Shailendra Singh लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Shailendra Singh लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

अनहोनी को होनी कर दे - Anhoni Ko Honi Kar De (Mahendra, Shailendra, Kishore, Amar Akbar Anthony)



Movie/Album: अमर अकबर एन्थनी (1977)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, शैलेन्द्र सिंह, किशोर कुमार

अनहोनी को होनी कर दे, होनी को अनहोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी
अनहोनी को होनी...

एक एक से भले, दो दो से भले तीन
दूल्हा दुल्हन साथ नहीं, बाजा है बारात नहीं
कुछ डरने की बात नहीं
ये मिलन की रैना है, कोई ग़म की रात नहीं
यारों हँसो बना रखी है क्यूँ ये सूरत रोनी
एक जगह जब जमा...

एक एक से भले, दो दो से भले तीन
शम्मा के परवानों को इस घर के मेहमानों को
पहचानो अन्जानों को
कैसे बात मतलब की समझाऊँ दीवानों को
सपन सलोने ले के आई है ये रात सलोनी
एक जगह जब जमा...


हम तुम एक कमरे में - Hum Tum Ek Kamre Mein (Lata Mangeshkar, Shailendra Singh, Bobby)



Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह

बाहर से कोई अन्दर न आ सके
अन्दर से कोई बाहर न जा सके
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो

हम तुम, इक कमरे में बन्द हों
और चाभी खो जाये
तेरे नैनों के भूल भुलैय्या में
बॉबी खो जाये
हम तुम एक कमरे में...

आगे हो घनघोर अन्धेरा (बाबा मुझे डर लगता है)
पीछे कोई डाकू लुटेरा (उँ, क्यों डरा रहे हो)
आगे हो घनघोर अन्धेरा, पीछे कोई डाकू लुटेरा
उपर भी जाना हो मुशकिल, नीचे भी आना हो मुशकिल
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम कहीं को जा रहे हों, और रस्ता भूल जाये
तेरी बैय्याँ के झूले में सैय्याँ, बॉबी झूल जाये
हम तुम एक कमरे में...

बस्ती से दूर, परबत के पीछे, मस्ती में चूर घने पेड़ों के नीचे
अन्देखी अन्जानी सी जगह हो, बस एक हम हो दूजी हवा हो
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम एक जंगल से गुज़रें, और शेर आ जाये
शेर से मैं कहूँ तुमको छोड़ के, मुझे खा जाये
हम तुम एक कमरे में...

ऐसे क्यों खोये खोये हो, जागे हो कि सोये हुए हो
क्या होगा कल किसको खबर है, थोड़ा सा मेरे दिल में ये डर है
सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो, सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो
हम तुम, यूँ ही हँस खेल रहे हों, और आँख भर आये
तेरे सर की क़सम तेरे ग़म से, बॉबी मर जाये
हम तुम एक कमरे में...


मुझे कुछ कहना है - Mujhe Kuch Kahna Hai (Lata Mangeshkar, Shailendra Singh, Bobby)



Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह

मुझे कुछ कहना है
मुझे भी कुछ कहना है
पहले तुम, पहले तुम

देखो, जिस तरह लखनऊ के दो नवाबों की गाड़ी
पहले आप, पहले आप, पहले आप
पहले आप करते निकल गयी थी
उस तरह हमारी पहले तुम, पहले तुम, पहले तुम
पहले तुम में ये मस्ती भरी रूठ ना चली जाए

अच्छा, मै कहती हूँ
अक्सर कोई लड़की इस हाल मे
किसी लड़के से सोलहवें साल मे
जो कहती है वो मुझे कहना है
अक्सर कोई लड़का इस हाल मे
किसी लड़की से सोलहवें साल मे
जो कहता है वो मुझे कहना है
अक्सर कोई लड़की...

ना आँखों में नींद, ना दिल में करार
यही इंतज़ार, यही इंतज़ार
तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता
सब झूठा लगता है, सच्चा नहीं लगता
ना घर में लगे दिल, ना बाहर कहीं पर
बैठी हूँ कहीं पर, खोयी हूँ कहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...

मुझे रात दिन नहीं और काम
कभी तेरी याद, कभी तेरा नाम
सब रंग दुनिया के फीके लगते हैं
एक तेरे बोल बस मीठे लगते हैं
लिखे हैं बस तेरे सजदे इस ज़मीं पर
जिंदा हूँ मैं तेरी बस हाँ पर नहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...

