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यूँ ही तुम मुझसे - Yun Hi Tum Mujhse (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Sachcha Jhootha)



Movie/Album: सच्चा झूठा (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

यूँ ही तुम मुझसे बात करती हो
या कोई प्यार का इरादा है
आदाएं दिल की जानता ही नहीं
मेरा हमदम भी कितना सादा है

रोज़ आती हो तुम ख़यालों में
ज़िंदगी में भी मेरी आ जाओ
बीत जाए न ये सवालों में
इस जवानी पे कुछ तरस खाओ
हाल-ए-दिल समझो सनम
कहेंगे मुँह से न हम
हमारी भी कोई मर्यादा है
आदाएं दिल की...

भोलेपन में है वफ़ा की खुशबू
इसपे सब कुछ न क्यूँ लुटाऊँ मैं
मेरा बेताब दिल ये कहता है
तेरे साए से लिपट जाऊँ मैं
मुझसे ये मेल तेरा
न हो एक खेल तेरा
ये करम मुझपे कुछ ज़ियादा है
यूँ ही तुम...

बन गई हो मेरी सदा के लिये
या मुझे यूँ ही तुम बनाती हो
कहीं बाहों में न भर लूँ तुमको
क्यों मेरे हौसले बढ़ाती हो
हौसले और करो
पास आते न डरो
दिल न तोड़ेंगे अपना वादा है
यूँ ही तुम मुझसे...


ये माना मेरी जाँ - Ye Maana Meri Jaan (Md.Rafi, Hanste Zakhm)



Movie/Album: हँसते ज़ख्म (1973)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: मो.रफ़ी

तौबा तौबा ये जवानी का गुरूर
इश्क के सामने फिर भी सर झुकाना ही पड़ा
कैसे कहते थे न आएँगे
मगर दिल ने इस तरह पुकारा
तुम्हें आना ही पड़ा

ये माना मेरी जाँ मोहब्बत सजा है
मज़ा इसमें इतना मगर किसलिए है
वो इक बेकरारी जो अब तक इधर थी
वो ही बेकरारी उधर किसलिए है
अभी तक तो इधर थी उधर किसलिए है

बहलना न जाने, बदलना न जाने
तमन्ना मचल के संभालना न जाने
करीब और आओ, कदम तो बढ़ाओ
झुका दूं न मैं सर तो, सर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...

नज़ारे भी देखे, इशारे भी देखे
कई खूबसूरत सहारे भी देखे
नाम क्या चीज़ है, इज्ज़त क्या है
सोने चांदी की हकीकत क्या है
लाख बहलाए कोई दौलत से
प्यार के सामने दौलत क्या है
जो मैखाने जा के, मैं सागर उठाऊं
तो फिर ये नशीली नज़र किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...

तुम्हीं ने संवारा, तुम्हीं ने सजाया
मेरे सूने दिल को तुम्हीं ने बसाया
जिस चमन से भी तुम गुजार जाओ
हर कली पर निखार आ जाये
रूठो जाओ तो रूठ जाये खुदा
और जो हँस दो, बहार आ जाये
तुम्हारे कदम से है घर में उजाला
अगर तुम नहीं तो ये घर किसलिए है
ये माना मेरी जाँ...


छुप गये सारे नज़ारे - Chhup Gaye Saare Nazaare (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Do Raaste)



Movie/Album: दो रास्ते (1969)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

छुप गये सारे नज़ारे, ओये क्या बात हो गयी
तूने काजल लगाया, दिन में रात हो गई
मिल गये नैना से नैना, ओये क्या बात हो गयी
दिल ने दिल को पुकारा, मुलाक़ात हो गयी

कल नहीं आना, मुझे ना बुलाना
कि मारेगा ताना ज़माना
तेरे होठों पे रात ये बहाना था
गोरी तुझको तो आज नहीं आना था
तू चली आई दुहाई, ओये क्या बात हो गयी
मैंने छोड़ा ज़माना, तेरे साथ हो गयी
तूने काजल लगाया...

अम्बवा की डाली पे गाए मतवाली
कोयलिया काली निराली
सावन आने का कुछ मतलब होगा
बादल छाने का कोई सबब होगा
रिमझिम छाए घटाएँ, ओये क्या बात हो गयी
तेरी चुनरी लहराई, बरसात हो गयी
दिल ने दिल को...

