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माँ - Maa (Shankar Mahadevan, Taare Zameen Par)



Movie/Album: तारे ज़मीन पर (2007)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शंकर महादेवन

मैं कभी बतलाता नहीं
पर अंधेरे से डरता हूँ मैं माँ

यूँ तो मैं, दिखलाता नहीं
तेरी परवाह करता हूँ मैं माँ
तुझे सब है पता, है ना माँ
तुझे सब है पता, मेरी माँ

भीड़ में, यूँ ना छोड़ो मुझे
घर लौट के भी आ ना पाऊँ माँ   
भेज ना इतना दूर मुझको तू
याद भी तुझको आ ना पाऊँ माँ
क्या इतना बुरा हूँ मैं माँ
क्या इतना बुरा मेरी माँ

जब भी कभी पापा मुझे
जो ज़ोर से झूला झुलाते हैं माँ
मेरी नज़र ढूँढे तुझे
सोचूं यही तू आ के थामेगी माँ

उनसे मैं ये कहता नहीं
पर मैं सहम जाता हूँ माँ
चेहरे पे आने देता नहीं
दिल ही दिल में घबराता हूँ माँ
तुझे सब है पता है ना माँ
तुझे सब है पता मेरी माँ
मैं कभी बतलता नहीं...


तारे ज़मीं पर - Taare Zameen Par (Shankar Mahadevan)



Movie/Album: तारे ज़मीन पर (2007)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शंकर महादेवन, डोमिनिक सेरेजो, विविएने पोचा

देखो इन्हें ये हैं ओस की बूँदें
पत्तों की गोद में आसमां से कूदे
अंगड़ाई लें फिर करवट बदल कर
नाज़ुक से मोती हंस दे फिसल कर
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

ये तो हैं सर्दी में धूप की किरणें
उतरें जो आँगन को सुनहरा सा करने
मन के अंधेरो को रोशन सा कर दें
ठिठुरती हथेली की रंगत बदल दें
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

जैसे आँखों की डिबिया में निंदिया
और निंदिया में मीठा सा सपना
और सपने में मिल जाए फरिश्ता सा कोई
जैसे रंगों भरी पिचकारी
जैसे तितलियाँ फूलों की क्यारी
जैसे बिना मतलब का प्यारा रिश्ता हो कोई

ये तो आशा की लहर हैं
ये तो उम्मीद की सहर हैं
खुशियों की नहर हैं
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

देखो रातों के सीने पे ये तो
झिलमिल किसी लौ से उगे हैं
ये तो अंबियो की खुश्बू हैं
बागों से बह चले
जैसे काँच में चूड़ी के टुकड़े
जैसे खिले खिले फूलों के मुखड़े
जैसे बंसी कोई बजाए पेड़ों के तले

ये तो झोंके हैं पवन के
हैं ये घुंघरू जीवन के
ये तो सुर हैं चमन के
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

मुहल्ले की रौनक गलियाँ हैं जैसे
खिलने की ज़िद पर कलियाँ हैं जैसे
मुट्ठी में मौसम की जैसे हवायें
ये हैं बुज़ुर्गों के दिल की दुआएं
खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

कभी बातें जैसे दादी नानी
कभी चले जैसे मम मम पानी
कभी बन जाएँ भोले सवालों की झड़ी
सन्नाटे में हँसी के जैसे
सूने होठों पे खुशी के जैसे
ये तो नूर हैं बरसे गर
तेरी किस्मत हो बड़ी

जैसे झील में लहराए चंदा
जैसे भीड़ में अपने का कंधा
जैसे मनमौजी नदिया
झाग उड़ाए कुछ कहे
जैसे बैठे बैठे मीठी सी झपकी
जैसे प्यार की धीमी सी थपकी
जैसे कानों में सरगम
हरदम बजती ही रहे
जैसे बरखा उडाती है निंदिया...


