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ठन्डे ठन्डे पानी से - Thande Thande Paani Se (Mahendra Kapoor, Asha Bhosle)



Movie/Album: पति पत्नी और वो (1980)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, आशा भोंसले

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिये
गाना आये या ना आये गाना चाहिये
ओ पुत्तरा
ठंडे ठंडे पानी से...

बेटा बजाओ ताली, गाते हैं हम क़व्वाली
बजने दो एक तारा, छोड़ो ज़रा फव्वारा
ये बाल्टी उठाओ, ढोलक इससे बनाओ
बैठे हो क्या ये लेकर, ये घर है या है थिएटर
पिक्चर नहीं है जाना, बाहर नहीं है आना
मम्मी को भी अंदर बुलाना चाहिये
तेरी, मम्मी को भी अंदर बुलाना चाहिये
गाना आये या ना आये गाना चाहिये
धत्त, अरे गाना आये या ना आये गाना चाहिये

तुम मेरी हथकड़ी हो, तुम डोर क्यूं खड़ी हो
तुम भी ज़रा नहालो, दो चार गीत गा लो
दामन हो क्यूं बचाती, अरे दुख सुख के हम हैं साथी
छोड़ो हटो अनाड़ी, मेरी भिगोड़ी साड़ी
तुम कैसे बेशरम हो, बच्चों से कोई कम हो
मम्मी को तो लड़ने का बहाना चाहिये
चुप बे शैतान
मम्मी को तो लड़ने का बहाना चाहिये
गाना आये या ना...

लम्बी ये तान छोड़ो, तौबा है जान छोड़ो
ये गीत है अधूरा, करते हैं काम पूरा
अब शोर मत करो जी, सुनते हैं सब पड़ोसी
हे कह दो पड़ोसियों से
क्या
झाँकें ना खिड़कियों से
दरवाज़ा खटखटाया, लगता है कोई आया
अरे कह दो के आ रहे हैं, साहब नहा रहे हैं
मम्मी को तो डैडी से छुड़ाना चाहिये
अब तो मम्मी को डैडी से छुड़ाना चाहिये
गाना आये या ना...


ओ जीजी - O Jiji (Pamela Jain, Shreya Ghoshal, Vivaah)



Movie/Album: विवाह (2006)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: रविन्द्र जैन
Performed By: पामेला जैन, श्रेया घोषाल

ओ जीजी
क्या कह के उनको बुलाओगी
दूल्हा बन के जो आयेंगे
ए-जी, ओ-जी हम न कहेंगे
हम तो इशारों में बातें करेंगे
सब जैसे अपने उनको बुलाते हैं
वैसे हम न बुलायेंगे
ओ छोटी...

शादी है दिल्ली का लड्डू, लड्डू ये हर मन में फूटे
इसका लगे हर दाना भला
जो खाये पछताए, जो ना खाये वो पछताए
तो खाकर ही पछताना भला
ये लड्डू तुझको भी इक दिन खिलायेंगे
तेरे साजन जब आयेंगे
ओ छोटी

मीठी हैं बृज की मिठाई, लड्डू पेड़ा बालूशाही
पर सबसे मीठी हो तुम जीजी
कंचन के जैसी खरी है, रस ये रस की भरी है
गन्ने की गंडेरी है तू छोटी
बृज की ये मीठी मिठाई सदा के लिए
जीजा बांध ले जायेंगे
ओ जीजी

गाने को तुम गा रही हो, जी अपना बहला रही हो
नज़र तो है राहों में लगी
ए छोटी तू खोटी बड़ी है, बहना को बस छेड़ती है
मैं तो यहाँ कामों में लगी
आने दो जीजी तुम्हारे जी की दशा
जीजा को बताएँगे


दो अनजाने अजनबी - Do Anjaane Ajnabi (Shreya Ghoshal, Udit Narayan, Vivaah)



Movie/Album: विवाह (2006)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: रविन्द्र जैन
Performed By: श्रेया घोषाल, उदित नारायण

दो अनजाने अजनबी
चले बाँधने बंधन
हाय रे, दिल में है ये उलझन
मिलकर क्या बोलें...

नयी उमंग नयी ख़ुशी
महक उठा है आँगन
हाय रे, घर आये मनभावन
मिलकर क्या बोलें...

बेचैनी, बेताबी, आज मुझे ये कैसी
आज है जो, पहले ना थी, दिल की हालत ऐसी
आँखों को उसी का इंतज़ार है
उन्हीं के लिए, ये रूप, ये श्रृंगार है
देखी है तस्वीर ही, आज मिलेंगे दर्शन
हाय रे, बढ़ने लगी है उलझन
मिलकर क्या बोलें...

रूप की रानी, आई है, जैसे गगन से उतर के
मेरे लिए, क्या मेरे लिए, ऐसे सज के संवर के
सबसे छुपा के इधर-उधर से
मुझको ही देखे चोर नज़र से
बात लबों पर है रुकी, तेज़ दिलों की धड़कन
हाय रे, कल के सजनी साजन
मिलकर क्या बोले...