मिले हमको फूल के कांटें मिले
वहाँ जा बसे, वहाँ जा रहे
तुझे मिलने में जहाँ डर ना हो कोई
पिया के सिवाय दूजा घर ना हो कोई
क्या ऐसी जगह है कोई इस ज़मीं पर
रहने दे बात को यहाँ पर, यहीं पर
अरे कुछ ना कहूँ, चुप रहूँ
मै नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं पर
अब मुश्किल चुप रहना है
मुझे कुछ कहना है...


ना चाहूँ सोना चांदी - Na Chaahun Sona Chandi (Manna Dey, Shailendra Singh, Bobby)



Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मन्ना डे, शैलेन्द्र सिंह

न चाहूँ सोना चांदी, न चाहूँ हीरा मोती
ये मेरे किस काम के
न मांगूँ बंगला बाड़ी, न मांगूँ घोड़ा-गाड़ी
ये तो हैं बस नाम के
देता है दिल दे, बदले में दिल के
घे घे घे घे घे, दे रे साहिबा
प्यार में सौदा नहीं

न जानूं मुल्ला काज़ी, न जानूं काबा कशी
मैं तो हूँ प्रेम पियासा रे
मेरे सपनों की रानी, होगी तुमको हैरानी
मैं तो तेरा दीवाना रे
देती है दिल...


झूठ बोले कौवा काटे - Jhooth Bole Kauwa Kaate (Lata Mangeshkar, Shailendra Singh, Bobby)



Movie/Album: बॉबी (1973)
Music By:
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, शैलेन्द्र सिंह

झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो
मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो

तू मायके चली जाएगी
मैं डंडा लेकर आऊंगा
तू डंडा लेकर आएगा
मैं कुए में गिर जाऊंगी
मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा
मैं पेड़ पे चढ़ जाऊँगी
मैं आरी से कटवाऊंगा
प्यार करे आरी चलवाए, ऐसे आशिक़ से डरियो
मैं माईके चली जाऊंगी...

तुम मैके चली जाएगी
मैं दूजा ब्याह रचाऊँगा
तू दूजा ब्याह रचाएगा
हाए मेरी सौतन लाएगा
मैं माइके नहीं जाऊँगी, मैं माइके नहीं जाऊँगी
अरे तेरे सदके जाऊंगी रे, मायके नहीं जाऊंगी
मैं सातों वचन निभाऊँगी, अरे मायके नहीं जाऊंगी
मैं मायके नहीं जाऊंगी...

झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो
मैं तेरी सौतन लाऊंगा, तुम देखती रहियो
झूठ बोले कौआ काटे, काले कौए से डरियो
मैं मायके नहीं जाऊंगी, तुम देखते रहियो


होगा तुमसे प्यारा कौन - Hoga Tumse Pyara Kaun (Shailendra Singh, Zamaane Ko Dikhana Hai)



Movie/Album: ज़माने को दिखाना है (1982)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: शैलेन्द्र सिंह

होगा तुमसे प्यारा कौन
हम को तो तुम से है, हे कंचन (कांची) प्यार

ऊँचे घरवाली हो, या गलियों की रानी
कोई भी हो तुम रहती हो कहीं
तुमसे बढ़कर यारा कौन
हमको तो तुमसे...

देखो इन आँखों में, ये सूरत है किसकी
इक नजर तो देखो कम से कम
आखिर है हमारा कौन
हमको तो तुमसे...

कहते हो के जाओ, लेकिन बतलाओ
जाएँ भी तो जाएँ हम कहाँ
ऐसा दिल का मारा कौन
हमको तो तुमसे...


तेरे नाम के हम दीवाने हैं - Tere Naam Ke Hum Deewane Hain (Amit, Anuradha, Shailendra, Chandrani, Judaai)



Movie/Album: जुदाई (1980)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अमित कुमार, चंद्राणी मुखर्जी, अनुराधा पौडवाल, शैलेंद्र सिंह

तेरे नाम के हम दीवाने हैं
ये तेरे प्यार के दिन सुहाने हैं
होठों पे दिल के जो फ़साने हैं
जीने के मरने के ये बहाने हैं
तेरे नाम के हम...

तेरे बिन इतने दिन, हम थे बड़े अकेले
एक तेरे मिलने से खिलने लगे हैं मेले
अरमां हैं, वादे हैं, तराने हैं
तेरे नाम के हम...

आँखों ही आँखों में, अब तो कटेंगी रातें
कहने को सुनने को, जाने है कितनी बातें
ये किस्से, सुनने हैं, सुनाने हैं
तेरे नाम के हम...

