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सांस - Saans (Shreya Ghoshal, Mohit Chauhan, Jab Tak Hai Jaan)



Movie/Album: जब तक है जान (2012)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहित चौहान

साँस में तेरी साँस मिली तो
मुझे साँस आई
रूह ने छू ली जिस्म की खुश्बू
तू जो पास आई

कब तक होश संभाले कोई
होश उड़े तो उड़ जाने दो
दिल कब सीधी राह चला है
राह मुड़े तो मुड़ जाने दो
तेरे ख़याल में डूबके अक्सर
अच्छी लगी तन्हाई
साँस में तेरी...

रात तेरी बाँहों में कटे तो
सुबह बड़ी हलकी लगती है
आँख में रहने लगे हो क्या तुम
क्यूँ छलकी-छलकी लगती है
मुझको फिर से छू के बोलो
मेरी कसम क्या खाई
साँस में तेरी...


गुंचा कोई - Guncha Koi (Mohit Chauhan, Main Meri Patni Aur Woh)



Movie/Album: मैं, मेरी पत्नी और वो (2005)
Music By: मोहित चौहान
Lyrics By: रॉकी खन्ना
Performed By: मोहित चौहान

गुंचा कोई मेरे नाम कर दिया
साकी ने फिर मेरा जाम भर दिया
गुंचा कोई...

तुम जैसा कोई नहीं इस जहान में
सुबह को तेरी ज़ुल्फ़ ने, शाम कर दिया
साकी ने फिर से मेरा...

महफ़िल में, बार-बार इधर देखा किये
आँखों की जज़ीरों को मेरे नाम कर दिया
साकी ने फिर से मेरा...

होश बेखबर से हुए उनके बगैर
वो जो हमसे कह न सके, दिल ने कह दिया
साकी ने फिर से मेरा...


मटरगश्ती - Matargashti (Mohit Chauhan, Tamasha)



Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By:
ए.आर.रहमान
Lyrics By:
इरशाद क़ामिल
Performed By: मोहित चौहान

मटरगश्ती खुली सड़क में, तगड़ी तड़क भड़क में
ओले गिरे सुलगते से सुलगते से सड़क में
छतरी ना थी बगल में, आया ही ना अकल में
के भागे हम या भीगे हम अकड़ में
तो सोचा फिर
गीला हुआ है जो सुखाना, हो हो हो
चाहे ज़नाना या मर्दाना, हो हो हो
अटेंशन!
फैंका नया पासा, फिर दे गयी झांसा
ऐवें मुझे फांसा
चिरकुट ज़िन्दगी, यूँ ना

तू ही है वो, जिससे खेला था मैं खो-खो
खेला था खो खो, तू है
लैला शिरी सोहनी जूलिएट, सुन लो
मुझको, ढूँढो ना जंगल में
मैं तो, व्हाट्सऐप में हूँ, हा हा हा..
ना तेरा, ना मेरा ज़माना, हो हो हो
ना ये ज़नाना ना मरदाना...
ओ गड़बड़, फैंका नया पासा...

तू ही है वो जिसने खेंची मेरी धोती
धोती खैंची, अब तू ढूंढे कहाँ बंदे
ना मैं काबा, काशी, मैं ट्विटर पे हूँ
डीपी मेरी देखो, हो ओ हो
सुन रे सुन बेलिया, दिल ने धोखा दिया
आँखें मिली तुमसे नाज़नी
मेरे होश-ओ-हवास खो गए
हो दिल ने रो रो कहा
ये आँखें है दिल की जुबां
ख्वाब रोज़ रोज़ देखे नए
हो, दिल का भंवर बोले सुन साथिया
छुप ना दुपट्टे में तू ओ छलिया
प्रेम पुजारी के दिल का बयां होता रहा
रोता रहा प्रिये
तो फिर टंग टंग...
मटरगश्ती खुली सड़क में...