छोड़ ना बैयाँ, पडूँ तेरे पईयां
तारों की छैय्याँ में सईयाँ
इक वो दिन था मिलाती ना थी तू अँखियाँ
इक ये दिन तू जागे सारी-सारी रतियाँ
बन गयी गोरी चकोरी, ओये क्या बात हो गयी
जिसका डर था बेदर्दी, वही बात हो गयी
छुप गये सारे नज़ारे...


ये रेशमी ज़ुल्फें - Ye Reshmi Zulfein (Md.Rafi, Do Raaste)



Movie/Album: दो रास्ते (1969)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी

ये रेशमी ज़ुल्फें, ये शरबती आँखे
इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी

जो ये आँखे शरम से झुक जाएँगी
सारी बातें यहीं बस रुक जाएँगी
चुप रहना ये अफ़साना
कोई इनको ना बतलाना
के इन्हें देखकर पी रहे हैं सभी
ये रेशमी ज़ुल्फें...

जुल्फें मगरूर इतनी हो जाएँगी
दिल को तड़पाएँगी, जी को तरसाएंगी
ये कर देंगी दीवाना
कोई इनको ना बतलाना
के इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी
ये रेशमी ज़ुल्फें...

सारे इनकी शिकायत करते हैं
फिर भी इनसे मोहब्बत करते हैं
ये क्या जादू है जाने
फिर चाक गिरे वा दीवाने
इन्हें देख कर सी रहे हैं सभी
ये रेशमी जुल्फें...


इन्साफ का मंदिर है ये - Insaf Ka Mandir Hai Ye (Md.Rafi, Amar)



Movie/Album: अमर (1954)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी

इन्साफ का मंदिर है ये भगवान का घर है
कहना है जो कह दे तुझे किस बात का डर है

है खोट तेरे मन मे जो भगवान से है दूर
है पाँव तेरे फिर भी तू आने से है मजबूर
हिम्मत है तो आजा, ये भलाई की डगर है
इन्साफ का मंदिर है...

दुःख दे के जो दुखिया से ना इन्साफ करेगा
भगवान भी उसको ना कभी माफ़ करेगा
ये सोच ले हर बात की दाता को खबर है
हिम्मत है तो आजा, ये भलाई की डगर है
इन्साफ का मंदिर है...

है पास तेरे जिसकी अमानत उसे दे दे
निर्धन भी है इंसान, मोहब्बत उसे दे दे
जिस दर पे सभी एक हैं बन्दे, ये वो दर है
इन्साफ का मंदिर है...

मायूस ना हो हार के तक़दीर की बाज़ी
प्यारा है वो गम जिसमें हो भगवान भी राज़ी
दुःख दर्द मिले जिसमें, वही प्यार अमर है
ये सोच ले हर बात की दाता को खबर है
इन्साफ का मंदिर है...


जिन्हें नाज़ है हिन्द पर - Jinhe Naaz Hai Hind Par (Md.Rafi, Pyaasa)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के
ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के
कहाँ हैं, कहाँ है, मुहाफ़िज़ ख़ुदी के
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये पुरपेच गलियाँ, ये बदनाम बाज़ार
ये ग़ुमनाम राही, ये सिक्कों की झन्कार
ये इस्मत के सौदे, ये सौदों पे तकरार
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये सदियों से बेख्वाब, सहमी सी गलियाँ
ये मसली हुई अधखिली ज़र्द कलियाँ
ये बिकती हुई खोखली रंग-रलियाँ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

वो उजले दरीचों में पायल की छन-छन
थकी-हारी साँसों पे तबले की धन-धन
ये बेरूह कमरों में खाँसी की ठन-ठन
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये फूलों के गजरे, ये पीकों के छींटे
ये बेबाक नज़रें, ये गुस्ताख फ़िकरे
ये ढलके बदन और ये बीमार चेहरे
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

यहाँ पीर भी आ चुके हैं, जवाँ भी
तनोमंद बेटे भी, अब्बा, मियाँ भी
ये बीवी भी है और बहन भी है, माँ भी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

मदद चाहती है ये हौवा की बेटी
यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी
पयम्बर की उम्मत, ज़ुलयखां की बेटी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ज़रा मुल्क के रहबरों को बुलाओ
ये कुचे, ये गलियाँ, ये मंजर दिखाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं


राही मनवा दुःख की चिंता - Raahi Manva Dukh Ki Chinta (Md.Rafi, Dosti)



Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

दुःख हो या सुख
जब सदा संग रहे ना कोय
फ़िर दुःख को अपनाईये
के जाए तो दुःख ना होय

राही मनवा दुःख की चिंता क्यूँ सताती है
दुःख तो अपना साथी है
सुख है इक छाँव ढलती, आती है, जाती है
दुःख तो अपना साथी है

दूर है मंजिल दूर सही
प्यार हमारा क्या कम है
पग में काँटे लाख सही
पर ये सहारा क्या कम है
हमराह तेरे कोई अपना तो है
सुख है इक छाँव ढलती...

