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कोई जब तुम्हारा ह्रदय - Koi Jab Tumhara Hriday (Mukesh, Purab Aur Paschim)



Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्यानजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मुकेश

कोई जब तुम्हारा ह्रदय तोड़ दे
तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे
तब तुम मेरे पास आना प्रिये
मेरा दर खुला है, खुला ही रहेगा
तुम्हारे लिए

अभी तुम को मेरी जरुरत नहीं, बहुत चाहने वाले मिल जायेंगे
अभी रूप का एक सागर हो तुम, कँवल जितने चाहोगी खिल जायेंगे
दर्पण तुम्हें जब डराने लगे, जवानी भी दामन छुड़ाने लगे
तब तुम मेरे पास आना प्रिये...

कोई शर्त होती नहीं प्यार में, मगर प्यार शर्तों पे तुमने किया
नजर में सितारे जो चमके ज़रा, बुझाने लगीं आरती का दीया
जब अपनी नजर में ही गिरने लगो, अंधेरो में अपने ही घिरने लगो
तब तुम मेरे पास आना प्रिये...


दुल्हन चली, हाँ पहन चली - Dulhan Chali, Haan Pehen Chali (Mahendra Kapoor, Purab Aur Paschim)



Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर

पूरब में सूरज ने छेड़ी, जब किरणों की शहनाई
चमक उठा सिन्दूर गगन पे, पच्छिम तक लाली छाई

दुल्हन चली, हाँ पहन चली
हो रे दुल्हन चली, हो पहन चली
तीन रंग की चोली
बाहों में लहराए गंगा जमुना
देख के दुनिया डोली
दुल्हन चली...

ताजमहल जैसी ताजा है सूरत
चलती फिरती अजंता की मूरत
मेल मिलाप की मेहंदी रचाए
बलिदानों की रंगोली
दुल्हन चली...

मुख चमके ज्यूँ हिमालय की चोटी
हो ना पड़ोसी की नियत खोटी
ओ घर वालों ज़रा इसको संभालो
ये तो है बड़ी भोली
दुल्हन चली...

चाँदी रंग अंग है, तो धनि तरंग लहंगा
सोने रंग चूने का मोल बड़ा महंगा
मन सीता जैसा, वचन गीता जैसे
डोले प्रीत की बोली
दुल्हन चली...

और सजेगी अभी और संवरेगी
चढ़ती उमरिया है और निखरेगी
अपनी आजादी की दुल्हनिया
दीप के ऊपर होली
दुल्हन चली...

देश प्रेम ही आजादी की दुल्हनिया का वर है
इस अलबेली दुल्हन का सिंदूर सुहाग अमर है
माता है कस्तूरबा जैसी, बाबुल गाँधी जैसे
चाचा इसके नेहरु, शास्त्री, डरे ना दुश्मन कैसे
वीर शिवाजी जैसे वीरे, लक्ष्मी बाई बहना
लक्ष्मण जिसके बोध, भगत सिंह, उसका फिर क्या कहना
जिसके लिए जवान बहा सकते हैं खून की गंगा
आगे पीछे तीनो सेना ले के चले तिरंगा
सेना चलती है ले के तिरंगा
हो कोई हम प्रान्त के वासी हो कोई भी भाषा भाषी
सबसे पहले हैं भारतवासी


पुरवा सुहानी आयी रे - Purva Suhani Aayi Re (Mahendra, Lata, Manhar, Purab Aur Paschim)



Movie/Album: पूरब और पश्चिम (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर, मनहर उदास

ढोली ढोल बजाना, ताल से ताल मिलाना

पुरवा सुहानी आयी रे, पुरवा
ऋतुओं की रानी आयी रे, पुरवा
मेरे रुके नहीं पाँव, नाच उठा सारा गाँव
प्रीत पे जवानी छाई रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...

मौसम का मुसाफिर खड़ा रस्ते में
उसके हाथों सब कुछ लुटा सस्ते में
छोटी सी उमरिया है, लम्बी सी डगरिया रे
जीवन है परछाई रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...

कर ले, कर भी ले प्यार की पूजा
प्यार के रंग पे चढ़े ना रंग दूजा
क्या ये कोई सपना है, मेरे लिए अपना है
बात मेरी बन आयी रे
पुरवा सुहानी आयी...

मीरा सी दीवानी रे नाचे मस्तानी
होंठों पे है सरगम तो आँखों में पानी
घुंघरू दीवाने हुए, रिश्ते पुराने हुए
गीत में कहानी गायी रे, पुरवा
पुरवा सुहानी आयी...


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