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माँ - Maa (Shankar Mahadevan, Taare Zameen Par)



Movie/Album: तारे ज़मीन पर (2007)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शंकर महादेवन

मैं कभी बतलाता नहीं
पर अंधेरे से डरता हूँ मैं माँ

यूँ तो मैं, दिखलाता नहीं
तेरी परवाह करता हूँ मैं माँ
तुझे सब है पता, है ना माँ
तुझे सब है पता, मेरी माँ

भीड़ में, यूँ ना छोड़ो मुझे
घर लौट के भी आ ना पाऊँ माँ   
भेज ना इतना दूर मुझको तू
याद भी तुझको आ ना पाऊँ माँ
क्या इतना बुरा हूँ मैं माँ
क्या इतना बुरा मेरी माँ

जब भी कभी पापा मुझे
जो ज़ोर से झूला झुलाते हैं माँ
मेरी नज़र ढूँढे तुझे
सोचूं यही तू आ के थामेगी माँ

उनसे मैं ये कहता नहीं
पर मैं सहम जाता हूँ माँ
चेहरे पे आने देता नहीं
दिल ही दिल में घबराता हूँ माँ
तुझे सब है पता है ना माँ
तुझे सब है पता मेरी माँ
मैं कभी बतलता नहीं...


तारे ज़मीं पर - Taare Zameen Par (Shankar Mahadevan)



Movie/Album: तारे ज़मीन पर (2007)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शंकर महादेवन, डोमिनिक सेरेजो, विविएने पोचा

देखो इन्हें ये हैं ओस की बूँदें
पत्तों की गोद में आसमां से कूदे
अंगड़ाई लें फिर करवट बदल कर
नाज़ुक से मोती हंस दे फिसल कर
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

ये तो हैं सर्दी में धूप की किरणें
उतरें जो आँगन को सुनहरा सा करने
मन के अंधेरो को रोशन सा कर दें
ठिठुरती हथेली की रंगत बदल दें
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

जैसे आँखों की डिबिया में निंदिया
और निंदिया में मीठा सा सपना
और सपने में मिल जाए फरिश्ता सा कोई
जैसे रंगों भरी पिचकारी
जैसे तितलियाँ फूलों की क्यारी
जैसे बिना मतलब का प्यारा रिश्ता हो कोई

ये तो आशा की लहर हैं
ये तो उम्मीद की सहर हैं
खुशियों की नहर हैं
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

देखो रातों के सीने पे ये तो
झिलमिल किसी लौ से उगे हैं
ये तो अंबियो की खुश्बू हैं
बागों से बह चले
जैसे काँच में चूड़ी के टुकड़े
जैसे खिले खिले फूलों के मुखड़े
जैसे बंसी कोई बजाए पेड़ों के तले

ये तो झोंके हैं पवन के
हैं ये घुंघरू जीवन के
ये तो सुर हैं चमन के
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

मुहल्ले की रौनक गलियाँ हैं जैसे
खिलने की ज़िद पर कलियाँ हैं जैसे
मुट्ठी में मौसम की जैसे हवायें
ये हैं बुज़ुर्गों के दिल की दुआएं
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

कभी बातें जैसे दादी नानी
कभी चले जैसे मम मम पानी
कभी बन जाएँ भोले सवालों की झड़ी
सन्नाटे में हँसी के जैसे
सूने होठों पे खुशी के जैसे
ये तो नूर हैं बरसे गर
तेरी किस्मत हो बड़ी

जैसे झील में लहराए चंदा
जैसे भीड़ में अपने का कंधा
जैसे मनमौजी नदिया
झाग उड़ाए कुछ कहे
जैसे बैठे बैठे मीठी सी झपकी
जैसे प्यार की धीमी सी थपकी
जैसे कानों में सरगम
हरदम बजती ही रहे
जैसे बरखा उडाती है निंदिया...


रिंद पोश माल - Rind Posh Maal (Shankar Mahadevan, Mission Kashmir)



Movie/Album: मिशन कश्मीर (2000)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: समीर
Performed By: शंकर महादेवन

फिर ज़र्रा-ज़र्रा महकेगा, खुश्बू के मौसम आएँगे
फिर चिनार की शाखों पे, पंछी घर बनाएँगे
इन राहों से जाने वाले, फिर लौट के वापस आएँगे
फिर जन्नत की गलियों में, सब लोग ये नगमा गाएँगे
रिंद पोश माल गिंदने द्राये लो लो
रिंद पोश माल गिंद ने...
सरगम के मीठे मीठे सुर घोलो
रिंद पोश माल गिंद ने...