दुःख हो कोई तब जलते हैं
पथ के दीप निगाहों में
इतनी बड़ी इस दुनिया की
लंबी अकेली राहों में
हमराह तेरे कोई अपना तो है
सुख है इक छाँव...


चाहूँगा मैं तुझे - Chahunga Main Tujhe (Md.Rafi, Dosti)



Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे
फिर भी कभी अब नाम को तेरे
आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा

देख मुझे सब है पता
सुनता है तू मन की सदा
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा...

दर्द भी तू, चैन भी तू
दरस भी तू, नैन भी तू
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा...


जाने वालों ज़रा - Jaane Waalon Zara (Md.Rafi, Dosti)



Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

जाने वालों ज़रा, मुड़ के देखो मुझे
एक इन्सान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जिसने सबको रचा, अपने ही रूप से
उसकी पहचान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...

इस अनोखे जगत की मैं तक़दीर हूँ
मैं विधाता के हाथों की तसवीर हूँ
इस जहां के लिये, धरती माँ के लिये
शिव का वरदान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...

मन के अंदर छिपाए मिलन की लगन
अपने सूरज से हूँ एक बिछड़ी किरन
फिर रहा हूँ भटकता, मैं यहाँ से वहाँ
और परेशान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...

मेरे पास आओ, छोड़ो ये सारा भरम
जो मेरा दुख वही है तुम्हारा भी ग़म
देखता हूँ तुम्हें, जानता हूँ तुम्हें
लाख अन्जान हूँ, मैं तुम्हारी तरह
जाने वालों ज़रा...


मेरी दोस्ती मेरा प्यार - Meri Dosti Mera Pyar (Md.Rafi, Dosti)



Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए
के पग-पग दीप जलाए
मेरी दोस्ती मेरा प्यार

जीवन का यही है दस्तूर
प्यार बिना अकेला मजबूर
दोस्ती को माने तो सब दुख दूर
कोई काहे ठोकर खाए
मेरे संग आए...

दोनो के हैं, रूप हज़ार
पर मेरी सुने जो संसार
दोस्ती है भाई, तो बहना है प्यार
कोई मत चैन चुराए
मेरे संग आए...

प्यार का है, प्यार ही नाम
कहीं मीरा, कहीं घनश्याम
दोस्ती का यारो नहीं कोई दाम
कोइ कहीं दूर ना जाए
मेरे संग आए...


नफरत की दुनिया को छोड़ के - Nafrat Ki Duniya Ko Chhod Ke (Md.Rafi, Haathi Mere Saathi)



Movie/Album: हाथी मेरे साथी (1971)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी

नफरत की दुनिया को छोड़ के
खुश रहना मेरे यार
इस झूठ की नगरी से तोड़ के
नाता जा प्यारे
अमर रहे तेरा प्यार
खुश रहना मेरे यार...

जब जानवर कोई इंसान को मारे
कहते हैं दुनिया में वहशी उसे सारे
एक जानवर की जान आज इंसानों ने ली है
चुप क्यों है संसार
खुश रहना मेरे यार...

बस आखिरी सुन ले, ये मेल है अपना
बस ख़त्म है साथी, ये खेल है अपना
अब याद में तेरी बीत जायेंगे रो रो के
जीवन के दिन चार
नफरत की दुनिया को...


तेरी जुल्फों से जुदाई - Teri Zulfon Se Judai (Md.Rafi)



Movie/Album: जब प्यार किसी से होता है (1961)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

तेरी ज़ुल्फ़ों से जुदाई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी, रिहाई तो नहीं माँगी थी

मैंने क्या ज़ुल्म किया, आप खफ़ा हो बैठे
प्यार माँगा था, खुदाई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी...

मेरा हक़ था तेरी आंखों की छलकती मय पर
चीज़ अपनी थी, पराई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी...

अपने बीमार पे, इतना भी सितम ठीक नहीं
तेरी उल्फ़त में, बुराई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी...

