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जिन्हें नाज़ है हिन्द पर - Jinhe Naaz Hai Hind Par (Md.Rafi, Pyaasa)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के
ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के
कहाँ हैं, कहाँ है, मुहाफ़िज़ ख़ुदी के
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये पुरपेच गलियाँ, ये बदनाम बाज़ार
ये ग़ुमनाम राही, ये सिक्कों की झन्कार
ये इस्मत के सौदे, ये सौदों पे तकरार
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये सदियों से बेख्वाब, सहमी सी गलियाँ
ये मसली हुई अधखिली ज़र्द कलियाँ
ये बिकती हुई खोखली रंग-रलियाँ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

वो उजले दरीचों में पायल की छन-छन
थकी-हारी साँसों पे तबले की धन-धन
ये बेरूह कमरों में खाँसी की ठन-ठन
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये फूलों के गजरे, ये पीकों के छींटे
ये बेबाक नज़रें, ये गुस्ताख फ़िकरे
ये ढलके बदन और ये बीमार चेहरे
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

यहाँ पीर भी आ चुके हैं, जवाँ भी
तनोमंद बेटे भी, अब्बा, मियाँ भी
ये बीवी भी है और बहन भी है, माँ भी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

मदद चाहती है ये हौवा की बेटी
यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी
पयम्बर की उम्मत, ज़ुलयखां की बेटी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ज़रा मुल्क के रहबरों को बुलाओ
ये कुचे, ये गलियाँ, ये मंजर दिखाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं


सर जो तेरा चकराये - Sar Jo Tera Chakraye (Md.Rafi, Pyaasa)



Movie/Album : प्यासा (1957)
Music By: सचिन देव बर्मन
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मोहम्मद रफ़ी

सर जो तेरा चकराये
या दिल डूबा जाये
आजा प्यारे पास हमारे
काहे घबराये, काहे घबराये

तेल मेरा है मुस्की
गंज रहे ना ख़ुस्की
जिसके सर पर हाथ फिरा दूँ
चमके क़िस्मत उसकी
सुन सुन सुन, अरे बेटा सुन
इस चम्पी में बड़े-बड़े गुण
लाख दुखों की एक दवा है
क्यूँ ना आजमाये
काहे घबराये, काहे घबराये
सर जो तेरा चकराए...

प्यार का होवे झगड़ा
या बिज़नस का हो रगड़ा
सब लफड़ों का बोझ हटे
जब पड़े हाथ इक तगड़ा
सुन सुन सुन, अरे बाबू सुन
इस चम्पी में बड़े-बड़े गुण
लाख दुखों की एक दवा है
क्यूँ ना आजमाये
काहे घबराये, काहे घबराये
सर जो तेरा चकराए...

नौकर हो या मालिक
लीडर हो या पब्लिक
अपने आगे सभी झुके हैं
क्या राजा, क्या सैनिक
सुन सुन सुन, अरे राजा सुन
इस चम्पी में बड़े-बड़े गुण
लाख दुखों की एक दवा है
क्यूँ ना आजमाये
काहे घबराये, काहे घबराये
सर जो तेरा चकराए...


जाने क्या तूने कही - Jaane Kya Tune Kahi (Geeta Dutt, Pyaasa)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: सचिन देव बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: गीता दत्त

जाने क्या तूने कही
जाने क्या मैंने सुनी
बात कुछ बन ही गई

सनसनाहट सी हुई, थरथराहट सी हुई
जाग उठे ख़्वाब कई, बात कुछ बन ही गई
जाने क्या तूने कही...

नैन झुक-झुक के उठे, पाँव रुक-रुक के उठे
आ गयी चाल नई, बात कुछ बन ही गई
जाने क्या तूने कही...

ज़ुल्फ़ शाने पे मुड़ी, एक खुशबू सी उड़ी
खुल गए राज़ कई, बात कुछ बन ही गई
जाने क्या तूने कही...


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