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खिलते हैं गुल यहाँ - Khilte Hain Gul Yahan (Kishore Kumar, Lata Mangeshkar, Sharmilee)



Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

खिलते हैं गुल यहाँ, खिल के बिखरने को
मिलते हैं दिल यहाँ, मिल के बिछड़ने को
खिलते हैं गुल यहाँ...

कल रहे ना रहे, मौसम ये प्यार का
कल रुके न रुके, डोला बहार का
चार पल मिले जो आज, प्यार में गुज़ार दे
खिलते हैं गुल यहाँ...

झीलों के होंठों पर, मेघों का राग है
फूलों के सीने में, ठंडी-ठंडी आग है
दिल के आइने में तू, ये समां उतार दे
खिलते हैं गुल यहाँ...

प्यासा है दिल सनम, प्यासी ये रात है
होंठों मे दबी-दबी, कोई मीठी बात है
इन लम्हों पे आज तू, हर खुशी निसार दे
खिलते हैं गुल यहाँ...


मेघा छाए आधी रात - Megha Chhaye Aadhi Raat (Lata Mangeshkar, Sharmilee)



Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: लता मंगेशकर

मेघा छाए आधी रात
बैरन बन गई निंदिया
बता दे मैं क्या करूँ
मेघा छाए आधी रात...

सबके आंगन दीया जले रे, मोरे आंगन जिया
हवा लागे शूल जैसी, ताना मारे चुनरिया
आई है आँसू की बारात, बैरन बन गयी निंदिया
बता दे मैं क्या करूँ
मेघा छाए आधी रात...

रूठ गये रे सपने सारे, टूट गयी रे आशा
नैन बहे रे गंगा मोरे, फिर भी मन है प्यासा
किसे कहूँ मैं मन की बात, बैरन बन गयीं निंदिया
बता दे मैं क्या करूँ
मेघा छाए आधी रात....


ओ मेरी शर्मीली - O Meri Sharmilee (Kishore Kumar)



Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: किशोर कुमार

ओ मेरी शर्मीली
आओ ना, तरसाओ ना
ओ मेरी शर्मीली

तेरा काजल लेकर रात बनी, रात बनी
तेरी मेंहदी लेकर दिन उगा, दिन उगा
तेरी बोली सुनकर सुर जगे, सुर जगे
तेरी खुशबू लेकर फूल खिला, फूल खिला
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी शर्मीली...

तेरी राहों से गुज़रे जब से हम, जब से हम
मुझे मेरी डगर तक याद नहीं, याद नहीं
तुझे देखा जब से दिलरुबा, दिलरुबा
मुझे मेरा घर तक याद नहीं, याद नहीं
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी शर्मीली...

ओ नीरज नयना आ ज़रा, आ ज़रा
तेरी लाज का घूँघट खोल दूं, खोल दूं
तेरे आँचल पर कोई गीत लिखूँ, गीत लिखूँ
तेरे होंठों में अमृत घोल दूँ, घोल दूँ
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी शर्मीली...


कैसे कहें हम - Kaise Kahen Hum (Kishore Kumar, Sharmilee)



Movie/Album: शर्मीली (1971)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: नीरज
Performed By: किशोर कुमार

कैसे कहें हम, प्यार ने हमको
क्या क्या खेल दिखाए
यूँ शरमाई क़िस्मत हमसे
ख़ुद से हम शरमाए

बागों को तो पतझड़ लुटे, लूटा हमें बहार ने
दुनिया मरती मौत से लेकिन, मारा हमको प्यार ने
अपना वो हाल है, बीच सफ़र में जैसे कोई लुट जाए
कैसे कहें हम...

तुम क्या जानो क्या चाहा था, क्या लेकर आए हम
टूटे सपने, घायल नग्में, कुछ शोले, कुछ शबनम
इतना कुछ है पाया हमने, कहें तो कहा न जाए
कैसे कहें हम...

ऐसी बजी शहनाई घर में, अब तक सो न सके हम
अपनों ने हमको इतना सताया, रोए तो, रो न सके हम
अब तो करो कुछ ऐसा यारों, होश न हमको आए
कैसे कहें हम...


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