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धीमे धीमे गाऊँ - Dheeme Dheeme Gaaun (Kavita Krishnamurthy, Zubeidaa)



Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति

धीमे-धीमे गाऊँ, धीरे-धीरे गाऊँ
होले-होले गाऊँ, तेरे लिये पिया
गुन-गुन मैं गाती जाऊँ
छुन-छुन पायल छनकाऊँ
सुन-सुन कब से दोहराऊँ
पिया पिया पिया

गुलशन महके-महके, ये मन बहके-बहके
और तन दहके-दहके, क्यों है बता पिया
मन की जो हालत है ये, तन की जो रंगत है ये
तेरी मोहब्बत है ये, पिया पिया पिया

ज़िन्दगी में तू आया तो, धूप में मिला साया तो
जागे नसीब मेरे
अनहोनी को था होना, धूल बन गई है सोना
आ के करीब तेरे
प्यार से मुझको तूने छुआ है
रूप सुनहरा तब से हुआ है
कहूँ और क्या, तुझे मैं पिया, ओ
तेरी निगाहों में हूँ, तेरी ही बाहों में हूँ
ख्वाबों की राहों में हूँ, पिया पिया पिया
गुन-गुन मैं गाती...

पिया पिया...
मैंने जो खुशी पाई है, झूम के जो रुत आई है
बदले ना रुत वो कभी
दिल को देवता जो लगे, सर झुका है जिसके आगे
टूटे ना बुत वो कभी
कितनी है मीठी, कितनी सुहानी
तूने सुनाई है जो कहानी
मैं जो खो गई, नई हो गई, ओ
आँखों में तारे चमके, रातों में जुगनू दमके
मिट गये निशान गम के, पिया पिया पिया
गुन-गुन मैं गाती...


मैं अलबेली - Main Albeli (Kavita Krishnamurthy, Sukhwinder Singh, Zubeidaa)



Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति, सुखविंदर सिंह

रंगीली हो, सजीली हो
ऊ अलबेली ओ

मैं अलबेली, घूमूँ अकेली
कोई पहेली हूँ मैं
पगली हवाएँ मुझे, जहाँ भी ले जाए
इन हवाओं की सहेली हूँ मैं

तू है रंगीली, हो
तू है सजीली, हो

हिरनी हूँ बन में, कलि गुलशन में
शबनम कभी हूँ मैं, कभी हूँ शोला
शाम और सवेरे, सौ रंग मेरे
मैं भी नहीं जानूँ, आखिर हूँ मैं क्या

तू अलबेली, घूमे अकेली
कोई पहेली है तू
पगली हवाएँ तुझे जहाँ भी ले जाए
इन हवाओं की सहेली है तू

तू अलबेली, घूमे अकेली
कोई पहेली, पहेली

मेरे हिस्से में आई हैं कैसी बेताबियाँ
मेरा दिल घबराता है मैं चाहे जाऊँ जहाँ
मेरी बेचैनी ले जाए मुझको जाने कहाँ
मैं एक पल हूँ यहाँ
मैं हूँ इक पल वहाँ

तू बावली है, तू मनचली है
सपनों की है दुनिया, जिसमें तू है पली
मैं अलबेली...

मैं वो राही हूँ, जिसकी कोई मंज़िल नहीं
मैं वो अरमां हूँ, जिसका कोई हासिल नहीं
मैं हूँ वो मौज के जिसका कोई साहिल नहीं
मेरा दिल नाज़ुक है
पत्थर का मेरा दिल नहीं

तू अनजानी, तू है दीवानी
शीशा ले के पत्थर की दुनिया में है चली
तू अलबेली...


सो गए हैं - So Gaye Hain (Lata Mangeshkar, Zubeidaa)



Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर

सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने
कोई तो आता, फिर से कभी
इनको जगाने
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने

सांस भी लेती हैं जो कठपुतलियाँ
उनकी भी थामे है कोई डोरियाँ
आँसुओं में भीगी है खामोशियाँ
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने

दिल में इक परछाई है, लहराई सी
आरज़ू मेरी है इक अंगड़ाई सी
इक तमन्ना है कहीं शरमाई सी
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने...

ज़िन्दगी है फिर नए इक मोड़ पर
चाहे अब जाए जहाँ ये रहगुज़र
मेरी मंज़िल तो है मेरा हमसफ़र
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने...


