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फूल ही फूल खिल उठे - Phool Hi Phool Khil Uthe (Mehdi Hasan, Ghazal)



Music By: मेहदी हसन
Lyrics By: हामिद मदनी
Performed By: मेहदी हसन

फूल ही फूल खिल उठे मेरे पैमाने में
आप क्या आये बहार आ गई मयखाने में

आप कुछ यूँ मेरे आईना-ए-दिल में आये
जिस तरह चाँद उतर आया हो पैमाने में
आप क्या आये...

आपके नाम से ताबिंदा है उनवान-ए-हयात
वर्ना कुछ बात नहीं थी मेरे अफ़साने में
आप क्या आये...


मोहब्बत करने वाले - Mohabbat Karne Waale (Mehdi Hasan, Farida Khanum)



Lyrics By: हफीज़ होशियारपुरी
Performed By: मेहदी हसन, फ़रीदा ख़ानूम

मोहब्बत करनेवाले कम ना होंगे
तेरी महफ़िल में लेकिन हम ना होंगे

ज़माने भर के ग़म या इक तेरा ग़म
ये ग़म होगा तो कितने ग़म ना होंगे
तेरी महफ़िल में...

अगर तू इत्तिफ़ाक़न मिल भी जाये
तेरी फुरक़त के सदमें कम ना होंगे
तेरी महफ़िल में...

दिलों की उलझनें बढ़ती रहेंगी
अगर कुछ मशवरे बाहम ना होंगे
तेरी महफ़िल में...

'हफ़ीज़' उनसे मैं जितना बदगुमाँ हूँ
वो मुझसे इस क़दर बारहम ना होंगे
तेरी महफ़िल में...


देख तो दिल कि जाँ - Dekh To Dil Ki Jaan (Mehdi Hassan, Ghazal)



Music By: मेहदी हसन
Lyrics By: मीर तक़ी मीर
Performed By: मेहदी हसन

देख तो दिल कि जाँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ से उठता है

गोर किस दिलजले की है ये फ़लक
शोला इक सुब्हो याँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

यूँ उठे आह उस गली से हम
जैसे कोई जहां से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

बैठने कौन दे है फिर उसको
जो तेरे आस्ताँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

इश्क़ इक 'मीर' भारी पत्थर है
कब ये तुझ ना-तवाँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ...

मेहदी हसन साहब की ग़ज़ल में ये शेर नहीं सुनाई दिए हैं
ख़ाना-ए-दिल से ज़ीनहार न जा
कोई ऐसे मकाँ से उठता है

नाला सर खींचता है जब मेरा
शोर इक आसमाँ से उठता है

लड़ती है उस की चश्म-ए-शोख़ जहाँ
एक आशोब वाँ से उठता है

सुध ले घर की भी शोला-ए-आवाज़
दूद कुछ आशियाँ से उठता है


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