अलविदा - Alvida (Nikhil D'Souza, Sukhwinder, Loy Mendosa, D-Day)



Movie/Album: डी-डे (2013)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: निरंजन इयेंगर
Performed By: निखिल डी'सूज़ा, सुखविंदर सिंह, लॉय मेंडोसा

जाने कैसे टूटे रिश्तों से बिखरे हैं ये पल
मानो जैसे ग़म की पलकों से छलके हैं ये पल
क्यूँ अधूरी ये कहानी, क्यूँ अधूरा ये फ़साना
क्यूँ लकीरों में इसके अलविदा

उमर भर का साथ दे जो, क्यूँ वो ही प्यार हो
क्यूँ न मिट के जो फना हो, वो भी प्यार हो
ना अधूरी ये कहानी, ना अधूरी ये फ़साना
मर के भी ना हम कहेंगे अलविदा

बैरिया मेरे रब्बा, क्यूँ हुआ मेरे रब्बा
यूँ ना ढामी, यूँ ना ढामी
दो दिलां दी ये कहानी

मिट भी जाऊं, ना मिटे ये कैसी प्यास है
दूरियों में खो के भी तू मेरे पास है
क्यूंकि तू मेरी कहानी, क्यूंकि तू मेरा फ़साना
अब कभी फिर ना है कहना अलविदा

तेरी यादों को सहलाता हूँ (याद कितना)
पल में बन के बिखरता हूँ
जिस जहां में खो गयी हो तुम
क्या नहीं है वहाँ, टूटी तन्हाइयों का ग़म
बैरिया मेरे रब्बा...
जाने कैसे टूटे रिश्तों...


अच्छी लगती हो - Achchhi Lagti Ho (Udit, Kavita, Kuch Naa Kaho)



Movie/Album: कुछ ना कहो (2003)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति

मुझे तुम चुपके चुपके जब ऐसे देखती हो
अच्छी लगती हो
कभी ज़ुल्फ़ों से, कभी आँचल से जब खेलती हो
अच्छी लगती हो
मुझे देख के जब तुम यूँ ठंडी आहें भरते हो
अच्छे लगते हो
मुझको जब लगता है तुम मुझपर ही मरते हो
अच्छे लगते हो

तुममें ऐ मेहरबान, सारी है खूबियाँ
भोलापन सादगी, दिलकशी ताज़गी
दिलकशी तुमसे है, ताज़गी तुमसे है
तुम हुए हमनशी, हो गयी मैं हसीं
रंग तुमसे मिले है सारे
तारीफ़ जो सुनके तुम ऐसे शर्मा जाती हो
अच्छी लगती हो
कभी हँस देती हो और कभी इतरा जाती हो
अच्छी लगती हो
मुझे देख के जब तुम यूँ ठंडी आहें भरते हो
अच्छे लगते हो

खोये से तुम हो क्यों, सोच में गुम हो क्यों
बात जो दिल में हो, कह भी दो, कह भी दो
सोचता हूँ के मैं, क्या पुकारूं तुम्हें
दिलनशीं नाज़नीं, माहरू महज़बीं
ये सब है नाम तुम्हारे
मेरे इतने सारे नाम है, जब तुम ये कहते हो
अच्छे लगते हो
मेरे प्यार में जब तुम खोये खोये से रहते हो
अच्छे लगते हो...


मस्त मगन - Mast Magan (Arijit Singh, Chinmayi Sripada, 2 States)



Movie/Album: २ स्टेट्स (2014)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: अरिजीत सिंह, चिन्मयी श्रीपद

इश्क़ की धूनी रोज़ जलाए
उठता धुंआ तो कैसे छुपाए
हो अँखियाँ करे जी हज़ूरी
मांगे है तेरी मंज़ूरी
कजरा सियाही, दिन रंग जाए
तेरी कस्तूरी रैन जगाए
मन मस्त मगन, मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए
मन मस्त मगन...
चाहे भी तो भूल ना पाए
मन मस्त मगन, मन मस्त मगन
तेरा नाम दोहराए...

