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रंग दी प्रीत ने रंग दी - Rang Di Preet Ne Rang Di (Nitin Mukesh, Kavita Krishnamoorthy, Dhanwan)



Movie/Album: धनवान (1993)
Music By: आनंद मिलिंद
Lyrics By: समीर
Performed By: नितिन मुकेश, कविता कृष्णमूर्ति

रंग दी प्रीत ने रंग दी
बाली उमर कोरी कोरी
रंग दी प्रीत ने..

गोरी के रंग रंगा सांवरा
सांवरे के रंग रंगी गोरी
रंग दी प्रीत ने...

जागी उमंगें पागल तरंगें
छेड़ा बसंती बयारो ने
तन मेरा डूबा, मन मेरा डूबा
वो रंग डाला बहारों ने
क्या कह रहा काजल तेरा
छोड़ो ज़रा आँचल मेरा
धरती गगन खुश्बू चमन
खोये हैं मस्ती की बाहों में
भांग दे भांग दे, थोड़ी सी भांग दे
हम भी मानेंगे होली..
फागुन ने पागल किया है
नैना मिले हमसे चोरी
रंग दी प्रीत ने...

साँसों ने जोड़ा साँसे से नाता
बेला यही तो मिलन की है
साँसों ने जोड़ा साँसों से नाता
बेला यही तो मिलन की है
सतरंगी चोली सपनों की डोली
पलकों में सूरज दुल्हन की है
देखूं तुझे चूड़ी बजे
सिन्दूर की बिंदिया सजे
खुशियों भरी शहनाई
बजती है सारी फिज़ाओं में
रंग दी प्रीत ने रंग दी...


ज़िन्दगी की न टूटे लड़ी - Zindagi Ki Na Toote (Lata, Nitin Mukesh, Kranti)



Movie/Album: क्रांति (1981)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: लता मंगेशकर, नितिन मुकेश

ज़िन्दगी की ना टूटे लड़ी
प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी
लम्बी-लम्बी उमरिया को छोड़ो
प्यार की इक घड़ी है बड़ी
प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी
ज़िन्दगी की ना...

उन आँखों का हँसना भी क्या
जिन आँखों में पानी न हो
वो जवानी, जवानी नहीं
जिसकी कोई कहानी न हो
आँसू हैं ख़ुशी की लड़ी
प्यार कर ले...

मितवा तेरे बिना, लागे ना रे जियरा
आज से अपना वादा रहा
हम मिलेंगे हर एक मोड़ पर
दिल की दुनिया बसायेंगे हम
ग़म की दुनिया का डर छोड़ कर
जीने मरने की किसको पड़ी
प्यार कर ले...

लाख गहरा हो सागर तो क्या
प्यार से कुछ भी गहरा नहीं
दिल की दीवानी हर मौज पर
आसमानों का पहरा नहीं
टूट जायेगी, हर हथकड़ी
प्यार कर ले...


आगे सुख तो पीछे दुःख है - Aage Sukh To Peeche Dukh Hai (Kavita, Nitin, Eeshwar)



Movie/Album: ईश्वर (1989)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: अनजान
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति, नितिन मुकेश

आगे सुख तो पीछे दुःख है
पीछे दुःख तो आगे सुख है
अरे दुःख में कोई सुख है
ओह आस-निरास के रंग-रंगी है
सारी उमरिया मितवा रे...

कह गए जोगी ज्ञानी-ज्ञानी
इस जीवन की अजब कहानी
ज़िन्दगी के कई रंग
कई रंग, कई रूप
कहीं छाँव, कहीं धूप
कोई जाने ना, पहचाने ना
कभी सुख तो कभी दुःख है...