मुझे हक़ है - Mujhe Haq Hai (Shreya Ghoshal, Udit Narayan, Vivaah)



Movie/Album: विवाह (2006)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: रविन्द्र जैन
Performed By: श्रेया घोषाल, उदित नारायण

मुझे हक़ है
तुझको जी भर के मैं देखूँ
मुझे हक़ है
बस यूँ ही देखता जाऊँ
मुझे हक़ है
पिया-पिया
पिया-पिया बोले मेरा जिया
तुम्हें हक़ है

ढल रही, पिघल रही, ये रात धीरे-धीरे
बढ़ रही है प्यार की, बात धीरे-धीरे
चूड़ियाँ गुनगुना के, क्या कहे सजना
रात की रात जगाऊँ, मुझे हक़ है
चाँद पूनम का चुराऊँ, मुझे हक़ है
पिया-पिया बोले...

कल सुबह तुझसे मैं दूर चला जाऊँगा
एक पल को भी तुझे भूल नहीं पाऊँगा
ये चेहरा, ये मुस्कान आँखों में भर के
मैं तेरी याद में तड़पूँ, मुझे हक़ है
तुझसे मिलने को मैं तरसूँ, मुझे हक़ है
पिया-पिया बोले...


मिलन अभी आधा अधूरा है - Milan Abhi Aadha Adhura Hai (Shreya Ghoshal, Udit Narayan, Vivaah)



Movie/Album: विवाह (2006)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: रविन्द्र जैन
Performed By: श्रेया घोषाल, उदित नारायण

हार को जीत बना कर बड़ी सच्चाई से
प्रेम ने दिल पे वो चाहत का असर डाला है
आज इनकार की सूरत ही नहीं है कोई
हार हीरों का नहीं, फूलों की जयमाला है

कुछ बातें हो चुकी हैं, कुछ बातें अभी हैं बाकी
बौछार इक पड़ी है, बरसातें अभी हैं बाकी
खुल के नाचने को बेकल मन का मयूरा है
मिलन अभी आधा अधूरा है...

मिले होंगे राधा-कृष्ण, यहीं किसी वन में
प्रेम माधुरी उनकी बसी है पवन में
और भी पास आ गए हम, इस दिव्य वातावरण में
एक मन दिया है, कितनी सौगातें अभी हैं बाकी
बौछार इक पड़ी है, बरसातें अभी हैं बाकी
हमें मिलाने में सबका सहयोग पूरा है
मिलन अभी आधा अधूरा है...

झरना सुहाना ऐसा प्रेम गीत गाये
आने वाले कल के मीठे सपनें दिखाए
ये एहसास पहली बार दिल को गुदगुदाये
सब दिन अभी हैं बाकी, सब रातें अभी हैं बाकी
बौछार इक पड़ी है, बरसातें अभी हैं बाकी
छेड़ दिया पुरवा ने तन का तानपूरा है
मिलन अभी आधा अधूरा है...


सुन साहिबा सुन - Sun Sahiba Sun (Lata Mangeshkar, Ram Teri Ganga Maili)



Movie/Album: राम तेरी गंगा मैली (1985)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

सुन साहिबा सुन
प्यार की धुन
हो मैंने तुझे चुन लिया
तू भी मुझे चुन
सुन साहिबा सुन...

कोई हसीना कदम, पहले बढ़ाती नहीं
मजबूर दिल से न हो, तो पास आती नहीं
ख़ुशी मेरे दिल को हद से ज़्यादा है
तेरे संग ज़िन्दगी बिताने का इरादा है
ओ प्रीत के ये धागे तू भी संग मेरे बुन
सुन साहिबा सुन...

तू जो हाँ कहे तो बन जाये बात भी
हो तेरा इशारा तो चल दूँ मैं साथ भी
तेरे लिए साहिबा नाचूँगी मैं गाऊँगी
दिल में बसा ले तेरा घर भी बसाऊँगी
हो डाल दे निग़ाह कर दे प्यार का शगुन
सुन साहिबा सुन...

मेरा ही खून-ए-जिगर देता गवाही मेरी
तेरे ही हाथों लिखी शायद तबाही मेरी
दिल तुझपे वारा है जान तुझपे वारूँगी
आये के न आये तेरा रस्ता निहारूँगी
हो कर ले कबूल मुझे होगा बड़ा पुन
सुन साहिबा सुन...


तू ही वो हसीं है - Tu Hi Woh Haseen Hai (Md.Rafi, Khwab)



Movie/Album: ख्वाब (1980)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: रविन्द्र जैन
Performed By: मोहम्मद रफ़ी

तू ही वो हसीं है, तू ही वो हसीं है
जिसकी तस्वीर ख़्यालों में मुद्दत से बनी है
तू ही वो हसीं है...

रूखे रौशन पे ज़ुल्फ़ें बिखराए हुए
जैसे चंदा पे बादल हों छाये हुये
मैंने देखा तुझे, तो मेरा दिल मुझे
यही कहने लगा
ढूँढे नज़रें जिसे दिन रात
कोई और नहीं है
तू ही वो हसीं है...

मेरी आवारा तबियत कोे
एक राहे मुस्तकिल मिल गयी
अब ना मैं तरसूँगा राहत को
मुझे ख़्वाबों की मंज़िल मिल गयी
संगेमरमर की मूरत है तराशी हुई
मेरी आँखों को बरसों में तसल्ली हुई
मैंने देखा तुझे, तो मेरा दिल मुझे
यही कहने लगा
ऐसी ही किसी मूरत की
मेरे मंदिर में कमी है
तू ही वो हसीं है...


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