जोगिया जोग लगा के, वखरा रोग लगा के
इश्क़ की धूनी रोज़ जलाए
उठता धुंआ तो कैसे छुपाए
मन मस्त मगन...

ओढ़ के धानी रीत की चादर
आया तेरे शहर में राँझा तेरा
दुनिया ज़माना, झूठा फ़साना
जीने मरने का वादा सांचा मेरा
हो शीश-महल ना मुझको सुहाए
तुझ संग सुखी रोटी भाए
मन मस्त मगन...


चांदनिया - Chandaniya (Mohan Kannan, Yashita Sharma, 2 States)



Movie/Album: २ स्टेट्स (2014)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: मोहन कन्नन, यशिता शर्मा

तुझ बिन सूरज में आग नहीं रे
तुझ बिन कोयल में राग नहीं रे
चाँदनिया तो बरसे
फिर क्यूँ मेरे हाथ अँधेरे लगदे ने

हाँ तुझ बिन फागुन में फाग नहीं रे
हाँ तुझ बिन जागे भी जाग नहीं रे
तेरे बिना ओ माहिया
दिन दरिया, रैन जज़ीरे लगदे ने
अधूरी-अधूरी-अधूरी कहानी
अधूरा अलविदा
यूँ ही यूँ ही रैना जाए अधूरे सदा
अधूरी-अधूरी-अधूरी कहानी...
ओ चांदनिया तो बरसे
फिर क्यूँ मेरे हाथ अँधेरे लगदे ने

केड़ी तेरी नाराज़गी, गल सुन ले राज़ की
जिस्म ये क्या है खोखली सीपी, रूह दा मोती है तू
गरज़ हो जितनी तेरी, बदले में जिंदड़ी मेरी
मेरे सारे बिखरे सुरों से, गीत पिरोती है तू
ओ माहिया तेरे सितम, तेरे करम
दोनों लुटेरे लगदे ने
तुझ बिन सूरज में...


चुपके से सुन - Chupke Se Sun (Alka Yagnik, Udit Narayan, Mission Kashmir)



Movie/Album: मिशन कश्मीर (2000)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: समीर
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण

चुपके से सुन इस पल की धुन
इस पल में जीवन सारा
सपनों की है दुनिया यही
मेरी आँखों से देखो ज़रा

गहरा धुआँ छटने लगा कोहरे छंटे
देखो चारों तरफ़ अब नूर है जन्नत का
उजली ज़मीं, नीला गगन
पानी पे बहता शिकारा
सपनों की है दुनिया यही
तेरी आँखों से मैंने देखा
चुपके से सुन...

आशा के पर लगे पंछी बनके मैं उड़ी
जिनकी थी आरज़ू, उन राहों से मैं जुड़ी
कुछ पा गई, कुछ खो गया, जाने मुझे क्या हो गया
जागी-जागी, सोई-सोई, रहती हूँ खोई-खोई
मेरी बेकरारी कोई, जाने ना, जाने ना
रुत है दीवानी बड़ी, छेड़े मुझे घड़ी-घड़ी
ऐसे में अनाड़ी दिल माने ना माने ना
सपनों की है दुनिया...

मौसम का हो गया जाने कैसा ये असर
चेहरे से अब तेरे हटती नहीं मेरी नज़र
कोई कहीं ना पास है, बस प्यार का एहसास है
खुश्बू का झोंका आए, हमें महका के जाए
हमको न कुछ भी खबर है, खबर है
दूर शहनाई बजी, यादों की दुल्हन सजी
सीने पे तुम्हारे मेरा, सर है, सर है
सपनों की है दुनिया...


सोचो के झीलों का शहर हो - Socho Ke Jheelon Ka Sheher Ho (Udit, Alka, Mission Kashmir)



Movie/Album: मिशन कश्मीर (2000)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: समीर
Performed By: उदित नारायण, अलका याग्निक

देखो देखो, क्या मैं देखूँ
सोचो सोचो, सोचूँ मैं क्या ओ ओ

सोचो के झीलों का शहर हो
लहरों पे अपना एक घर हो
हम जो देखें सपने प्यारे, सच हों सारे
बस और क्या
सोचो के झीलों का...