लहरा के छाया है, कैसा समां ना जाने
कुछ हमसे मत पूछो, हम है कहाँ न जाने
कुछ ऐसी मस्ती में मस्ताने हैं
तेरे नाम के हम...


अजी ठहरो ज़रा देखो - Aji Thahro Zara Dekho (Asha Bhosle, Amit Kumar, Shailendra Singh, Aarti Mukherjee, Parvarish)



Movie/Album: परवरिश (1977)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed by: आरती मुखर्जी, आशा भोंसले, अमित कुमार, शैलेन्द्र सिंह

अजी ठहरो ज़रा देखो
कुछ सोचो ज़रा समझो

हम तो मर जाएँगे ले के तेरा नाम
टूट गया जब दिल तो जीने से क्या काम
हम तो चले जो कहा-सुना हो माफ़ कर देना
ओ जाते हो जाने जाना
आखिरी सलाम लेते जाना
हमको वहाँ ना बुलाना
आखिरी सलाम लेते जाना
जाते हो जाने जाना

प्यार न जाने पापी दुनिया, तो आ चल कर यारा
रेल की पटरी पर सो जाएँ, मिल जाए छुटकारा
जल्दी कर मेरी जाँ तू, जल्दी कर मेरी जाँ तू
अजी सुनिए ज़रा सुनिए
ऐसे नादाँ मत बनिए
ओ हम तो काट जाएँगे
अब गाड़ी के नीचे
वो आने वाली है दो घंटे के पीछे
ऐसा है तो हाथ लगाकर हमको उठाना
तो लेटे रहिए मौसन है सुहाना
आखिरी सलाम लेते...

प्यार हमारा सच है कितना, दिखला दें हम दोनों
तेल छिड़क कर आग लगा लें, जल जाएँ हम दोनों
जल्दी कर मेरी जाँ तू, जल्दी कर मेरी जाँ तू
अजी दो पल रुक जाना
के हँसेगा ये ज़माना
ओ हमने तो कर ली है, जलने की तैय्यारी
डब्बे में पानी था, तेल नहीं था प्यारी
माचिस में भी आग नहीं है कैसा ज़माना
तो लाइटर से काम चलाना
आखिरी सलाम लेते...

इधर आओ बतलाएँ हम जानेमन
तुम्हें जान देने के लाखों जतन
हमें शौक मरने का कब है सनम
बस इक बार कह दो तुम्हारे हैं हम
हम उनके नहीं जिनकी आदत बुरी
मगर अब तो चोरी से तौबा मेरी
अब तौबा मेरी तौबा
तौबा तौबा मेरी तौबा
ऐसा है तो फिर जाने जाना
प्यार का सलाम लेते जाना
हमको भी यार न भूलाना
यार का सलाम लेते जाना
ऐसा है तो फिर जाने जाना
प्यार का सलाम लेते जाना


फुटपाथों के हम - Footpathon Ke Hum (Suresh Wadkar, Anup Jalota, Hariharan, Shailendra Singh, Mashaal)



Movie/Album: मशाल (1984)
Music By: हृदयनाथ मंगेशकर
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अनूप जलोटा, हरिहरन, सुरेश वाडकर, शैलेंद्र सिंह

फुटपाथों के हम रहने वाले
रातों ने पाला हम वो उजाले
आकाश सर पे पैरों तले
है दूर तक ये ज़मीं
और तो अपना कोई नहीं
फूटपाथों के हम...

कोई नहीं ना सही, हम क्यूँ आँसू बहाएँ
दुनिया जले तो जले, हम तुम मस्ती मे गाएँ
गम से निकल, भूल के चल, क्या होगा कल
अपना वही, इस पल मे जो है यहीं
और तो अपना कोई नहीं...

माँ नहीं बाप नहीं, जैसे जीयें पाप नहीं
ना कोई घर ना कोई दर, है पास क्या जिसका हो डर
ना मंज़िल है, ना साहिल है, हम हैं दिल है
ये दिल हमें, ले जाए चाहे कहीं
और तो अपना कोई नहीं...

हो बचपन में खेले गम से, निर्धन घरों के बेटे
फूलों की सेज नहीं, काँटों पे हम हैं लेटे
भूखे रहें, सौ गम सहें, दिल ये कहे
रोटी जहाँ, है स्वर्ग अपना वहीं
और तो अपना कोई नहीं...


All lyrics are property and copyright of their owners. All the lyrics are provided for educational purposes only. Copyright © Lyrics In Hindi | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com