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जग घूमेया - Jag Ghoomeya (Rahat Fateh Ali Khan, Sultan)



Movie/Album: सुल्तान (2016)
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: राहत फ़तेह अली खान

ना वो अँखियाँ रूहानी कहीं
ना वो चेहरा नूरानी कहीं
कहीं दिल वाले बातें भी ना
ना वो सजरी जवानी कहीं
जग घूमेया थारे जैसा न कोई
जग घूमेया थारे जैसा न कोई

न तो हँसना रूमानी कहीं
न तो खुश्बू सुहानी कहीं
ना वो रंगली अदाएँ देखी
ना वो प्यारी सी नादानी कहीं
जैसी तू है वैसी रहना
जग घूमेया थारे...

बारिशों के मौसमों की, भीगी हरियाली तू
सर्दियों में गालों पे जो, आती है वो लाली तू
रातों का सुकूँ भी है, सुबह की अज़ान है
चाहतों की चादरों में, मैंने है संभाली तू
कहीं आग जैसी जलती है
बने बरखा का पाणी कहीं
कभी मन जाणा चुपके से
यूँ ही अपनी चलाणी कहीं
जैसी तू है वैसी रहना
जग घूमेया...

अपने नसीबो में या, हौंसले की बातों में
सुखों और दुखों वाली, सारी सौगातों में
संग तुझे रखणा है, तूने संग रहणा
मेरी दुनिया में भी, मेरे जज़्बातों में
तेरी मिलती निशानी कहीं
जो है सबको दिखानी कहीं
तू तो जाणती है मर के भी
मुझे आती है निभाणी कहीं
वही करना जो है कहणा
जग घूमेया थारे...


जग घूमेया - Jag Ghoomeya (Neha Bhasin, Sultan)



Movie/Album: सुल्तान (2016)
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: नेहा भसिन

ना वो अखियाँ रुहानी कहीं
ना वो चेहरा नूरानी कहीं
कहीं दिल वाली बातें भी ना
ना वो सजरी जवानी कहीं
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
ना तो हँसना रुमानी कहीं
ना तो खुश्बू सुहानी कहीं
ना तो रंगली अदायें देखी
ना वो प्यारी सी नादानी कहीं
जैसी तू है वैसी रैणा
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई...

बारिशों के मौसमों की भीगी हरियाली तू
सर्दियों में गालों पे जो आती मेरे लाली तू
रातों का सुकूँ
रातों का सुकूँ भी है, सुबह की अज़ान है
चाहतों की चादरों में, करे रखवाली तू
कभी हक़ सारे रखता है
कभी समझे बेगानी कहीं
तू तो जाणता है मर के भी
मुझे आती है निभाणी कहीं
वो ही करना है जो है कैणा
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई...

अपणे नसीबों में या हौंसले की बातों में
सुखों और दुखों वाली सारी सौगातों में
संग तुझे रखना है
संग तुझे रखना है, तेरे संग रहना
मेरी दुनिया में भी, मेरे जज़्बातों में
तेरी मिलती निशानी कहीं
जो है सबको दिखानी कहीं
मैं तो जाणती हूँ मर के भी
तुझे आती है निभाणी कहीं
वो ही करना है जो है कैणा
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई...


बुल्लेया - Bulleya (Papon, Sultan)



Movie/Album: सुल्तान (2016)
Music By: विशाल- शेखर
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: पैपॉन

कुछ रिश्तों का नमक ही दूरी होता है
ना मिलना भी बहुत ज़रूरी होता है

दम दम, दम दम तू मेरा
दम दम, दम दम मेरा हर

तू बात करे या ना मुझसे
चाहे आँखों का पैग़ाम ना ले
पर ये मत कहना, अरे ओ पगले
मुझे देख ना तू, मेरा नाम ना ले
तुझसे मेरा दीन धरम है
मुझसे तेरी खुदाई
तू बोले तो बन जाऊँ मैं
बुल्लेशाह सौदाई
मैं भी नाचूँ
मैं भी नाचूँ मनाऊँ सोणे यार को
चलूँ मैं तेरी राह बुलेया
मैं भी नाचूँ रिझाऊँ सोणे यार को
करूँ न परवाह बुलेया

मेरा महरम तू, मरहम तू
मेरा हमदम हर दम तू....

माना अपना इश्क़ अधूरा
दिल ना इसपे शर्मिंदा है
पूरा हो के खत्म हुआ सब
जो है आधा वो ही ज़िंदा है
हो बैठी रहती है उम्मीदें
तेरे घर की दहलीज़ों पे
जिसकी न परवाज़ खत्म हो
दिल ये मेरा वही परिंदा है
बख्शे तू जो प्यार से मुझको
तो हो मेरी रिहाई
तू बोले तो...

तू याद करे या ना मुझको
मेरे जीने में अंदाज़ तेरा
सर आँखों पर हैं तेरी नाराज़ी
मेरी हार में है कोई राज़ तेरा
शायद मेरी जान का सदका
माँगे तेरी जुदाई
तू बोले तो...

कुछ रिश्तों का नमक ही दूरी होता है
ना मिलना भी बहुत ज़रूरी होता है


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