फ़र्श हो प्यार का, खुश्बूओं की दीवारें
हम जहां बैठ के, प्रेम से दिन गुज़ारें
पलकें उठें, पलकें झुकें
देखे तुझे बस ये नज़र
सोचो के झीलों का...

बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
आए हो किस बगिया से तुम?

बर्फ़ ही बर्फ़ हो, सर्दियों का हो मौसम
आग के सामने, हाथ सेकते हों हम
बैठी रहूँ आग़ोश में
रख के तेरे कांधे पे सर
सोचो के झीलों का...


रिंद पोश माल - Rind Posh Maal (Shankar Mahadevan, Mission Kashmir)



Movie/Album: मिशन कश्मीर (2000)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: समीर
Performed By: शंकर महादेवन

फिर ज़र्रा-ज़र्रा महकेगा, खुश्बू के मौसम आएँगे
फिर चिनार की शाखों पे, पंछी घर बनाएँगे
इन राहों से जाने वाले, फिर लौट के वापस आएँगे
फिर जन्नत की गलियों में, सब लोग ये नगमा गाएँगे
रिंद पोश माल गिंदने द्राये लो लो
रिंद पोश माल गिंद ने...
सरगम के मीठे मीठे सुर घोलो
रिंद पोश माल गिंद ने...

हे आया हूँ मैं प्यार का ये नगमा सुनाने
सारी दुनिया को इक सुर में सजाने
सबके दिलों से नफ़रतों को मिटाने
आओ यारों मेरे संग संग बोलो
रिंद पोश माल गिंद ने...

जीत ले जो सबके दिल को, ऐसा कोई गीत गाओ
दोस्ती का साज़ छेड़ो, दुश्मनी को भूल जाओ
आओ यारों मेरे संग संग बोलो
रिंद पोश माल गिंद ने...

संगीत में है ऐसी फुहार, पतझड़ में भी जो लाए बहार
संगीत को ना रोके दीवार, संगीत जाए सरहद के पार
हो संगीत माने ना धर्म जात, संगीत से जुड़ी क़ायनात
संगीत की ना कोई ज़ुबान, संगीत में है गीता क़ुरान
संगीत में है अल्लाह-ओ-राम, संगीत में है दुनिया तमाम
तूफ़ानों का भी रुख मोड़ता है, संगीत टूटे दिल को जोड़ता है
रिंद पोश माल गिंद ने...


उफ़ तेरी अदा - Uff Teri Ada (Shankar, Alyssa, Karthik Calling Karthik)



Movie/Album: कार्तिक कॉलिंग कार्तिक (2010)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By:
जावेद अख्तर
Performed By: शंकर महादेवन, ऐलिसा मेंडोसा

जोगी नच ले, रंग रज दे
लहरा के, बलखा के तू
दुनिया भुला के नाच
धुन कोई गुनगुना ले
गा ले तू गा के नाच
रंगीनियो में खो जा
पी के पिला के नाच
मधभरे नैनों से तू
नैना मिला के नाच
उफ़ तेरी अदा
I like the way you move
उफ़ तेरा बदन
I like to see you groove
उफ़ तेरी नज़र
Its say I wanna dance with you

सुन ले साहेबा, तू है एक नशा
होश है मेरा, सारा खो गया
होश गँवा दीवाने
होश गँवा के नाच
पास तू आ दीवाने
पास तू आ के नाच
दिल में है अरमां जितने
सारे जगा के नाच
तन में बदन में जैसे
आग लगा के नाच
उफ़ तेरी अदा...