हे आया हूँ मैं प्यार का ये नगमा सुनाने
सारी दुनिया को इक सुर में सजाने
सबके दिलों से नफ़रतों को मिटाने
आओ यारों मेरे संग संग बोलो
रिंद पोश माल गिंद ने...

जीत ले जो सबके दिल को, ऐसा कोई गीत गाओ
दोस्ती का साज़ छेड़ो, दुश्मनी को भूल जाओ
आओ यारों मेरे संग संग बोलो
रिंद पोश माल गिंद ने...

संगीत में है ऐसी फुहार, पतझड़ में भी जो लाए बहार
संगीत को ना रोके दीवार, संगीत जाए सरहद के पार
हो संगीत माने ना धर्म जात, संगीत से जुड़ी क़ायनात
संगीत की ना कोई ज़ुबान, संगीत में है गीता क़ुरान
संगीत में है अल्लाह-ओ-राम, संगीत में है दुनिया तमाम
तूफ़ानों का भी रुख मोड़ता है, संगीत टूटे दिल को जोड़ता है
रिंद पोश माल गिंद ने...


एक बगिया में - Ek Bagiya Mein (Shankar, K.S.Chithra, Srinivas, Sapnay)



Movie/Album: सपने (1997)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: शंकर महादेवन, के.एस.चित्रा, श्रीनिवास

एक बगिया में रहती है एक मैना
पूछती है के बोलो क्या है कहना
मेरा रंग हसीं है क्या, मेरा अंग हसीं है क्या
कभी पूछे तो मेरा जवाब यही होगा
ऊ ला ला ला...

एक है रास्ता, रस्ते में गाड़ी
है गाड़ी में है लड़की
मैंने जो पूछा रंग साड़ी का
वो बोली धनक जैसा
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...

झूमे जा, झूमे जा, ज़िन्दगी के फल कोई, ये प्यार से चखे तो मीठे हैं
झूमे जा, झूमे जा, पंछियों के सुर कोई, ध्यान से सुने तो मीठे हैं
कानों में, हैं मेरे, सारी दुनिया की आवाजें
उनसे बनी तसवीरें कई
झूमे जा, झूमे जा, राही तू झूमे जा, भूल जा परेशानियां
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...
एक बगिया में रहती है एक मैना...

झूमे जा, झूमे जा, जब तक है जीवन में ये सर्दी गर्मी ये हवा
झूमे जा, झूमे जा, दुनिया में हर दिल को है गीत कोई तो मिला
गीतों में है जिनके प्यार सपनों की दुनिया ही
उनको मिलती हैं राहें नयी
झूमे जा, झूमे जा, बादल जो है गरजा, दिल पे बनी परछाइयां
रिम झिम बरसे जलती तपती धरती पर जो कभी पानी
उठे धरती से सौंधी सौंधी खुशबुओं की धनकें सुहानी
ऊ ला ला ला...एक बगिया में रहती है एक मैना...


रुखी सुखी रोटी - Rukhi Sukhi Roti (Shankar Mahadevan, Alka Yagnik, Nayak)



Movie/Album: नायक (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: शंकर महादेवन,अलका याग्निक

ए मंजरी
रुखी सुखी रोटी तेरे हाथों से, खा के आया मज़ा बड़ा
ठंडा ठंडा पानी तेरे आँगन का, पी के छाया नशा नशा
बोले जो मुझसे तु वो मैं कर जाऊँ
तेरे सीने से लग के मैं मर जाऊँ
तौबा ओ तौबा तु क्या बोला
धड़क धड़क मेरा दिल डोला

चलो जी कोई तितली पकड़ते हैं
चलो जी किसी पेड़ पे चढ़ते हैं
क्या होगा जो मैं पेड़ से गिर गई गई गई गई
ओ मुझे दर्द बड़ा होगा तुझको चोट अगर लग गई
लई लई...
ये तो पुरानी लई लई लई, प्रेम कहानी लई लई लई
बात कोई कर आज नई नई नई..
प्यार में दिन आये कैसे रोग लगे हमको ऐसे
नाच उठे दो दिल जैसे ता-थई, ता-थई, ता-थई
तौबा ओ तौबा...

ओ प्यारी मंजरी, प्यार मंजरी...

