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तेरे लिए - Tere Liye (Lata Mangeshkar, Roop Kumar Rathod, Veer Zaara)



Movie/Album: वीर ज़ारा (2004)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर, रूप कुमार राठोड़

तेरे लिए, हम हैं जिये, होठों को सीये
तेरे लिए, हम हैं जिये, हर आँसू पिये
दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दीये
तेरे लिए, तेरे लिए

ज़िंदगी, ले के आई है
बीते दिनों की किताब
घेरे हैं, अब हमें
यादें बे-हिसाब
बिन पूछे, मिले मुझे
कितने सारे जवाब
चाहा था क्या, पाया है क्या
हमने देखिए
दिल में मगर...

क्या कहूँ, दुनिया ने किया
मुझसे कैसा बैर
हुकुम था, मैं जियूं
लेकिन तेरे बगैर
नादां हैं वो, कहते हैं जो
मेरे लिए तुम हो गैर
कितने सितम, हम पे सनम
लोगों ने किए
दिल में मगर...


संदेसे आते हैं - Sandese Aate Hain (Sonu Nigam, Roop Kumar Rathod, Border)



Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, रूप कुमार राठोड़

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

किसी दिलवाली ने, किसी मतवाली ने
हमें खत लिखा है, ये हमसे पूछा है
किसी की साँसों ने, किसी की धड़कन ने
किसी की चूड़ी ने, किसी के कंगन ने
किसी के कजरे ने, किसी के गजरे ने
महकती सुबहों ने, मचलती शामों ने
अकेली रातों में, अधूरी बातों ने
तरसती बाहों ने और पूछा है तरसी निगाहों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये दिल सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

मोहब्बतवालों ने, हमारे यारों ने
हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है
हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने
पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने
खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने
बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने
लचकते झूलों ने, दहकते फूलों ने
चटकती कलियों ने, और पूछा है गाँव की गलियों ने
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन गाँव सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

कभी एक ममता की, प्यार की गंगा की
जो चिट्ठी आती है, साथ वो लाती है
मेरे दिन बचपन के, खेल वो आंगन के
वो साया आंचल का, वो टीका काजल का
वो लोरी रातों में, वो नरमी हाथों में
वो चाहत आँखों में, वो चिंता बातों में
बिगड़ना ऊपर से, मोहब्बत अंदर से, करे वो देवी माँ
यही हर खत में पूछे मेरी माँ
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे
के तुम बिन आँगन सूना सूना है
संदेसे आते हैं...

ऐ गुजरने वाली हवा बता
मेरा इतना काम करेगी क्या
मेरे गाँव जा, मेरे दोस्तों को सलाम दे
मेरे गाँव में है जो वो गली
जहाँ रहती है मेरी दिलरुबा
उसे मेरे प्यार का जाम दे
उसे मेरे प्यार का जाम दे

वहीँ थोड़ी दूर है घर मेरा
मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ
मेरी माँ के पैरों को छू के तू, उसे उसके बेटे का नाम दे
ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा
मेरे दोस्तों, मेरी दिलरुबा, मेरी माँ को मेरा पयाम दे
उन्हें जा के तू ये पयाम दे

मैं वापस आऊंगा, घर अपने गाँव में
उसी की छांव में, कि माँ के आँचल से
गाँव की पीपल से, किसी के काजल से
किया जो वादा था वो निभाऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा...


ज़िन्दगी मौत ना बन जाए - Zindagi Maut Na Ban Jaaye (Sonu Nigam, Roop Kumar Rathod, Sarfarosh)



Movie/Album: सरफ़रोश (1999)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: इसरार अंसारी
Performed By: सोनू निगम, रूप कुमार राठोड़

ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों
खो रहा चैन-ओ-अमन, खो रहा चैन-ओ-अमन
मुश्किलों में है वतन, मुश्किलों में है वतन
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों

एक तरफ प्यार है, चाहत है, वफादारी है
एक तरफ देश में धोखा है, गद्दारी है
बस्तियां सहमी हुई, सहमा चमन सारा है
ग़म में क्यूं डूबा हुआ आज सब नज़ारा है
आग पानी की जगह अब्र जो बरसाएंगे
लहलाते हुए सब खेत झुलस जायेंगे, जायेंगे, जायेंगे
खो रहा चैन-ओ-अमन...

चन्द सिक्कों के लिए, तुम ना करो काम बुरा
हर बुराई का सदा होता है अंजाम बुरा

जुर्म वालों की कहाँ उम्र बड़ी है यारों
इनकी राहों में सदा मौत खड़ी है यारों
ज़ुल्म करने से सदा ज़ुल्म ही हासिल होगा
जो न सच बात कहे वो कोई बुज़दिल होगा
सरफरोशों ने लहू दे के जिसे सींचा है
ऐसे गुलशन को उजड़ने से बचा लो यारों
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों यारों यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए...


