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हम करें राष्ट्र आराधन - Hum Kare Rashtra Aradhan (Chanakya, Doordarshan)



Movie/Album: चाणक्य [डी.डी.१] (1991)
Music By: अशित देसाई
Lyrics By: 'जयशंकर प्रसाद' या 'विश्वनाथ शुक्ला' या 'हरिवंश प्रसाद शुक्ला'
Performed By: तक्षशिला विश्वविद्यालय के छात्र

हम करें राष्ट्र आराधन, आराधन
हम करें राष्ट्र आराधन, आराधन
तन से, मन से, धन से
तन मन धन जीवन से
हम करें राष्ट्र आराधन, आराधन

अन्तर से, मुख से, कृति से
निश्छल हो निर्मल मति से
श्रद्धा से मस्तक नत से
हम करें राष्ट्र अभिवादन
हम करें राष्ट्र आराधन...

अपने हँसते शैशव से
अपने खिलते यौवन से
प्रौढ़ता पूर्ण जीवन से
हम करें राष्ट्र का अर्चन
हम करें राष्ट्र का अर्चन
हम करें राष्ट्र आराधन...

अपने अतीत को पढ़कर
अपना इतिहास उलटकर
अपना भवितव्य समझकर
हम करें राष्ट्र का चिंतन
हम करें राष्ट्र का चिंतन
हम करें राष्ट्र आराधन...

है याद हमें युग युग की
जलती अनेक घटनायें
जो माँ की सेवा पथ पर
आई बनकर विपदायें
हमने अभिषेक किया था
जननी का अरिशोणित से
हमने श्रृंगार किया था
माता का अरिमुंडो से

हमने ही उसे दिया था
सांस्कृतिक उच्च सिंहासन
माँ जिस पर बैठी सुख से
करती थी जग का शासन
अब काल चक्र की गति से
वह टूट गया सिंहासन
अपना तन मन धन देकर
हम करें राष्ट्र आराधन...


दुल्हन चली, हाँ पहन चली - Dulhan Chali, Haan Pehen Chali (Mahendra Kapoor, Purab Aur Paschim)



Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर

पूरब में सूरज ने छेड़ी, जब किरणों की शहनाई
चमक उठा सिन्दूर गगन पे, पच्छिम तक लाली छाई

दुल्हन चली, हाँ पहन चली
हो रे दुल्हन चली, हो पहन चली
तीन रंग की चोली
बाहों में लहराए गंगा जमुना
देख के दुनिया डोली
दुल्हन चली...

ताजमहल जैसी ताजा है सूरत
चलती फिरती अजंता की मूरत
मेल मिलाप की मेहंदी रचाए
बलिदानों की रंगोली
दुल्हन चली...

मुख चमके ज्यूँ हिमालय की चोटी
हो ना पड़ोसी की नियत खोटी
ओ घर वालों ज़रा इसको संभालो
ये तो है बड़ी भोली
दुल्हन चली...

चाँदी रंग अंग है, तो धनि तरंग लहंगा
सोने रंग चूने का मोल बड़ा महंगा
मन सीता जैसा, वचन गीता जैसे
डोले प्रीत की बोली
दुल्हन चली...

और सजेगी अभी और संवरेगी
चढ़ती उमरिया है और निखरेगी
अपनी आजादी की दुल्हनिया
दीप के ऊपर होली
दुल्हन चली...

देश प्रेम ही आजादी की दुल्हनिया का वर है
इस अलबेली दुल्हन का सिंदूर सुहाग अमर है
माता है कस्तूरबा जैसी, बाबुल गाँधी जैसे
चाचा इसके नेहरु, शास्त्री, डरे ना दुश्मन कैसे
वीर शिवाजी जैसे वीरे, लक्ष्मी बाई बहना
लक्ष्मण जिसके बोध, भगत सिंह, उसका फिर क्या कहना
जिसके लिए जवान बहा सकते हैं खून की गंगा
आगे पीछे तीनो सेना ले के चले तिरंगा
सेना चलती है ले के तिरंगा
हो कोई हम प्रान्त के वासी हो कोई भी भाषा भाषी
सबसे पहले हैं भारतवासी


आवाज़ दो हम एक हैं - Awaaz Do Hum Ek Hain (Md.Rafi, Patriotic Song)