तुम हो पास मेरे - Tum Ho Paas Mere (Mohit Chauhan, Rockstar)



Movie/Album: रॉकस्टार (2011)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: मोहित चौहान, सुज़ैन डी मेलौ

तुम हो पास मेरे, साथ मेरे हो तुम यूँ
जितना महसूस करूँ तुमको
उतना ही पा भी लूँ
तुम हो मेरे लिये, मेरे लिये हो तुम यूँ
ख़ुद को मैं हार गया तुमको
तुमको मैं जीता हूँ

कहीं से कहीं को भी
आओ बेवजह चलें हम
पूछे बिना किसी से हम मिलें
बंदिशें ना रहीं कोई बाकी, तुम हो
तुम हो पास मेरे...

किस तरह छीनेगा मुझसे ये जहां तुम्हें
तुम भी हो मैं, क्या फ़िकर अब हमें
तुम हो मेरे लिये, मेरे लिये हो तुम यूँ
ख़ुद को मैं हार गया तुमको, तुमको मैं जीता हूँ
तुम हो...


यूँ ही - Yun Hi (Mohit Chauhan, Ujjaini, Tanu Weds Manu)



Movie/Album: तनु वेड्स मनु (2011)
Music By: क्रस्ना
Lyrics By: राज शेखर
Performed By: मोहित चौहान, उज्जैनी

कितने दफ़े दिल ने कहा
दिल की सुनी कितने दफ़े
वैसे तो तेरी ना में भी
मैंने ढूँढ ली अपनी ख़ुशी
तू जो अगर हाँ कहे
तो बात होगी और ही
दिल ही रखने को कभी, ऊपर-ऊपर से सही
कह दे ना हाँ, कह दे ना हाँ यूँ ही
कितने दफ़े दिल ने...

कितने दफ़े हैराँ हुआ मैं ये सोच के
उठती है इबादत की खुशबुएँ क्यूँ मेरे इश्क से
जैसे ही मेरे होंठ ये छू लेते हैं तेरे नाम को
लगे के सजदा किया, कह के तुझे शबद के बोल दूँ
ये खुदाई छोड़ के, फिर आजा तू ज़मीं पे
और जा ना कहीं, तू साथ रह जा मेरे
कितने दफ़े दिल...

कितने दफ़े मुझको लगा तेरे साथ उड़ते हुए
आसमानी दुकानों से ढूँढ के पिघला दूँ मैं चाँद ये
तुम्हारे इन कानों में, पहना भी दूँ बुँदे बना
फिर ये मैं सोच लूँ, समझेगी तू जो मैं न कह सका
पर डरता हूँ अभी, ना ये तू पूछे कहीं
क्यूँ लाये हो ये, क्यूँ लाये हो ये यूँ ही
कितने दफ़े दिल...


अच्छा लगता है - Achha Lagta Hai (Shreya Ghoshal, Mohit Chauhan, Aarakshan)



Movie/Album: आरक्षण (2011)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: श्रेया घोषाल, मोहित चौहान

झटक कर ज़ुल्फ़ जब तुम तौलिए से
बारिशें आज़ाद करती हो अच्छा लगता है
हिला कर होंठ जब भी हौले हौले
गुफ़्तगु को साज़ करती हो अच्छा लगता है
ओ खुशबू से बहलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना
आँख में आँखे डाल के कह दो
ख़्वाबो में बहलाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना

अलग एहसास होता है, तुम्हारे पास होने का
सरकती सरसराहट की, नदी में रेशमी लम्हें भिगोने का
ओ हो हो ज़रा सा मोड़ कर गर्दन
जब अपनी ही अदा पे नाज़ करती हो अच्छा लगता है
ओ लफ़्ज़ों से बहलाओ ना
झूठी मूठी बहकाओ ना
हाथों को हाथों में ले के
वो तीन शब्द टपकाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना...

वो तेरे ध्यान की खुशबू, मैं सर तक ओढ़ लेता हूँ
भटकती साँस को तेरी गली में गुनगुनाने छोड़ देता हूँ
हो हो हो तुम अपनी खिड़कियों को खोल कर
जब भी नए आगाज़ करती हो अच्छा लगता है
हो गली गली भटकाओ ना
घड़ी घड़ी उलझाओ ना
सेंटी हो मैं जान गयी हूँ
ऐक्शन भी दिखलाओ ना
जरा शॉर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना...


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