ऐ जाते हुए लम्हों - Ae Jaate Hue Lamhon (Roop Kumar Rathod, Border)



Movie/Album: बॉर्डर (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: रूप कुमार राठोड़

ऐ जाते हुए लम्हों, ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो
मैं भी तो चलता हूँ, ज़रा उनसे मिलता हूँ
जो इक बात दिल में हैं, उन से कहूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...

उनके चेहरे की ये नर्मियाँ, उनके जुल्फों की ये बदलियाँ
उनकी आँखों के रोशन दीये, उनके होंठों की ये सुर्खियाँ
सब उनके हैं जलवे, मैं चलने से पहले
साँसों में, आँखों में, ख्वाबों में, यादों में
और इस दिल में उनको छुपा के रखूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...

मैं कहीं भी रहूँ ऐ सनम, मुझको है ज़िन्दगी की कसम
फ़ासले आते जाते रहें, प्यार लेकिन नहीं होगा कम
जिन्हें चाहूँ, जिन्हें पूजूँ, उन्हें देखूँ, उन्हें छू लूँ
ज़रा बातें तो कर लूँ, ज़रा बाहों में भर लूँ
मैं इस चाँद से माथे को चूम लूँ
तो चलूँ, तो चलूँ...


दिल को तुमसे प्यार हुआ - Dil Ko Tumse Pyar Hua (Roop Kumar Rathod, RHTDM)



Movie/Album: रहना है तेरे दिल में (2001)
Music By: हैरिस जयराज
Lyrics By: समीर
Performed By: रूप कुमार राठोड़

दिल को तुमसे प्यार हुआ
पहली बार हुआ
तुमसे प्यार हुआ
मैं भी आशिक यार हुआ
पहली बार हुआ
तुमसे प्यार हुआ
छाई है, बेताबी
मेरी जां कहो मैं क्या करूँ
दिल को तुमसे प्यार हुआ...

खो गया मैं खयालों में
अब नींद भी नहीं आँखों में
करवटें बस बदलता हूँ
अब जागता हूँ मैं रातों में
अब दूरी ना सहनी
हर लम्हां कहता है
ना जाने हाल मेरा
ऐसा क्यों रहता है
मैं दीवाना तेरा बन गया जाने जाना
मैं फसाना तेरा बन गया जाने जाना
हसीना गोरी-गोरी, चुराए चोरी-चोरी
चुराए दिल चोरी चोरी चोरी चोरी चोरी
दिल को तुमसे प्यार हुआ...

आरज़ू है मेरे सपनों की
बैठा रहूँ तेरी बाहों में
सिर्फ तू मुझे चाहे अब
इतना असर हो मेरी आहों में
तू कह दे हँस के तो
तोड़ दूँ मैं रस्मों को
मर के भी ना भूलूँ
मैं तेरी कस्मों को
मैं तो आया हूँ यहाँ पे बस तेरे लिए
तेरा तन-मन सब है मेरे लिए
क्या हसीं नजारा, समा है प्यारा-प्यारा
गले लगा ले यारा यारा यारा यारा यारा
मैं भी आशिक यार हुआ...


काहे सताये - Kaahe Sataye (Sunidhi Chauhan, Roop Kumar Rathod, Rang Rasiya)



Movie/Album: रंग रसिया (2014)
Music By: सन्देश शांडिल्य
Lyrics By: मनोज मुन्तशिर
Performed By: सुनिधि चौहान, रूप कुमार राठौर

काहे सताये रे पिया
पीर ना जाने छलिया रे

नैना है पान, भवें कमान
चित चोर लटें, जब मुख से हटें
छलके है रूप छल-छल-छल
इक टीस उठे है पल-पल,
पग-पग पे राग जाये है जाग
झनकाये तू जो पायल

मधुमास भरा मोरा अंग-अंग
मोरे रोम-रोम से छलके रंग
झंकार उठे है कुछ ऐसी
जैसे ताल मिले सरगम के संग
आज लगन है एक ही मन में
मतवारी हो जाऊँ
कण-कण तुझको सौंप के साजन
मैं खाली हो जाऊँ
हो काहे सताये रे पिया...

बाहर भीतर हर अंतर
पल भर को ढह जाये
हो ऐसा मिलन तन राख बने
बस मन बाकी रह जाये
बूंद-बूंद पी जाऊँ सजनी
तेरे तन का रंग निराला
रच दूँ ऐसा चित्र मिलन का
जाग उठे जग रचने वाला
काहे सताये रे पिया...


रूठ कर हम उन्हें - Rooth Kar Hum Unhein (Roop Kumar Rathod, Sabri Brothers, Gunaah)



Movie/Album: गुनाह (2002)
Music By: साजिद-वाजिद
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: रूप कुमार राठोड़, सबरी ब्रदर्स

रूठ कर हम उन्हें भूल जाने लगे
वो हमें और भी याद आने लगे
भूल जाने वाले, याद आने वाले

हमने दिल से कही अपनी मजबूरियाँ
दिल को लेकिन ये सारे बहाने लगे
भूल जाने वाले...

