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उस मोड़ से शुरू करें - Us Mod Se Shuru Karein (Jagjit Singh, Chitra Singh)



Movie/Album: द लेटेस्ट (1982)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

उस मोड़ से शुरू करें फिर ये ज़िन्दगी
हर शय जहाँ हसीन थी, हम तुम थे अजनबी

लेकर चले थे हम जिन्हें जन्नत के ख़्वाब थे
फूलों के ख़्वाब थे वो मुहब्बत के ख़्वाब थे
लेकिन कहाँ है इनमें वो, पहली सी दिलकशी
उस मोड़ से शुरू...

रहते थे हम हसीन ख़यालों की भीड़ में
उलझे हुए हैं आज सवालों की भीड़ में
आने लगी है याद वो फ़ुर्सत की हर घड़ी
उस मोड़ से शुरू...

शायद ये वक़्त हमसे कोई चाल चल गया
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगो में ढल गया
अश्कों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही
उस मोड़ से शुरू...


चराग़-ओ-आफ़ताब गुम - Charaag-o-Aaftaab Gum (Jagjit Singh, Ghazal)



Movie/Album: ख़ुमार (2000)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह

चराग़-ओ-आफ़ताब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी
शबाब की नक़ाब गुम
बड़ी हसीन रात थी

मुझे पिला रहे थे वो
के ख़ुद ही शम्माँ बुझ गई
गिलास ग़ुम, शराब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी...

लिखा था जिस किताब में
के इश्क़ तो हराम है
हुई वही किताब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी...

लबों से लब जो मिल गए
लबों से लब ही सिल गए
सवाल ग़ुम. जवाब ग़ुम
बड़ी हसींन रीत थी...


ये दौलत भी ले लो - Ye Daulat Bhi Le Lo (Jagjit Singh, Ghazal)



Movie/Album: आज (1985)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फाकिर
Performed By: जगजीत सिंह

ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी

मुहल्ले की सबसे पुरानी निशानी
वो बुढ़िया जिसे बच्चे कहते थे नानी
वो नानी की बातों में परियों का डेरा
वो चेहरे की झुर्रियों में सदियों का पहरा
भुलाए नहीं भूल सकता है कोई
वो छोटी सी रातें, वो लंबी कहानी

कड़ी धूप में अपने घर से निकलना
वो चिड़िया, वो बुलबुल, वो तितली पकड़ना
वो गुड़िया की शादी पे लड़ना-झगड़ना
वो झूलों से गिरना, वो गिर के संभलना
वो पीतल के छल्लों के प्यारे से तोहफ़े
वो टूटी हुईं चूड़ियों की निशानी

कभी रेत के ऊँचे टीलों पे जाना
घरौंदे बनाना, बना के मिटाना
वो मासूम चाहत की तस्वीर अपनी
वो ख्वाबों-खिलौनों की ज़ागीर अपनी
ना दुनिया का ग़म था, ना रिश्तों के बन्धन
बड़ी खूबसूरत थी वो ज़िन्दगानी


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