चलो जी नदिया में नहाएँगे
नहीं जी पहले आम चुराएँगे
पकड़े गए तो बड़ी मार पड़ेगी, नहीं नहीं नहीं
अरे प्यार-व्यार जो करते हैं, वो मार से डरते नहीं
लई लई...
बात बदल गई लई लई लई
बच के निकल गई लई लई लई
चाल ये कैसी तु चल गई गई गई
तीर चला दिल पर लागा, दर्द बड़ा मीठा जागा
धक धक जोर से दिल भागा, दिल्ली से मुंबई
रुखी सुखी रोटी मेरे हाथों से खा के आया मज़ा तुझे
हे रुखी सुखी रोटी...


घनन घनन - Ghanan Ghanan (Lagaan)



Movie/Album: लगान (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण, सुखविंदर सिंह, शंकर महादेवन, शान

घनन-घनन घिर घिर आये बदरा
घन घनघोर कारे छाये बदरा
धमक-धमक गूँजे बदरा के डंके
चमक-चमक देखो बिजुरिया चमके
मन धड़काये बदरवा, मन धड़काये बदरवा
मन-मन धड़काये बदरवा

काले मेघा, काले मेघा, पानी तो बरसाओ
बिजुरी की तलवार नहीं, बूँदों के बान चलाओ
मेघा छाये, बरखा लाये
घिर-घिर आये, घिर के आये

कहे ये मन मचल-मचल, न यूँ चल सम्भल-सम्भल
गये दिन बदल, तू घर से निकल
बरसने वाल है अब अमृत जल

दुविधा के दिन बीत गये, भईया मल्हार सुनाओ
घनन-घनन घिर-घिर...

रस अगर बरसेगा, कौन फिर तरसेगा
कोयलिया गायेगी बैठेगी मुण्डेरों पर
जो पंछी गायेंगे, नये दिन आयेंगे
उजाले मुस्कुरा देंगे अंधेरों पर
प्रेम की बरखा में भीगे-भीगे तनमन
धरती पे देखेंगे पानी का दरपन
जईओ तुम जहाँ-जहाँ, देखियो वहाँ-वहाँ
यही इक समाँ कि धरती यहाँ
है पहने सात रंगों की चूनरिया
घनन-घनन घिर-घिर...

पेड़ों पर झूले डालो और ऊँची पेंद बढ़ाओ
काले मेघा, काले मेघा...

आई है रुत मतवाली, बिछाने हरियाली
ये अपने संग में लाई है सावन को
ये बिजुरी की पायल, ये बादल का आँचल
सजाने लाई है धरती की दुल्हन को
डाली-डाली पहनेगी फूलों के कंगन
सुख अब बरसेगा आँगन-आँगन
खिलेगी अब कली-कली, हँसेगी अब गली-गली
हवा जो चली, तो रुत लगी भली
जला दे जो तन-मन वो धूप ढली
काले मेघा, काले मेघा...


उफ़ तेरी अदा - Uff Teri Ada (Shankar, Alyssa, Karthik Calling Karthik)



Movie/Album: कार्तिक कॉलिंग कार्तिक (2010)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By:
जावेद अख्तर
Performed By: शंकर महादेवन, ऐलिसा मेंडोसा

जोगी नच ले, रंग रज दे
लहरा के, बलखा के तू
दुनिया भुला के नाच
धुन कोई गुनगुना ले
गा ले तू गा के नाच
रंगीनियो में खो जा
पी के पिला के नाच
मधभरे नैनों से तू
नैना मिला के नाच
उफ़ तेरी अदा
I like the way you move
उफ़ तेरा बदन
I like to see you groove
उफ़ तेरी नज़र
Its say I wanna dance with you

सुन ले साहेबा, तू है एक नशा
होश है मेरा, सारा खो गया
होश गँवा दीवाने
होश गँवा के नाच
पास तू आ दीवाने
पास तू आ के नाच
दिल में है अरमां जितने
सारे जगा के नाच
तन में बदन में जैसे
आग लगा के नाच
उफ़ तेरी अदा...

देख के भी नहीं हो यकीं
इतनी क्यूँ है बता तू हसीं
तेरे हुस्न से ज़िन्दगी हसीं
तेरे हुस्न के आगे कोई हसीना कुछ भी नहीं
आँखों में मेरे सारे
सपने सजा के नाच
मुझको तू दिल में रख ले
दिल को धड़का के नाच
प्यार अगर है मुझसे
प्यार जगा के नाच
जान-ओ-दिल हैं जो तेरे
मुझपे लुटा के नाच
उफ़ तेरी अदा...


