकीं आता नहीं
एक तो पैग़ाम-ए-उल्फत, फिर ज़ुबानी आपकी
मेहरबानी आपकी...


तुम सबसे हसीं हो - Tum Sabse Haseen Ho (Asha Bhosle, Mahendra Kapoor, Mohabbat Zindagi Hai)



Movie/Album: मोहब्बत ज़िन्दगी है (1966)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: एस.एच.बिहारी
Performed By: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर

तुम सबसे हसीं हो और सबसे जवां हो
अजी मेरी नज़र में आई हो, आई हो
जन्नत भी तुम्हीं हो, दुनिया भी तुम्हीं हो
अजी मेरी नज़र में आए हो, आए हो
तुम सबसे हसीं हो...

शाम सवेरे देखूँ बस एक ही सपना
साथ मेरे जब तुम हो, सब कुछ है अपना
रातें भी अपनी, दिन भी अपने, तुम भी अपने सैय्याँ, हो
तुम सबसे हसीं हो...

भूल नहीं की मैंने दिल तुमको दे कर
कौन है इस दुनिया में अजी तुमसे बेहतर
बाहों में मेरी गुनगुना के, मुस्कुरा के आ जाओ
तुम सबसे हसीं हो...

आज मेरी नज़रों को, होगा ना धोखा
आज तुम्हें है दिल की, आँखों से देखा
तुमसे ही मिलकर, मेरे दिलबर, दिल ने जाना, तुम क्या हो
तुम सबसे हसीं हो...


दो नैन मिले दो फूल खिले - Do Nain Mile Do Phool Khile (Asha Bhosle, Mahendra Kapoor, Ghunghat)



Movie/Album: घूँघट (1960)
Music By: रवि
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर

दो नैन मिले, दो फूल खिले
दुनिया में बहार आई
एक रंग नया लायी, एक रंग नया लायी
दिल गाने लगा, लहराने लगा
ली प्यार ने अंगड़ाई
बजने लगी शहनाई, बजने लगी शहनाई
दो नैन मिले...

अरमान भरी नज़रों से बलम
इस तरह हमें देखा न करो
हो जाए ना रुसवा इश्क़ कहीं
दुनिया है बुरी, दुनिया से डरो
दुनिया का मुझे कुछ खौफ़ नहीं
दुनिया तो है हरजाई, और इश्क़ है सौदाई
दो नैन मिले...

ज़ुल्फों की घनी छाँव में सनम
दम भर के लिए जीने दे मुझे
इस मस्त नज़र की तुझको कसम
आँखों से ज़रा पीने दे मुझे
पीना तो कोई दुश्वार नहीं
ओ प्यार के शहदायी, बहके तो है रुसवाई
दो नैन मिले...


जिसके सपने हमें रोज़ - Jiske Sapne Humein Roz (Mahendra Kapoor, Lata Mangeshkar, Geet)



Movie/Album: गीत (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर

जिसके सपने हमें रोज़ आते रहे, दिल लुभाते रहे
ये बता दो, बता दो
ये बता दो कहीं तुम, वही तो नहीं, वही तो नहीं

जब भी झरनों से मैंने सुनी रागिनी
मैं ये समझा तुम्हारी ही पायल बजी
ओ जिसकी पायल पे
ओ जिसकी पायल पे हम दिल लुटाते रहे, जां लुटाते रहे
ये बता दो कहीं तुम...

जिसके रोज़ रोज़ हम गीत गाते रहे, गुनगुनाते रहे
ये बता दो कहीं तुम, वही तो नहीं
वही तो नहीं

ये महकते-बहकते हुए रास्ते
खुल गए आप ही प्यार के वास्ते
दे रही है पता मद-भरी वादियाँ
जैसे पहले भी हम-तुम मिले हो यहाँ
ओ कितने जन्मों से
कितने जन्मों से जिसको बुलाते रहे, आज़माते रहे
ये बता दो कहीं तुम...