अपना सोचा कब होता है
वो जब सोचे तब होता है
ना ना ना
वो जब सोचे सब होता है
कोई लाख करे शोर
जिसके हाथ में है डोर
उसपर कहाँ चले जोर
कोई जाने ना, हाँ पहचाने ने
थोड़ा सुख तो, थोड़ा दुःख है
थोड़ा दुःख तो, थोड़ा सुख है

जो भी दुखों से हार न माने
उसका जीवन ही जीवन है
दुःख सीता की अग्नि परीक्षा
सुख सीता संग राम मिलन है
जीवन दुःख ही दुःख है
आगे सुख तो पीछे...


हँसते-हँसते कट जाए रस्ते - Hanste Hanste Kat Jaaye Raste (Nitin, Sadhna, Khoon Bhari Maang)



Movie/Album: खून भरी मांग (1988)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: नितिन मुकेश, साधना सरगम

हँसते-हँसते कट जाए रस्ते
ज़िन्दगी यूँ ही चलती रहे
खुशी मिले या गम
बदलेंगे ना हम
दुनिया चाहे बदलती रहे

होठों से बिजली चमके जब
जब तू मुस्काती है
सारी हसीनाओं से
हसीं तू हो जाती है
तेरी इन्हीं बातों से
जान में जान आती है
हँसते-हँसते कट जाए...

चमका मेरा चेहरा
सामने जब तू आया
तुझे लगा जो हसीं
वो है तेरा ही साया
तेरी इसी अदा ने
आशिक़ मुझे बनाया
हँसते-हँसते कट जाए...

हर पल हर दिन हरदम
तुझको देखना चाहूँ
रब कोई पूजे तो पूजे
मैं तुझे पूजना चाहूँ
ऐसे ही चाहा करे तू
और भला क्या चाहूँ
हँसते-हँसते कट जाए...


सो गया ये जहां - So Gaya Ye Jahan (Nitin, Alka, Shabbir, Tezaab)



Movie/Album: तेज़ाब (1988)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अल्का यागनिक, नितिन मुकेश, शब्बीर कुमार

सो गया ये जहां, सो गया आसमां
सो गईं हैं सारी मंज़िलें, सो गया है रस्ता
सो गया ये जहां...

रात आई तो वो जिनके घर थे
वो घर को गए सो गए
रात आई तो हम जैसे आवारा
फिर निकले राहों में और खो गए
इस गली, उस गली, इस नगर, उस नगर
जाएँ भी तो कहाँ जाना चाहें अगर
सो गई हैं सारी मंज़िलें...

कुछ मेरी सुनो, कुछ अपनी कहो
हो पास तो ऐसे, चुप ना रहो
हम पास भी हैं, और दूर भी हैं
आज़ाद भी हैं, मजबूर भी हैं
क्यूँ प्यार का मौसम बीत गया
क्यूँ हमसे ज़माना जीत गया
हर घड़ी मेरा दिल ग़म के घेरे में है
ज़िन्दगी दूर तक अब अँधेरे में है
सो गयी हैं सारी मंज़िलें...


चना जोर गरम - Chana Jor Garam (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Kishore Kumar, Nitin Mukesh, Kranti)



Movie/Album: क्रांति (1981)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: लता मंगेशकर, किशोर कुमार, मोहम्मद रफ़ी, नितिन मुकेश

दुनिया के हों लाख धरम पर अपना एक करम
चना जोर गरम
चना जोर गरम, बाबू मैं लाई मज़ेदार
चना जोर गरम
चना जोर गरम, बाबू मैं लाया मज़ेदार
चना जोर गरम

मेरा चना बना है आला
जिसमें डाला गरम-मसाला
इसको खाएगा दिलवाला
चना जोर गरम...

मेरा चना खा गया गोरा
खा के बन गया तगड़ा घोड़ा
मैंने पकड़ के उसे मरोड़ा
मार के टंगड़ी उसको तोड़ा
चना जोर गरम...

मेरे चने की आँख शराबी, शराबी
इसके देखो गाल गुलाबी, गुलाबी
इसका कोई नहीं जवाबी
जैसे कोई कुड़ी पंजाबी
नाचे छनन-छनन, नाचे छनन-छनन
कोठे चढ़ के तैनू पुकाराँ सुन ले मेरे बलम
चना ज़ोर गरम...