के सरा सरा - Kay Sera Sera (Kavita, Shankar, Pukar)



Movie/Album: पुकार (2000)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति, शंकर महादेवन

गुड इवनिंग लेडीज़ एंड जेंटलमेन
नौजवानों, बात मानो
कभी किसी से, न प्यार करना

हे, के सरा सरा सरा, जो भी हो सो हो
हमें प्यार का हो आसरा, फिर चाहे जो हो

प्यार ज़िन्दगी, प्यार हर ख़ुशी
प्यार जिसने पाया है
वो ही दिल फूल जैसा खिला
प्यार गलती है, प्यार धोखा है
प्यार ढलती छाया है
देखो फिर न करना गिला
प्यार ही धड़कनों की कहानी है
प्यार है हसीं दास्ताँ
प्यार अश्कों की देता निशानी है
प्यार में है चैन कहाँ
प्यार की बात जिसने ना मानी है
उसकी ना तो ज़मीं है, ना है आसमां
नौजवानों, बात मानो...

ओ, प्यार जैसे है पूरब पच्छिम
प्यार है उत्तर दक्खिन
यहाँ है प्यार ही हर दिशा
प्यार रोग है, प्यार दर्द है
प्यार तोड़े दिल इक दिन
यही है प्यार का सिलसिला
प्यार से ही तो रंगीन जीवन
प्यार से ही दिल है जवाँ
प्यार काँटों का जैसे कोई बन है
प्यार से ही ग़म का समां
प्यार से जाने क्यों तुमको उलझन है
प्यार तो सारी दुनिया पे है मेहरबां
नौजवानों...
हे के सरा सरा सरा...


मन को अति भावे - Man Ko Ati Bhaave (Shankar, London Dreams)



Movie/Album: लन्दन ड्रीम्स (2009)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शंकर महादेवन

मन को अति भावे सैयाँ, करे ताता थईयाँ
मन गाये रे, हाय रे, हाय रे, हाय रे
हम प्रियतम ह्रदय बसैयाँ, पागल हो गइयाँ
मन गाए रे, हाय रे...

जो मारी नैन कंकरिया, तो छलकी प्रेम गगरिया
और भीगी सारी नगरिया, सब नृत्य करे संग-संग
तोरे बाण लगे नस-नस में, नहीं प्राण मोरे अब बस में
मन डूबा प्रेम के रस में, हुआ प्रेम-मगन कण-कण
हो बेब्बे, बेब्बे, सौंपा तुझको तन-मन
मन को अति भावे सैयाँ...

क्या उथल-पुथल, बावरा-सा पल
साँसों पे सरगम का त्यौहार है
बन के मैं पवन, चूम लूँ गगन
हो ऋतुओं पे अब मेरा अधिकार है
संकेत किया प्रियतम ने, आदेश दिया धड़कन ने
सब वार दिया फिर हमने, हुआ सफल-सफल जीवन
अधरों से वो मुस्काई, काया से वो सकुचाई
फिर थोड़ा निकट वो आई, था कैसा अद्भुत क्षण
हो बेब्बे, बेब्बे, मैं हूँ सम्पूर्ण मगन
मन को अति भावे सैयाँ...

पुष्प आ गए, खिलखिला गए
उत्सव मनाता है सारा चमन
चन्द्रमा झुका, सूर्य भी रूका
दिशाएँ मुझे कर रही हैं नमन
तूने जो थामी बईयाँ, सबने ली मेरी बलईयाँ
सुधबुध मेरी खो गईयाँ, हुआ रोम-रोम उपवन
जब प्रीत-फ़सल लहराई, धरती ने ली अंगड़ाई
और मिलन-बदरिया छाई, कस के बरसा सावन
हो बेब्बे, बेब्बे, सब हुआ तेरे कारण
मन को अति भावे सैयाँ...


तुम नहीं जाना - Tum Nahin Jaana (Alka Yagnik, Shankar Mahadevan, Udit Narayan, Duplicate)



Movie/Album: डुप्लीकेट (1998)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अल्का याग्निक, शंकर महादेवन, उदित नारायण

कह रही है, हे कह रही है
ये नशीली, ये रंगीली, ये सजीली शाम
कह रहे हैं, हाँ कह रहे हैं
ये नशीले, ये छलकते, ये ढलकते जाम
तुम नहीं जाना, तुम नहीं जाना
सुन लो ऐ जाना, तुम नहीं जाना
कह रही है...

आज दरवाज़े के बाहर सिर्फ हैं मुश्किल
मिट गये सब रास्ते और खोई हर मंज़िल
आस्तीनों में छुपाये ज़हर के खंजर
घूमते हैं, ढूँढते हैं, तुमको ही कातिल
तुम नहीं जाना...

