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मन आनंद आनंद छायो - Man Anand Anand Chhayo (Asha Bhosle, Satyasheel Deshpande, Vijeta)



Movie/Album: विजेता (1982)
Music By: अजित वर्मन
Lyrics By: वसंत देव
Performed By: आशा भोसले, सत्यशील देशपांडे

मन आनन्द आनन्द छायो
मिट्यो गगन घन अंधकार
अँखियन में जब सूरज आयो
मन आनंद...

उठी किरण की लहर सुनहरी
जैसे पावन गंगाजल
अर्पण के पल हर सिंगार मधु
गीत सिंदूरी गायो
मन आनंद आनंद छायो...

ऐसी पीड़ रही मन में तो
असुवन हाथ बिकानी
आँसुओं से भये बिन सूरि
रोम रोम मुस्कायो
मन आनंद आनंद छायो...

मानसरोवर मगन कम्पन
नभदर्पन की झांकी
ता में अबिकल अधखुल लोचन
प्राणहँस उतर आयो
मन आनंद आनंद छायो...


मन क्यूँ बहका री - Mann Kyun Behka Ri (Lata Mangeshkar, Asha Bhosle, Utsav)



Movie/Album: उत्सव (1986)
Music By:
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: वसंत देव
Performed By: लता मंगेशकर, आशा भोंसले

मन क्यों बहका री बहका, आधी रात को
बेला महका री महका, आधी रात को
किसने बंसी बजाई, आधी रात को
जिसने पलकें चुराई, आधी रात को

झांझर झमके सुन झमके, आधी रात को
उसको टोको ना रोको, रोको ना टोको, टोको ना रोको, आधी रात को
लाज लागे री लागे, आधी रात को
देना सिंदूर क्यों सोऊँ आधी रात को
मन क्यों बहका री...

बात कहते बने क्या, आधी रात को
आँख खोलेगी बात, आधी रात को
हमने पी चाँदनी, आधी रात को
चाँद आँखों में आया, आधी रात को
मन क्यों बहका री...

रात गुनती रहेगी, आधी बात को
आधी बातों की पीर, आधी रात को
बात पूरी हो कैसे, आधी रात को
रात होती शुरू है, आधी रात को
मन क्यों बहका री...


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