मेरा चना खा गए गोरे, गोरे
जो गिनती में थे थोड़े
फिर भी मारें हमको कोड़े
लाखों कोड़े टूटे फिर भी टूटा न दम-खम
चना ज़ोर गरम...

मेरा चना है अपनी मर्ज़ी का
ये दुश्मन है ख़ुदगर्ज़ी का
सर क़फ़न बाँध के निकला है
दीवाना है ये पगला है
अपनों से नाता जोड़ेगा
ग़ैरों के सर को फोड़ेगा
अपना ये वचन निभाएगा
माटी का कर्ज़ चुकाएगा
मिट जाने को मिट जाएगा
आज़ाद वतन कर जाएगा
न तो चोरी है, न तो डाका है
बस ये तो एक धमाका है
धमाके में आवाज़ भी है
एक सोज़ भी है, एक साज़ भी है
समझो तो बात ये साफ़ भी है
और न समझो तो राज़ भी है
अपनी धरती अपना है गगन
ये मेरा है, मेरा है वतन
इस पर जो आँख उठाएगा
ज़िन्दा दफ़नाया जाएगा
मेरा चना है..


तेरी झील सी गहरी आँखों - Teri Jheel Si Gehri Aankhon (Nitin Mukesh, Vani Jairam, Dhuen Ki Lakeer)



Movie/Album: धुंए की लकीर (1974)
Music By: श्यामजी घनश्यामजी
Lyrics By: रामेश्वर त्यागी
Performed By: नितिन मुकेश, वाणी जयराम

तेरी झील सी गहरी आँखों में
कुछ देखा हमने
क्या देखा?
तुम बताओ
मैं समझ गई रे, दीवाने
तूने रात कोई सपना देखा
तेरी झील सी गहरी...

साँसों में छिपी धड़कन के संग
जब प्यार ने ली थी अंगडाई
एक स्वर्ग-परी छम-छम करती
बाँहों में मेरी, आ, मुस्काई
मदमस्त जवानी का पलकों के
आँचल में छिपना देखा
मैं समझ गई रे...

अमृत के सागर की श्रुति
मंदिर के दीपक की ज्योति
अल्हड़ कमलों पर पड़े हुए
हीरे, नीलम, माणिक, मोती
तेरी उठती-झुकती पलकों में
सूरज देखा, चंदा देखा
मैं समझ गई रे...


वफ़ा ना रास आई - Wafa Na Raas Aayi (Nitin Mukesh, Bewafa Sanam)



Movie/Album: बेवफा सनम (1995)
Music By: निखिल-विनय
Lyrics By: योगेश
Performed By: नितिन मुकेश

वफ़ा ना रास आई. तुझे ओ हरजाई
मुझे ओ बेवफा ज़रा ये तो बता
तूने आग ये कैसी लगाई
वफ़ा ना रास आई...

दौलत के नशे में तूने मुझे
नज़रों से अपनी दूर किया
मेरे प्यार का शीश महल तूने
एक पल में चकनाचूर किया
मुझे दे के यूँ ग़म, ऐसे करके सितम
तूने मेरी वफ़ा ठुकराई
वफ़ा ना रास आई...

तूने रूप खिज़ाओं का बख्शा
मेरे गुलशन की हरियाली को
आबाद नशेमन था जिस पर
तूने काट दिया उस डाली को
मेरे सीने के सुख, दिए तूने हैं दुःख
सारी रस्मे-कसमें भुलाई
वफ़ा ना रास आई...

मोहलत ना मिले शायद मुझको
अब तुझसे बिछड़ के मिलने की
अरमान हुये सब ख़ाक मेरे
ख्वाहिश ना रही अब जीने की
यादों की चुभन, साँसों की अगन
मेरे मन है आज समाई
वफ़ा ना रास आई...


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