जानता हूँ आज ज़हरीली हवाएँ हैं
जानता हूँ मेरी दुश्मन सब दिशायें हैं
जो भी हो लेकिन मुझे मंज़िल को पाना है
मैं मुसाफ़िर हूँ, मेरी भी कुछ अदायें हैं

ऐ हसीना, महजबीं तू, दिलनशीं तू
दिल है तेरे नाम
ऐ हसीना, मैं मुसाफ़िर, आऊँगा फिर
आज है कुछ काम
मुझको है जाना, मुझको है जाना
तुम नहीं जाना...


दुश्मन मेरा - Dushman Mera (Sunitha Sarathy, Shankar Mahadevan, Don 2)



Movie/Album: डॉन 2 (2011)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: सुनीता सारथी, शंकर महादेवन

कोई जाने ना, ये कैसी आग है
मेरे दिल को डसता, ये कैसा नाग है
हर घड़ी मैं जिसको ढूँढू, बच के ना जायेगा
हाँ कहीं ना कहीं तो इक दिन, मुझे मिल ही जायेगा
दुश्मन मेरा

मुझे ढूँढना आसान है कहाँ
ज़मीं देख लो या आसमां
मैं इक पल यहाँ, मैं इक पल हूँ वहाँ
नहीं पाओगे मेरा निशाँ
जो कोई भी मुझको ढूँढे, वो कुछ ना पायेगा
दिल में ही वो दिल के अरमां वापस ले जायेगा
समझे ज़रा, दुश्मन मेरा

इन आँखों में है जाने कैसी ज्वाला
इसको मत बुझने देना, सुन लो मेरा कहना
गुस्से में कितनी तुम दिलकश लगती हो
जब तक भी रह पाओ तुम गुस्से में ही रहना
मेरा गुस्सा तो, देखोगे एक दिन
मेरे दिल में क्या है, जानोगे एक दिन
तुमसे मैं इतना कह दूँ, वो दिन जब आएगा
दिल में ही वो दिल के अरमां, वापस ले जायेगा
समझे ज़रा, दुश्मन मेरा


ऐसा ज़ख़्म दिया है - Aisa Zakhm Diya Hai (Shankar Mahadevan, Udit Narayan, Aamir Khan, Akele Hum Akele Tum)



Movie/Album: अकेले हम अकेले तुम (1995)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: शंकर महादेवन, उदित नारायण, आमिर खान

आया हूँ यारों दिल अपना दे के
आँखों में चेहरा किसी का ले के
वो दिल का कातिल, दिलबर हमारा
जिसके लिये मैं हुआ आवारा
मिलते ही जिसने, चूमा था मुझको
फिर न पलट के, देखा दोबारा
और इसलिये दोस्तों, मैंने फ़ैसला किया
के फिर कभी किसी से प्यार नहीं करूँगा
कभी किसी लड़की को अपना दिल नहीं दूँगा

ऐसा ज़ख़्म दिया है जो ना फिर भरेगा
हर हसीन चेहरे से अब ये दिल डरेगा
हम तो जान देकर यूँ हीं मर मिटे थे
सुन लो ऐ हसीनों ये हमसे अब ना होगा
ऐसा ज़ख़्म दिया है...

रसीले होंठ छलकते गाल
मस्तानी चाल बुरा कर दे हाल
पलक फड़के के दिल धड़के
उम्र की उठान, कड़कती कमाल
कातिल अदा ज़ालिम हया
मेरे ख़ुदा ओ मेरे ख़ुदा
शोला बदन, बहका चमन, मगर यारों
हम तो जान देकर...

तू जो कहे तो तारों में तुझे लेकर चलूँ
तू जो कहे तो क़दमों में उन्हें ला डाल दूँ
सीने से लगा के ये बदन कर दूँ गुलाबी
चेहरा चूम कर के मैं बना दूँ आफताबी
हम तो जान देकर तुमपे मर मिटे हैं
कौन प्यार तुमसे इतना करेगा
ऐसा ज़ख्म दिया है...