Music By: खैय्याम
Lyrics By:
जाँ निसार अख्तर
Performed By: मो.रफ़ी

एक है अपनी ज़मीं, एक है अपना गगन
एक है अपना जहां, एक है अपना वतन
अपने सभी सुख एक हैं, अपने सभी ग़म एक हैं
आवाज़ दो, आवाज़ दो हम एक हैं, हम एक हैं

ये वक़्त खोने का नहीं, ये वक़्त सोने का नहीं
जागो वतन ख़तरे में है, सारा चमन खतरे में है
फूलों के चेहरे ज़र्द हैं, ज़ुल्फ़ें फ़िज़ा की गर्द हैं
उमड़ा हुआ तूफ़ान है, नरगे में हिन्दुस्तान है
दुश्मन से नफ़रत फ़र्ज़ है, घर की हिफ़ाज़त फ़र्ज़ है
बेदार हो, बेदार हो, आमादा-ए-पैकार हो
आवाज़ दो हम एक हैं...

ये है हिमाला की ज़मीं, ताज-ओ-अजंता की ज़मीं
संगम हमारी आन है, चित्तौड़ अपनी शान है
गुल्मर्ग का महका चमन, जमुना का तट, गोकुल का बन
गंगा के धारे अपने हैं, ये सब हमारे अपने हैं
कह दो कोई दुश्मन नज़र, उठे न भूले से इधर
कह दो के हम बेदार हैं, कह दो के हम तैयार हैं
आवाज़ दो हम एक हैं...

उठो जवानां-ए-वतन, बाँधे हुए सर से कफ़न
उठो दकन की ओर से, गंग-ओ-जमन की ओर से
पंजाब के दिल से उठो, सतलुज के साहिल से उठो
महाराष्ट्र की खाक से, दिल्ली की अर्ज़-ए-पाक से
बंगाल से गुजरात से, कश्मीर के बागात से
नेफ़ा से, राजस्थान से, कुल खाके हिन्दोस्तान से
आवाज़ दो हम एक हैं...


देखो वीर जवानों अपने - Dekho Veer Jawanon Apne (Kishore Kumar, Aakraman)



Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार

मेरी जान से प्यारे, तुझको तेरा
देश पुकारा जा
जा भैया, जा बेटा
जा मेरे यारा जा

देखो वीर जवानों अपने, खून पे ये इल्जाम न आए
माँ ना कहे के मेरे बेटे, वक़्त पड़ा तो काम न आए
देखो वीर जवानों अपने, खून पे ये इल्जाम न आए
देखो वीर जवानों...

हम पहले भारतवासी
फिर हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई
हम पहले भारतवासी
नाम जुदा है तो क्या
भारत माँ के सब बेटे हैं भाई
अब्दुल उसके बच्चों को पाले
जो घर वापस राम न आये
देखो वीर जवानों अपने...

अँधा बेटा युद्ध पे चला तो
ना जा, न जा उसकी माँ बोली
वो बोला कम कर सकता हूँ
मैं भी दुश्मन की एक गोली
ज़िक्र शहीदों का हो तो क्यों
उनमें मेरा नाम न आये
देखो वीर जवानों अपने...

अच्छा चलते हैं
कब आएँगे, ये कहना मुश्किल होगा
तुम कहती हो, ख़त लिखना
ख़त लिखने से क्या हासिल होगा
ख़त के साथ रणभूमि से
विजय का जो पैगाम न आये
देखो वीर जवानों अपने...


सारे जहां से अच्छा - Saare Jahaan Se Achchha (Asha Bhosle, Bhai Bahen)



Movie/Album: भाई बहन (1959)
Music By:
एन.दत्ता
Lyrics By:
राजा मेहदी अली खान
Performed By: आशा भोंसले

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसताँ हमारा

परबत है इसके ऊँचे, प्यारी है इसकी नदियाँ
आकाश में इसी के, गुज़री हज़ारों सदियाँ
हँसता है बिजलियों पर, ये आशियाँ हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी...
सारे जहाँ से अच्छा

वीरान कर दिया था, आंधी ने इस चमन को
दे कर लहू बचाया, गाँधी ने इस चमन को
रक्षा करेगा इसकी, हर नौजवाँ हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी...
सारे जहां से अच्छा...

आवाज़ दे रहा है, ये अम्न का पुजारी
ये जंग और लड़ाई, हमको नहीं है प्यारी
क्या कह रहा है देखो, कौम-ए-निशाँ हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी...
सारे जहां से अच्छा...