वो बड़े खुशनसीब होते हैं - Wo Bade Khushnaseeb Hote Hain (Mahendra Kapoor, Suman Kalyanpur, Saazish)



Movie/Album: साज़िश (1975)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: महेंद्र कपूर, सुमन कल्याणपुर

वो बड़े खुशनसीब होते हैं
आप जिसके करीब होते हैं
आप जिसके हबीब होते हैं
लोग उसके रक़ीब होते हैं
वो बड़े खुशनसीब...

हमने दिल दे के तुमको पाया है
अपने-अपने नसीब होते हैं
वो बड़े खुशनसीब...

दिल हमारा तुम्हीं से टकराया
हादसे क्या अजीब होते हैं
वो बड़े खुशनसीब...

ऐसे अंदाज़ से मिटाते हैं
हुस्न वाले अजीब होते हैं
वो बड़े खुशनसीब...


वो खेत में मिलेगा - Wo Khet Mein Milega (Mahendra Kapoor, Yaadgaar)



Movie/Album: यादगार (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर

आये जहाँ भगवान से पहले, किसी धनवान का नाम
उस मंदिर के द्वार खड़े खुद, रोये कृष्ण को राम
धनवान को पहले मिले भगवान के दर्शन
दर्शन को तरसता रहे जो भक्त हो निर्धन
ये दक्षिणा की रीत, ये पंडो को छ्लावे
दुकान में बिकते हुए मंदिर के चढ़ावे
ऐसे ही अगर धरम का व्यापार चलेगा
भगवान का दुनिया में कोई नाम न लेगा
ऐसी जगह पे जा के तू कुछ भी न पाएगा
भगवान ऐसा मंदिर खुद छोड़ जाएगा
छोड़ जाएगा, छोड़ जाएगा

वो खेत में मिलेगा, खलिहान में मिलेगा
भगवान तो ऐ बन्दे, इन्सान में मिलेगा
वो खेत में मिलेगा...

धनवान जो है झूठा, शैतान के बराबर
निर्धन अगर है सच्चा, भगवान के बराबर
वो ढोंग में नहीं है, ईमान में मिलेगा
वो खेत में मिलेगा...

गंगा से भी है पावन, मजदूर का पसीना
पानी न कोई समझे, अनमोल ये नगीना
ऐसे ही पसीनों के निर्माण में मिलेगा
वो खेत में मिलेगा...


क़व्वाली गायेंगे - Qawwali Gaayenge (Asha Bhosle, Mahendra Kapoor, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर

बाग़ की रौनक बन नहीं सकता
कोई फूल अकेला
रंग बिरंगे फूलों से
लगता है यारों मेला

पंजाबी गाएँगे, मराठी गाएँगे
गुजरती गाएँगे, बंगाली गाएँगे
आज चलो मिलकर हम सब क़व्वाली गायेंगे

हँसी आती है हमको आजकल के नौजवानों पर
दवा दर्द-ए-जिगर की ढूंढते हैं जो दुकानों पर
तड़प के प्यार में सीने से बस इलज़ाम मिलता है
वतन की राह में मरने से ही आराम मिलता है
मौसम साल महिना झूठ, मरना सच है, जीना झूठ
इश्क वतन दा सच्ची बात, तेरा हुस्न हसीना झूठ
मौसम साल महिना झूठ, मरना सच है, जीना झूठ
शम्मे वतन पर बने के परवाने जल जाएँगे
आज चलो मिलकर...

यहाँ पैदा हुए हम या वहाँ, क्या फर्क पड़ता है
कोई हो रंग, कोई हो जुबां, क्या फर्क पड़ता है
जुबां है इसलिए कि आदमी मतलब है क्या समझे
न समझे इस से भी जो नासमझ उससे खुदा समझे
क्यूँ है बहज़ुबानों पर, अपनों और बेगानों पर
अब तक लहराते थे हम, झंडा सिर्फ मकानों पर
क्यूँ है बहज़ुबानों पर, अपनों और बेगानों पर
आज तिरंगा दिलों में अपने हम लहराएँगे
आज चलो मिलकर...


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