आया हूँ यारों दिल अपना ले के
आँखों में चेहरा किसी का ले के
कोई ना कोई मेरा भी होगा
यहीं पे कहीं छुपा ही होगा


कजरा रे - Kajra Re (Alisha Chinai, Javed Ali, Shankar Mahadevan, Bunty Aur Babli)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जावेद अली, अलीशा चेनॉय, शंकर महादेवन

ऐसी नज़र से देखा
उस ज़ालिम ने चौक पर
हमनें कलेजा रख दिया
चाकू की नोक पर

मेरा चैन-वैन सब उजड़ा
ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी
तेरे अपने शहर वाले
मेरा चैन-वैन...
मेरी अंगड़ाई, ना टूटे, तू आजा

कजरा रे कजरा रे
तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना
मेरे नैना जुड़वाँ नैना
हो कजरा रे...

सुरमें से लिखे तेरे वादे
आँखों की ज़बानी आते हैं
मेरे रूमालों पे लब तेरे
बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातों में किमाम की खुशबू है
हो तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे ना, टूटे ना अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई ना टूटे तू आजा
कजरा रे...

आँखें भी कमाल करती हैं
पर्सनल से सवाल करती हैं
पलकों को उठाती भी नहीं, हम्म
परदे का ख्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे ना, टूटे ना अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई ना टूटे तू आजा
कजरा रे...

हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आये निशानी दिल्ली में
पल निमा राज़े दरी बे-तलब
तेरी-मेरी कहानी दिल्ली में
काली कमली वाले को याद कर के
तेरे काले-काले नैनों की क़सम खाते हैं
तेरे काले-काले नैनों की बलाएँ ले लूूँ
तेरे काले नैनों को दुआऐं दे दूँ
मेंरी जान उदास हैं, होठों पे प्यास हैं
आजा रे, आजा रे, आजा रे हो
तेरी बातों में...
कजरा रे...


बंटी और बबली - Bunty Aur Babli (Shankar Mahadevan, Title Track)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जसपिंदर नरुला, लॉय मेंडोंसा, शंकर महादेवन, सिद्धार्थ महादेवन, सौम्या राव, सुखविंदर सिंह

चल चल चल चल चलत चलत
जब ठाठ दिखाए और बात दिखाए, ओये बंटी
पल पल पल पल पलट पलट
जब कमर घुमाए और होश उड़ाए, ओये बबली
अरे लट्टू घुमाई के, चक्कर चलाई के
लूट ले हो दुनिया को ठेंगा दिखाई के
हो ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको ठगा नहीं
ऐसी मारी लंगड़ी कि सोया जगा नहीं
चल चल चल...
बंटी और बबली, बंटी और बबली
इन दोनों की जोड़ी शामत
शामत और कयामत यारों
बंटी और बबली...

हो इश्काँ दे तेवर घने, तेवर घने
नखरों के ज़ेवर बने, ज़ेवर बने
देखो कहीं आते-जाते मिल जाएँ दोनों यहीं
रूठते-मनाते माफ़ करते मिलें
जूठे-जूठे होंठ साफ़ करते मिलें
चल चल चल...

हो खुश्बू ही खुश्बू पले, खुश्बू पले
इश्काँ जहाँ तू चले, हाँ तू चले
जाने कहाँ उड़ते-उड़ते मिल जाए दोनों यहाँ
इठला ते चलता हुआ बंटी मिले
इतरा के चलती हुई बबली मिले
दोनों की कहानियाँ ज़माना दोहराएगा
बताएगा, सुनाएगा, सदा
बंटी और बबली...


रौशनी - Roshanee (Shankar Mahadevan, Aarakshan)



Movie/Album: आरक्षण (2011)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शंकर महादेवन

बरस रही है रौशनी, बरस रही है रौशनी
दीवारें तोड़ के, राहों को मोड़ के, निकली है रौशनी
हर बंधन छोड़ के, घोलो-घोलो ये अँधेरे हाँ
बना दो सियाही और लिख दो तुम नयी सुबह
तोड़ो ताले, सूरज को खोल दो
सबकी मुट्ठी रौशन हैं बोल दो
तोड़ो कुएँ और कर दो तुम नदी
पी लो बाँटो है सबकी रौशनी
है ये सबकी रौशनी, पिघली है ये रौशनी

सबके लिए रस्ते हों, आशा के बस्ते हों
जिनमें उजाले बसते हों
खाई सी थी मिट-मिट गयी
काई सी थी हट हट गयी
हो सबका सूरज सबका आसमां अब यहाँ
तोड़ो ताले, सूरज को खोल दो...

रौशनी की रैली, धूप फैली-फैली
रुत ये नयी है नवेली
अब तो सब हैं फिसरे रूले
इंजन सबका खिसके रूले
हो सबकी मंज़िल, सबका कारवां अब यहाँ
तोड़े ताले, सूरज को खोल दो...


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