चाहने वालों को कभी, तूने सितम भी ना दिया
तेरी महफ़िल से, रुसवाई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी...


जिया ओ जिया - Jiya O Jiya (Md.Rafi)



Movie/Album: जब प्यार किसी से होता है (1961)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

जिया ओ, जिया ओ जिया कुछ बोल दो
अरे ओ, दिल का पर्दा खोल दो
जब प्यार किसी से होता है
तो दर्द सा दिल में होता है
तुम एक हसीन हो लाखों में
भला पा के तुम्हें कोई खोता है
जिया ओ जिया...

नज़रों से कितने तीर चले
चलने दो जिगर पर झेलेंगे
इन प्यार की उजली राहों पर
हम जान की बाज़ी खेलेंगे
इन दो नैनों के सागर में
कोई दिल की नैया डुबोता है
जिया ओ जिया...

तुम भी तो इस आग में जलते हो
चेहरे से बयां हो जाता है
हर बात पे आहें भरते हो
हर बात पे दिल थर्राता है
जब दिल पे छुरियां चलती हैं
तो चैन से कोई सोता है
जिया ओ जिया...


सौ साल पहले - Sau Saal Pehle (Md.Rafi)



Movie/Album: जब प्यार किसी से होता है (1961)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

सौ साल पहले, मुझे तुमसे प्यार था
आज भी है और कल भी रहेगा
सदियों से तुझसे मिलने, जिया बेक़रार था
आज भी है और कल भी रहेगा

तुम रूठा ना करो
मेरी जाँ मेरी जान निकल जाती है
तुम हँसती रहती हो
तो इक बिजली सी चमक जाती है
मुझे जीते जी ओ दिलबर, तेरा इंतज़ार था
आज भी है और..

इस दिल के तारों में
मधुर झनकार तुम्हीं से है
और ये हसीन जलवा
ये मस्त बहार तुम्हीं से है
दिल तो मेरा सनम, तेरा तलबगार था
आज भी है और...

इन प्यार की राहों में
कहो तो अब दिल को लुटा दूँ मैं
ओ चाँदी के क़दमों में
धड़कते दिल को बिछा दूँ मैं
तुझे मेरे जीवन पर सदा इख़्तियार था
आज भी है और...


मेरा मन तेरा प्यासा - Mera Mann Tera Pyasa (Md.Rafi)



Movie/Album: गैम्बलर (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: मो.रफ़ी

मेरा मन तेरा प्यासा, मेरा मन तेरा
पूरी कब होगी आशा, मेरा मन तेरा

जबसे मैंने देखा तुझे मेरा मन नहीं रहा, मेरा
दे दे अपना हाथ मेरे हाथों में क्या जाए, तेरा
अब तो न तोड़ो आशा
मेरा मन तेरा प्यासा...

ज़िन्दगी है मेरी इक दाँव, तू है हार-जीत, मेरी
ऐसे वैसे कैसे भी तू खेल हमसे जैसे मर्ज़ी, तेरी
कितनी है भोली आशा
मेरा मन तेरा प्यासा...

पता नहीं कौन हूँ मैं, क्या हूँ और कहाँ मुझे, जाना
अपनी वो कहानी जो अंजानी हो के बन गई, फ़साना
जीवन क्या है, तमाशा
मेरा मन तेरा प्यासा...


ज़माने ने मारे - Zamane Ne Maare (Md.Rafi)



Movie/Album: बहारों के सपने (1967)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानुरी
Performed By: मो.रफ़ी

ज़माने ने मारे जवाँ कैसे-कैसे
ज़मीं खा गई आसमाँ कैसे-कैसे
पले थे जो कल रंग में धूल में
हुए दर-ब-दर कारवाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे...

हज़ारों के तन कैसे शीशे हों चूर
जला धूप में कितनी आँखों का नूर
चेहरे पे ग़म के निशाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे...

लहू बन के बहते वो आँसू तमाम
कि होगा इन्हीं से बहारों का नाम
बनेंगे अभी आशियाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे...


चली चली रे पतंग - Chali Chali Re Patang (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Bhabhi)



Movie/Album: भाभी (1957)
Music By:
चित्रगुप्त
Lyrics By:
राजिंदर कृषण
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

चली-चली रे पतंग मेरी चली रे
चली बादलों के पार, हो के डोर पे सवार
सारी दुनिया ये देख-देख जली रे
चली-चली रे पतंग...