हर ज़र्रा इस वतन का, देता है ये सदायें
पहला सबक अहिंसा, दुनिया को हम सिखाएँ
अपने बयान छोड़ो, सुन लो बयाँ हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी...
सारे जहाँ से अच्छा...

ओ जंग करने वालों, जंगों से बाज़ आओ
दुनिया है ये हमारी, इसको न तुम मिटाओ
अपने पे दर्द नहीं तो, बच्चों पे रहम खाओ
सारे जहां के हम हैं, सारा जहां हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी...
सारे जहाँ से अच्छा...


हिन्द देश का प्यारा झंडा - Hind Desh Ka Pyara Jhanda (Patriotic Song)



हिन्द देश का प्यारा झंडा ऊँचा सदा रहेगा
तूफानों और बादलों से भी ये नहीं झुकेगा
नहीं झुकेगा, नहीं झुकेगा, झंडा नहीं झुकेगा
हिंद देश का प्यारा झंडा...

केसरिया बल भरने वाला, सादा है सच्चाई
हरा रंग है हरी हमारी, धरती की अँगड़ाई
कहता है यह चक्र हमारा, कदम कभी ना रुकेगा
हिंद देश का प्यारा झंडा...

शान हमारी यह झंडा है, यह अरमान हमारा
यह बल पौरुष है सदियों का, यह बलिदान हमारा
आसमान में फहराए, यह सागर में लहराए
जहाँ-जहाँ जाए ये झंडा, यह सन्देश सुनाए
है आज़ाद हिन्द ये दुनिया को आज़ाद करेगा
हिंद देश का प्यारा झंडा...

नहीं चाहते हम दुनिया को अपना दास बनाना
नहीं चाहते हम औरों के मुँह की रोटी खाना
सत्य न्याय के लिए हमारा लहू सदा बहेगा
हिंद देश का प्यारा झंडा...

हम कितने सुख सपने लेकर इसको फहराते हैं
इस झंडे पर मर मिटने की कसम सभी खाते हैं
हिन्द देश का यह झंडा घर-घर में लहराएगा
हिंद देश का प्यारा झंडा...


ऐ मेरे वतन के लोगों - Aye Mere Watan Ke Logon (Lata Mangeshkar)



Movie/Album: एकल गीत (1963)
Music By:
सी.रामचंद्र
Lyrics By: कवि प्रदीप
Performed By: लता मंगेशकर

ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सबका, लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर, वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो, कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर न आये, जो लौट के घर न आये

ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय, ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी साँस लड़े वो, फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा, सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

कोई सिख, कोई जाट-मराठा, कोई गुरखा, कोई मद्रासी
सरहद पर मरने वाला, हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर, वो खून था हिन्दुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

थी खून से लथपथ काया, फिर भी बंदुक उठा के
दस-दस को एक ने मारा, फिर गिर गये होश गँवा के
जब अंत समय आया तो, कह गये के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों, अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने, क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी...

तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी
जय हिंद, जय हिंद की सेना
जय हिंद, जय हिंद की सेना


मेरा मुल्क मेरा देश - Mera Mulk Mera Desh (Aditya, Kumar, Kavita, Diljale)



Movie/Album: दिलजले (1996)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: आदित्य नारायण, कुमार सानू, कविता कृष्णामूर्ति

कुमार सानू, आदित्य नारायण

मेरा मुल्क, मेरा देश, मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन
इसके वास्ते निसार है मेरा तन, मेरा मन
ऐ वतन, ऐ वतन, ऐ वतन
जानेमन जानेमन जानेमन
मेरा मुल्क मेरा देश...

इसकी मिट्टी से बने, तेरे मेरे ये बदन
इसकी धरती तेरे-मेरे वास्ते गगन
इसने ही सिखाया हमको जीने का चलन
इसके वास्ते निसार है...

अपने इस चमन को स्वर्ग हम बनायेंगे
कोना-कोना अपने देश का सजायेंगे
जश्न होगा ज़िन्दगी का होंगे सब मगन
इसके वास्ते निसार है...

कविता कृष्णामूर्ति

मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन
इसके वास्ते निसार है मेरा तन, मेरा मन
ऐ वतन ऐ वतन ऐ वतन
जानेमन जानेमन जानेमन

कल के सारे वादे आज टूटने लगे
हाथ में जो हाथ थे, वो छूटने लगे
काश लौट आये पहले जैसा अपनापन
ऐ वतन...


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