देख के भी नहीं हो यकीं
इतनी क्यूँ है बता तू हसीं
तेरे हुस्न से ज़िन्दगी हसीं
तेरे हुस्न के आगे कोई हसीना कुछ भी नहीं
आँखों में मेरे सारे
सपने सजा के नाच
मुझको तू दिल में रख ले
दिल को धड़का के नाच
प्यार अगर है मुझसे
प्यार जगा के नाच
जान-ओ-दिल हैं जो तेरे
मुझपे लुटा के नाच
उफ़ तेरी अदा...


मैं ऐसा क्यूँ हूँ - Main Aisa Kyun Hoon (Shaan, Lakshya)



Movie/Album: लक्ष्य (2004)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By:
जावेद अख्तर
Performed By: शान

मैं ऐसा क्यूँ हूँ, मैं ऐसा क्यूँ हूँ
मैं जैसा हूँ, मैं वैसा क्यूँ हूँ
करना है क्या मुझको, ये मैंने कब है जाना
लगता है गाऊँगा, ज़िन्दगी भर बस ये गाना
होगा जाने मेरा अब क्या
कोई तो बताए मुझे
गड़बड़ है ये सब क्या
कोई समझाए मुझे
ओ वे ई आय...
मैं ऐसा क्यूँ हूँ...

अब मुझको ये है करना, अब मुझे वो करना है
आख़िर क्यूँ मैं ना जानूँ, क्या है कि जो करना है
लगता है अब जो सीधा, कल मुझे लगेगा उल्टा
देखो ना मैं हूँ जैसे, बिल्कुल उल्टा-पुल्टा
बदलूँगा मैं अभी क्या
मानूँ तो क्या मानूँ मैं
सुधारूँगा मैं कभी क्या
ये भी तो ना जानूँ मैं
जाने अब मेरा होना क्या
लगता है तुमको क्या
जाने अब मेरा होना क्या है
क्या मैं हूँ, जैसा बस वैसा रहूँगा
ओ वे ई आय...
करना है क्या मुझको...


मन को अति भावे - Man Ko Ati Bhaave (Shankar, London Dreams)



Movie/Album: लन्दन ड्रीम्स (2009)
Music By: शंकर एहसान लॉय
Lyrics By: प्रसून जोशी
Performed By: शंकर महादेवन

मन को अति भावे सैयाँ, करे ताता थईयाँ
मन गाये रे, हाय रे, हाय रे, हाय रे
हम प्रियतम ह्रदय बसैयाँ, पागल हो गइयाँ
मन गाए रे, हाय रे...

जो मारी नैन कंकरिया, तो छलकी प्रेम गगरिया
और भीगी सारी नगरिया, सब नृत्य करे संग-संग
तोरे बाण लगे नस-नस में, नहीं प्राण मोरे अब बस में
मन डूबा प्रेम के रस में, हुआ प्रेम-मगन कण-कण
हो बेब्बे, बेब्बे, सौंपा तुझको तन-मन
मन को अति भावे सैयाँ...

क्या उथल-पुथल, बावरा-सा पल
साँसों पे सरगम का त्यौहार है
बन के मैं पवन, चूम लूँ गगन
हो ऋतुओं पे अब मेरा अधिकार है
संकेत किया प्रियतम ने, आदेश दिया धड़कन ने
सब वार दिया फिर हमने, हुआ सफल-सफल जीवन
अधरों से वो मुस्काई, काया से वो सकुचाई
फिर थोड़ा निकट वो आई, था कैसा अद्भुत क्षण
हो बेब्बे, बेब्बे, मैं हूँ सम्पूर्ण मगन
मन को अति भावे सैयाँ...

पुष्प आ गए, खिलखिला गए
उत्सव मनाता है सारा चमन
चन्द्रमा झुका, सूर्य भी रूका
दिशाएँ मुझे कर रही हैं नमन
तूने जो थामी बईयाँ, सबने ली मेरी बलईयाँ
सुधबुध मेरी खो गईयाँ, हुआ रोम-रोम उपवन
जब प्रीत-फ़सल लहराई, धरती ने ली अंगड़ाई
और मिलन-बदरिया छाई, कस के बरसा सावन
हो बेब्बे, बेब्बे, सब हुआ तेरे कारण
मन को अति भावे सैयाँ...