यूँ मस्त हवा में लहराए
जैसे उड़न खटोला उड़ा जाए
ले के मन में लगन, जैसे कोई दुल्हन
चली जाए रे सांवरिया की गली रे
चली-चली रे पतंग...

रंग मेरी पतंग का धानी
है ये नील गगन की रानी
बांकी-बांकी है उठान, है उमर भी जवान
लागे पतली कमर बड़ी भली रे
चली-चली रे पतंग...

छूना मत देख अकेली
है साथ में डोर सहेली
है ये बिजली की तार, बड़ी तेज़ है कतार
देगी काट के रख, दिलजली रे
चली-चली रे पतंग...


दिल का भंवर करे - Dil Ka Bhanwar Kare (Md.Rafi)



Movie/Album: तेरे घर के सामने (1963)
Music By: एस.डी.बर्मन

Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

दिल का भंवर करे पुकार
प्यार का राग सुनो
प्यार का राग सुनो रे

फूल तुम गुलाब का, क्या जवाब आपका
जो अदा है, वो बहार है
आज दिल की बेकली, आ गई ज़बान पर
बात ये है, तुमसे प्यार है
दिल तुम्हीं को दिया रे, प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर...

चाहे तुम मिटाना, पर न तुम गिराना
आँसू की तरह निगाह से
प्यार की उँचाई, इश्क़ की गहराई
पूछ लो हमारी आह से
आसमाँ छू लिया रे, प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर...

इस हसीन उतार पे, हम न बैठे हार के
साया बन के साथ हम चले
आज मेरे संग तो, गूँजे दिल की आरज़ू
तुझसे मेरी आँख जब मिले
जाने क्या कर दिया रे, प्यार का राग सुनो
दिल का भंवर...

आप का ये आँचल, प्यार का ये बादल
फिर हमें ज़मीं पे ले चला
अब तो हाथ थाम लो, इक नज़र का जाम दो
इस नये सफ़र का वस्ता
तुम मेरे साक़िया रे, प्यार का राग सुनो रे
दिल का भंवर...


देखो रूठा ना करो - Dekho Rootha Na Karo (Md.Rafi, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: तेरे घर के सामने (1963)
Music By: एस.डी.बर्मन

Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

देखो रूठा ना करो, बात नज़रों की सुनो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो...

चेहरा तो लाल हुआ, क्या क्या हाल हुआ
इस अदा पर तेरी, मैं तो पागल हुआ
तुम बिगड़ने जो लगो,  और भी हंसीं लगो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो...

जान पर मेरी बनी, आपकी ठहरी हंसी
हाय मैं जान गई, प्यार की चिकनागरी
दिल जलाने के लिये, ठंडी आहें न भरो
देखो रूठा ना करो...

तेरी खुशबू ने मेरे, होश भी छीन लिये
है खुशी आज हमें, तेरे पहलू में गिरे
दिल की धड़कन पे ज़रा, फूल सा हाथ रखो
हम न बोलेंगे कभी...

क्या कहेगा ये समां, इन राहों का धुँआ
लाज आए मुझे, मुझको लाए हो कहाँ
हम तुम्हें मान गए, तुम बड़े वो हो हटो
देखो रूठा ना करो...


तेरे घर के सामने - Tere Ghar Ke Samne (Md.Rafi, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: तेरे घर के सामने (1963)
Music By: एस.डी.बर्मन

Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा, तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने
इक घर बनाऊंगा...

घर का बनाना कोई, आसान काम नहीं
दुनिया बसाना कोई, आसान काम नहीं
दिल में वफ़ायें हों तो, तूफ़ां किनारा है
बिजली हमारे लिये, प्यार का इशारा है
तन मन लुटाऊंगा, तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने...

कहते हैं प्यार जिसे, दरिया है आग का
या फिर नशा है कोई, जीवन के राग का
दिल में जो प्यार हो तो, आग भी फूल है
सच्ची लगन जो हो तो, पर्बत भी धूल है
तारे सजाऊंगा, तेरे घर के सामने
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने...

कांटों भरे हैं लेकिन, चाहत के रास्ते
तुम क्या करोगे देखें, उल्फत के वास्ते
उल्फत में ताज़ छूटे, ये भी तुम्हें याद होग
उल्फत में ताज़ बने, ये भी तुम्हें याद होग
मैं भी कुछ बनाऊंगा (हूँ) तेरे घर के सामने (देखें)
दुनिया बसाऊंगा, तेरे घर के सामने...


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