प्यारा सा गाँव - Pyaara Sa Gaaon (Lata Mangeshkar, Zubeidaa)



Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: लता मंगेशकर

दूर कहीं एक आम की बगिया
बगिया में है ठंडी छाँव
छाँव में एक कच्चा रस्ता
रस्ते में प्यारा सा गाँव
गाँव में एक छोटा सा घर
घर में एक उजला सा आंगन
आंगन में चन्दन का पलना
पलने मे चंदा सा मुन्ना
मुन्ने की आँखों में निंदिया
दूर कहीं इक...

नीले-नीले आसमान में
तारों का है एक नगर
जगमग-जगमग इक तारे पर
एक शहज़ादी का है घर
चुपके-चुपके रात को उठ के
ध्यान से देखे कोई अगर
झिलमिल-झिलमिल है तारे में
उस शहज़ादी के ज़ेवर
शहज़ादी इठलाये, शहज़ादी यह गाये
दूर कहीं एक...

आधी रात जब हो जाती है
जब दुनिया सो जाती है
तारों से शहज़ादी उतर के
मुन्ने के घर आती है
मीठे-मीठे सारे सपने
अपने साथ वो लाती है
सोते मुन्ने की पलकों पे
ये सपने वो सजाती है
सिरहाने वो आये, हौले से वो गाये
दूर कहीं एक...


मेहँदी है रचनेवाली - Mehndi Hai Rachnewaali (Alka Yagnik, Zubeidaa)



Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक

मेहँदी है रचनेवाली, हाथों में गहरी लाली
कहें सखियाँ, अब कलियाँ, हाथों में खिलने वाली हैं
तेरे मन को, जीवन को, नई ख़ुशियाँ मिलने वाली हैं

हो हरियाली बन्नो
ले जाने तुझको गुईयाँ
आने वाले हैं सैयाँ
थामेंगे आ के बईयाँ
गूँजेगी शहनाई
अंगनाई-अंगनाई
मेहंदी है रचनेवाली...

गायें मईया और मौसी, गायें बहना और भाभी
कि मेहंदी खिल जाये, रंग लाये, हरियाली बन्नी
गायें फूफी और चाची, गायें नानी और दादी
कि मेहंदी मन भाये, सज जाये, हरियाली बन्नी
मेहंदी रूप सँवारे हो, मेहंदी रंग निखारे हो
हरियाली बन्नी के आँचल में उतरेंगे तारे
मेहंदी है रचनेवाली...

गाजे, बाजे, बाराती, घोड़ा, गाड़ी और हाथी को
लायेंगे साजन, तेरे आँगन, हरियाली बन्नी
तेरी मेहंदी वो देखेंगे तो, अपना दिल रख देंगे वो
पैरों में तेरी चुपके से, हरियाली बन्नी
मेहँदी रूप सँवारे, ओ मेहँदी रंग निखारे हो
हरियाली बन्नी के आँचल में उतरेंगे तारें
मेहंदी है रचनेवाली...


है ना - Hai Na (Alka Yagnik, Udit Narayan, Zubeidaa)



Movie/Album: ज़ुबैदा (2001)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण

महकी महकी है राहें
बहकी बहकी है निगाहें, है ना
हाय रे, हाय रे, हाय रे, हाय रे
घेरे हैं जो ये बाहें
पाई है मैंने पनाहें, है ना
हाय रे, हाय रे, हाय रे, हाय रे
गा, तू दिल के तारों पे गा
गीत ऐसा कोई नया
जो ज़िन्दगी में कभी हो ना पहले सुना
पलकों पे सपने सजा
सपनों में जादू जगा
तू मेरी राहों में चाहत की शम्में जला
महकी महकी है राहें...

मेरे दिल ने तोहफ़े ये तुमसे पाए
धूप के ग़म की, तुम लाये साये
मेरी अब जो भी ख़ुशी है
मुझे तुमसे ही मिली है, सुनो ना
तुम्हीं वो चाँदनी हो जो
मेरी नज़रों में खिली है
कहीं ये तो नहीं है, वो आँखें हसीं
देखती है जो मुझको पिया
जो भी हूँ, तेरी हूँ, बस यही गुण है मेरा
गा, तू दिल के...

दिल की ये ज़िद है, दिल का है कहना
साथ तुम्हारे इसको है रहना
चलो कहीं दूर ही जाएँ
नयी एक दुनिया बसाएँ, सुनो ना
वहाँ बस मैं और तुम हों
मोहब्बत में हम गुम हों
अब हो उलझान कोई, अब हो बंधन कोई
हो नहीं सकते हम अब जुदा
ये तेरा, ये मेरा आखिरी है फैसला
हम्म...


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