ज़रा दिल को थाम लो - Zara Dil Ko Tham Lo (Vishal Dadlani, Anusha Mani, Don 2)



Movie/Album: डॉन २ (2011)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: विशाल ददलानी, अनुषा मणी

दिलकशी और दिलबरी
उसकी है जादूगरी ओ
जिसकी आँखे है तारे
ठहरे जिस पल हैं सारे
ऐ दिल ये सच है क्या
आज वो है क्या आ ही गया
ज़रा दिल को थाम लो
नाम लो कह भी दो है कौन
आ गया, आ गया
लौट के, देखो डॉन

जो ना समझा कोई मैं वो ही राज़ हूँ
जो किसी का नहीं है वो अंदाज़ हूँ
मैं समंदर से गहरा, मैं कहीं कब हूँ ठहरा
मै हूँ जैसे धुआं, ये धुआं कहीं है रुकता कहाँ
ज़रा दिल को थाम लो...

तू नहीं है धुआं, एक शोला है तू मेरी जाँ
पास तेरे मगर आऊँगी
तुझमें ही जल के मर जाऊँगी
मुझको चाहा तो पाओगी क्या
मैं कहाँ जाऊँगा मेरा क्या है पता
ज़रा दिल को थाम लो...


आ रहा हूँ पलट के - Aa Raha Hoon Palat Ke (Shahrukh Khan, Don 2)



Movie/Album: डॉन 2 (2011)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: शाहरुख ख़ान

मेरे दुश्मन समझ रहे थे
मैं अब कभी लौट के ना आऊँगा
एक गुमनामी का समंदर है
उसमें ही जा के डूब जाऊँगा
अभी बाकी मेरी कहानी है
सारी दुनिया को जो सुनानी है
मुझे पहचानो, देखो मै हूँ कौन
आ रहा हूँ पलट के मै हूँ डॉन, डॉन, डॉन


है ये माया - Hai Ye Maya (Usha Uthup, Don 2)



Movie/Album: डॉन 2 (2011)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: उषा उत्थुप

ना कोई रात है, ना कोई दिन यहाँ
क्या ये अँधेरा है, के सिर्फ है धुआं
आँखें धोखा खाती हैं ये किसको पता नहीं
जाने क्या है यहाँ और जाने यहाँ क्या नहीं
है ये माया

हीरे जो लगते हैं वो, मुमकिन है अंगारें हों
चिंगारी लगते हैं जो, हो सकता है तारे हों
आँखें धोखा खाती हैं...

चेहरे है सब एक से, तू कैसे पहचानेगा
दुश्मन है या दोस्त है, तू कैसे ये जानेगा
आँखें धोखा खाती हैं...


दुश्मन मेरा - Dushman Mera (Sunitha Sarathy, Shankar Mahadevan, Don 2)



Movie/Album: डॉन 2 (2011)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: सुनीता सारथी, शंकर महादेवन

कोई जाने ना, ये कैसी आग है
मेरे दिल को डसता, ये कैसा नाग है
हर घड़ी मैं जिसको ढूँढू, बच के ना जायेगा
हाँ कहीं ना कहीं तो इक दिन, मुझे मिल ही जायेगा
दुश्मन मेरा

मुझे ढूँढना आसान है कहाँ
ज़मीं देख लो या आसमां
मैं इक पल यहाँ, मैं इक पल हूँ वहाँ
नहीं पाओगे मेरा निशाँ
जो कोई भी मुझको ढूँढे, वो कुछ ना पायेगा
दिल में ही वो दिल के अरमां वापस ले जायेगा
समझे ज़रा, दुश्मन मेरा