उनके क़दमों में गिर जाएँ मर जाएँ हम
इस तरह अपनी मिट्टी ठिकाने लगे
भूल जाने वाले...

उनसे एक पल में कैसे बिछड़ जायें हम
जिनसे मिलने में शायद ज़माने लगे
भूल जाने वाले...

जो सोच रहे हैं कभी देखा ही नहीं था
जो देख रहे हैं कभी सोचा नहीं था
याद आने लगे


सलाम आया - Salaam Aaya (Roop Kumar Rathod, Shreya Ghoshal, Veer)



Movie/Album: वीर (2010)
Music By: साजिद-वाजिद
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: रूप कुमार राठौड़, श्रेया घोषाल, सुजैन डीमेलो

दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
बोले बिना मेरा नाम आया
पलकें झुकीं और उठने लगीं तो
हौले से उसका सलाम आया
दबी-दबी साँसों में

जब बोले वो जब बोले
उसकी आँख में रब बोले
पास-पास ही रहना तुम
आँख-आँख में कहना तुम
देखा तुम्हें तो आराम आया
दबी-दबी साँसों में...

रोज़ ही दिल की आग उठाकर
हाथ पे लेकर चलना है
तेरे बिना, बिना तेरे बूँद-बूँद
अब रात रात भर जलना है
तू मिले ना मिले, ये हसीं सिलसिले
वक़्त के सख्त हैं अब ये कटते नहीं
तेरे बिना साँस भी चलती है
तेरे बिना दिल भी धड़कता है
याद नहीं था याद आया
दबी-दबी साँसों में...

दिन की तरह तुम सर पे आना
शाम के जैसे ढलना तुम
ख्वाब बिछा रखे हैं राह में
सोच-समझ कर चलना तुम
नींद की छाँव से, तुम दबे पाँव से
यूँ गये वो निशाँ अब तो मिटते नहीं
तेरे लिए चाँद भी रुकता है
तेरे लिए ओस ठहरती है
याद नहीं था याद आया
दबी-दबी साँसों में....
सलाम आया, सलाम आया


अभी ज़िन्दा हूँ तो - Abhi Zinda Hoon To (Kumar Sanu, Roop Kumar Rathod, Naajayaz)



Movie/Album: नाजायज़ (1995)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: कुमार सानू, रूप कुमार राठोड़

बरसात के मौसम में
तन्हाई के आलम में
मैं घर से निकल आया
बोतल भी उठा लाया
अभी ज़िन्दा हूँ तो जी लेने दो
भरी बरसात में पी लेने दो
अभी ज़िन्दा हूँ...

मुझे टुकड़ों में नहीं जीना है
कतरा-कतरा तो नहीं पीना है
आज पैमाने हटा दो यारों
सारा मयखाना पिला दो यारों
मयकदों में तो पिया करता हूँ
चलती राहों में भी पी लेने दो
अभी ज़िन्दा हूँ...

मेरे दुश्मन हैं ज़माने के ग़म
बाद पीने के ये होंगे कम
ज़ुल्म दुनिया के ना सह पाऊँगा
बिन पिये आज न रह पाऊँगा
मुझे हालात से टकराना है
ऐसे हालात में पी लेने दो
अभी ज़िन्दा हूँ...

आज की शाम बड़ी बोझिल है
आज की रात बड़ी कातिल है
आज की शाम ढलेगी कैसे
आज की रात कटेगी कैसे
आग से आग बुझेगी दिल की
मुझे ये आग भी पी लेने दो
अभी ज़िन्दा हूँ...


पिया - Piya (Roop Kumar Rathod, Tanu Weds Manu)



Movie/Album: तनु वेड्स मनु (2011)
Music By: क्रस्ना
Lyrics By: राज शेखर
Performed By: रूप कुमार राठोड़

पिया ना रहे मन बसिया
पिया ना रहे मन बसिया सखी रे
मेघ नहीं बिजुरी बन बरसे
मोहे एक क्षमा नाही अर्जे
पाथर संग करके जियरा
बोले रे मन बसिया
पिया ना रहे मन बसिया...

अंसुअन संग मोरा बह गया कजरा
उतरी मेहँदी सुखा गजरा
मन बसंत को पतझड़ कर वो
ले गयो, ले गयो, ले गयो
ले गयो रंग, रंगरसिया
पिया ना रहे मन बसिया...

पल ना कटे अब सखी रे पिया बिन
नीम सा कड़वा लागे (अब) दिन
उसपे ये चंदा हाए चंदा भी
बना (हाय) सखी सौतन की
कीसो रात मोरी अमावसिया
मन बसंत को पतझड़ कर वो
ले गयो, ले गयो, ले गयो
ले गयो रंग, रंगरसिया
पिया ना रहे मन बसिया...


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