इन आँखों में है जाने कैसी ज्वाला
इसको मत बुझने देना, सुन लो मेरा कहना
गुस्से में कितनी तुम दिलकश लगती हो
जब तक भी रह पाओ तुम गुस्से में ही रहना
मेरा गुस्सा तो, देखोगे एक दिन
मेरे दिल में क्या है, जानोगे एक दिन
तुमसे मैं इतना कह दूँ, वो दिन जब आएगा
दिल में ही वो दिल के अरमां, वापस ले जायेगा
समझे ज़रा, दुश्मन मेरा


धड़क धड़क - Dhadak Dhadak (Udit Narayan, Sunidhi Chauhan, Nihira Joshi, Bunty Aur Babli)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: उदित नारायण, सुनीधी चौहान, निहिरा जोशी

ये वर्ल्ड है ना वर्ल्ड
इसमें दो तरह के लोग होते हैं
एक, जो सारी ज़िन्दगी एक ही काम करते
और दूसरे जो एक ही ज़िन्दगी में सारे काम कर देते हैं
ये मैं नहीं, ये वो दोनों कहते थे
और कहते क्या थे, करते थे
और ऐसा करते थे, जैसा ना किसी ने किया
और न शायद कोई कर पाएगा

छोटे-छोटे शहरों से, खाली बोर दुपहरों में
हम तो झोला उठा के चले
बारिश कम-कम लगती है, नदियाँ मद्धम लगती है
हम समंदर के अन्दर चले
ओ हो हो हम चले, हम चले ओए रामचंद रे
धड़क-धड़क, धड़क-धड़क
धुआँ उड़ाए रे
धड़क-धड़क, धड़क-धड़क
सिटी बजाये रे
धड़क-धड़क...

ओहो ज़रा रास्ता तो दो
थोड़ा सा बादल चखना है
बड़ा-बड़ा कोयले से
नाम फ़लक पे लिखना है
चांद से होकर सड़क जाती है
उसी पे आगे जा के अपना मकाँ होगा
हम चले, हम चले...
धड़क-धड़क...

आ तो चले सर पे लिए
अम्बर की ठंडी फुन्कारिया
हम ही ज़मीं, हम आसमां
क़स्बा कस्मा नु खाये बाक़ी जहां
चांद का टिका, मत्थे लगा के
रात दिन तारों में, जीना-वीना इज़ी नहीं
हम चले, हम चले...
धड़क-धड़क...


क्यूँ मैं जागूँ - Kyun Main Jaagoon (Shafqat Amanat Ali Khan, Patiala House)



Movie/Album: पटियाला हाउस (2011)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: अनविता दत्त गुप्तन
Performed By: शफ़क़त अमानत अली खान

मुझे यूँ ही कर के ख्वाबों से जुदा
जाने कहाँ छुप के बैठा है खुदा
जानूँ ना मैं कब हुआ ख़ुद से गुमशुदा
कैसे जियूँ रूह भी मुझसे है जुदा
क्यूँ मेरी राहें, मुझसे पूछे घर कहाँ है
क्यूँ मुझसे आ के, दस्तक पूछे दर कहाँ है
राहें ऐसी जिनकी मंज़िल ही नहीं
दूँढो मुझे अब मैं रहता हूँ वहीं
दिल है कहीं और धड़कन है कहीं
साँसें हैं मगर क्यूँ ज़िन्दा मैं नहीं

रेत बनी हाथों से यूँ बह गयी
तकदीर मेरी बिखरी हर जगह
कैसे लिखूँ फिर से नयी दास्ताँ
ग़म की सियाही दिखती हैं कहाँ
आहें जो चुनी हैं मेरी थी रज़ा
रहता हूँ क्यूँ फिर खुद से ही खफ़ा
ऐसे भी हुई थी मुझसे क्या ख़ता
तूने जो मुझे दी जीने की सज़ा

बन्दे तेरे माथे पे हैं जो खिंचे
बस चंद लकीरों जितना है जहां
आँसू मेरे मुझको मिटा कह रहे
रब का हुकुम ना मिटता है यहाँ
राहें ऐसी जिनकी मंज़िल ही नहीं
दूँढो मुझे अब मैं रहता हूँ वहीं
दिल है कहीं और धड़कन है कहीं
साँसें हैं मगर क्यूँ ज़िन्दा मैं नहीं
क्यूँ मैं जागूँ
और वो सपने बो रहा है
क्यूँ मेरा रब यूँ
आँखें खोले सो रहा है
क्यूँ मैं जागूँ


कजरा रे - Kajra Re (Alisha Chinai, Javed Ali, Shankar Mahadevan, Bunty Aur Babli)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जावेद अली, अलीशा चेनॉय, शंकर महादेवन

ऐसी नज़र से देखा
उस ज़ालिम ने चौक पर
हमनें कलेजा रख दिया
चाकू की नोक पर

मेरा चैन-वैन सब उजड़ा
ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी
तेरे अपने शहर वाले
मेरा चैन-वैन...
मेरी अंगड़ाई, ना टूटे, तू आजा

कजरा रे कजरा रे
तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना
मेरे नैना जुड़वाँ नैना
हो कजरा रे...

सुरमें से लिखे तेरे वादे
आँखों की ज़बानी आते हैं
मेरे रूमालों पे लब तेरे
बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातों में किमाम की खुशबू है
हो तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे ना, टूटे ना अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई ना टूटे तू आजा
कजरा रे...

आँखें भी कमाल करती हैं
पर्सनल से सवाल करती हैं
पलकों को उठाती भी नहीं, हम्म
परदे का ख्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे ना, टूटे ना अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई ना टूटे तू आजा
कजरा रे...

हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आये निशानी दिल्ली में
पल निमा राज़े दरी बे-तलब
तेरी-मेरी कहानी दिल्ली में
काली कमली वाले को याद कर के
तेरे काले-काले नैनों की क़सम खाते हैं
तेरे काले-काले नैनों की बलाएँ ले लूूँ
तेरे काले नैनों को दुआऐं दे दूँ
मेंरी जान उदास हैं, होठों पे प्यास हैं
आजा रे, आजा रे, आजा रे हो
तेरी बातों में...
कजरा रे...


बंटी और बबली - Bunty Aur Babli (Shankar Mahadevan, Title Track)



Movie/Album: बंटी और बबली (2005)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: जसपिंदर नरुला, लॉय मेंडोंसा, शंकर महादेवन, सिद्धार्थ महादेवन, सौम्या राव, सुखविंदर सिंह

चल चल चल चल चलत चलत
जब ठाठ दिखाए और बात दिखाए, ओये बंटी
पल पल पल पल पलट पलट
जब कमर घुमाए और होश उड़ाए, ओये बबली
अरे लट्टू घुमाई के, चक्कर चलाई के
लूट ले हो दुनिया को ठेंगा दिखाई के
हो ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको ठगा नहीं
ऐसी मारी लंगड़ी कि सोया जगा नहीं
चल चल चल...
बंटी और बबली, बंटी और बबली
इन दोनों की जोड़ी शामत
शामत और कयामत यारों
बंटी और बबली...

हो इश्काँ दे तेवर घने, तेवर घने
नखरों के ज़ेवर बने, ज़ेवर बने
देखो कहीं आते-जाते मिल जाएँ दोनों यहीं
रूठते-मनाते माफ़ करते मिलें
जूठे-जूठे होंठ साफ़ करते मिलें
चल चल चल...

हो खुश्बू ही खुश्बू पले, खुश्बू पले
इश्काँ जहाँ तू चले, हाँ तू चले
जाने कहाँ उड़ते-उड़ते मिल जाए दोनों यहाँ
इठला ते चलता हुआ बंटी मिले
इतरा के चलती हुई बबली मिले
दोनों की कहानियाँ ज़माना दोहराएगा
बताएगा, सुनाएगा, सदा
बंटी और बबली...


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